Category: Jharkhand

  • हरितालिका तीज: जब आस्था और उत्सव ने पूरे शहर को तीजमय बना दिया

    चन्दन पांडेय.

    Edited By: परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह की सुबह आज कुछ अलग थी। शहर की गलियों में रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाएं, हाथों में पूजा की थालियां और चेहरों पर भक्ति का तेज़। यह नज़ारा बता रहा था कि आज हरितालिका तीज है—एक ऐसा पर्व, जिसमें सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।

    सुबह से ही घर-घर में तैयारियां हो रही थीं। कोई पूजा की थाली सजा रहा था, तो कोई सोलह श्रृंगार में जुटा था। कई महिलाएं मंदिरों का रुख करती दिखीं। काली मंदिर, शिवालय और मोहल्ले के छोटे-छोटे देवस्थल आस्था के केंद्र बन गए।

    पूजा-अर्चना के बीच जब तीज व्रत की कथा का श्रवण हुआ तो माहौल और भी भावुक हो गया। पौराणिक कथा के अनुसार, हिमवान की पुत्री पार्वती ने कठोर तपस्या करके भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। तभी से इस व्रत को पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन की समृद्धि के लिए किया जाता है।

    इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं।
    उदनाबाद की ममता देवी ने कहा – “यह व्रत मेरे लिए सिर्फ पति की लंबी आयु की कामना नहीं है, बल्कि यह हमारी परंपरा और विश्वास से भी जुड़ा है। निर्जला व्रत कठिन है, लेकिन आस्था से सब आसान लगता है।”

    वहीं नवविवाहिता सुमन कुमारी ने बताया – “यह मेरा पहला तीज है। मां और दादी से सुना था कि इस व्रत का महत्व कितना बड़ा है। आज खुद करने का सौभाग्य मिला, तो मन में एक अलग ही खुशी है।”

    पूरे दिन मंदिरों में महिलाओं की टोली भक्ति-गीत गाती और आरती करती नजर आई। कोई ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगा रहा था, तो कोई ‘तेजस्विनी पार्वती माता’ के भजन गा रहा था।

    गिरिडीह की फिजा में आज आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीज ने शहर को सिर्फ धार्मिक रंगों से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की डोर से भी बांध दिया।

  • जानिए पुलिस ने कैसे खोला हत्याकांड का राज, आरोपी गिरफ्तार

     द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में घटित कंचन देवी हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार (उस्तुरा) और खून से सने कपड़े भी जब्त कर लिए गए हैं। इस पूरे मामले की जानकारी प्रेस वार्ता कर पुलिस अधिकारियों ने दी।

    घटना की शुरुआत कैसे हुई.
    25 अगस्त को मुफ्फसिल थाना को सूचना मिली थी कि एक युवक ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घायल महिला की पहचान कंचन देवी के रूप में हुई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला बेहद गंभीर होने के कारण गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ सदर जितवाहन उरांव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई.
    जांच टीम में मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो सहित कई अधिकारी और पुलिस जवान शामिल थे। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने तेजी से काम करते हुए आरोपी गोपी दास (26 वर्ष, पिता राजेंद्र दास उर्फ लोधा दास, निवासी – सात नंबर योगीटांड, थाना मुफ्फसिल) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त उस्तुरा और आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद कर सबूत के रूप में अपने कब्जे में लिए।

    हत्या के पीछे का कारण.
    एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने बताया कि जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। घटना से कुछ दिन पूर्व आरोपी ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस ने कंचन देवी को सुरक्षित ढूंढ निकाला और पति को सौंप दिया। लेकिन घर लौटने के दौरान ही अवैध संबंधों के शक के आधार पर पति ने पत्नी की हत्या कर दी।

    आरोपी की वर्तमान स्थिति.
    पुलिस का कहना है कि हत्या का मुख्य कारण अवैध संबंध का संदेह है। फिलहाल आरोपी पति को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • कोयला खनन के बाद जमीन रयैत को वापस हो- हेमंत सोरेन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में कोयला खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे पर्यावरणीय संतुलन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, खनन क्षेत्रों का सतत विकास और राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व पर गहन चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ कहा कि कोयला खनन कार्य पूरा हो जाने के बाद जिस भूमि का अधिग्रहण किया गया है, उसे केंद्र सरकार राज्य सरकार को लौटाए, ताकि उसे पुनः मूल रैयतों को दिया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी और स्थानीय समुदाय लंबे समय से अपनी भूमि खोने के कारण संकट झेल रहे हैं, इसलिए उनकी जमीन उन्हें लौटाना ही न्यायोचित होगा।

    इसके अलावा उन्होंने खनन प्रभावित इलाकों में लोगों के पुनर्वास, पर्यावरणीय सुरक्षा, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खनन परियोजनाओं से प्राप्त लाभ में झारखंड के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन सिर्फ केंद्र के हित तक सीमित न रहकर राज्य के विकास में भी सहायक बने।

    केंद्रीय कोयला राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री की बातों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य और केंद्र मिलकर समस्याओं का समाधान खोजेंगे और झारखंड के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास और यहां के लोगों की भलाई के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य सचिव अलका तिवारी, खान सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल सिन्हा, सीएमपीडीआई के सीएमडी मनोज कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, सीसीएल के सीएमडी नीलेंदु कुमार सिंह और बीसीसीएल के डीटी एम.के. अग्रवाल शामिल थे। उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट था कि बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस निर्णय की दिशा में एक कदम है।

  • संविधान संशोधन बिल के विरोध में झामुमो का गरजता प्रदर्शन, गिरिडीह टावर चौक पर पुतला दहन.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क
    गिरिडीह : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान संशोधन बिल ने झारखंड की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इसी कड़ी में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गिरिडीह शहर के टावर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
    इस बिल में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री किसी मामले में 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसे स्वतः अपने पद से हट जाना होगा। झामुमो ने इसे लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह कानून विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनकी आवाज़ दबाने की साजिश है।
    प्रदर्शन का माहौल.
    टावर चौक का माहौल विरोधी नारों से गूंज उठा। “केंद्र सरकार होश में आओ”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” और “झारखंड विरोधी बिल वापस लो” जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, युवा और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वे सब एक स्वर में केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने और तानाशाही थोपने का आरोप लगाते रहे।
    नेताओं के तीखे आरोप,
    प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिये खासतौर पर झारखंड की सत्तारूढ़ सरकार को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि जनता की आवाज़ होते हैं, लेकिन इस कानून के जरिए उन्हें डराने-धमकाने और बेअसर करने की कोशिश हो रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया तो राज्यभर में और भी बड़े आंदोलन होंगे।
    जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी से भी जुटे कार्यकर्ता
    गिरिडीह के साथ-साथ जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनता को बताया जा सके कि केंद्र सरकार किस तरह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है।
    विरोध की आहट और आगामी रणनीति.
    झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन की धार और तेज की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस कानून का विरोध करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें।
    नेता और कार्यकर्ता मौजूद.
    पुतला दहन और विरोध कार्यक्रम में महालाल सोरेन, केदार हाज़रा, अजीत कुमार पप्पू, शहनवाज अंसारी, दिलीप मंडल, प्रणव वर्मा, कोलेश्वर सोरेन, नुनूराम किस्कू, दिलीप रजक, विजय सिंह, राकेश रॉकी, हलधर राय, चाँद रशीद, चांदमल मरांडी, प्रधान मुर्मू, सुमित कुमार, राकेश रंजन, ओम प्रकाश वर्मा, भैरव वर्मा, अभय सिंह, शिवम आजाद, मो. मज़ीद, इम्तियाज़ अख़री, नारायण यादव, मो. हसनैन, मो. आबिद, अशोक राम, किसुन सोरेन, अनवर अंसारी, राकेश सिंह टुनन्ना, लोकनाथ सहाय, बाबूराम हाँसदा, मो. अकील सोनू, महावीर मुर्मू, बिरजू मरांडी, दीपक पांडेय, विवेक सिन्हा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    इस गरमाए माहौल के बीच झामुमो ने साफ चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन बिल को वापस नहीं लिया, तो जनता के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

  • गिरिडीह :आईएमए का पहला इंस्टॉलेशन समारोह, मंत्री ने डॉक्टरों से समाजहित में आगे आने की अपील की

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह के एक स्थानीय होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का पहला इंस्टॉलेशन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य सरकार के नगर विकास, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आईएमए झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ए. के. सिंह, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉक्टर सिद्धार्थ सन्याल, तथा शहर के अनेक नामचीन चिकित्सक शामिल हुए।

    मंत्री ने दिए संदेश.

    समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आईएमए एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसने हमेशा डॉक्टरों के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

    “मैं आईएमए से अपेक्षा करता हूँ कि गरीब, असहाय और प्रतिभाशाली बच्चों के भविष्य को सँवारने में संस्था आगे आए। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं हरसंभव सहयोग देने को तैयार हूँ,” – मंत्री सोनू ने कहा।

    गरिमामय शुरुआत और सम्मान समारोह.

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद मंत्री और उपस्थित अतिथियों ने नए पदाधिकारियों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर चिकित्सकों के योगदान को सराहते हुए उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए।

    सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बाँधा समां.

    समारोह में छोटी बच्चियों आराध्या और आराधना ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने डॉक्टरों और मेहमानों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में दोनों बच्चियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।

    नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का संकल्प.

    नवनिर्वाचित आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर मो. रियाज अहमद ने कहा कि आने वाले समय में संस्था न केवल चिकित्सकों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।
    सचिव डॉक्टर रितेश सिन्हा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर नूतन लाल समेत पूरी टीम ने समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच मजबूत पुल बनने का आश्वासन दिया।

    बड़ी संख्या में चिकित्सक और गणमान्य रहे मौजूद.

    इस अवसर पर डॉक्टर शिला वर्मा, डॉक्टर एस. के. डोकानिया, डॉक्टर रेखा झा, डॉक्टर प्रभात कुमार, डॉक्टर विकास माथुर, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर बी. हेम्ब्रम, डॉक्टर विनय गुप्ता, डॉक्टर बी. एन. झा, डॉक्टर राजेश चंद्रा सहित शहर के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर मौजूद थे। इसके अलावा मनीषा जालान, उत्तम जालान, एस. बी. चौधरी, आयशा अहमद, अमीरुद्दीन अहमद, इरशाद अहमद वारिस, बैरिस्टर फरदीन अहमद समेत अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

     

     

  • आज़रबैजान से प्रत्यर्पण के बाद कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह भारत लाया गया

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    रांची एयरपोर्ट शनिवार को पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन का गवाह बना। कुख्यात गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को आज़रबैजान से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया। झारखंड एटीएस (Anti-Terrorist Squad) के एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम मयंक को लेकर रांची पहुंची। एयरपोर्ट से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बख़्तरबंद गाड़ी से सीधे रामगढ़ ले जाया गया।

    यह झारखंड पुलिस का पहला सफल प्रत्यर्पण है, और इस वजह से इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    अपराधों का लंबा इतिहास.

    पुलिस रिकॉर्ड्स बताते हैं कि मयंक सिंह पर हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक षड्यंत्र जैसे 45 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह कई सालों से फरार था और विदेश जाकर अपने नेटवर्क को सक्रिय रखे हुए था।

    सूत्रों का कहना है कि मयंक झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में कोयला व परिवहन कारोबारियों से वसूली करता था। उसके इशारे पर हत्या और फायरिंग की घटनाएँ होती थीं।

    गैंग कनेक्शन.

    पुलिस के अनुसार, मयंक का सीधा संबंध लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू जैसे बड़े गैंगस्टरों से है। यही वजह थी कि उसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर ख़तरा माना जाता था।

    जांच में सामने आया कि सुनील मीणा पहले काम के सिलसिले में मलेशिया गया, जहां उसकी मुलाकात रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के ज़रिए लॉरेंस बिश्नोई से हुई। इसके बाद उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध की दुनिया में कदम रखा।

    लॉरेंस के कहने पर उसने राजस्थान और पंजाब में हत्या, रंगदारी और गोलीबारी जैसी वारदातें अंजाम दीं। वह तब चर्चा में आया जब उसने राजस्थान के तत्कालीन मंत्री व कांग्रेस विधायक गोविंद राम मेघवाल से रंगदारी मांगी थी। यही नहीं, उसने राजस्थान के एक पेट्रोल पंप मालिक से पांच करोड़ रुपये की वसूली की मांग की थी और पैसे न देने पर फायरिंग करवा दी थी।

    विदेश भागकर भी अपराध जारी.

    पासपोर्ट रद्द होने के बाद सुनील ने डंकी रूट के जरिए सिंगापुर, ईरान, मैक्सिको और फिर अमेरिका तक का सफर तय किया। वहीं से वह अमन साहू गिरोह के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में युवाओं को भर्ती करता रहा।

    इसी दौरान उसने मयंक सिंह के साथ मिलकर झारखंड व आसपास के राज्यों में कोयला और परिवहन कंपनियों से वसूली की योजना बनाई।

    प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया.

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंटरपोल की मदद से पहले उसका लोकेशन ट्रैक किया गया। इसके बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और सीबीआई की इंटरपोल शाखा के सहयोग से प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। कई महीनों की मेहनत के बाद आखिरकार अक्टूबर 2024 में मयंक सिंह आज़रबैजान के दातू में गिरफ्तार हुआ और अब भारत लाया गया।

    रांची एयरपोर्ट पर पहुंचे एसपी ऋषभ झा ने कहा –
    “यह झारखंड पुलिस के इतिहास का पहला प्रत्यर्पण है। हमें उम्मीद है कि विदेश में छिपे बाकी अपराधियों को भी जल्द प्रत्यर्पण या निर्वासन के जरिए वापस लाया जाएगा। इस सफलता का श्रेय पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री और राज्य व केंद्र सरकार के सहयोग को जाता है।”

    पुलिस मयंक सिंह से लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग से जुड़े रहस्यों की पड़ताल करेगी। उसे जल्द ही रामगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी हिरासत की मांग करेगी।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मयंक की गिरफ्तारी से झारखंड और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

     

  • नगर विकास मंत्री ने दो करोड़ की 14 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

     

    नई पेयजल योजना पर भी काम जल्द-मंत्री

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 14 योजनाओं का शिलान्यास किया।

    इस मौके पर मंत्री ने सबसे पहले स्टेशन रोड स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी योजनाओं की आधारशिला रखी।

    कार्यक्रम में उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक, झामुमो नेता अजीत कुमार पप्पू, राकेश रंजन, रॉकी सिंह, सईद अख्तर, सैफ अली गुड्डु सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

    दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी राहत.

    सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से किया जा रहा है। आगामी दुर्गा पूजा के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए ही प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं का चयन किया गया है।

    पेयजल संकट के समाधान की दिशा में पहल.

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में पुराने शहरी पेयजलापूर्ति योजना को वर्तमान परिस्थितियों के लिए अपर्याप्त बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के हिसाब से अब नई योजना की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में अभी भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण नागरिक परेशान हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरिडीह शहर को एक नई पेयजल आपूर्ति योजना की सौगात जल्द मिलेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने पर विचार चल रहा है।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाए और हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

     

  • जेलों में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे 51 कैदियों को झारखंड सरकार रिहा करेगी

    राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची:  राज्य की विभिन्न जेलों में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे 51 कैदियों को झारखंड सरकार ने रिहा करने  का फैसला किया है । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद (State Sentence Review Board) की 35वीं बैठक में निर्णय लिया गया।

    103 मामलों की समीक्षा, 51 को मिली राहत.

    बैठक में कुल 103 कैदियों के मामलों की समीक्षा की गई। इनमें से 37 मामले नए थे, जबकि 66 कैदियों के मामले पहले भी पर्षद की बैठक में गए थे लेकिन अस्वीकृत हो गए थे।
    सभी कैदियों की व्यक्तिगत फाइलों का गहन अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि 51 कैदियों को रिहाई की मंजूरी दी जाए।

    कई पहलुओं पर हुई जांच-पड़ताल.

    समीक्षा के दौरान कैदियों के अपराध की प्रकृति, न्यायालय की टिप्पणियां, जिलों के एसपी व जेल अधीक्षक की रिपोर्ट, प्रोबेशन अधिकारियों की राय और कैदियों के जेल में आचरण को ध्यान में रखा गया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन कैदियों की रिहाई हो रही है, उन्हें हर हाल में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि वे समाज में बेहतर जीवन जी सकें।

    14 वर्ष से अधिक कैद काट चुके और बुजुर्ग कैदी होंगे रिहा.

    सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य ऐसे कैदियों को अवसर देना है जिन्होंने जेल में 14 वर्ष या उससे अधिक समय बिताया है, उम्रदराज हैं और जेल में उनका आचरण अच्छा रहा है।
    इसके अलावा कुछ कैदी गंभीर बीमारी या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। ऐसे मामलों में कैदियों को उचित चिकित्सा प्रदान कर, डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

    2019 से अब तक 619 कैदी रिहा.

    बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2019 से अब तक राज्य की विभिन्न जेलों से 619 कैदियों को रिहा किया गया है। इनमें से 558 कैदियों का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 61 का सत्यापन अभी शेष है।

    रिहा हुए कैदियों में से 470 को सरकार ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे—

    • वृद्धावस्था पेंशन
    • विधवा पेंशन
    • राशन कार्ड
    • आयुष्मान कार्ड
    • प्रधानमंत्री आवास योजना
    • मनरेगा ई-श्रम कार्ड
      से जोड़ा है।
      जिन कैदियों को अब तक इन योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी (न्याय) नीरज कुमार श्रीवास्तव, कारा एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा और प्रधान प्रोबेशन पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • एनडीए विधायक दल की बैठक में सूर्या हांसदा एनकाउंटर से लेकर बनी रणनीति

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची : राज्य विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर शुक्रवार को एनडीए विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की। इसमें भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा के विधायक शामिल हुए।

    सूर्या हांसदा एनकाउंटर पर हंगामे की तैयारी.

    बैठक के बाद भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया से कहा कि गोड्डा के युवा आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की पुलिस मुठभेड़ का मामला सत्र में जोरशोर से उठाया जाएगा। भाजपा का दावा है कि यह मुठभेड़ पूरी तरह फर्जी है और सरकार इस पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने इस घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग को सदन में प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है।

    शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल.

    जायसवाल ने राज्य की प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए कहा कि विद्यालयों में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही बुनियादी सुविधाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के जरिए उच्च शिक्षा को भी कमजोर करना चाहती है। इस बिल के माध्यम से सरकार राज्यपाल के अधिकार खत्म कर कुलपतियों की नियुक्ति अपने हाथ में लेना चाहती है।

    अटल क्लीनिक का नाम बदलने पर विरोध.

    बैठक में यह भी तय हुआ कि भाजपा और एनडीए के विधायक सदन में अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा क्लीनिक करने के फैसले का कड़ा विरोध करेंगे। नेताओं ने कहा कि यह कदम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत को मिटाने की कोशिश है।

    सुरक्षा और धमकी का मुद्दा

    बैठक में यह आरोप भी लगा कि सत्ता पक्ष अपने प्रखंड स्तरीय नेताओं को बड़ी संख्या में बॉडीगार्ड उपलब्ध करा रहा है, जबकि एनडीए के पूर्व विधायकों की सुरक्षा वापस ली जा रही है।
    आजसू विधायक निर्मल महतो ने बताया कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो को जान से मारने की धमकी मिल रही है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर करार देते हुए सदन में उठाने की बात कही।

    बैठक में शामिल प्रमुख विधायक.

    इस रणनीतिक बैठक में भाजपा के अलावा सहयोगी दलों के विधायक भी मौजूद रहे। इनमें जदयू विधायक सरयू राय, आजसू विधायक निर्मल महतो, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान सहित भाजपा विधायक सी.पी. सिंह, राज सिन्हा, नागेंद्र महतो, सत्येंद्र तिवारी, आलोक चौरसिया, शशिभूषण मेहता, मनोज यादव, देवेंद्र कुंवर, प्रदीप प्रसाद, रोशनलाल चौधरी, पूर्णिमा दास साहू, मंजू कुमारी और उज्ज्वल दास शामिल रहे।

    एनडीए ने साफ संकेत दिया है कि मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को एक के बाद एक मुद्दों पर घेरेगा। सूर्या हांसदा का एनकाउंटर, शिक्षा संकट, किसानों की दुर्दशा, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बदले की कार्रवाई जैसे विषयों पर सत्र में भारी हंगामा होने की संभावना है।

     

  • झारखंड विधानसभा का मानसून सत्रशुरू,सरकार ने 4,296 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया

    शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की  गूंज विधान सभा मे सुनाई दी.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को पुनः आरंभ हुआ। सदन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत नेताओं और हाल की प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग ने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    सदन में शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग.

    कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शोक प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आदिवासी, वंचित और शोषित समाज के हक-हकूक की आवाज रहे हैं। झारखंड आंदोलन की नींव से लेकर राज्य निर्माण तक उनका योगदान अनुपम है। उन्होंने मांग की कि सदन की ओर से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने की सिफारिश करनी चाहिए।

    इस मांग का सदन में मौजूद कई सदस्यों ने जोरदार समर्थन किया।

    • जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि शिबू सोरेन का योगदान राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता का पात्र है।

    • आजसू विधायक निर्मल महतो ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि सदन को इस पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजना चाहिए।

    • जयराम महतो (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) ने सुझाव दिया कि झारखंड की पहचान पारसनाथ की चोटी पर गुरुजी और प्रमुख आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थापित की जाए।

    • प्रदीप यादव ने गुरुजी को भारत रत्न देने के साथ ही उनके शराबबंदी के सपने को पूरा करने की भी मांग रखी।

    सदन के नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी गुरुजी के व्यक्तित्व और उनके आंदोलनों की सराहना की। दोनों नेताओं ने कहा कि गुरुजी की सोच और संघर्ष झारखंड की अस्मिता के प्रतीक हैं।

    विधानसभा अध्यक्ष का बयान.

    विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने शिबू सोरेन के निधन को “एक युग का अंत” बताया। उन्होंने कहा कि गुरुजी को केवल एक राजनेता मान लेना उनके योगदान को सीमित करना होगा। उनका जीवन झारखंड आंदोलन की आत्मा और संस्कृति का ध्वजवाहक है। उन्होंने गुरुजी के टुंडी आश्रम और चेताब बैसी जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों की भी चर्चा की।

    अनुपूरक बजट पेश.

    वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में 4,296.62 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। यह चालू वित्त वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट है। इस पर चर्चा 25 अगस्त को होगी।

    गौरतलब है कि यह अनुपूरक बजट मूल रूप से 4 अगस्त को पेश होना था, लेकिन उसी दिन शिबू सोरेन के निधन के कारण सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। इससे पहले मार्च 2025 में राज्य सरकार ने 1.45 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया था।

    श्रद्धांजलि और कार्यवाही स्थगित.

    सदन ने इस दौरान राज्य के दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक, वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह और उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर की हालिया प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।

    श्रद्धांजलि प्रस्ताव और शोक संदेशों के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    पूरक मानसून सत्र का कार्यक्रम.

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक चलना था, लेकिन 4 अगस्त को शिबू सोरेन के निधन के कारण इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। अब यह पूरक मानसून सत्र 22 अगस्त से 28 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।