Category: Giridih

  • गिरिडीह:सलेया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज

     

     ZRUCC सदस्य अरुण जोशी ने GM को लिखा पत्र

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  गिरिडीह-कोडरमा रेलखंड पर स्थित सलेया रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। दक्षिण पूर्व रेलवे के ZRUCC सदस्य Arun Kumar Joshi ने पूर्व-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह को पत्र लिखकर ट्रेन संख्या 13513/14 आसनसोल-हटिया एक्सप्रेस तथा 14049/10 गोड्डा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का ठहराव सलेया स्टेशन पर सुनिश्चित करने की मांग की है।

    अपने पत्र में अरुण जोशी ने कहा है कि सलेया स्टेशन गिरिडीह शहर के पंचबा क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जिसके आसपास लगभग पचास से अधिक गांव बसे हुए हैं। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ शहर से भी काफी नजदीक है, जिसके कारण यहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    उन्होंने बताया कि स्टेशन तक पहुंचने के लिए टेंपो और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत होती है। बावजूद इसके, रांची और नई दिल्ली की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें यहां से गुजरती तो हैं, लेकिन उनका ठहराव नहीं होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सलेया स्टेशन नया होने के बावजूद शुरुआत से ही यहां ट्रेनों के ठहराव की मांग की जाती रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव यहां शुरू किया जाता है, तो इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा।

    अरुण जोशी ने जनहित का हवाला देते हुए महाप्रबंधक से आग्रह किया है कि गिरिडीह-कोडरमा रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेन संख्या 13513/14 आसनसोल-हटिया एक्सप्रेस और 14049/10 गोड्डा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का ठहराव सलेया स्टेशन पर जल्द से जल्द दिया जाए, ताकि गिरिडीह और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।

     

  • झारखंड के माइका उद्योग को नई उड़ान देने की तैयारी, दिल्ली में होगी बड़ी बैठक

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    नई दिल्ली/गिरिडीह: झारखंड के बहुचर्चित माइका उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही, जिससे इस पहल की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    बैठक के दौरान कोडरमा और गिरिडीह के माइका बेल्ट की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। खासतौर पर माइका खनन से जुड़े श्रमिकों की समस्याएं, उद्योग में पारदर्शिता की कमी, रोजगार के सीमित अवसर और माइका एसोसिएशन व वर्कर संगठनों की लंबित मांगों पर फोकस किया गया।

    दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि माइका उद्योग को नई दिशा देने के लिए सभी हितधारकों—उद्योग प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों—को एक मंच पर लाना जरूरी है। इसी कड़ी में जल्द ही नई दिल्ली में एक व्यापक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जहां ठोस और दीर्घकालिक समाधान पर विचार किया जाएगा।

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि माइका खनन को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल झारखंड के माइका बेल्ट—खासकर गिरिडीह और कोडरमा—के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

    इस पहल का स्वागत करते हुए भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष मुकेश जालान ने कहा कि “यह कदम माइका उद्योग के पुनरुत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार के प्रयासों से न केवल उद्योग मजबूत होगा, बल्कि हजारों श्रमिक परिवारों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।”

    उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित दिल्ली बैठक से ठोस परिणाम सामने आएंगे और गिरिडीह–कोडरमा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर अहम बैठक, CCTV सुधार पर जोर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह: शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुफस्सिल थाना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो के कार्यालय कक्ष में हुई, जिसमें नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह, गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला और कोयलांचल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन शामिल हुए।

    बैठक के दौरान शहर की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसमें यह सामने आया कि ऑरेंज मीडिया द्वारा लगाए गए अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं और फिलहाल उपयोग के लायक नहीं हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है और अपराध की घटनाओं की जांच में भी कठिनाई हो रही है।

    कैमरों की स्थिति पर चिंता.

    यह भी चर्चा में सामने आया कि कई व्यापारियों ने अपने घरों और दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, लेकिन अधिकतर कैमरे अंदर की ओर लगे हैं और सड़क का दृश्य रिकॉर्ड नहीं कर पाते। इस वजह से अपराधियों की पहचान करने में पुलिस को परेशानी होती है।

    व्यापारियों से सहयोग की अपील.

    दोनों थाना प्रभारियों ने शहर के व्यवसायियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में कम से कम एक या दो सीसीटीवी कैमरे ऐसे लगवाएं, जो मुख्य सड़क की ओर फेस करते हों। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    पूरे जिले में CCTV लगाने की योजना.

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि गिरिडीह के शहरी और ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह पहल अनुमंडल प्रशासन के प्रयास से और स्थानीय विधायक एवं नगर आवास मंत्री Sudivya Kumar Sonu के सहयोग से आगे बढ़ रही है।

    मंत्री से मुलाकात का निर्णय.

    यह निर्णय लिया गया कि दोनों चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि जल्द ही मंत्री से समय लेकर मुलाकात करेंगे, ताकि इस योजना को जल्द लागू कराया जा सके और जिले की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।

     

  • गिरिडीह में दो लूटकांड का खुलासा, एक आरोपी देवघर से गिरफ्तार

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग लूट की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में न्यू चुड़ी मोहल्ला के 20 वर्षीय अफरोज शेख को देवघर से गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के बताए अनुसार लूटे गए सामान जैसे मोबाइल, नकद पैसे, पर्स, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में गांजा भी मिला है।

     दो अलग-अलग घटनाएं.

    पहली घटना 11-12 अप्रैल की रात करीब 1 बजे बस स्टैंड रोड स्थित न्यू परिसदन भवन के पास हुई थी, जहां राहगीरों से लूटपाट की गई। दूसरी घटना 16 अप्रैल की रात हुई, जिसमें अमित कुमार लकड़ा से बैग, कपड़े और 8500 रुपये छीन लिए गए थे।

     गुप्त सूचना पर गिरफ्तारी.

    एसपी डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम बनाई गई थी। गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को देवघर से पकड़ा गया। पूछताछ में उसने दोनों घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। 25 अप्रैल को पुलिस ने न्यू चुड़ी मोहल्ला में रवानी कुरैशी के घर छापेमारी की। वहां से

    • 1575 ग्राम गांजा
    • 50 नशीली गोलियां
    • 3000 रुपये नकद बरामद किए गए

    इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी अभी फरार हैं।

    पहले से आपराधिक रिकॉर्ड.

    गिरफ्तार आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज हैं, यानी उसका आपराधिक इतिहास लंबा है।

    यह पूरी कार्रवाई एसडीपीओ सदर जीतवाहन उरांव के नेतृत्व में नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह और उनकी टीम ने की। पुलिस बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है।

     

  • पेच में फंसा गिरिडीह का अभ्रक उद्योग, संकट में हजारों परिवार — चुन्नू कांत

    परवेज़ आलम.,द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह : कभी “माईका नगरी” के नाम से मशहूर गिरिडीह का अभ्रक (माइका) उद्योग आज नीतिगत उलझनों में बुरी तरह फंस गया है और अब यह उद्योग लगभग समाप्ति के कगार पर  है। भाजपा नेता एवं जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव चुन्नू कांत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह गंभीर आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि  सरकार के “पेचीदा और असमंजसपूर्ण रवैये” ने इस पारंपरिक उद्योग को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है।

    माइनर से मेजर बना, और उद्योग उजड़ गया.

    चुन्नू कांत ने बताया कि पहले माइका को माइनर मिनरल के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जिससे स्थानीय स्तर पर इसका संचालन अपेक्षाकृत आसान था। लेकिन जैसे ही इसे मेजर मिनरल में शामिल किया गया, कानूनी प्रक्रियाएं जटिल हो गईं और छोटे व्यापारियों व मजदूरों के लिए यह व्यवसाय लगभग असंभव बन गया। उन्होंने कहा “सरकार की इस एक नीति ने पूरे उद्योग को कानूनी पेंच में फंसा दिया,”

    कभी रोजगार का बड़ा केंद्र था गिरिडीह.

    एक समय था जब गिरिडीह की पहचान देश-विदेश में माइका उद्योग से होती थी। लाखों मजदूर इस उद्योग से जुड़े थे । देश को भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त होती थी लेकिन समय के साथ माइका माइनिंग बंद हुई ,नीतियों ने व्यापार को और जटिल बना दिया  और धीरे-धीरे उद्योग खत्म होने लगा

    स्क्रैप और फ्लेक्स पर रोक से बढ़ी मुश्किल.

    माइनिंग बंद होने के बाद हजारों मजदूर माइका स्क्रैप और फ्लेक्स के कारोबार से जुड़े थे, जो उनके लिए “संजीवनी” साबित हुआ था। लेकिन अब स्थिति यह है कि सरकार स्क्रैप और फ्लेक्स के निर्यात की अनुमति नहीं दे रही , निर्यात के लिए डीजीएमएस जैसी एजेंसियों की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और लीज और डंप की अनुमति भी बंद है । इससे व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है।

    डंपिंग और ऑक्शन भी बंद.

    कुछ साल पहले सरकार ने व्यापारियों को राहत देते हुए माइका डंपिंग की अनुमति दी थी, लेकिन लंबे समय से ऑक्शन नहीं हुआ , डंप साइट्स वीरान हो गई हैं और व्यापारियों के पास काम खत्म हो गया है

    दूसरे राज्यों में चालू, झारखंड में ठप.

    भाजपा नेता चुन्नू कांत ने तुलना करते हुए कहा कि राजस्थान और आंध्र प्रदेश में आज भी माइका माइनिंग की लीज दी जा रही है  लेकिन झारखंड में यह पूरी तरह बंद है ,जिसके कारण यहां के मजदूर और व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

    त्राहिमाम की स्थिति”

    उन्होंने कहा कि “हजारों परिवार आज रोजी-रोटी के लिए परेशान हैं। सरकार की अनदेखी से हालात बद से बदतर हो गए हैं।”

     बाबूलाल मरांडी से मिलेगा शिष्टमंडल.

    इस गंभीर मुद्दे को लेकर जल्द ही एक शिष्टमंडल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi से मुलाकात करेगा। चुन्नू कांत ने कहा कि मरांडी इस समस्या को अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि उनके विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा माइका उद्योग से जुड़ा रहा है।

    गिरिडीह का माइका उद्योग, जो कभी क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ था, आज नीतिगत जटिलताओं और प्रशासनिक उदासीनता के कारण दम तोड़ रहा है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हजारों परिवारों का भविष्य और भी गहरे संकट में पड़ सकता है।

     

  • हरियाली की नई पहल: तेलोडीह में नर्सरी का उद्घाटन, पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन और गिरिडीह विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उनके साथ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया।

    इस अवसर पर डीएफओ मनीष तिवारी, रेंजर एस. के. रवि, झामुमो युवा सचिव फरदीन अहमद, प्रखंड अध्यक्ष अनवर अंसारी, उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, डीडीसी स्मिता कुमारी, एसडीएम यशवंत श्रीकांत बिस्पुते और अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

     नर्सरी का उद्घाटन: हर घर तक हरियाली का संकल्प.
    कार्यक्रम के दौरान जनहित को ध्यान में रखते हुए एक नई नर्सरी का उद्घाटन किया गया। इस नर्सरी के माध्यम से आम नागरिकों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।

    पर्यावरण बचाने का संदेश.
    कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने कहा कि हर एक पौधा भविष्य की सांस है और इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

     

  • पचम्बा में इंजीनियरिंग कॉलेज शिलान्यास की तैयारियां तेज, 16 अप्रैल को भव्य समारोह

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : गिरिडीह जिले के जरीडीह [ पचम्बा ] में प्रस्तावित इंजीनियरिंग कॉलेज के शिलान्यास को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिला प्रशासन इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम को सफल और भव्य बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने मंगलवार को  अधिकारियों की टीम के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा प्रबंधन सहित हर पहलू का बारीकी से जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     

    उपायुक्त ने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और कार्यक्रम को पूरी गरिमा के साथ आयोजित किया जाए।

    अप्रैल को होगा भव्य शुभारंभ

    • जिला प्रशासन के अनुसार, 16 अप्रैल को इस महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर पर कई गणमान्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति प्रस्तावित है, जिनमें मंत्री श्री सुदीव्य कुमार , गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन , गिरिडीह लोकसभा सांसद श्री चंद्रप्रकाश चौधरी ,राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद  शामिल हैं ।

    सुरक्षा और ट्रैफिक पर खास फोकस

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया है कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो, यातायात व्यवस्था सुचारू रहे, पार्किंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

    क्षेत्र के विकास की नई दिशा

    जरीडीह में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। इससे न केवल तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गिरिडीह और आसपास के युवाओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

    निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद

    इस दौरान उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुते, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, अंचलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • ‘न्यू जौहरी ज्वेलर्स’ का भव्य शुभारंभ, एक ही छत के नीचे ज्वेलरी और लेडीज वियर

    Giridih | News Desk:
    शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र टावर चौक में शुक्रवार को ‘न्यू जौहरी ज्वेलर्स’ के भव्य शुभारंभ ने पूरे इलाके को उत्सवमय बना दिया। आकर्षक सजावट, रोशनी और ग्राहकों की भीड़ के बीच इस नए शोरूम ने शहर की शॉपिंग संस्कृति में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

    शोरूम का उद्घाटन प्रतिष्ठान के मालिक की माता उषा रस्तोगी ने विधिवत फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही लोगों में इस नए और अनोखे कॉन्सेप्ट को देखने और खरीदारी करने की उत्सुकता साफ झलक रही थी।

    ‘न्यू जौहरी ज्वेलर्स’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह Giridih का पहला ऐसा शोरूम है जहां ज्वेलरी और लेडीज वियर का शानदार संगम एक ही छत के नीचे देखने को मिलता है। आधुनिक डिजाइन से सजा दो मंजिला यह शोरूम ग्राहकों को एक प्रीमियम और आरामदायक शॉपिंग अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

    यहां ग्राहकों के लिए सोना, चांदी, हीरा, पोल्की और कुंदन के बारीक और आकर्षक आभूषण उपलब्ध हैं। शादी-विवाह जैसे खास मौकों के लिए भारी और पारंपरिक डिजाइनों से लेकर रोजमर्रा के उपयोग के लिए हल्के, ट्रेंडी और स्टाइलिश ज्वेलरी का विस्तृत कलेक्शन मौजूद है। इसके साथ ही लेडीज वियर सेक्शन में भी फैशन के नए ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन विकल्प ग्राहकों के लिए पेश किए गए हैं।

    प्रतिष्ठान के मालिक विशाल रस्तोगी ने बताया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा से ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और भरोसेमंद सेवा प्रदान करना रही है। उन्होंने कहा कि इस नए शोरूम के माध्यम से Giridih के लोगों को अब बड़े शहरों जैसी सुविधा और वैरायटी अपने ही शहर में उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    उद्घाटन समारोह में परिवार और प्रतिष्ठान से जुड़े कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें सुनील चंद्र रस्तोगी, उषा रस्तोगी, विकास युवराज, स्मिता, भारती, मैनेजर मनोज कुमार, गुड्डी, मदन विश्वकर्मा, तरुण मुखर्जी, मनीष और धर्मवीर सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

    कुल मिलाकर, ‘न्यू जौहरी ज्वेलर्स’ का यह आगाज सिर्फ एक नए शोरूम की शुरुआत नहीं, बल्कि Giridih के ग्राहकों के लिए फैशन, गुणवत्ता और सुविधा का नया केंद्र बनकर उभरने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

  • गिरिडीह के युवा नेता की राहुल गांधी से खास मुलाकात

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
    GIRIDIH : नई दिल्ली में गुरुवार को  NSUI के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर Ayush Sinha ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व लोक सभा मे विपक्ष के नेता  Rahul Gandhi से खास मुलाकात की। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य को लेकर एक गंभीर और सार्थक संवाद साबित हुई।

    सूत्रों के मुताबिक, आयुष सिन्हा ने झारखंड से जुड़े कई अहम मुद्दों—जैसे शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियाँ, युवाओं के रोजगार के अवसर और संगठन को मजबूत करने की रणनीतियाँ—को विस्तार से राहुल गांधी के सामने रखा।

    राहुल गांधी ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि झारखंड के विकास और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से उठाया जाएगा।

    इस मुलाकात का एक दिलचस्प और मानवीय पहलू भी सामने आया, जब आयुष सिन्हा ने राहुल गांधी को अपने विवाह समारोह में शामिल होने का न्योता दिया। राहुल गांधी ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
    कुल मिलाकर, यह मुलाकात न सिर्फ संगठनात्मक दृष्टि से अहम मानी जा रही है, बल्कि झारखंड के युवाओं की आवाज़ को देश की राजनीति के केंद्र तक पहुँचाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हो रही है।

  • ………..और मुकाबला डिप्टी मेयर की कुर्सी का, नया राजनीतिक “मैच” शुरू

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    झारखंड की सियासत में मेयर चुनाव के बाद अब एक नया राजनीतिक “मैच” शुरू हो चुका है—और यह मुकाबला है डिप्टी मेयर की कुर्सी का। नौ नगर निगमों में पार्षदों की गिनती, बैठकों का दौर, सम्मान समारोह और डिनर डिप्लोमेसी… सब कुछ तेज हो गया है। आइए समझते हैं कि इस वक्त झारखंड के नगर निगमों में किसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है और कहां किस तरह की राजनीतिक हलचल है।

    मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की जंग

    मेयर चुनाव खत्म होते ही अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर के पद पर टिक गई है। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो—तीनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट करने में जुट गए हैं। नगर निगमों में इस पद के लिए लॉबिंग और लामबंदी तेज हो गई है। पार्षदों के सम्मान समारोह हो रहे हैं, बैठकों का दौर चल रहा है और कई जगहों पर “डिनर डिप्लोमेसी” भी देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कहीं हॉर्स ट्रेडिंग न हो जाए। ऐसे में दल अपने पार्षदों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आखिरी वक्त में क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने।

    रांची में डिनर डिप्लोमेसी और शक्ति प्रदर्शन.

    राजधानी रांची में डिप्टी मेयर की रेस काफी दिलचस्प हो गई है।

    • भाजपा ने पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
    • इस बैठक में 53 में से 42 पार्षदों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

    • कांग्रेस नेताओं ने एक बड़े होटल में पार्षदों के साथ डिनर मीटिंग की।
    • इस बैठक में 37 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षदों ने डिप्टी मेयर के नाम तय करने का अधिकार पार्टी को दे दिया है।

    गिरिडीह में झामुमो की मजबूत स्थिति

    गिरिडीह नगर निगम में समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। यहां मेयर पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार की जीत के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर भी झामुमो समर्थित पार्षद ही बनेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के पास यहां 10 से भी कम पार्षदों का समर्थन है, जबकि झामुमो समर्थित पार्षदों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। लालों राइन व सुमित कुमार दोनों jmm से हैं के बीच ही रश काशी चल रही है ।

    हजारीबाग और मेदिनीनगर में ये नाम आगे।

    राज्य के अन्य नगर निगमों में भी डिप्टी मेयर को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है।

    • मेदिनीनगर: कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
    • हजारीबाग: यहां मिताली रश्मि का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है

    धनबाद, देवघर और आदित्यपुर में कांटे की टक्कर।

    कुछ नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    • धनबाद: यहां अरुण चौहान और सुमन सिंह के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। अरुण चौहान को झामुमो का समर्थन मिलने की चर्चा है।
    • देवघर: पहली बार की पार्षद टीप चटर्जी डिप्टी मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
    • चास: यहां पांच से छह पार्षदों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
    • आदित्यपुर और मानगो: इन दोनों नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं।

    कब होगा शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर का चुनाव.

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कब होगा। अलग-अलग नगर निगमों में शपथ ग्रहण और चयन की तारीखें तय कर दी गई हैं।

    • देवघर नगर निगम – 13 मार्च
    • हजारीबाग नगर निगम – 13 मार्च
    • मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
    • गिरिडीह नगर निगम – 16 मार्च
    • आदित्यपुर नगर निगम – 16 मार्च
    • मानगो नगर निगम – 17 मार्च
    • चास नगर निगम – 17 मार्च
    • धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
    • रांची नगर निगम – 19 मार्च

    अंतिम तस्वीर अभी बाकी.

    कुल मिलाकर झारखंड के नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्षदों की संख्या, दलों की रणनीति और आखिरी वक्त की राजनीतिक चालें—इन सबके बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसके सिर सजता है डिप्टी मेयर का ताज। आने वाले कुछ दिन झारखंड की नगर राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।