Category: HAZARIBAGH

  • ………..और मुकाबला डिप्टी मेयर की कुर्सी का, नया राजनीतिक “मैच” शुरू

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    झारखंड की सियासत में मेयर चुनाव के बाद अब एक नया राजनीतिक “मैच” शुरू हो चुका है—और यह मुकाबला है डिप्टी मेयर की कुर्सी का। नौ नगर निगमों में पार्षदों की गिनती, बैठकों का दौर, सम्मान समारोह और डिनर डिप्लोमेसी… सब कुछ तेज हो गया है। आइए समझते हैं कि इस वक्त झारखंड के नगर निगमों में किसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है और कहां किस तरह की राजनीतिक हलचल है।

    मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की जंग

    मेयर चुनाव खत्म होते ही अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर के पद पर टिक गई है। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो—तीनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट करने में जुट गए हैं। नगर निगमों में इस पद के लिए लॉबिंग और लामबंदी तेज हो गई है। पार्षदों के सम्मान समारोह हो रहे हैं, बैठकों का दौर चल रहा है और कई जगहों पर “डिनर डिप्लोमेसी” भी देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कहीं हॉर्स ट्रेडिंग न हो जाए। ऐसे में दल अपने पार्षदों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आखिरी वक्त में क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने।

    रांची में डिनर डिप्लोमेसी और शक्ति प्रदर्शन.

    राजधानी रांची में डिप्टी मेयर की रेस काफी दिलचस्प हो गई है।

    • भाजपा ने पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
    • इस बैठक में 53 में से 42 पार्षदों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

    • कांग्रेस नेताओं ने एक बड़े होटल में पार्षदों के साथ डिनर मीटिंग की।
    • इस बैठक में 37 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षदों ने डिप्टी मेयर के नाम तय करने का अधिकार पार्टी को दे दिया है।

    गिरिडीह में झामुमो की मजबूत स्थिति

    गिरिडीह नगर निगम में समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। यहां मेयर पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार की जीत के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर भी झामुमो समर्थित पार्षद ही बनेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के पास यहां 10 से भी कम पार्षदों का समर्थन है, जबकि झामुमो समर्थित पार्षदों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। लालों राइन व सुमित कुमार दोनों jmm से हैं के बीच ही रश काशी चल रही है ।

    हजारीबाग और मेदिनीनगर में ये नाम आगे।

    राज्य के अन्य नगर निगमों में भी डिप्टी मेयर को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है।

    • मेदिनीनगर: कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
    • हजारीबाग: यहां मिताली रश्मि का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है

    धनबाद, देवघर और आदित्यपुर में कांटे की टक्कर।

    कुछ नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    • धनबाद: यहां अरुण चौहान और सुमन सिंह के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। अरुण चौहान को झामुमो का समर्थन मिलने की चर्चा है।
    • देवघर: पहली बार की पार्षद टीप चटर्जी डिप्टी मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
    • चास: यहां पांच से छह पार्षदों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
    • आदित्यपुर और मानगो: इन दोनों नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं।

    कब होगा शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर का चुनाव.

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कब होगा। अलग-अलग नगर निगमों में शपथ ग्रहण और चयन की तारीखें तय कर दी गई हैं।

    • देवघर नगर निगम – 13 मार्च
    • हजारीबाग नगर निगम – 13 मार्च
    • मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
    • गिरिडीह नगर निगम – 16 मार्च
    • आदित्यपुर नगर निगम – 16 मार्च
    • मानगो नगर निगम – 17 मार्च
    • चास नगर निगम – 17 मार्च
    • धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
    • रांची नगर निगम – 19 मार्च

    अंतिम तस्वीर अभी बाकी.

    कुल मिलाकर झारखंड के नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्षदों की संख्या, दलों की रणनीति और आखिरी वक्त की राजनीतिक चालें—इन सबके बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसके सिर सजता है डिप्टी मेयर का ताज। आने वाले कुछ दिन झारखंड की नगर राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।

  • हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: जमीन में दबे बम के विस्फोट से तीन की मौत, इलाके में दहशत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    हजारीबाग:  झारखंड के हजारीबाग शहर में बुधवार शाम एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के हबीबीनगर मोहल्ले में झाड़ी साफ करने के दौरान जमीन के अंदर छिपे बम में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी समेत तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।

    घटना बुधवार शाम लगभग साढ़े चार बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद सद्दाम हुसैन अपनी जमीन पर झाड़ियां और घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी नन्ही परवीन और एक अन्य महिला रशीदा परवीन भी वहां मौजूद थीं। जैसे ही कुदाल जमीन में गड़ी, नीचे दबे बम में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के लोग सहम गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    विस्फोट के बाद दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मोहम्मद सद्दाम (40 वर्ष), पिता मोहम्मद यूनुस, उनकी पत्नी नन्ही परवीन (32 वर्ष) तथा रशीदा परवीन (45 वर्ष), पति मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है।

    मकर संक्रांति जैसे पर्व के दिन हुए इस हादसे से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर क्षेत्र को सील कर दिया। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

    गौरतलब है कि हबीबीनगर इलाका पहले भी विस्फोट की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। अप्रैल 2016 में इसी क्षेत्र में बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी। एक बार फिर जमीन में दबे विस्फोटक के मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घायलों को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विस्फोट के कारणों को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि धमाका किसी पहले से रखे गए विस्फोटक के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

    फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाकर जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, घटना से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।

    झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी ऑपरेशन माइकल राज ने धमाके में 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि धमाके की वजह और प्रकृति का पता लगाया जा रहा है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर हैं।

  • पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के ठिकानों पर ईडी का शिकंजा कसता, कांग्रेस ने कहा- बदले की कार्रवाई

    Edited by: परवेज़ आलम
    For: The News Post4U

    रांची/हजारीबाग/बड़कागांव:
    झारखंड की राजनीति एक बार फिर ईडी की दस्तक से गरमा गई है। शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद और उनके करीबियों के रांची, हजारीबाग और बड़कागांव  सहित आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन से जुड़े एक पुराने मामले के सिलसिले में की जा रही है, जो कोल ट्रांसपोर्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर से जुड़ी एक विवादित कंपनी से संबंधित है।

    कई ठिकानों पर एक साथ दबिश.

    ईडी की टीमों ने शुक्रवार सुबह रांची के किशोरगंज, बड़कागांव और हजारीबाग  में एक साथ कार्रवाई की। रांची में अम्बा प्रसाद के निजी सहायक संजीव कुमार के आवास पर जांच चल रही है। संजीव उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन ईडी की टीम ने जांच जारी रखी। दो वाहनों में पहुंचे अधिकारियों की टीम ने चार लोगों के साथ घर के भीतर तलाशी ली, जबकि छह सशस्त्र सुरक्षाकर्मी बाहर तैनात थे।

    बड़कागांव में पूर्व विधायक के भाई अंकित उर्फ सुमित, चार्टर्ड अकाउंटेंट बादल, और कथित रूप से उनसे जुड़े बालू कारोबारियों के ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई हुई। हजारीबाग में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। बड़कागांव में अम्बा प्रसाद के करीबी पंचम कुमार, मनोज दांगी और अन्य सहयोगियों के आवास भी निशाने पर रहे।

    पिछली कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज बने आधार.

    सूत्रों के मुताबिक, मार्च 2024 में की गई छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम सुराग मिले थे। उस दौरान अम्बा प्रसाद, उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, भाई अंकित राज  समेत कई सहयोगियों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई थी। उस छापेमारी में 35 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइसेज़, फर्जी बैंक टिकट, हाथ से लिखी रसीदें, और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। माना जा रहा है कि इस बार की कार्रवाई उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

    जांच के दायरे में 10 कंपनियां.

    ईडी सूत्रों के अनुसार, अम्बा प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े कम से कम 10 कंपनियां  जांच के दायरे में हैं। ये कंपनियां खनन, भूमि खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी। ईडी की टीमें इन सभी संस्थाओं के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं।

    कांग्रेस ने बताया राजनीति से प्रेरित कार्रवाई.

    ईडी की इस ताजा छापेमारी को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता किशोरनाथ शहदेव  ने इसे चुनावी साजिश करार देते हुए कहा कि अम्बा प्रसाद को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे बिहार चुनावों  में पार्टी की तरफ से प्रभारी (ऑब्जर्वर) बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार सीबीआई और ईडी को विपक्ष के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि ईडी द्वारा अब तक की गई सभी छापेमारियों में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, फिर भी बार-बार कार्रवाई कर जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।

    राजनीतिक परिवार, पुराना प्रभाव.

    अम्बा प्रसाद झारखंड की बड़कागांव सीट से 2019 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक  चुनी गई थीं। उनके पिता योगेंद्र साव  और मां निर्मला देवी  भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। इस परिवार की इलाके में मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है, और अब उनके खिलाफ ईडी की बढ़ती कार्रवाई से राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

    अम्बा प्रसाद और उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय की नजरें टिकी हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से ईडी ने अभी तक कोई प्रेस बयान नहीं दिया है, लेकिन लगातार हो रही छापेमारियों से संकेत साफ है कि जांच लंबी और गहन हो सकती है। कांग्रेस इसे बदले की राजनीति बता रहा है .

  • झारखंड में मौसम का मिजाज बदला-बदला सा: 24 मई तक बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी, आकाशीय बिजली से 5 की मौत

    By The NewsPost4u

    झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदलता जा रहा है। दिन में चटक धूप के बाद अचानक बदलता मौसम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट ला रहा है। राज्य के कई इलाकों में दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 24 मई तक झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    राजधानी रांची और अन्य इलाकों में राहत, लेकिन पलामू तप रहा है.

    पिछले दो दिनों में रांची और उसके आसपास के इलाकों में दोपहर बाद हुई बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है। तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, पलामू अब भी भीषण गर्मी की चपेट में है। वहां का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दूसरी ओर, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में गर्मी में कुछ राहत मिली है, जहां पारा 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

    23 और 24 मई को फिर बारिश की संभावना.

    मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 23 और 24 मई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन दो दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि सोमवार को रांची में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। कभी-कभी बादल छाए और हल्की हवाएं भी चलीं।

    प्रमुख शहरों का तापमान:

    • रांची – 35.8°C
    • जमशेदपुर – 34.5°C
    • डाल्टनगंज – 42.2°C
    • बोकारो – 34.5°C
    • चाईबासा – 35.4°C

    बीते कुछ दिनों में रांची में खराब मौसम के चलते विमान सेवाएं और ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। वहीं, कई इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रही।

    आकाशीय बिजली का कहर: 5 की मौत, 6 घायल.

    सोमवार को गढ़वा और हजारीबाग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, गढ़वा में तीन और हजारीबाग में दो लोगों की जान गई है।

    सुरक्षा बल पर भी मौसम का कहर.

    पिछले हफ्ते चाईबासा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सीआरपीएफ के 46 वर्षीय जवान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।

    मौसम विभाग की सतर्कता जारी.

    मौसम विभाग ने पहले ही 20 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। 23-24 मई को बारिश बढ़ने के कारण तूफान की आशंका कम हो सकती है, लेकिन किसी भी मौसमीय आपातस्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए विभाग समय-समय पर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर रहा है ताकि लोग सतर्क रहें।

    झारखंड में मौसम की अनिश्चितता लोगों के लिए चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में ज़रूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और सावधानी बरतें, खासकर खुले इलाकों में निकलने से बचें।

  • रामनवमी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की हाईलेवल बैठक, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    परवेज़ आलम 

    रामनवमी पर्व के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में राज्य की विधि-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रामनवमी का उत्सव पूरे राज्य में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति के साथ संपन्न हो। इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद राव लाटकर, आईजी ऑपरेशन एवी होमकर, आईजी स्पेशल ब्रांच प्रभात कुमार और जिलों के डीसी, एसएसपी, एसपी उपस्थित रहे.

    संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रामनवमी के दौरान शोभायात्रा और अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं, इसलिए कुछ क्षेत्रों में यह समय संवेदनशील हो जाता है। ऐसे चिन्हित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। साथ ही सभी अखाड़ा समितियों को हाईकोर्ट द्वारा डीजे बजाने को लेकर दिए गए आदेश की प्रति अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई अखाड़ा समिति हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इसकी जानकारी पहले से उन्हें दे दी जाए। शोभायात्रा के दौरान CCTV और ड्रोन कैमरे से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बाइक रैली पर पूरी तरह रोक

    सीएम सोरेन ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्राओं के साथ बाइक रैलियों की परंपरा शुरू हो गई है, जिसे किसी भी हाल में अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी बाइक रैलियां आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, इसलिए इस पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

    कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने को कहा और निर्देश दिए कि जुलूस या शोभायात्रा के दौरान कहीं भी किसी तरह की अशांति दिखे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय और कंट्रोल रूम को दी जाए। छोटी घटनाओं पर भी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए म्यूजिक सिस्टम कुछ देर के लिए बंद कराया जाए।

    हजारीबाग और गिरिडीह में विशेष सुरक्षा व्यवस्था

    हाल ही में दो समुदायों के बीच हुई झड़प को देखते हुए हजारीबाग और गिरिडीह जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने 25 डीएसपी रैंक के अधिकारियों की विशेष रूप से तैनाती की है जो 8 अप्रैल तक सुरक्षा की कमान संभालें रहेंगे ।

    हजारीबाग के लिए नियुक्त 20 डीएसपी में शामिल हैं:

    हीरालाल रवि, मजरुल होदा, संजय कुमार (1), सुनील कुमार रजवार, संदीप गुप्ता, दिलीप खलखो, सतीश झा, कुलदीप टोपनो, भूपेंद्र राउत, विजय रंजन कुमार, संजय कुमार (2), रोहित रजवार, मनोज राय, राजीव कुमार, रविंद्र सिंह, राजकुमार यादव, पूनम मिंज, अजय केसरी, राजेंद्र दुबे, मनीष चंद्रलाल।

    गिरिडीह के लिए नियुक्त 5 डीएसपी:

    तालो सोरेन, अनूप केरकेट्टा, बेनेडिक्ट मरांडी, कपिंद्र उरांव, प्रमोद सिंह।

    गिरिडीह में फ्लैग मार्च निकाला गया

    रामनवमी से पहले गिरिडीह में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च शहर के बड़ा चौक, मुस्लिम बाजार, मौलाना आजाद चौक, कालीबाड़ी, मकतपुर चौक, कचहरी रोड, टावर चौक होते हुए कंट्रोल रूम तक पहुंचा। इस दौरान स्थानीय लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

    330 लोगों को दिया गया नोटिस

    रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिरिडीह ज़िले  के विभिन्न हिस्सों में 330 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इनसे कहा गया है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी में उनकी संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • झारखंड विधानसभा में उठा JNV के छात्र रामकुमार यादव की संदिग्ध मौत का मामला,

    विधायक मनोज कुमार यादव ने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की 

    झारखंड विधानसभा के शून्यकाल के दौरान बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) गांडेय के छात्र रामकुमार यादव की संदिग्ध मौत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और मृतक छात्र के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

    क्या है पूरा मामला?

    गौरतलब है कि 6 फरवरी को गिरिडीह जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय, गांडेय में 11वीं कक्षा के छात्र रामकुमार यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

    विधानसभा में उठा मामला

    बरही के विधायक मनोज कुमार यादव ने इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे इस मुश्किल घड़ी में आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।

    सांसद प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    जिला सांसद प्रतिनिधि दिनेश प्रसाद यादव, राष्ट्रीय यादव सेना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव और यादव महासभा के अध्यक्ष धनेश्वर यादव समेत कई सामाजिक संगठनों ने इस मांग का समर्थन किया। अधिवक्ता कामेश्वर यादव, सरजू यादव, राजेश यादव, राजेंद्र यादव और शिवशंकर यादव समेत गिरिडीह के अन्य न्यायप्रिय लोगों ने विधायक मनोज कुमार यादव की इस पहल की सराहना की और सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील की।

    सरकार का आश्वासन

    सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त कानूनी सजा दी जाएगी। साथ ही, पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने पर भी विचार किया जाएगा।

    इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला हुआ है, और लोग जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार कब तक इस मामले में ठोस कदम उठाती है और रामकुमार यादव के परिवार को इंसाफ मिलता है या नहीं।

  • VBU में 44 लाख के घोटाले का खुलासा, अधिकारियों ने 8 लाख के काजू उड़ाए

    विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का खुलासा, लाखों रुपये निजी खर्च में उड़ाए

    झारखंड के हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा की गई जांच में यह पता चला कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने छात्रहित के लिए निर्धारित लाखों रुपये अपनी विलासिता पर खर्च कर दिए।

    कैसे हुआ खुलासा?

    जांच रिपोर्ट के अनुसार, विवि अधिकारियों ने 8 लाख रुपये काजू और किसमिस पर खर्च कर दिए, जबकि इस मद में वार्षिक खर्च की सीमा मात्र 15 हजार रुपये थी। इसके अलावा, 2 लाख रुपये चाय, पानी और नाश्ते पर भी खर्च किए गए।

    छात्रों की शिकायत से शुरू हुई जांच

    यह वित्तीय गड़बड़ी जून 2020 से मई 2023 के बीच की बताई जा रही है, जब डॉ. मुकुल नारायण देव विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उनके कार्यकाल के दौरान कार्यालय, VC आवास और उनके निजी वाहन पर जरूरत से ज्यादा खर्च किए गए। छात्रों ने इस संबंध में राजभवन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद वित्त विभाग को जांच के आदेश दिए गए।

    जांच रिपोर्ट में और क्या सामने आया?

    वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय की रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकारियों ने फर्नीचर, रंग-रोगन और ईंधन की खरीदारी के नाम पर भी लाखों रुपये की गड़बड़ी की। इसके अलावा, सामान और उपकरणों की खरीद दिखाकर भी राशि का दुरुपयोग किया गया।

    कार्रवाई के निर्देश

    निदेशालय ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को आदेश दिया है कि एक माह के भीतर गबन की गई राशि की वसूली की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • CBI ने 350 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ग

    CBI ने क्रिप्टो करेंसी घोटाले का पर्दाफाश किया, 350 करोड़ से अधिक का लेन-देन उजागर

    सीबीआई ने हाल ही में एक बड़े क्रिप्टो करेंसी घोटाले का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर निवेशकों को ‘पोंजी’ योजनाओं के जरिए बड़ा मुनाफा देने का झूठा वादा कर 350 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने का आरोप है। जांच के तहत सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग, दिल्ली, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुकोटाई और चित्तौड़गढ़ सहित 10 स्थानों पर छापेमारी की।

    छापेमारी के दौरान 34 लाख रुपये नकद, क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में 38,414 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल संपत्ति और कई अन्य डिजिटल उपकरण जैसे 7 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। आरोप है कि ये आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना पोंजी योजनाएं चला रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहे थे।

    अवैध धन का क्रिप्टो करेंसी में किया गया लेन-देन
    जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट्स का इस्तेमाल कर पिछले दो वर्षों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया। ये लोग ऑनलाइन ऋण, लकी ऑर्डर, यूपीआई धोखाधड़ी और इंटरनेट बैंकिंग जैसे तरीकों से आम जनता को धोखा दे रहे थे।

    फिलहाल सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जब्त की गई डिजिटल सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है।

  • गिरिडीह: घरेलू हिंसा और आरोपी पुलिस अफसर पर हुई कार्रवाई

    नगर भवन में हुआ जन शिकायत समाधान कार्यक्रम को आयोजन.

    गिरिडीह में घरेलू हिंसा और जमीन विवाद से जुड़े कई मामलों का पुलिस महकमे द्वारा आयोजित जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में त्वरित निबटारा ऑन द स्पॉट किया गया ।  बुधवार को नगर भवन में गिरिडीह पुलिस ने जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया था । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी संजीव कुमार शामिल हुए। उनके साथ एसपी डॉक्टर विमल कुमार और डालसा सचिव सोनम बिश्नोई भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। डीआईजी ने कहा, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है।”

    छात्रा ने पुलिस अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप॰
    कार्यक्रम में मुफ्फसिल थाना इलाके की एक छात्रा ने पचंबा थाना के एसआई संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा ने कहा कि उसके भाई पर मारपीट के मामले में जांच के नाम पर एसआई ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया था। यह मोबाइल एक साल से थाने में पड़ा है और वापस मांगने पर केवल आश्वासन दिया जाता है।

    डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश।
    छात्रा की शिकायत सुनकर डीआईजी संजीव कुमार ने एसपी डॉक्टर विमल कुमार से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए तुरंत पचंबा थाना के एसआई संजय सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया और छात्रा का मोबाइल वापस लौटाने को कहा।

    कई अधिकारियों की मौजूदगी. 
    कार्यक्रम में एसडीपीओ जीत वाहन, डीएसपी नीरज सिंह, साइबर डीएसपी आबिद खान, प्रोबेशनल डीएसपी नीलम कुजूर, कैलाश महतो और अन्य अधिकारी मौजूद थे। सभी ने जनसमस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रियता दिखाई।

    जनता को मिला राहत का भरोसा.
    जन शिकायत समाधान कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब प्रशासन गंभीरता से जनता की बात सुने और कार्रवाई करे, तो समस्याओं का समाधान संभव है। खासकर घरेलू हिंसा और जमीन विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की तत्परता ने लोगों का भरोसा बढ़ाया।

     

  • मानवता को शर्मसार करने वाली माँ, जानिए क्या है घटना !

    गिरिडीह : झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को बगोदर-हजारीबाग रोड पर स्थित अलपीटो गांव के एक खेत में फेंक दिया। जहां ठंड के थपेड़ों और आवारा कुत्तों के हमलों ने मासूम की जिंदगी छीन ली।

    सोमवार सुबह, गांव के स्कूल के पीछे खेत में पड़े नवजात के शव को देखकर ग्रामीण सन्न रह गए। ठंड में बिना कपड़ों के, मासूम का शरीर जगह-जगह नोचा हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, जब बच्ची दिखी, तब उसमें थोड़ी जान बाकी थी, लेकिन कुत्तों के हमले ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया।

    सूचना मिलते ही सीओ नित्यानंद दास और थाना प्रभारी सपन कुमार महथा मौके पर पहुंचे। बच्ची को विष्णुगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे यह साफ हो सके कि बच्ची को जिंदा फेंका गया था या मृत।

    गांव में छाया मातम और आक्रोश।

    घटना के बाद पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीण उस निर्दयी मां को कोस रहे हैं, जिसने इस हाड़ कंपाती ठंड में अपने खून के टुकड़े को इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया। भीखन रविदास, जो सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे, ने बताया, “जब हमने बच्ची को देखा, तब उसका एक हाथ कुत्ते खा चुके थे, और दूसरा बुरी तरह घायल था।”

    सवाल उठाते हैं यह दर्दनाक दृश्य।

    क्या मजबूरी रही होगी उस मां की, जिसने अपनी ही बच्ची को इस क्रूर अंत के लिए छोड़ दिया? समाज और प्रशासन के लिए यह घटना एक बड़ा सवाल है। क्या ऐसी निर्दयी घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम उठाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक और मामला बनकर फाइलों में दब जाएगा?