Category: Jharkhand

  • खौफनाक हत्या कांड: गिरिडीह में जनता का गुस्सा चरम पर

    गिरिडीह : गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में एक युवक की निर्मम हत्या ने इलाके में उबाल ला दिया है। धारदार हथियारों से हमला कर दामोदर यादव की हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    गांव का गुस्सा पुलिस के दरवाजे पर.
    हत्या की खबर के बाद कबरीबाद-चुंजका क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मुफ्फसिल थाना पहुंचे। गुस्से से लाल लोगों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ में महिलाएं और बच्चे भी थे, जो न्याय की मांग कर रहे थे।

    मांग साफ है: आरोपी को फांसी दो।
    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं दी जाती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

    हमले की खौफनाक तस्वीर।
    दामोदर यादव पर 20 से 25 युवकों के झुंड ने कबरीबाद माइंस के पास धारदार हथियारों से हमला किया। इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल दामोदर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। अब तक 11 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, और अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।\

    जयराम महतो की इंट्री । 

    घटना की जानकारी मिलते ही डुमरी के विधायक जय राम महतो भी गिरिडीह पहुंचे और मामले की जानकारी ली और पुलिस प्रशासन से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की ।

    सुरक्षा का दावा, लेकिन सवाल बरकरार। 
    हत्या के बाद मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी नीरज कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, घटना ने इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

    ग्रामीणों का कहना है, “अगर पुलिस सतर्क होती तो यह घटना नहीं होती। हमें सुरक्षा चाहिए, सिर्फ दावे नहीं।”

    सामाजिक ताने-बाने पर असर। 
    इस निर्मम हत्या ने गिरिडीह के सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर जनता का प्रशासन पर भरोसा कमजोर हुआ है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाओं ने भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।

    पुलिस प्रशासन पर अब यह दबाव है कि वह दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाए और इलाके में सुरक्षा का भरोसा बहाल करे।

  • तोपचांची झील बनेगा झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र, 76 करोड़ की आएगी लागत -मंत्री सुदिव्य कुमार

    धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक तोपचांची झील जल्द ही आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में चमकेगी। नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने शनिवार को झील का निरीक्षण करते हुए इसकी नई परियोजना का खुलासा किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत झील का कायाकल्प करने के लिए 76 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जो बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक जा सकती है।

    झील को मिलेगी नई पहचान।
    झील को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने बताया कि परियोजना में आधुनिक स्ट्रीट लाइट, रिसॉर्ट, स्विमिंग पूल, और पर्यटकों के रहने के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही झील के चारों ओर थीम पार्क, वोटिंग और स्विमिंग जैसी आकर्षक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

    पुराने ढांचे को तोड़कर बनेगा नया निर्माण। 
    झील के आसपास के पुराने और जर्जर भवनों को तोड़कर नए निर्माण किए जाएंगे। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने मंत्री को विस्तार से बताया कि झील के चारों ओर के इलाकों को कैसे विकसित किया जाएगा। मंत्री ने लगभग एक घंटे तक ब्लू प्रिंट का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

    पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास। 
    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने कहा, “तोपचांची झील की प्राकृतिक सुंदरता पहले से ही आकर्षक है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनाया जाएगा। इस परियोजना के तहत स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।”

    नए साल में शिलान्यास और काम की शुरुआत। 
    तोपचांची झील परियोजना को लेकर स्थानीय विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा, “नए साल में इसका शिलान्यास होगा और कार्य तेज़ी से शुरू किए जाएंगे। यह परियोजना न केवल झील की खूबसूरती को बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।”

    सरकार की बड़ी योजना। 
    मंत्री ने आश्वासन दिया कि तीन महीने के भीतर सरकार इस परियोजना पर काम शुरू करेगी। तोपचांची झील के कायाकल्प से झारखंड को एक नया पर्यटन केंद्र मिलेगा, जो राज्य की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    झील का यह विकास न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि झारखंड के इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को भी जीवंत बनाएगा।

  • झारखंड में कांग्रेस का ‘आभार समागम, अमित शाह पर जमकर बरसे नेता

    रांची: झारखंड काँग्रेस के  ‘आभार समागम’  बैठक मे मुख्य फोकस अदानी मुद्दे और केंद्रीय राजनीति पर रहा ।  शनिवार को रांची मे आयोजित ‘आभार समागम’  बैठक में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, सुबोधकांत सहाय, अंबा प्रसाद समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

    नेताओं ने कहा कि इंटरनेशनल एजेंसियों की सनसनीखेज रिपोर्टों ने अदानी समूह की गतिविधियों पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को संसद में उठाया, लेकिन बीजेपी ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अदानी मामले की जांच कराने से बच रही है और इसके लिए तमाम तरीके अपनाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में बीजेपी के प्रति आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा गया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान खुद गृह मंत्री अमित शाह ने किया। यह दिखाता है कि बीजेपी का संविधान और लोकतंत्र के प्रति क्या रवैया है। नेताओं ने सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को गृह मंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने अमित शाह से इस्तीफे की मांग की।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 70 मिनट के भाषण के बावजूद गृह मंत्री ने अंबेडकर साहब पर किए गए अपमान का जिक्र नहीं किया। जब जवाब नहीं सूझा, तो राहुल गांधी को बदनाम करने की साजिश रची गई।

    इसके साथ ही, बीजेपी के आंतरिक रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में आईसीयू में हैं, लेकिन बीजेपी का कोई बड़ा नेता उनसे मिलने नहीं गया।

    कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई केवल अदानी या अंबेडकर के मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान बचाने और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग तक जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया गठबंधन’ इस मिशन को आगे भी मजबूती से जारी रखेगा।

    आभार समागम के जरिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया और साफ कर दिया कि वह संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार है।

  • पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हमला, विरोध में पत्रकारों की एकजुटता

    गिरिडीह: गिरिडीह में शुक्रवार को नगर निगम के अजीडीह टॉल वसूली केंद्र पर पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को नया परिषद भवन में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में गिरिडीह के पत्रकार समुदाय ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बैठक के बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने उपायुक्त को याद दिलाया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर को नगर निगम क्षेत्र में टॉल वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया था, बावजूद इसके अजीडीह केंद्र पर अवैध वसूली जारी थी। इसी मुद्दे को उजागर करने पर पत्रकार अमरनाथ पर हमला हुआ।

    इस बैठक में कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए, जिनमें राकेश सिन्हा ,अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार राय, लक्ष्मी अग्रवाल, रमेश प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा, आलोक रंजन, सूरज सिन्हा,मीरा कुमारी, शाहिद रजा, प्रकाश श्रीवास्तव, नफीस अजहर, एजाज अहमद, कैफ जद्दी, दानिश अहमद, मृणाल सिन्हा और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पपरवाटांड स्थित अमरनाथ सिन्हा के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने चौथे स्तंभ पर इस हमले की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    इसी बीच धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भी समाहरणालय पहुंचकर अमरनाथ सिन्हा से मुलाकात की और घटना की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

  • एमएस धोनी अपने घर से ही होंगे ‘आउट’?आवास बोर्ड भेजा जा सकता है नोटिस

    रांची :  भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और झारखंड का गौरव एमएस धोनी को उनके पुराने आवासीय प्लॉट को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर के प्लॉट पर नोटिस भेजने की तैयारी में है।

    धोनी को यह प्लॉट वर्ष 2009 में झारखंड सरकार ने आवासीय उपयोग के लिए गिफ्ट किया था। लेकिन अब इस प्लॉट पर एक लैब खुलने की खबर सामने आई है। आवास बोर्ड का कहना है कि यदि आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

    आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग पर सवाल.
    आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय पासवान ने बताया कि धोनी को यह प्लॉट उनके खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है। हमने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

    बीजेपी कार्यालय को भी मिला था नोटिस. 
    संजय पासवान ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने इस तरह की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हरमू रोड में जहां बीजेपी का प्रदेश कार्यालय है, वहां भी भूखंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।”

    धोनी का हरमू वाला घर: बीते वर्षों की कहानी. 
    2009 में झारखंड सरकार ने धोनी को पांच कट्ठा का यह प्लॉट गिफ्ट किया था। यहां उन्होंने शानदार घर बनवाया और कई वर्षों तक वहीं रहे। लेकिन बाद में वे रांची के सिमलिया स्थित अपने प्राइवेट फॉर्म हाउस में शिफ्ट हो गए।

    क्लिनिक लैब में तब्दील हो रहा है घर.
    धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर में अब एक क्लिनिक लैब स्थापित की जा रही है। लंबे समय तक खाली पड़े इस मकान का उपयोग अब व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस बात की जानकारी आवास बोर्ड को मिली, तो चेयरमैन ने इसकी जांच के आदेश दिए।

    यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि आवासीय प्लॉट का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो धोनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संजय पासवान ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    एमएस धोनी के प्रशंसकों के लिए यह खबर चौंकाने वाली हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और धोनी इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

  • कांग्रेस की हार की पड़ताल: भितरघातियों पर गिरेगी गाज?

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………
    झारखंड में हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए संतोषजनक रहे, लेकिन 14 सीटों पर मिली हार ने पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गठबंधन के तहत 30 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा ने अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूकों की पोल खोल दी है। 21 दिसंबर को रांची मे आयोजित बैठक मे पार्टी ने हार की समीक्षा की ।

    हार की असली वजहें:
    कांग्रेस की समीक्षा में स्पष्ट हुआ है कि कई सीटों पर पार्टी के ही नेताओं ने भितरघात कर प्रत्याशियों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्थानीय संगठनों और उम्मीदवारों के बीच समन्वय की कमी भी हार का बड़ा कारण बनी।

    जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र:
    यहां पूर्व मंत्री बादल को भाजपा की मजबूत रणनीति और हरिनारायण राय की भाजपा से करीबी के कारण हार का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक मंत्री रहने के दौरान उनके खिलाफ उपजा असंतोष भी उनकी हार की वजह बना।

    जमशेदपुर पश्चिम सीट:
    तत्कालीन मंत्री बन्ना गुप्ता वायरल वीडियो से उपजे विवाद के चलते प्रचार युद्ध में टिक नहीं पाए। जदयू के सरयू राय ने उनका पराजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    झरिया और धनबाद:
    इन क्षेत्रों में संगठनात्मक तालमेल की कमी और स्थानीय इकाई का असहयोग हार का कारण बना। झरिया में कांग्रेस को सिटिंग सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा।

    जमशेदपुर पूर्वी सीट:
    यहां डॉ. अजय कुमार पार्टी के प्रत्याशी थे, लेकिन स्थानीय संगठन ने उनका साथ नहीं दिया। कई नेता अंदरूनी भितरघात में लगे रहे, जिससे पार्टी की संभावना धूमिल हो गई।

    भविष्य की राह:
    समीक्षा बैठक के बाद तैयार की गई रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने संकेत दिए हैं कि भितरघातियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    चुनाव परिणाम:
    कांग्रेस ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा और 16 पर जीत हासिल की। पार्टी का मानना है कि बेहतर रणनीतिक तालमेल और आंतरिक समन्वय से सीटों की संख्या और बढ़ाई जा सकती थी।

    संघर्ष जारी:
    कांग्रेस ने यह भी स्वीकार किया है कि कमियों को सुधारने के बाद भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। अब सबकी नजरें आलाकमान के फैसलों और भितरघातियों पर गिरने वाली गाज पर टिकी हैं।

  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर  21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

    क्या है मामला?
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।

    देवेंद्र महतो ने कहा,

    “इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”

    24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
    छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
    आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।

    क्या सरकार उठाएगी कदम?
    अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।

  • झारखंड में IPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल! जनवरी में बदलेंगे कई जिलों के एसपी!

    RANCHI: झारखंड में नए साल की शुरुआत आईपीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों और प्रोन्नतियों के साथ होगी। एक जनवरी से नौ आईपीएस अफसरों की प्रोन्नति प्रभावी हो जाएगी, जिसके बाद उनके नए पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन बदलावों से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल होने की संभावना है।

    तीन डीआईजी बनेंगे आईजी, छह एसपी को मिलेगा डीआईजी का रैंक. 
    प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में रांची के डीआईजी अनूप बिरथरे, हजारीबाग के डीआईजी सुनील भास्कर और जैप के डीआईजी पटेल मयूर कन्हैयालाल शामिल हैं, जिन्हें आईजी रैंक में प्रोन्नति मिली है। ये तीनों 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, सीनियर एसपी रैंक के छह आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी रैंक में पदोन्नत किया गया है।

    इनमें रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा, देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, विशेष शाखा के एसपी चंदन कुमार झा, झारखंड जगुआर के एसपी प्रियदर्शी आलोक, सीआईडी के एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा और जैप-3 के कमांडेंट अंबर लकड़ा शामिल हैं।

    केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को भी प्रोन्नति. 
    केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात आईपीएस अधिकारियों को भी प्रोफार्मा प्रोन्नति दी गई है। एनआईए की एसपी जया राय और सीबीआई की एसपी शिवानी तिवारी को डीआईजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है। ये अधिकारी अपनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटते ही नए पदों पर योगदान करेंगी।

    मुख्य सचिव की बैठक में लगी मुहर. 
    इस बड़े बदलाव पर एक दिन पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में मुहर लगी। इसी क्रम में 2007 बैच के आईपीएस राकेश बंसल, जो फिलहाल भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में निदेशक के रूप में तैनात हैं, को भी आईजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है।

    झारखंड में प्रशासनिक हलचल तेज.
    इन तबादलों और प्रोन्नतियों से राज्य के कई जिलों में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव आएगा। रांची, देवघर, हजारीबाग और अन्य जिलों में नए एसपी और डीआईजी की तैनाती से नीतियों और कानून-व्यवस्था में नए दृष्टिकोण की उम्मीद की जा रही है।

    क्या कहते हैं जानकार?
    इस बदलाव को राज्य में प्रशासनिक सुधार और नई ऊर्जा का संकेत माना जा रहा है। खासकर, उन जिलों में जहां कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। इन तबादलों से झारखंड में एक नई प्रशासनिक दिशा की उम्मीद है।

  • झारखंड में ठंड का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त; कोहरे का येलो अलर्ट जारी

    RANCHI: झारखंड में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाल दिया है। शीतलहर का प्रकोप पूरे राज्य में जारी है, और ठिठुरन से राहत के आसार कम हैं। इस बीच मौसम विभाग ने  21 दिसंबर को हल्की से मध्यम बारिश और घने कोहरे की चेतावनी दी है। राज्य के कई हिस्सों में कोहरा छाने और तापमान में गिरावट की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    दो दिन बारिश के बाद बढ़ेगी ठिठुरन. 
    मौसम विभाग का कहना है कि  21 दिसंबर को झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश के साथ कोहरा छा सकता है। बारिश के बाद तापमान और गिरने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ जाएगी। सुबह के वक्त कोहरा रहने से दृश्यता पर असर पड़ेगा। खासतौर पर संताल परगना, कोल्हान और पलामू प्रमंडल में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में बारिश और कोहरा. 
    मौसम विभाग के अनुसार 21 दिसंबर को गोड्डा, दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में कोहरे का असर अधिक रहेगा। इन जिलों में आसमान में बादल भी छाए रहने का अनुमान है।

    ठंड से कैसे बचें?
    ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनने, खासकर सुबह और रात में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। कोहरे और बारिश के दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    झारखंड में यह ठंड अब तक के मौसम का सबसे सर्द चरण साबित हो सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को भी ठंड से निपटने के लिए इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे। बारिश और कोहरे के बाद ठंड में और इजाफा होना तय है।