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  • मधुबन शिखरजी में क्षमा धर्म आराधना के साथ दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह : जैन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र और विश्वविख्यात तीर्थक्षेत्र मधुबन शिखरजी इन दिनों भक्ति, तप और साधना की ध्वनियों से गूंज रहा है। दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व का आरंभ यहां श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस महापर्व का पहला दिन उत्तम क्षमा धर्म को समर्पित रहा। सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुँचकर भगवान महावीर और पार्श्वनाथ का अभिषेक, पूजा-अर्चना एवं आरती कर धर्ममय वातावरण में लीन रहे।

    क्षमा धर्म की आराधना.

    संतों और आचार्यों ने सामूहिक प्रवचन देकर श्रद्धालुओं को क्षमा धर्म के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि क्षमा केवल एक गुण नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन की दिशा है। क्षमा से व्यक्ति क्रोध, अहंकार और वैरभाव से मुक्त होकर शांति और सहिष्णुता के मार्ग पर चलता है। प्रवचन के दौरान यह संदेश दिया गया कि क्षमा का अभ्यास करने से वैचारिक प्रदूषण से मुक्ति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है।

    धार्मिक अनुशासन और तपस्या.

    दशलक्षण महापर्व के दौरान श्रद्धालु एकाशना, उपवास, अंबिल, अठ्ठाई और बेयसना जैसे विविध तप करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा इस पर्व में तप, ध्यान और स्वाध्याय की साधना में लीन दिखे। जैन समाज इसे आत्मशुद्धि और आत्मअनुशासन की पवित्र यात्रा मानता है। श्रद्धालु मानते हैं कि यह पर्व न केवल जीवन को अहिंसा और संयम की ओर ले जाता है, बल्कि भविष्य के लोक में भी सुख और शांति का आधार बनता है।

    हर दिन विशेष गुण की साधना.

    इस पर्व को दशलक्षण इसलिए कहा जाता है क्योंकि दस दिनों में दस विशेष गुणों की साधना की जाती है। इनमें क्षमा, मार्दव (अहंकार का त्याग), आर्जव (सरलता), शौच (शुद्धि), सत्य, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य शामिल हैं। पहले दिन क्षमा धर्म की आराधना को सबसे श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह सभी गुणों की आधारशिला है।

    विशेष व्यवस्थाएँ और श्रद्धालुओं का संकल्प.

    मधुबन शिखरजी में पर्व को लेकर स्थानीय प्रशासन और जैन समाज ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। धर्मशालाओं और मंदिरों में भक्ति-भावना का अद्भुत माहौल बना हुआ है। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे जीवन में क्षमा, संयम और सद्भावना को आत्मसात करेंगे तथा समाज में शांति और एकता का संदेश फैलाएँगे।

     

  • लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट का 6वां पद स्थापना समारोह संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट का सत्र 2025-26 का 6वां पद स्थापना समारोह गिरिडीह के एक बड़े होटल में बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर जिला 322A के जिला पाल एवं मुख्य अतिथि PMJF संजय कुमार ने समारोह की शोभा बढ़ाई। उनके साथ प्रथम उप जिला पाल MJF शुभ्रा मजूमदार, पूर्व जिला पाल PMJF माधव लखोटिया, पूर्व जिला पाल PMJF सिद्धार्थ मजूमदार, GMT कोऑर्डिनेटर सुजीत कुमार, रीजन चेयरपर्सन PMJF डॉ. ए.के. सिन्हा और इंस्टॉलेशन चेयरपर्सन MJF डॉ. संजय कुमार सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    इसके अलावा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित थे, जिनमें शहर के  प्रमुख उधयोगपति मोहन साव, गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन, लोक जनशक्ति पार्टी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज, जिला अधिवक्ता संघ गिरिडीह के अध्यक्ष प्रकाश सहाय, अधिवकता परवेज़ आलम,  लायंस और रोटरी क्लब्स के अध्यक्ष-सचिव समेत बड़ी संख्या में सदस्य एवं उनके परिजन शामिल हुए।नामचीन लोगों को क्लब की ओर से बुके देकर सम्मानित किया गया । 

    नए सदस्य जुड़े.

    समारोह में क्लब की गतिविधियों से प्रभावित होकर कई नए सदस्य जुड़े, जिनमें सत्येंद्र कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंहा, सचिन मंडल, अरविंद मंडल और राहुल कृष्णा शामिल हैं। इन्हें सदस्यता की शपथ प्रथम उप जिला पाल लायन शुभ्रा मजूमदार ने दिलाई।

    क्लब की उपलब्धियां और भविष्य की रूपरेखा.

    क्लब अध्यक्ष दशरथ प्रसाद ने संबोधन में बताया कि पिछले 6 वर्षों से लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट ने पर्यावरण संरक्षण, फूड फॉर हंगर कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, आदिवासी समुदाय में सामाजिक कार्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के प्रोत्साहन, खिलाड़ियों और शिक्षकों का सम्मान, डायबिटीज कैंप जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिससे लायंस इंटरनेशनल का स्लोगन “We Serve” सार्थक हो रहा है।

    उन्होंने घोषणा की कि आगामी सत्र 2025-26 में भी क्लब सामाजिक सेवा को और गति देगा।

    • पर्यावरण संतुलन हेतु 500 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे
    • फूड फॉर हंगर के तहत जरूरतमंदों को भोजन सामग्री का वितरण होगा
    • स्वास्थ्य जांच शिविर नियमित रूप से लगाए जाएंगे
    • महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    मुख्य अतिथि का संबोधन.

    मुख्य अतिथि PMJF संजय कुमार ने कहा कि लायंस क्लब एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो लंबे समय से पूरी दुनिया में मानव सेवा का कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वर्ष लायंस इंटरनेशनल अध्यक्ष ए.पी. सिंह के “मिशन 1.5” के तहत सदस्यता विस्तार और संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में काम करना होगा।

    नए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण.

    इस अवसर पर क्लब के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। इन पदाधिकारियों को शपथ पूर्व जिला पाल लायन माधव लखोटिया द्वारा दिलाई गई।

    • अध्यक्ष –दशरथ प्रसाद
    • सचिव –सुदीप गुप्ता
    • कोषाध्यक्ष –गुंजन कुमार शर्मा
    • उपाध्यक्ष –सुनील कुमार, राहुल कुमार एवं डॉ. सुमन कुमार
    • संयुक्त सचिव –डॉ. दीपक कुमार
    • सह कोषाध्यक्ष –विकास गुप्ता
    • क्लब एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर –धर्म प्रकाश
    • मेंबरशिप चेयरपर्सन –उदय भदानी
    • क्लब सर्विस चेयरपर्सन –अमरनाथ मंडल
    • पीआरओ –राहुल बर्मन
    • टेमर –मसरूर आलम सिद्दीकी
    • ट्विस्टर –राहुल प्रसाद
    • क्लब निदेशक –MJF डॉ. संजय कुमार सिंह, राजेश गुप्ता, लायन डॉ. ज्ञान प्रकाश एवं लायन अरुण कुमार साव।

     

    संचालन और धन्यवाद ज्ञापन.

    कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन कुमार और राजेश गुप्ता ने किया।
    धन्यवाद ज्ञापन धर्म प्रकाश साहू ने किया।

    समारोह को सफल बनाने में सुजीत लोहनी, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, गौतम सागर, सौरभ महासेठ, डॉ. विकास लाल सहित कई सदस्यों की अहम भूमिका रही।

     

  • श्री कबीर ज्ञान मंदिर में 721 यूनिट रक्तदान, महिलाओं ने दिखाया नया संकल्प

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : भाद्र शुक्ल चतुर्थी के अवसर पर सद्गुरु मां ज्ञान का पावन जन्मोत्सव श्री कबीर ज्ञान मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव से मनाया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर में एकत्र हुए और पंक्तिबद्ध होकर अपने आराध्य सद्गुरु मां ज्ञान का पूजन-अर्चन किया।

    इस विशेष अवसर पर श्री कबीर ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में रक्तदान महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस वर्ष रक्तदान में नया इतिहास रचते हुए कुल 721 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो अब तक के सभी रिकॉर्ड को पार कर गया।

    ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर राज्य में रक्तदान के क्षेत्र में लगातार प्रथम स्थान पर रहा है। हर वर्ष सद्गुरु मां के जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर आयोजित होता है और प्रत्येक बार संस्था अग्रणी स्थान पर रहती है। इस बार की खासियत यह रही कि 721 यूनिट रक्तदान में से 270 यूनिट रक्त महिलाओं द्वारा दान किया गया। खासकर तीज व्रत सम्पन्न करने के तुरंत बाद इतने बड़े पैमाने पर महिलाओं का रक्तदान करना समाज के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल माना जा रहा है।

    सद्गुरु मां ज्ञान ने इस अवसर पर कहा—
    “बहनें परिवार का स्तंभ होती हैं। उनका स्वस्थ रहना पूरे परिवार के स्वास्थ्य की गारंटी है। रक्तदान से उनका हीमोग्लोबिन स्तर संतुलित रहता है और वे स्वयं को हमेशा ऊर्जावान महसूस करती हैं। जिस प्रकार मेहंदी बांटने वाले के हाथ अपने आप रंग जाते हैं, उसी प्रकार रक्तदान करने से दाता स्वयं अप्रत्याशित लाभ पाता है। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक संतोष और आशीर्वाद भी देता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि जब किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, तब उसका परिवार किस मानसिक स्थिति से गुजरता है, यह वही समझ सकता है जो इस परिस्थिति में रहा हो। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति से मिला रक्त उनके लिए जीवनदान होता है और दाता को उनका सच्चा आशीर्वाद मिलता है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रत कुमार मित्रा, सेवानिवृत्त आईएएस रामानंद जी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. रितेश सिन्हा, रेड क्रॉस अध्यक्ष अरविंद कुमार, माहुरी वैश्य महामंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, डॉ. विकास माथुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सोहल, मदन लाल विश्वकर्मा, अरुण माथुर, अशोक राम, सेवानिवृत्त फौजी जनार्दन राय, किशोर सिंह समेत समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु मां ने यह भी कहा—
    “रक्तदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता का उत्सव है। यह वह क्षण है जब आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी अन्य के जीवन में धड़कन बनकर दौड़ने लगता है। इसमें न कोई खर्च है, न कोई हानि—बस लाभ ही लाभ है।”

    इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया—
    “करेंगे रक्तदान, बनेंगे किसी के मुस्कान; यही है पुण्य महान।”

    पुस्तक विमोचन.

    जन्मोत्सव पर सद्गुरु मां द्वारा रचित पुस्तक “कबीर वाणी में रहस्यमयी अध्यात्म” का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सद्गुरु कबीर की वाणियों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। सद्गुरु मां ने बताया कि यह कृति आधुनिक जीवन की परिस्थितियों में आध्यात्मिक मार्गदर्शन का काम करेगी और यह सिखाएगी कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी व्यक्ति कैसे आत्मिक गहराइयों में उतर सकता है।

     

  • एबीवीपी का आक्रोश मार्च, मुख्यमंत्री का पुतला दहन

    — राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 को बताया छात्र विरोधी.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की गिरिडीह नगर इकाई ने बुधवार को झारखंड सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झंडा मैदान से टॉवर चौक तक आक्रोश मार्च निकालते हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।

    विरोध का मुख्य कारण राज्य विधानसभा में पारित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 रहा। इस विधेयक के तहत झारखंड के विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रति कुलपति, वित्तीय सलाहकार, परीक्षा नियंत्रक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का अधिकार अब महामहिम राज्यपाल से हटाकर राज्य सरकार को देने का प्रावधान किया गया है। एबीवीपी नेताओं ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

    एबीवीपी गिरिडीह जिला संयोजक मंटू मुर्मू ने कहा कि सरकार का यह निर्णय छात्रों की आवाज़ को दबाने की साजिश है। उन्होंने कहा— “छात्र संघ चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवंत प्रयोगशाला है। यहाँ छात्र अपने नेतृत्व कौशल का विकास करते हैं, अपनी समस्याओं को मुखरता से रखते हैं और प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात पहुँचाते हैं। सरकार का यह कदम छात्रों को प्रतिनिधित्व से वंचित करने वाला है।”

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुलपति या सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि कभी भी छात्रों की वास्तविक आवाज़ नहीं बन सकते। यह व्यवस्था छात्रों को केवल दर्शक बना देगी और निर्णय प्रक्रिया से उनकी भूमिका समाप्त हो जाएगी।

    नगर मंत्री नीरज चौधरी ने कहा कि संशोधन के जरिए छात्रों की भागीदारी खत्म करना न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला कदम भी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस संशोधन को वापस ले और विश्वविद्यालय परिसरों में स्वतंत्र व निष्पक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल करे।

    एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव सिर्फ राजनीति का प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि यही वह स्थान है जहाँ से समाज को भविष्य का नेतृत्व देने वाली पीढ़ी तैयार होती है। ऐसे में छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाना न केवल छात्रों के हितों के खिलाफ है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर भी कुठाराघात है।

    इस मौके पर नगर सह मंत्री अनीश राय, सदानंद राय, शुभम तांती, ऋषि त्रिवेदी, पृथ्वी कुमार, दीपक वर्मा, आशीष सिंह, बिट्टू मोदी, देवदत्त श्रीवास्तव, हिमांशु कश्यप, बबलू यादव, सत्यम, कृष्णा दास, चुन्नू सिंह, सनी सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

     

  • हरितालिका तीज: जब आस्था और उत्सव ने पूरे शहर को तीजमय बना दिया

    चन्दन पांडेय.

    Edited By: परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह की सुबह आज कुछ अलग थी। शहर की गलियों में रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाएं, हाथों में पूजा की थालियां और चेहरों पर भक्ति का तेज़। यह नज़ारा बता रहा था कि आज हरितालिका तीज है—एक ऐसा पर्व, जिसमें सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।

    सुबह से ही घर-घर में तैयारियां हो रही थीं। कोई पूजा की थाली सजा रहा था, तो कोई सोलह श्रृंगार में जुटा था। कई महिलाएं मंदिरों का रुख करती दिखीं। काली मंदिर, शिवालय और मोहल्ले के छोटे-छोटे देवस्थल आस्था के केंद्र बन गए।

    पूजा-अर्चना के बीच जब तीज व्रत की कथा का श्रवण हुआ तो माहौल और भी भावुक हो गया। पौराणिक कथा के अनुसार, हिमवान की पुत्री पार्वती ने कठोर तपस्या करके भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। तभी से इस व्रत को पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन की समृद्धि के लिए किया जाता है।

    इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं।
    उदनाबाद की ममता देवी ने कहा – “यह व्रत मेरे लिए सिर्फ पति की लंबी आयु की कामना नहीं है, बल्कि यह हमारी परंपरा और विश्वास से भी जुड़ा है। निर्जला व्रत कठिन है, लेकिन आस्था से सब आसान लगता है।”

    वहीं नवविवाहिता सुमन कुमारी ने बताया – “यह मेरा पहला तीज है। मां और दादी से सुना था कि इस व्रत का महत्व कितना बड़ा है। आज खुद करने का सौभाग्य मिला, तो मन में एक अलग ही खुशी है।”

    पूरे दिन मंदिरों में महिलाओं की टोली भक्ति-गीत गाती और आरती करती नजर आई। कोई ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगा रहा था, तो कोई ‘तेजस्विनी पार्वती माता’ के भजन गा रहा था।

    गिरिडीह की फिजा में आज आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीज ने शहर को सिर्फ धार्मिक रंगों से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की डोर से भी बांध दिया।

  • जानिए पुलिस ने कैसे खोला हत्याकांड का राज, आरोपी गिरफ्तार

     द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में घटित कंचन देवी हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार (उस्तुरा) और खून से सने कपड़े भी जब्त कर लिए गए हैं। इस पूरे मामले की जानकारी प्रेस वार्ता कर पुलिस अधिकारियों ने दी।

    घटना की शुरुआत कैसे हुई.
    25 अगस्त को मुफ्फसिल थाना को सूचना मिली थी कि एक युवक ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घायल महिला की पहचान कंचन देवी के रूप में हुई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला बेहद गंभीर होने के कारण गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ सदर जितवाहन उरांव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई.
    जांच टीम में मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो सहित कई अधिकारी और पुलिस जवान शामिल थे। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने तेजी से काम करते हुए आरोपी गोपी दास (26 वर्ष, पिता राजेंद्र दास उर्फ लोधा दास, निवासी – सात नंबर योगीटांड, थाना मुफ्फसिल) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त उस्तुरा और आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद कर सबूत के रूप में अपने कब्जे में लिए।

    हत्या के पीछे का कारण.
    एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने बताया कि जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। घटना से कुछ दिन पूर्व आरोपी ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत थाना में दर्ज कराई थी। पुलिस ने कंचन देवी को सुरक्षित ढूंढ निकाला और पति को सौंप दिया। लेकिन घर लौटने के दौरान ही अवैध संबंधों के शक के आधार पर पति ने पत्नी की हत्या कर दी।

    आरोपी की वर्तमान स्थिति.
    पुलिस का कहना है कि हत्या का मुख्य कारण अवैध संबंध का संदेह है। फिलहाल आरोपी पति को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • संविधान संशोधन बिल के विरोध में झामुमो का गरजता प्रदर्शन, गिरिडीह टावर चौक पर पुतला दहन.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क
    गिरिडीह : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान संशोधन बिल ने झारखंड की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इसी कड़ी में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गिरिडीह शहर के टावर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
    इस बिल में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री किसी मामले में 30 दिन तक जेल में रहता है तो उसे स्वतः अपने पद से हट जाना होगा। झामुमो ने इसे लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह कानून विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनकी आवाज़ दबाने की साजिश है।
    प्रदर्शन का माहौल.
    टावर चौक का माहौल विरोधी नारों से गूंज उठा। “केंद्र सरकार होश में आओ”, “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” और “झारखंड विरोधी बिल वापस लो” जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, युवा और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वे सब एक स्वर में केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने और तानाशाही थोपने का आरोप लगाते रहे।
    नेताओं के तीखे आरोप,
    प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिये खासतौर पर झारखंड की सत्तारूढ़ सरकार को निशाना बना रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधि जनता की आवाज़ होते हैं, लेकिन इस कानून के जरिए उन्हें डराने-धमकाने और बेअसर करने की कोशिश हो रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया तो राज्यभर में और भी बड़े आंदोलन होंगे।
    जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी से भी जुटे कार्यकर्ता
    गिरिडीह के साथ-साथ जमुआ, बेंगाबाद और डुमरी क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले दिनों में पूरे राज्य में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि जनता को बताया जा सके कि केंद्र सरकार किस तरह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है।
    विरोध की आहट और आगामी रणनीति.
    झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन की धार और तेज की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस कानून का विरोध करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें।
    नेता और कार्यकर्ता मौजूद.
    पुतला दहन और विरोध कार्यक्रम में महालाल सोरेन, केदार हाज़रा, अजीत कुमार पप्पू, शहनवाज अंसारी, दिलीप मंडल, प्रणव वर्मा, कोलेश्वर सोरेन, नुनूराम किस्कू, दिलीप रजक, विजय सिंह, राकेश रॉकी, हलधर राय, चाँद रशीद, चांदमल मरांडी, प्रधान मुर्मू, सुमित कुमार, राकेश रंजन, ओम प्रकाश वर्मा, भैरव वर्मा, अभय सिंह, शिवम आजाद, मो. मज़ीद, इम्तियाज़ अख़री, नारायण यादव, मो. हसनैन, मो. आबिद, अशोक राम, किसुन सोरेन, अनवर अंसारी, राकेश सिंह टुनन्ना, लोकनाथ सहाय, बाबूराम हाँसदा, मो. अकील सोनू, महावीर मुर्मू, बिरजू मरांडी, दीपक पांडेय, विवेक सिन्हा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    इस गरमाए माहौल के बीच झामुमो ने साफ चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन बिल को वापस नहीं लिया, तो जनता के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

  • गिरिडीह :आईएमए का पहला इंस्टॉलेशन समारोह, मंत्री ने डॉक्टरों से समाजहित में आगे आने की अपील की

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह के एक स्थानीय होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का पहला इंस्टॉलेशन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य सरकार के नगर विकास, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आईएमए झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ए. के. सिंह, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉक्टर सिद्धार्थ सन्याल, तथा शहर के अनेक नामचीन चिकित्सक शामिल हुए।

    मंत्री ने दिए संदेश.

    समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आईएमए एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसने हमेशा डॉक्टरों के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

    “मैं आईएमए से अपेक्षा करता हूँ कि गरीब, असहाय और प्रतिभाशाली बच्चों के भविष्य को सँवारने में संस्था आगे आए। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं हरसंभव सहयोग देने को तैयार हूँ,” – मंत्री सोनू ने कहा।

    गरिमामय शुरुआत और सम्मान समारोह.

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद मंत्री और उपस्थित अतिथियों ने नए पदाधिकारियों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर चिकित्सकों के योगदान को सराहते हुए उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए।

    सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बाँधा समां.

    समारोह में छोटी बच्चियों आराध्या और आराधना ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने डॉक्टरों और मेहमानों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में दोनों बच्चियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।

    नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का संकल्प.

    नवनिर्वाचित आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर मो. रियाज अहमद ने कहा कि आने वाले समय में संस्था न केवल चिकित्सकों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।
    सचिव डॉक्टर रितेश सिन्हा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर नूतन लाल समेत पूरी टीम ने समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच मजबूत पुल बनने का आश्वासन दिया।

    बड़ी संख्या में चिकित्सक और गणमान्य रहे मौजूद.

    इस अवसर पर डॉक्टर शिला वर्मा, डॉक्टर एस. के. डोकानिया, डॉक्टर रेखा झा, डॉक्टर प्रभात कुमार, डॉक्टर विकास माथुर, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर बी. हेम्ब्रम, डॉक्टर विनय गुप्ता, डॉक्टर बी. एन. झा, डॉक्टर राजेश चंद्रा सहित शहर के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर मौजूद थे। इसके अलावा मनीषा जालान, उत्तम जालान, एस. बी. चौधरी, आयशा अहमद, अमीरुद्दीन अहमद, इरशाद अहमद वारिस, बैरिस्टर फरदीन अहमद समेत अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

     

     

  • नगर विकास मंत्री ने दो करोड़ की 14 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

     

    नई पेयजल योजना पर भी काम जल्द-मंत्री

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 14 योजनाओं का शिलान्यास किया।

    इस मौके पर मंत्री ने सबसे पहले स्टेशन रोड स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी योजनाओं की आधारशिला रखी।

    कार्यक्रम में उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक, झामुमो नेता अजीत कुमार पप्पू, राकेश रंजन, रॉकी सिंह, सईद अख्तर, सैफ अली गुड्डु सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

    दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी राहत.

    सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से किया जा रहा है। आगामी दुर्गा पूजा के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए ही प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं का चयन किया गया है।

    पेयजल संकट के समाधान की दिशा में पहल.

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में पुराने शहरी पेयजलापूर्ति योजना को वर्तमान परिस्थितियों के लिए अपर्याप्त बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के हिसाब से अब नई योजना की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में अभी भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण नागरिक परेशान हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरिडीह शहर को एक नई पेयजल आपूर्ति योजना की सौगात जल्द मिलेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने पर विचार चल रहा है।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाए और हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

     

  • इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने शुरू किया एडल्ट लिटरेसी प्रोग्राम

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने पचंबा स्थित पचंबा गर्ल्स हाई स्कूल में एडल्ट लिटरेसी प्रोग्राम (वयस्क साक्षरता कार्यक्रम) की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की उन महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जिन्हें अब तक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल सका।

    कार्यक्रम की शुरुआत.

    कार्यक्रम का उद्घाटन PDC पूनम सहाय ने किया। उन्होंने महिलाओं को साक्षरता का महत्व बताते हुए कहा कि पढ़ाई सिर्फ ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नींव भी है। पूनम सहाय ने महिलाओं से खुलकर संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस पहल से उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम.

    इस कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मकसद उन्हें पढ़ने-लिखने योग्य बनाना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाना है।
    इसकी शुरुआत गर्ल्स हाई स्कूल की प्रधानाचार्या और क्लब की सक्रिय सदस्य शमा परवीन के सहयोग से संभव हो पाई।

    कक्षाओं की व्यवस्था.

    योजना के तहत सप्ताह में तीन दिन कक्षाएं आयोजित होंगी। कक्षाओं का संचालन क्लब की सदस्याएं स्वयं करेंगी। यदि किसी कारणवश वे अनुपस्थित रहती हैं तो प्रधानाचार्या शमा परवीन स्वयं कक्षाओं को संचालित करेंगी।

    कार्यक्रम में शामिल हस्तियां.

    इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष कविता राजगढ़िया, सचिव स्मृति आनंद, सदस्य संगीता सिंह, शमा परवीन और अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि इस पहल को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा और अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई जाएगी।

    भविष्य की उम्मीदें.

    इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की शुरुआत है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह प्रयास आने वाले समय में अनेक महिलाओं के जीवन को नई रोशनी और दिशा देगा।