Category: Giridih

  • लायंस क्लब गिरिडीह सनशाइन ने बिरहोर छात्रावास के बच्चों के साथ बांटा खुशियों का स्वाद

    By The News Post4u.

    गिरिडीह: समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन  ने  ‘फूड फॉर हंगर’ अभियान के अंतर्गत बिरहोर समुदाय के बच्चों के साथ भोजन साझा किया। कार्मेल स्कूल के समीप स्थित उत्कर्ष बिरहोर छात्रावास में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 35 बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक दोपहर का भोजन परोसा गया।

    भोजन मिलने पर बच्चों के चेहरे की मुस्कान इस सेवा की सफलता को बयां कर रही थी। बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताते हुए क्लब के सदस्यों ने न सिर्फ उन्हें भोजन कराया, बल्कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों को जारी रखने का संकल्प लिया।

    इस सेवा कार्य में क्लब के अध्यक्ष सुमित भूदोलिया, सचिव बिनीत केडिया, कोषाध्यक्ष पुनीत खंडेलवाल सहित धीरज खेतान, सोनल खंडेलवाल, सुरभि खेतान, शशांक अग्रवाल, शुभम केडिया, प्रिया भूदोलिया और हर्षित केडिया जैसे सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।

    लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए मददगार रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे समाज के जिम्मेदार नागरिक सामूहिक प्रयास से सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। क्लब की यह पहल सेवा, सहयोग और सद्भावना की मिसाल बन गई।

  • रोटरी गिरिडीह का पदस्थापना समारोह संपन्न, नए अध्यक्ष पियूष मुसद्दी ने संभाली कमान

    By : चंदन पांडेय

    Edited By : परवेज़ आलम

    गिरिडीह :  उत्सव उपवन रिसॉर्ट गिरिडीह में रोटरी गिरिडीह का 68वां पदस्थापना समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 की गवर्नर रोटेरियन नम्रता उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में रोटरी असिस्टेंट गवर्नर डॉ. मोहम्मद आजाद समारोह में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुंदर गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह का औपचारिक शुभारंभ किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।

    इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष रवि चूड़ीवाला के नेतृत्व में 2024-25 रोटरी सत्र के दौरान क्लब द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक और सेवा कार्यों का ब्यौरा सचिव मयंक राजगढ़िया ने प्रस्तुत किया। पिछले वर्ष उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।

    इसके बाद रोटरी गिरिडीह के नव निर्वाचित अध्यक्ष पियूष मुसद्दी और सचिव रोहित जैन को मुख्य अतिथि द्वारा पदभार ग्रहण कराया गया। अध्यक्ष पियूष मुसद्दी ने अपनी नई कार्यकारिणी टीम की घोषणा की और मंच पर बुलाकर परिचय कराया। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए क्लब की योजनाओं और सेवा कार्यों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

    समारोह के दौरान रोटरी परिवार में तीन नए सदस्यों का स्वागत भी किया गया। मुख्य अतिथि नम्रता ने उन्हें रोटरी लेपल पिन पहनाकर सदस्यता प्रदान की।

    मुख्य अतिथि नम्रता ने अपने संबोधन में रोटरी गिरिडीह की सराहना करते हुए कहा कि क्लब समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है और रोटरी के मूल उद्देश्यों को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने रोटरी की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की।

    समारोह का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में पूर्व रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर शिव प्रकाश बगड़िया, गिरिडीह के प्रमुख उद्योगपति सुरेश जालान, राजेंद्र बगड़िया, विजय सिंह, लक्खी गौरीसरिया, मनीष तर्वे, आशीष तर्वे, अभिषेक जैन, संतोष गोयनका, विकास बगड़िया, शरद रुंगटा, अधिवक्ता प्रकाश सहाय, पूनम सहाय, डॉ. शशि भूषण चौधरी, डॉ. विकास लाल, डॉ. विनय गुप्ता, रंजना बगड़िया, भूपेंद्र सिंह समेत शहर की कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिष्ठित जन मौजूद रहे।

    समारोह समाज सेवा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में यादगार बन गया।

  • झारखंड में जमीन रजिस्ट्री का क्या है  नया नियम जान लीजिये वरना पछताना पड़ेगा

    2 लाख से अधिक के लेनदेन पर बैंक ट्रांजैक्शन की देनी होगी जानकारी

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया अब और अधिक पारदर्शी और काले धन से मुक्त होगी। राज्य के भूमि-राजस्व विभाग ने इस दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए दो लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए केवल बैंक ट्रांजैक्शन को ही मान्य करने का आदेश जारी किया है।

    रजिस्ट्री के लिए अब बैंक भुगतान अनिवार्य.

    गिरिडीह के जिला अवर निबंधक  के मुताबिक अब दो लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्री तब तक नहीं होगी जब तक खरीदार बैंक के जरिए भुगतान की पुष्टि नहीं करता। नकद लेनदेन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस बाबत रजिस्ट्री कार्यालयों को इसके स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं और परिसर में इस संबंध में नोटिस भी लगाए जा चुके हैं ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके।

    सुप्रीम कोर्ट और आयकर विभाग की सिफारिशों के आधार पर फैसला

    यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और आयकर विभाग के निर्देशों के तहत लिया गया है। आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत किसी भी व्यक्ति को दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करना प्रतिबंधित है। इसी आधार पर अब संपत्ति लेनदेन को भी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से बाध्य किया गया है ताकि काले धन के प्रवाह पर लगाम लगाई जा सके।

    खरीदारों को देनी होगी ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी

    अब रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति खरीदार को निम्नलिखित जानकारियां प्रस्तुत करनी होंगी:

    • भुगतान की विधि (जैसे NEFT, RTGS, चेक आदि),
    • राशि,
    • भुगतान की तारीख और
    • लेन-देन का वैध दस्तावेज या प्रमाण।

    सरकार को टैक्स चोरी रोकने में मिलेगी मदद.

    इस नियम के लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और बेनामी सौदों, काले धन और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा।

    भूमि-राजस्व विभाग को उम्मीद है कि इस सख्ती से राज्य के रियल एस्टेट बाजार में ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता का विश्वास भी प्रणाली पर और मजबूत होगा।

     

  • इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह ने पर्यावरण संरक्षण दिवस पर किया वृक्षारोपण

    विद्यार्थियों को दिया जागरूकता का संदेश.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: पर्यावरण संरक्षण दिवस के उपलक्ष्य में इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह ने सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए उत्क्रमित उच्च विद्यालय, राजपुरा परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस अवसर पर क्लब की ओर से 30 फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता क्लब प्रेसिडेंट हेमा दत्त ने की। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षारोपण की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि पेड़ न सिर्फ वायुमंडल को शुद्ध करते हैं, बल्कि जीवन को भी सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।

    इस अवसर पर क्लब की पूर्व अध्यक्ष रेखा तर्वे, रूप श्री खेतान, सदस्याएं आराधना गुप्ता, सोनी कंधवे और नीलम भी उपस्थित रहीं। सभी सदस्यों ने मिलकर विद्यालय परिसर में पौधे लगाए और विद्यार्थियों को पौधों के महत्व के बारे में जानकारी दी।

    क्लब की सदस्याओं ने बताया कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण माह के अंतर्गत चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों की एक कड़ी है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी तरह के और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में पर्यावरण के प्रति सजगता बढ़ाई जा सके।

    विद्यालय प्रशासन ने इनर व्हील क्लब के इस प्रयास की सराहना की और सभी सदस्याओं को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।

  • गिरिडीह: डीसी ने खनन कार्यालय का किया औचक निरीक्षण

     अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: उपायुक्त रामनिवास यादव ने शुक्रवार को जिला खनन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर खनन संबंधित कार्यप्रणाली और राजस्व संग्रहण की स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए अधिकारियों को ठोस और व्यावहारिक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।

    उपायुक्त ने खनन कार्यालय में रखे गए अभिलेखों, पंजियों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और कहा कि दस्तावेजों का संधारण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई आवश्यक है।

    रामनिवास यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि जिले में कहीं भी अवैध खनन या खनिजों का अवैध परिवहन हो रहा हो, तो उस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने खासतौर पर वन क्षेत्रों में चल रहे अवैध क्रशर इकाइयों, माईका उत्खनन और उसके अवैध प्रेषण पर सतत निगरानी रखने का आदेश दिया। इसके लिए विशेष छापामारी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

    डीसी ने कहा कि गिरिडीह जिला प्रशासन खनिज संपदाओं की रक्षा और राजस्व संग्रह में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी।

    निरीक्षण के दौरान खनन पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। यह कदम प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर लगाम कसने और खनिज संपदा के संरक्षण को लेकर सक्रियता का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

  • गिरिडीह: पूर्वी रेलवे के प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक ने किया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण

    – सुविधाएं सुधारने और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का दिया संकेत.

    By : बिनोद कुमार

    For The News Post4u.

    गिरिडीह: पूर्वी रेलवे के प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) उदय शंकर झा गुरुवार को गिरिडीह रेलवे स्टेशन के निरीक्षण पर पहुंचे। उनके साथ वाणिज्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय रेलवे प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद थे। इस निरीक्षण का उद्देश्य स्टेशन की वर्तमान स्थिति, यात्री सुविधाओं की गुणवत्ता और संभावित सुधार की संभावनाओं का मूल्यांकन करना था।

    निरीक्षण के दौरान श्री झा ने प्लेटफॉर्म की सफाई व्यवस्था, प्रतीक्षालय की दशा, शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से यात्रियों को दी जा रही सेवाओं के बारे में विस्तृत फीडबैक भी लिया।

    मीडिया से बातचीत में श्री झा ने स्वीकार किया कि गिरिडीह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, लेकिन वर्तमान में यहां ट्रेनों की सीमित संख्या के कारण यात्री भार अपेक्षा से काफी कम है। इस कारण से कई बार स्टेशन पर दी जाने वाली सुविधाओं के रखरखाव में भी अनियमितता देखने को मिलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति को गंभीरता से लिया गया है और जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    श्री झा ने कहा कि स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही रेलवे डिवीजन को सौंपा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गिरिडीह के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा।

    उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध रेल सेवा उपलब्ध हो। गिरिडीह स्टेशन को अधिक सक्रिय और आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे न केवल यात्रियों की संख्या बढ़े, बल्कि स्टेशन की उपयोगिता भी बढ़े।”

    निरीक्षण के दौरान कुछ यात्रियों ने अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें स्टेशन पर शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की कमी जैसी बातें प्रमुख थीं। इन शिकायतों पर पीसीसीएम ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    रेलवे विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में गिरिडीह स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही के साथ-साथ यात्री सुविधाओं का भी व्यापक उन्नयन किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिल सके।

  • धनबाद अवैध खनन हादसा: चाल धंसने से 10 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका, राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज़

    By: परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

     धनबाद/ गिरिडीह, झारखंड: झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा इलाके में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां अवैध खनन के दौरान एक कोयला खदान की चाल धंस गई। यह हादसा केसरगढ़ क्षेत्र में हुआ, जो बीसीसीएल के ब्लॉक-II क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिव मंदिर के पास अवैध रूप से खनन किया जा रहा था, उसी दौरान यह दुर्घटना हो गई। आशंका जताई जा रही है कि 10 से अधिक मजदूर खदान में फंसे हुए हैं। हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से फंसे हुए लोगों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक शव को अवैध खनन करने वाले लोग निकालकर ले जाने में सफल रहे हैं।

    परिवारों को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश, आक्रोश बढ़ा.

    जैसे ही चाल धंसने की खबर फैली, इलाके में हड़कंप मच गया। आरोप है कि अवैध खनन माफिया ने फंसे मजदूरों के परिवारों को घटनास्थल के पास आने से रोकने की कोशिश की, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा और बढ़ गया। लोग यह भी कह रहे हैं कि पूरे हादसे को छुपाने की कोशिश की जा रही है।

    विधायक जयराम महतो का दावा – 15 मौतें, 30 लोग अंदर दबे.

    डुमरी के विधायक जयराम महतो ने x पर लिखा कि हादसे में 15 मजदूरों की मौत की सूचना मिली है, जबकि अंदर 30 लोगों के दबे होने की आशंका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद अवैध खनन का मुहाना जल्दबाजी में बंद कर दिया गया, और लाशों को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मुहाने को दोबारा खोला जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    खनन माफिया को संरक्षण?

    झारखंड के वरिष्ठ नेता व विधायक  सरयू राय ने भी इस घटना पर दुख जताया और दावा किया कि जमुनिया गांव में 9 मजदूरों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन माफिया मृतकों के शवों को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। सरयू राय ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में धनबाद एसएसपी को सूचना दे दी है।

     

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    अब तक शव मिलने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं.

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और CISF की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। हालांकि अभी तक किसी शव के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ खबरें एक शव मिलने की बात कहती हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। यहां तक कि पुलिस ने इस हादसे के अस्तित्व को भी स्वीकार नहीं किया है, जिससे लोगों में भ्रम और नाराजगी और गहराती जा रही है।

    केसरगढ़ में अवैध खनन का गढ़, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ज्यादा प्रभावित.

    जानकारी के अनुसार, बाघमारा के कतरास के केसरगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा था, जिसमें स्थानीय गरीब और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मजदूरी कराई जाती थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन मजदूरों को गिरिडीह और जामताड़ा आस-पास के जिलों से बुलाया गया था।

    अब तक जिन मजदूरों के दबे होने की सूचना है, उनमें शामिल हैं:

    • चरकू उर्फ अजीज अंसारी (35) – कुंडलवादाह, ताराटांड, गिरिडीह
    • अफजल उर्फ खान साहब (35) – कुंडलवादाह, गिरिडीह
    • दिलीप साव (32) – बुढ़वाशेर, गिरिडीह
    • मो. जमशेद (30) – मथुरासिंहा, बदगुंडा पंचायत, गिरिडीह
    • एक अन्य व्यक्ति – जामताड़ा से बताया जा रहा है

    जवाबदेही तय करने और जांच की मांग.

    इस हादसे के बाद अवैध खनन पर प्रशासनिक उदासीनता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता और राजनीतिक प्रतिनिधि अब जवाबदेही तय करने, दोषियों को सज़ा देने और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन प्रशासन की देरी और चुप्पी ने लोगों के मन में गहरा अविश्वास पैदा कर दिया है।

  • जनकपुर धाम की आध्यात्मिक यात्रा: पत्रकारों ने जाना पौराणिक स्थलों का महत्व, लिया पर्यटन स्थलों का जायजा

    For The News Post4u.

    GIRIDIH : नेपाल के मिथिलांचल क्षेत्र में स्थित जनकपुर धाम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नजदीक से जानने के उद्देश्य से पत्रकार चंदन पांडे और नीतू कुमारी ने हाल ही में एक विशेष यात्रा की। इस दौरान उन्होंने जनकपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया और वहां की पौराणिक कथाओं व मान्यताओं को समझने का प्रयास किया।

    यात्रा की शुरुआत पवित्र गंगासागर में स्नान से की गई, जिसके बाद वे जनकपुर धाम के विवाह मंडप पहुंचे — वह स्थान जहां भगवान श्रीराम और माता सीता सहित चारों भाइयों का पौराणिक विवाह हुआ था। इसके पश्चात उन्होंने श्रीराम जानकी मंदिर, स्वयंवर स्थल, और वह स्थल भी देखा जहां श्रीराम ने शिवधनुष को उठाकर तोड़ा था। इन धार्मिक स्थलों पर उन्होंने पूजा-अर्चना भी की।

    इसके बाद दल ने कोहबर भवन का दौरा किया, जो सीता-राम विवाह के उपरांत का एक प्रमुख स्थल माना जाता है। साथ ही उन्होंने श्रीराम-जानकी माता संग्रहालय में विद्युत चलचित्र के माध्यम से मिथिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलकियों का अवलोकन किया।

    यात्रा के दौरान उन्होंने रघुपति रेस्टोरेंट में स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद भी लिया, जो जनकपुर की पारंपरिक पाकशैली की झलक देता है।

    जनकपुर धाम की इस आध्यात्मिक यात्रा के बाद दल ने बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी स्थित उच्चैट भगवती मंदिर में भी मां भगवती के दर्शन किए और पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    इस यात्रा में पत्रकार चंदन पांडे और शिक्षिका नीतू कुमारी के साथ पर्यटक नमिता कुमारी, आकाश कुमार, आरती कुमारी, सोनू कुमार, आर्यन और शानवी भी शामिल रहे। सभी ने इस यात्रा को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक समझ का अनोखा अनुभव बताया।

  • डाक जीवन बीमा: एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच

    डाक जीवन बीमा की उपयोगिता और लाभों पर डाक निदेशक ने डाली रोशनी.

    By: बिनोद कुमार

    Edited: परवेज़ आलम.

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    गिरिडीह : नगर भवन गिरिडीह में मंगलवार को डाक विभाग गिरिडीह मंडल की ओर से पीएलआई-आरपीएलआई मेला का आयोजन भव्य रूप से किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डाक सेवाएं निदेशक राम विलास चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मेले का उद्देश्य आम नागरिकों को डाक जीवन बीमा योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें इससे जोड़ना रहा।

    अपने संबोधन में डाक निदेशक राम विलास चौधरी ने कहा कि डाक जीवन बीमा ( – PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा समर्थित हैं, जिन्हें भारतीय डाक द्वारा राष्ट्रपति की ओर से प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं केवल बीमा का संरक्षण नहीं देतीं, बल्कि आमजन, खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों को कम प्रीमियम में अधिक लाभ देकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती हैं।

    डाक निदेशक ने आगे बताया कि जीवन की अनिश्चितताओं के दौर में PLI और RPLI जैसी सरकारी योजनाएं लोगों को सुरक्षा की भावना देती हैं। यह न केवल भरोसेमंद हैं, बल्कि निवेश के लिहाज से भी लाभकारी हैं, क्योंकि इनमें जोखिम कम और लाभ अपेक्षाकृत ज्यादा है।

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    इस अवसर पर पीएलआई के उप विकास प्रबंधक अमित कुमार ने विस्तार से बताया कि डाक जीवन बीमा की सबसे बड़ी खासियत इसकी गैर-लाभकारी प्रकृति है। इसी कारण, यह अन्य निजी बीमा योजनाओं की तुलना में कम प्रीमियम दरों के बावजूद बेहतर रिटर्न देती है। उन्होंने इसे एक आकर्षक और सुरक्षित निवेश विकल्प बताया।

    अमित कुमार ने कहा कि यह योजनाएं केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों, सरकारी उपक्रमों में कार्यरत कर्मियों, रक्षा एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों, तथा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवरों के लिए भी उपलब्ध हैं। देशभर के 1.5 लाख से भी अधिक डाकघरों में पीएलआई की सेवाएं उपलब्ध हैं। कोई भी लाभार्थी किसी भी डाकघर में जाकर प्रीमियम की किस्त जमा कर सकता है, जिससे योजना में शामिल होना और भी सरल हो गया है।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में डाक विभाग के कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया। यह कदम कर्मचारियों को प्रेरित करने और सेवा के प्रति उत्साह बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाककर्मी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सहायक डाक अधीक्षक मंटू साव, अभिषेक कुमार (गोमिया सबडिवीजन), सुमन कुमार, डाकपाल अभिषेक कुमार, मनीष कुमार (उत्तरी क्षेत्र), विकास अधिकारी दीपक कुमार, लोकी रविदास, सुखदेव कुमार, संजीव देव, संजय सिंह, जियाजी, अवधेश वर्मा, अनिल कुमार, उपडाकपाल व शाखा डाकपाल शामिल थे।

    कार्यक्रम की समाप्ति पर डाक निदेशक ने सभी डाककर्मियों से अपील की कि वे इन योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि देश के अधिक से अधिक नागरिक इन भरोसेमंद और लाभकारी योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।

  • 3 अगस्त को झारखंड, बिहार समेत पांच राज्यों में नक्सली बंद का ऐलान

     — बढ़ते ऑपरेशनों के विरोध में नक्सलियों का प्रतिरोध

    By: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    गिरिडीह/रांची: झारखंड और बिहार समेत पांच राज्यों में एक बार फिर नक्सली बंद का ऐलान किया गया है। प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने 3 अगस्त 2025 को झारखंड, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में बंद का आह्वान किया है। बंद का उद्देश्य नक्सल ऑपरेशनों और लगातार हो रही मुठभेड़ों के विरोध में “जनविरोधी कार्रवाइयों” के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करना है।

    माओवादी संगठन का आरोप और बंद का मकसद.

    भाकपा (माओवादी) के पूर्वी रीजनल ब्यूरो के प्रवक्ता संकेत ने प्रेस रिलीज जारी कर इस बंद की जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन कगार के तहत की जा रही “फासीवादी कार्रवाई” और विवेक उर्फ प्रयाग मांझी सहित आठ माओवादी कार्यकर्ताओं की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए यह बंद बुलाया गया है। संगठन का आरोप है कि राज्य और केंद्र सरकारें गरीब, आदिवासी और वंचित वर्गों को कुचलने के लिए जबरन सैन्य कार्रवाई कर रही हैं।

    जगह-जगह स्मृति सभा का भी ऐलान.

    नक्सलियों ने न सिर्फ बंद का ऐलान किया है, बल्कि अपने मारे गए कैडरों की स्मृति में देशभर में स्मृति सभाएं आयोजित करने की योजना भी बनाई है। इन सभाओं में अंडरग्राउंड समर्थकों को भाग लेने और जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि नक्सली संगठन इस बंद के माध्यम से एक बार फिर अपने खोते प्रभाव को पुनः स्थापित करने की कोशिश में है।

    पुलिस का प्रहार: 6 महीने में 17 नक्सली मारे गए, 197 गिरफ्तार.

    इस साल के पहले छह महीनों में झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों ने माओवादियों पर बड़ा शिकंजा कसते हुए 17 नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। वहीं 197 नक्सलियों को गिरफ्तार भी किया गया है। कई इनामी माओवादी या तो मारे गए हैं या जेल पहुंच चुके हैं।

    कुछ प्रमुख मुठभेड़ की घटनाएं:

    • 21 जनवरी 2025: बोकारो जिले में एरिया कमांडर शांति देवी और कदर मनोज टुडू को मार गिराया गया।
    • 29 जनवरी 2025: चाईबासा में जोनल कमांडर संजय गंझू और एक करोड़ के इनामी नक्सली एनाल्डा की महिला मित्र हेमंत मांगियां को सुरक्षा बलों ने ढेर किया।
    • जनवरी 2025: रामगढ़ में आतंक का पर्याय बने राहुल तुरी को भी मार गिराया गया।
    • 21 अप्रैल 2025: झारखंड पुलिस के इतिहास का सबसे बड़ा एनकाउंटर, जिसमें एक साथ आठ नक्सली ढेर हुए, जिनमें सबसे चर्चित नाम था एक करोड़ के इनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी का।
    • जुलाई 2025: बोकारो में पांच लाख के इनामी नक्सली कुंवर को भी मार गिराया गया।

    इन सभी कार्रवाइयों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियां माओवादियों के खिलाफ सख्त मोड में हैं और अब संगठन बैकफुट पर है।

    सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट.

    3 अगस्त को प्रस्तावित बंद को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे, बस अड्डे, बाजार, खनन क्षेत्र और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पिछली बार की तरह इस बार भी नक्सली हिंसा की आशंका को देखते हुए अतिसंवेदनशील जिलों में ड्रोन और सैटेलाइट निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।

    जहां एक ओर माओवादी संगठन पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों का दावा है कि उनका उद्देश्य केवल आम लोगों की सुरक्षा और शांति बहाल करना है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नक्सली बंद को कितना समर्थन मिल पाता है और क्या राज्य प्रशासन उस पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रख पाता है।