Author: The News Post4u

  • पुलिस–मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित, शांति और सुरक्षा में मीडिया की भूमिका पर जोर

    गिरिडीह: समाज में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए शनिवार  को पुलिस केंद्र गिरिडीह स्थित सभागार में पुलिस–मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस और प्रेस के बीच सहयोग, विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

    पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह डॉ बिमल कुमार  की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े बड़ी संख्या में पत्रकारों ने सहभागिता की। सभागार में सकारात्मक संवाद और आपसी समन्वय का माहौल देखने को मिला।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बीते समय में जिले में संपन्न हुए विभिन्न पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में मीडिया के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर, तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग ने न केवल अफवाहों पर रोक लगाई, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ाई।

    इस अवसर पर जिले में उत्कृष्ट रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता फैलाने वाले पत्रकारों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे पत्रकारों का उत्साह और मनोबल बढ़ा।

    कार्यक्रम के दौरान पुलिस और मीडिया के बीच एक खुला संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारों ने जिले में विधि-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जनहित में जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार करता रहेगा।

    पत्रकारों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा—
    “मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। गिरिडीह पुलिस आपकी निर्भीकता और निष्पक्ष पत्रकारिता का सम्मान करती है। हमारा उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है, जहाँ पुलिस और प्रेस मिलकर जिले को अपराध-मुक्त और सुरक्षित बना सकें।”

    इस तरह के संवादात्मक कार्यक्रमों से पुलिस और पत्रकारों के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और सहयोग और अधिक मजबूत होगा, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।

  • भोजपुरी फिल्म ‘शिकारी’ का फर्स्ट प्रीमियर शो गिरिडीह में

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश लेकर आई भोजपुरी फिल्म शिकारी’ ने शुक्रवार को देशभर में एक साथ रिलीज होकर दर्शकों का ध्यान खींचा। फिल्म का फर्स्ट प्रीमियर शो झारखंड के गिरिडीह स्थित सवेरा चित्र मंदिरआयोजित किया गया, जिसने इस मौके को और भी खास बना दिया।

    प्रीमियर शो के दौरान सिनेमा हॉल का माहौल उत्साह, तालियों और गर्व से भरा नजर आया। फिल्म के कलाकार, निर्देशक और निर्माता स्वयं दर्शकों के बीच मौजूद रहे।

    शर्मशी फिल्म्स मीडिया एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म की शूटिंग गिरिडीह और मुंबई में की गई है। फिल्म में गिरिडीह के प्रसिद्ध झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है, जो न केवल आंखों को सुकून देता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूती से प्रस्तुत करता है।

    फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं सिहोडीह निवासी रोशन शर्मा और बरमसिया के रहने वाले मुकेश ओझा। मुकेश ओझा के लिए यह प्रीमियर बेहद भावुक पल रहा, क्योंकि जिस सवेरा चित्र मंदिर में उनकी पहली फिल्म प्रदर्शित हुई, उसी सिनेमा हॉल से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई थी

    प्रीमियर शो के उद्घाटन समारोह में निर्देशक-निर्माता मनोज तोमर, कहानी एवं पटकथा लेखक पिंकी घोष के साथ कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

    मौके पर उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने फिल्म की कहानी, सशक्त अभिनय और पर्यावरण संरक्षण के सामाजिक संदेश की जमकर सराहना की। साथ ही गिरिडीह के उभरते कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    भोजपुरी सिनेमा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय को प्रस्तुत करती फिल्म शिकारी’ न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि समाज को एक जरूरी संदेश भी देती है।

  • विश्व अल्पसंख्यक दिवस :अल्पसंख्यक अधिकारों और उर्दू भाषा की रक्षा की उठी आवाज

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर गुरुवार को झामुमो जिला कार्यालय में एक प्रभावशाली सभा का आयोजन किया गया। सभा में अल्पसंख्यक अधिकारों, उनकी पहचान, भाषा और संस्कृति की सुरक्षा को लेकर गंभीर मंथन हुआ।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस का उद्देश्य धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के बीच विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार सभी वर्गों के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार अल्पसंख्यकों की भाषा, संस्कार और पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

    अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष चाँद रशीद अंसारी ने कहा कि यह दिवस हमें अपनी परंपरा, तहजीब और सांस्कृतिक विरासत को समाज के सामने रखने का अवसर देता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि अल्पसंख्यकों के विकास को और अधिक गति दी जाए तथा उनकी भाषाओं की संवैधानिक रूप से रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    वहीं, झामुमो जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि झारखंड में मुस्लिम, सिख, बौद्ध और ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक के रूप में रहते हैं, जिनमें मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन कुछ अधिकारी बार-बार तकनीकी अड़चनें डालने का प्रयास करते हैं।
    उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उर्दू हमारी मातृभाषा है, इसके बावजूद उर्दू स्कूलों से उर्दू शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं, उर्दू की पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं और उर्दू स्कूलों में मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियां भी खत्म की जा रही हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर जल्द ही एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा।

    सभा में जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे महिला सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया।

    इस अवसर पर सरफुद्दीन, मनीर अंसारी, अनवर अंसारी, मेहताब, सुमित गुप्ता, सैफ अली, सईद अख्तर, मुस्लिम अंसारी, मो. मुमताज, जिला सह सचिव दिलीप रजक, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, भैरो वर्मा, सुमित कुमार, नुरुल हौदा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम का सफल संचालन असगर अंसारी ने किया।

    सभा का समापन अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

     

  • “पढ़ो और लड़ो” के जनक बिनोद बिहारी महतो को झामुमो ने किया याद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो केवल एक नेता नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के प्रतीक थे। उनका सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सम्मान और अधिकार के साथ जीवन जिए। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का नारा पढ़ो और लड़ो” आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।

    संजय सिंह ने बिनोद बिहारी महतो के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आजीवन झारखंड के लोगों को शिक्षा और संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहे। उनका स्पष्ट संदेश था— जब तक आप अपना इतिहास नहीं पढ़ेंगे, तब तक अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ नहीं पाएंगे।” यही विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।

    इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, नगर अध्यक्ष राकी सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार रजक सहित चांद रसीद, असगर अंसारी, हसनैन अली, मेहताब मिर्जा, राकेश कुमार रंजन, मुकेश यादव, राकेश गुप्ता समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    वहीं, पीरटांड़ स्थित बिनोद धाम में भी बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
    कार्यक्रम का समापन उनके संघर्ष, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के आह्वान के साथ हुआ।

  • गिरिडीह में उद्योग–व्यवसाय को लेकर अहम बैठक

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: उद्योग और कर्मचारियों के हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संवाद आज गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से स्थानीय मधुबन वेजेस के सभागार में आयोजित किया गया। इस बैठक में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के स्थानीय जिला प्रबंधक श्री अमर कुमार सिन्हा और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रवर्तन पदाधिकारी श्री सुजीत कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे।

    बैठक में कोईलांचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव श्री गोपाल भदानी समेत उनके संगठन के सदस्य भी शामिल हुए।
    इस अवसर पर श्री अमर कुमार सिन्हा ने 31 दिसंबर 2025 तक कर्मचारियों का निबंधन कराने वाले नियोजकों को ESIC द्वारा दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योगपतियों और व्यवसायियों से अपील की कि वे तय समय सीमा के भीतर ESIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें, ताकि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का पूरा लाभ मिल सके।

    वहीं EPFO के प्रवर्तन अधिकारी श्री सुजीत कुमार ने 30 अप्रैल 2026 तक अधिक से अधिक कर्मचारियों के ऑनलाइन पंजीकरण पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना के तहत उद्यमियों और व्यवसायियों के निबंधन की आवश्यकता बताते हुए इससे मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों पर भी प्रकाश डाला।

    बैठक के दौरान चेंबर सदस्यों ने अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं को खुलकर अधिकारियों के सामने रखा, जिनका समाधान अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक किया। संवादात्मक माहौल में हुई यह बैठक उद्योग जगत के लिए न सिर्फ उपयोगी रही, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

    इस बैठक में जीडीसीसी अध्यक्ष के साथ-साथ डॉ. सज्जन डोकानिया, महासचिव प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष विकास खेतान, ध्रुव संथालिया, पंकज राठी, संजय भुडौलिया, मनोज डालमिया, निर्मल सलामपुरिया सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • गिरिडीह प्रदूषण के खिलाफ ग्रामीणों की आवाज़, प्रशासन के आश्वासन पर थमा आंदोलन

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीणों का सब्र आखिरकार मंगलवार की सुबह प्रशासनिक आश्वासन के बाद थमता नजर आया। अतिवीर इंडस्ट्रीज कंपनी लिमिटेड, निरंजन मेटेलिक और वेंकटेश्वर स्पंज एंड आयरन के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन गेट जाम और धरना-प्रदर्शन सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुते के हस्तक्षेप के बाद समाप्त कर दिया गया।

    धरना समाप्त होने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में हुई अहम वार्ता में एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदूषण के मामले में जिला प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धनबाद के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सभी स्पंज आयरन फैक्ट्रियों का गहन निरीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रदूषण से प्रभावित इलाकों का भी दौरा कर विस्तृत जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी।

    वार्ता के दौरान ग्रामीणों का दर्द खुलकर सामने आया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे प्रदूषण के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन संबंधित उद्योगों की ओर से अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और कचरे से गांवों की हवा, पानी और खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

    ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

    एसडीओ के साथ हुई इस वार्ता में विजय विशाल राय, शुभांकर कुमार, कालेश्वर सोरेन, आजाद आलम, शिंकु मरांडी, प्रकाश टुडू, अजय तूरी, धनेश्वर राय, सुमन राय, विकाश राय, प्रदीप राय समेत कई ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद थे।

    फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित हुआ है, लेकिन अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाकई निरीक्षण और कार्रवाई धरातल पर उतरती है या प्रदूषण से जूझ रहे ग्रामीणों का संघर्ष फिर तेज़ होगा।

  • गिरिडीह को मिलेगी तेज़ रफ्तार विकास की पटरी, रेल मंत्री से हुई वार्ता

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह जिले के रेल विकास को लेकर सोमवार को  राजधानी दिल्ली से एक बेहद सकारात्मक  संकेत सामने आया है। गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाकात कर जिले और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी बहुप्रतीक्षित रेलवे मांगों को मजबूती से रखा। यह अहम मुलाकात कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री माननीय अन्नपूर्णा देवी के विशेष प्रयासों से संभव हो सका । प्रतिनिधिमंडल को संगठित कर रेल मंत्री तक पहुँचाने में मुकेश जलान ( सदस्य, ZRUCC)  की महती भूमिका रही।इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप अग्रवाल, गुनवंत सिंह मोंगिया, विकास खेतान  तथा संजीव कुमार शामिल रहे।

    बैठक में सबसे पहले हावड़ा–गया वंदे भारत एक्सप्रेस का मुद्दा रखा गया। इस पर यह सहमति बनी कि ट्रेन को न्यू गिरिडीह होकर सप्ताह में तीन दिन चलाया जाए, जिससे गिरिडीह, पारसनाथ और कोडरमा को तेज़, आधुनिक और सम्मानजनक रेल सेवा का लाभ मिल सके।

    इसके बाद देवघर–जसीडीह–वाराणसी वंदे भारत को न्यू गिरिडीह–कोडरमा मार्ग से सप्ताह में तीन दिन चलाने का प्रस्ताव रखा गया। इससे बाबाधाम, काशी विश्वनाथ और पारसनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ते हुए एक सशक्त आध्यात्मिक रेल कॉरिडोर का मार्ग प्रशस्त होगा।

    प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली–गोड्डा वंदे भारत एक्सप्रेस की मांग भी जोरदार तरीके से रखी। बताया गया कि वर्तमान गोड्डा–नई दिल्ली ट्रेन अत्यधिक भीड़ और लंबी प्रतीक्षा सूची से जूझ रही है। इस पर रेल मंत्री द्वारा सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया।

    माल ढुलाई के क्षेत्र में भी गिरिडीह को बड़ी सौगात मिलने के संकेत मिले। न्यू गिरिडीह स्टेशन पर मौजूदा रैक प्वाइंट को लंबा करने और बढ़ते औद्योगिक उत्पादन को देखते हुए एक अतिरिक्त नया रैक प्वाइंट विकसित करने पर सहमति बनी। न्यू गिरिडीह को एक मजबूत लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

    इसके साथ ही महेशमुंडा रैक प्वाइंट का टेंडर होने के बावजूद कार्य शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर रेल मंत्री ने शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का भरोसा दिलाया।

    बैठक में गिरिडीह–कोडरमा–मधुपुर रेलखंड पर डबल लाइन, पारसनाथ–गिरिडीह सेक्शन में यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन विकास और शेड निर्माण जैसे विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई और सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख देखने को मिला।

    प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह की औद्योगिक और खनिज महत्ता—कोयला, अभ्रक, स्टोन चिप्स, डोलोमाइट जैसे संसाधनों—का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर रेल अवसंरचना से न सिर्फ रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी।

    गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने  रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए आभार जताया और विशेष रूप से मंत्री  अन्नपूर्णा देवी की सराहना की, जिनकी सक्रियता और संवेदनशील प्रयासों से गिरिडीह की वास्तविक ज़रूरतें केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुँचीं।

    चैंबर को विश्वास है कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से गिरिडीह जिला उद्योग, व्यापार, धार्मिक, पर्यटन और समग्र आर्थिक विकास के नए युग में प्रवेश करेगा और झारखंड के प्रमुख विकास केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

     

  • गिरिडीह में धान अधिप्राप्ति की औपचारिक शुरुआत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: किसानों के हित में एक बड़ी पहल करते हुए गिरिडीह जिले में आज से धान अधिप्राप्ति योजना का विधिवत शुभारम्भ हो गया। कुम्हरलालो पैक्स, पीरटांड से शुरू हुई इस योजना के तहत अब पूरे जिले के 58 अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान खरीद का काम एक साथ शुरू कर दिया गया है।

    इस अवसर पर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त  स्मृता कुमारी ने कहा कि जिले के सभी 58 पैक्सों में आज से धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू, पारदर्शी और किसान-हितैषी होनी चाहिए।
    उन्होंने बताया कि सभी राइस मिलों में दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है, जो मिलिंग कार्य की निगरानी करेंगे। साथ ही आवश्यकतानुसार राइस मिलरों के साथ समन्वय बनाकर धान उपलब्ध कराने और तैयार सीएनआर को समय पर गोदाम में जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    उप विकास आयुक्त ने किसानों से अपील की कि वे अपना धान जिला प्रशासन द्वारा चयनित पैक्स/अधिप्राप्ति केंद्रों पर ही जमा करें। सरकार का उद्देश्य है कि धान खरीद प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बने, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और भुगतान सीधे किसानों के खाते में पहुंचे।

    वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने जानकारी दी कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत गिरिडीह जिले को 3 लाख 50 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य मिला है।
    उन्होंने बताया कि किसानों को इस योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 2,450 रुपये (बोनस सहित) का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि जिले में चयनित सभी 58 अधिप्राप्ति केंद्रों पर जनसेवक/कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है और धान खरीद के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर देते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि पहले धान की राशि दो किस्तों में मिलती थी, लेकिन अब इसमें बड़ा सुधार किया गया है।
    अब धान जमा करने के मात्र 7 दिनों के भीतर पूरी राशि सीधे किसानों के खाते में जमा कर दी जाएगी।

    इसके अलावा किसानों को सुविधा देते हुए बताया गया कि धान जमा करने से पहले किसान स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल
    🔗 https://uparjan.jharkhand.gov.in
    पर जाकर ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं।

    ई-उपार्जन पोर्टल में पंजीकृत किसानों से अपील की गई है कि वे बिचौलियों को धान बेचने से बचें और नजदीकी अधिप्राप्ति केंद्र में ही धान जमा करें। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए किसान टोल फ्री हेल्पलाइन 1967 या 18302125512 पर संपर्क कर सकते हैं।

     

  • रेल सुविधाओं के विस्तार की जंग, गिरिडीह से दिल्ली तक उम्मीदों की यात्रा

    गिरिडीह : रेल सुविधाओं की कमी से जूझ रहे गिरिडीह के लिए आज एक अहम पहल की गई है। कोलकाता, पटना समेत देश के प्रमुख महानगरों से सीधी रेल सेवा की पुरज़ोर मांग को लेकर गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया है।

    यह प्रतिनिधिमंडल राजधानी दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात करेगा। खास बात यह है कि इस मुलाकात का नेतृत्व कर रही हैं कोडरमा की सांसद व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्अन्नपूर्णा देवी, साथ ही गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री के समक्ष गिरिडीह की जमीनी हकीकत रखेगा—
    🔹 सीमित रेल कनेक्टिविटी से व्यापार पर पड़ता असर
    🔹 यात्रियों की रोज़मर्रा की परेशानियाँ
    🔹 और कोलकाता–पटना जैसे बड़े शहरों से सीधी ट्रेनों की नितांत आवश्यकता

    गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से दिल्ली गए प्रतिनिधिमंडल में
     अमरजीत सिंह सलूजा, प्रदीप अग्रवाल,  गुणवंत सिंह मोंगिया,  विकास खेतान और  मुकेश जालान शामिल हैं।

    चेंबर ऑफ कॉमर्स ने गिरिडीह की जनता की ओर से प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि यह दिल्ली दौरा गिरिडीह को बेहतर रेल सुविधाओं की सौगात दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा

    अब निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं—
    क्या गिरिडीह की रेल की राह इस मुलाकात के बाद आसान होगी ?

  • गिरिडीह नगर निगम चुनाव: वार्डवार आरक्षण सूची जारी, सियासी सरगर्मी तेज

    चन्दन पांडे.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां अब जमीन पर उतरने लगी हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली के तहत गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के लिए आरक्षित व अनारक्षित वार्डों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को औपचारिक रूप से रफ्तार मिल गई है।

    जारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगम के कई वार्डों को अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा महिला आरक्षण की श्रेणी में रखा गया है, जबकि शेष वार्ड सामान्य यानी अनारक्षित घोषित किए गए हैं। यह आरक्षण जनसंख्या के अनुपात और राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय किया गया है।

    आरक्षण सूची के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड की स्थिति को लेकर माथापच्ची में जुट गए हैं, वहीं राजनीतिक दल भी नए समीकरणों और रणनीतियों पर मंथन करने लगे हैं। कई दावेदारों की उम्मीदें जहां मजबूत हुई हैं, वहीं कुछ को नए सिरे से अपनी राजनीतिक राह तलाशनी पड़ सकती है।

    नगर निगम क्षेत्र के किस वार्ड को किस वर्ग के लिए आरक्षित या अनारक्षित किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन एवं नगर निगम कार्यालय के साथ-साथ आधिकारिक सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराई गई है। अब निगाहें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर टिकी हैं, जिसके साथ ही गिरिडीह की सियासत और ज्यादा गर्म होने वाली है।