Category: Giridih

  • Giridih: बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने किया गिरफ्तार

    गिरिडीह: जिले के राजधनवार क्षेत्र में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर दुर्गेश नंदन सहाय को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए इंजीनियर को एसीबी की टीम धनबाद लेकर गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दुर्गेश नंदन सहाय ने एक उपभोक्ता से बिजली बिल माफ करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने उपभोक्ता से 8 हजार रुपये की रिश्वत ली। इसी दौरान, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।

    गिरफ्तारी के बाद, एसीबी ने धनवार थाने में सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी इंजीनियर को धनबाद ले जाया गया।

  • गिरिडीह में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम: गुड गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

    गिरिडीह। बुधवार को गिरिडीह पुलिस ने नगर भवन में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में आयोजित हो रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तरी छोटानागपुर हजारीबाग क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील भास्कर, एसपी डॉ. विमल, एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी  नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    समस्याओं के समाधान का प्रयास. 
    डीआईजी सुनील भास्कर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “गुड गवर्नेंस की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक की शिकायत का त्वरित और ऑन-द-स्पॉट समाधान हो।” उन्होंने बताया कि गिरिडीह के सभी अनुमंडल क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

    एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शिकायतों की संख्या में कमी आई है। अब तक 108 मामलों का समाधान किया गया है, जिनमें से अधिकतर घरेलू और जमीन विवाद से जुड़े हैं। एसपी ने यह भी बताया कि साइबर अपराध जिले में तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर अधिक सतर्क और जागरूक होने की अपील की।

    विशेष निर्देश और समाधान.
    कार्यक्रम के दौरान नगर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़े कई मामलों का समाधान किया गया। डीआईजी ने पारिवारिक विवादों को महिला थाना में निपटाने के निर्देश दिए। जमीन विवाद के मामलों में अंचल अधिकारी के साथ बैठक कर समाधान की बात कही। एक वृद्ध महिला ने पेंशन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, जिसे प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।

    पुलिस और प्रशासन की समन्वय
    कार्यक्रम में डीएसपी कौसर अली, सदर और बेंगाबाद अंचल अधिकारी, नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतोसहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

    यह कार्यक्रम पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण पेश करता है और नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

  • सरिया में बाइक हादसे में दो युवकों की मौत

    आशिफ की रिपोर्ट …….
    सरिया [गिरिडीह] मंगलवार को सरिया-कोयरीडीह पथ पर सोनासोत नदी के पास एक बाइक दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई। सरिया थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी द्वारिका पासवान का 25 वर्षीय पुत्र रोहित पासवान अपने फुफेरे भाई मोहन पासवान (35 वर्ष), जो राजधनवार थाना क्षेत्र के राजोडीह निवासी नाथो पासवान के पुत्र थे, के साथ सरिया की ओर जा रहे थे।

    सुबह करीब 9 बजे दोनों युवक बाइक पर सवार होकर निकले थे, लेकिन सोनासोत नदी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। झाड़ियों के बीच गिरने की वजह से दोनों युवकों पर किसी की नजर नहीं पड़ी, जिससे वे काफी देर तक गड्ढे में ही पड़े रहे।

    दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय लोगों को गड्ढे में बाइक समेत गिरे हुए दोनों युवक दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सरिया पुलिस मौके पर पहुंचकर शवों और वाहन को कब्जे में लेकर थाना ले आई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे की हालत में होने की वजह से बाइक अनियंत्रित हुई और हादसा हो गया। साथ ही यह भी सामने आया है कि दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था।

    सरिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बगोदर भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

    मुख्य बिंदु:

    दुर्घटना स्थल: सरिया-कोयरीडीह पथ, सोनासोत नदी के समीप
    मृतक: रोहित पासवान (25) और मोहन पासवान (35)
    हेलमेट नहीं पहने होने की आशंका
    दुर्घटना की वजह: बाइक का अनियंत्रित होना
    पुलिस कार्रवाई: शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचना दी गई।

  • जागरूकता का संदेश लेकर निकली विधिक सेवा प्राधिकार की रैली

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……….

    गिरिडीह : गिरिडीह में 90 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सह आउटरीच कैंपेन की शुरुआत हो चुकी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आज  17 दिसंबर सोमवार को एक जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली व्यवहार न्यायालय परिसर से निकलकर लोगों को बाल श्रम, बाल विवाह और स्पॉन्सरशिप योजनाओं जैसी अहम मुद्दों पर जागरूक करने के लिए आयोजित की गई।

    सचिव सीमा कुमारी मिंज के नेतृत्व में निकली इस रैली में लोगों को बताया गया कि यह जागरूकता अभियान 17 दिसंबर 2024 से 16 मार्च 2025 तक जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में चलेगा। इस अभियान को पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर्स), बाल श्रम अधिकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

    न्यायिक पदाधिकारियों की रही अहम उपस्थिति
    इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय , कुटुंब न्यायालय धनंजय कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी  सौरभ कुमार गौतम और कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सचिव महोदया ने बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

    मीडिया से अपील: जन-जन तक पहुंचाएं जागरूकता का संदेश। 
    सचिव सीमा कुमारी मिंज ने सभी मीडिया साथियों से विशेष अपील की कि इस अभियान का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम लोगों तक योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए है।

    कानूनी योद्धाओं की भागीदारी। 
    इस जागरूकता कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, विद्वान मध्यस्थ, पीएलवी दिलीप कुमार, अशोक कुमार वर्मा, कामेश्वर कुमार, शालिनी प्रिया, सुनील कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। न्यायालय कर्मियों में राजेश कुमार, नवनीत कुमार दराद और ताबिश जहूर ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई।

    “जागरूकता की यह रैली गिरिडीह जिले में सामाजिक बदलाव की नींव रखेगी। बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का यह अभियान समाज को मजबूत और जागरूक बनाने का संकल्प है।”

  • रांची की सूरत बदलेगी: ई-बसें दौड़ेंगी,बनेगा फोरलेन; मंत्री ने दिए कड़े निर्देश

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..

    RANCHI: रांची शहर का प्रदूषण घटेगा, सड़कें सुधरेंगी और जाम से राहत मिलेगी। झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने राजधानी रांची को संवारने और प्रदूषण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ई-बसों का संचालन हर हाल में शुरू किया जाए ताकि लोग निजी वाहनों की जगह इन बसों का उपयोग करें। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि सड़कों पर जाम की स्थिति में भी सुधार आएगा। मंत्री ने कहा, “पहले राजधानी को संवारें, फिर राज्य के अन्य शहरों पर ध्यान दिया जाएगा।”

    ई-बसों की योजना का नया अध्याय. 
    बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 2013 में लो फ्लोर एसी बसों की योजना बनी थी, लेकिन टेंडर रद्द होने के कारण मामला अटक गया। हालांकि, दो साल पहले 244 नई सिटी बसों की खरीद को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इनमें से 200 डीजल बसें और 24 एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं। अब मंत्री ने ई-बसों के संचालन को प्राथमिकता देने की बात कही है।

    फोरलेन सड़क का प्रस्ताव: धुर्वा से रिंग रोड तक सफर आसान. 
    बैठक में प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि ग्रेटर रांची डेवलपमेंट एरिया से सटे नया सराय रेलवे क्रॉसिंग के समानांतर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह फोरलेन नई विधानसभा भवन के पास से निकलेगा, जिससे धुर्वा इलाके से रिंग रोड तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।

    स्ट्रीट लाइट की मॉनिटरिंग: बनेगा डिजिटल डैशबोर्ड. 
    शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार ने डैशबोर्ड तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी की हर स्ट्रीट लाइट की स्थिति का ब्यौरा बनाया जाए— कौन-सी जल रही है और कौन-सी नहीं। साथ ही, मॉनिटरिंग के लिए GPS सिस्टम और रिमोट कंट्रोल की व्यवस्था लागू करने की बात कही।

    बैठक में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे. 
    बैठक में मौजूद अधिकारियों, जिनमें प्रधान सचिव सुनील कुमार, सूडा निदेशक अमित कुमार, डीएमए निदेशक सत्येंद्र कुमार और जुडको के पीडीटी गोपालजी शामिल थे, ने रांची के विकास को लेकर कई योजनाओं पर चर्चा की।

    नए रांची का वादा. 
    मंत्री सुदिव्य कुमार के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि ई-बसें जल्द सड़कों पर दौड़ेंगी, फोरलेन सड़कें शहर के यातायात को सुगम बनाएंगी और स्ट्रीट लाइट की निगरानी से शहर और चमकदार और सुरक्षित बनेगा। रांची के विकास की ये नई कवायद राजधानी को एक आधुनिक और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

  • SBI में 13,735 पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

    GIRIDIH: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जूनियर एसोसिएट (JA) के 13,735 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर 7 जनवरी 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

    महत्वपूर्ण तिथियां
    प्रीलिम्स परीक्षा: फरवरी 2025
    मेन परीक्षा: मार्च या अप्रैल 2025
    शैक्षणिक योग्यता
    आवेदक के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
    इंटेग्रेटेड डुअल डिग्री (IDD) रखने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी डिग्री की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले की हो।
    जो उम्मीदवार अपने ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर या सेमेस्टर में हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, चयन होने पर उन्हें 31 दिसंबर 2024 तक ग्रेजुएशन पास करने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
    कैसे करें आवेदन?
    आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं।
    भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
    आवश्यक जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करें।
    फॉर्म का प्रिंटआउट निकालना न भूलें।
    अगला कदम
    SBI द्वारा जारी इस भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रीलिम्स परीक्षा फरवरी 2025 में आयोजित की जाएगी। सफल उम्मीदवारों को मेन एग्जाम के लिए बुलाया जाएगा, जो मार्च या अप्रैल 2025 में संभावित है।

    सरकारी बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है। आवेदन प्रक्रिया में देर न करें और अपनी तैयारी अभी से शुरू कर दें। SBI के इस बड़े भर्ती अभियान के जरिए हजारों युवाओं को करियर संवारने का मौका मिलेगा।

  • राष्ट्रीय लोक अदालत: 63,389 मामलों का हुआ ऑन द स्पॉट समाधान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट

    गिरिडीह की धरती पर न्याय का ऐसा महाकुंभ लगा, जिसे कहते हैं राष्ट्रीय लोक अदालत। शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 63,389 मामलों का समाधान हुआ। सोचिए, यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि उन हजारों चेहरों पर लौटी मुस्कान की कहानी है।
    कितना हुआ समाधान?
    इस लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों का निपटारा किया गया। इसके साथ ही 20 करोड़ 40 लाख 74 हजार 719 रुपए की राशि संबंधित पक्षों को दी गई, जिसमें राजस्व के रूप में भी राशि शामिल है।
    कौन-कौन हुआ शामिल?
    कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ दीप प्रज्वलन से। मंच पर थे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी डॉक्टर विमल कुमार, और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सहाय। इनके साथ अन्य न्यायिक दंडाधिकारी भी शामिल हुए।
    क्या बोले न्यायाधीश?
    प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य छोटे-छोटे विवादों का ऑन द स्पॉट समाधान करना है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां लंबित मामलों का बोझ अक्सर परिवारों पर भारी पड़ता है।
    प्रशासन की भूमिका
    डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी डॉक्टर विमल कुमार ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ विवाद सुलझाने का मंच नहीं, बल्कि विश्वास लौटाने की प्रक्रिया है।” जिला और पुलिस प्रशासन समय-समय पर लोगों को इस पहल के प्रति जागरूक करता है।
    अधिवक्ता संघ की अपील
    जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रकाश सहाय ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पक्षकारों से अधिक से अधिक मामले निपटाने की अपील की।
    कार्यक्रम का संचालन
    कार्यक्रम को विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सोनम बिश्नोई ने कुशलता से संचालित किया।
    तोलोक अदालत से यह साफ हो गया कि समाधान मुश्किल नहीं, बस एक सही मंच की जरूरत है। गिरिडीह ने एक बार फिर यह साबित किया कि न्याय और आपसी सुलह से बड़ी कोई जीत नहीं।

  • गिरिडीह में डेटोनेटर ब्लास्ट: दो जवान घायल धनबाद रेफर

    GIRIDIH: गिरिडीह जिले के लटकटो-2 पिकेट में शनिवार सुबह का वक्त था जब अचानक डेटोनेटर ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में झारखंड आर्म्ड पुलिस (जैप) के दो जवान घायल हो गए। घटना मधुबन थाना क्षेत्र की है।

    धनबाद रेफर किए गए घायल जवान
    घायल जवानों को तुरंत मधुबन से धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल जवानों में जैप-5 के हवलदार अशोक कुमार और सिपाही गौतम कुमार शामिल हैं।

    जांच में सामने आई गंभीर स्थिति
    जांच में पता चला कि दोनों जवान डेटोनेटर जमा कराने जा रहे थे। इसी दौरान एक डेटोनेटर ब्लास्ट हो गया। हादसे में हवलदार अशोक कुमार का हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जबकि सिपाही गौतम कुमार की उंगली उड़ गई।

    घायल जवानों का परिचय
    हवलदार अशोक कुमार बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाले हैं, जबकि कांस्टेबल गौतम कुमार साहिबगंज जिले से हैं। दोनों जवानों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

    ब्लास्ट की वजह क्या?
    इस हादसे के बाद घटना की जांच तेज कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, डेटोनेटर के रख-रखाव में लापरवाही ब्लास्ट का कारण हो सकता है। घटना ने सुरक्षा तैयारियों और उपकरणों के प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    घटना से जुड़ी अपडेट के लिए पढ़ते रहिए The News Post4U

  • गिरिडीह के खंडोली में साइबेरियन मेहमानों का स्वागत, झील बनी नयनाभिराम

    परवेज़ आलम
    गिरिडीह का खंडोली पर्यटन स्थल इन दिनों साइबेरियन पक्षियों के स्वागत में सराबोर है। झील के शांत पानी पर तैरते ये सफेद परिंदे और उनके कलरव से खंडोली का माहौल और भी मोहक हो गया है। अक्टूबर-नवंबर में हर साल साइबेरियन पक्षी यहां प्रवास के लिए आते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या ने लोगों को और भी उत्साहित कर दिया है।

    “झील पर पक्षियों का जलवा”
    साइबेरियन क्रेन, गूज और स्वान की उपस्थिति खंडोली की झील को जैसे जीवंत बना देती है। ये पक्षी तिब्बत, मंगोलिया और मध्य एशिया से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचते हैं। झील के इर्द-गिर्द हरे-भरे जंगल और पहाड़ियों का सौंदर्य, इन परिंदों की खूबसूरती को और बढ़ा देता है।

    “पर्यटकों के लिए खंडोली बना परिंदों का स्वर्ग”
    पक्षी दर्शन और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए खंडोली इन दिनों हॉटस्पॉट बन गया है। नौका विहार करते हुए पर्यटक इन परिंदों की तस्वीरें लेने से खुद को रोक नहीं पाते। खंडोली झील पर पंछियों के साथ बिताए पल, यहां आने वाले हर व्यक्ति के लिए यादगार बन जाते हैं।

    “प्रकृति को बचाने की गुहार”
    पक्षी शोधकर्ताओं  ने खंडोली जलाशय को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि  ये पक्षी दिसंबर से जनवरी तक यहां प्रवास करते हैं और मार्च के अंत में अपने देश लौट जाते हैं। “प्राकृतिक आवास और सुरक्षा इन पक्षियों के लिए अनिवार्य है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए,”

    “साइबेरियन परिंदों के साथ खंडोली का जादू”
    खंडोली की झील इन परिंदों के साथ पर्यावरण प्रेमियों और सैलानियों के लिए एक खूबसूरत तोहफा है। झारखंड के इस छोटे से कोने में हर साल ये मेहमान प्रकृति का जादू बिखेरते हैं। अगर आपने अभी तक इनका दीदार नहीं किया, तो यह मौका हाथ से जाने मत दीजिए।

  • सहारा इंडिया के निवेशकों को ऑनलाइन मिलेगा बकाया पैसा !

    गिरिडीह: झारखंड और देशभर के सहारा इंडिया निवेशकों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सहारा में फंसे पैसों की वापसी के लिए Sahara Refund Portal लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल के जरिए सहारा में निवेश करने वाले लोग आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर अपनी जमा राशि वापस पा सकते हैं। सरकार ने इस पहल के तहत 5,000 करोड़ रुपये की राशि रिफंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    झारखंड के हजारों निवेशकों को मिलेगा लाभ। 
    झारखंड में सहारा इंडिया में निवेश करने वाले हजारों लोगों का पैसा अटका हुआ है। हाल के विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना था। भाजपा और झामुमो (JMM) दोनों ने इसे अपने एजेंडे में प्रमुखता से उठाया था। अब इस पोर्टल की शुरुआत से निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण जगी है।

    क्या है सहारा विवाद?। 
    सहारा इंडिया वर्षों तक अपनी आकर्षक योजनाओं के तहत लोगों से धनराशि जमा करता रहा। लेकिन 2014 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सेबी (SEBI) ने सहारा समूह पर कई प्रतिबंध लगाए। इसके बाद लाखों निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। अब केंद्र सरकार ने Sahara Refund Portal लॉन्च कर इस समस्या का समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    कैसे करें रिफंड के लिए आवेदन?। 
    निवेशक Sahara Refund Portal पर जाकर कुछ आसान स्टेप्स में अपनी राशि वापस पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं:

    पंजीकरण करें:

    पोर्टल पर जाएं (https://mocrefund.crcs.gov.in) और साइन अप करें।
    आवेदन फॉर्म भरें:

    अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमा राशि और अन्य आवश्यक विवरण भरें।
    दस्तावेज़ अपलोड करें:

    आधार कार्ड, पैन कार्ड (₹50,000 से अधिक राशि के लिए), निवेश की रसीद, और बैंक खाता विवरण अपलोड करें।
    आवेदन सबमिट करें:

    सभी विवरण सही भरने के बाद आवेदन सबमिट करें।
    रिफंड स्टेटस चेक करें:

    पोर्टल पर लॉगिन कर “रिफंड स्टेटस” लिंक पर जाकर अपने आवेदन का स्टेटस देखें।
    जरूरी दस्तावेज़
    आधार कार्ड: पहचान प्रमाण के लिए।
    पैन कार्ड: ₹50,000 से अधिक राशि के लिए अनिवार्य।
    निवेश प्रमाण (रसीद या डिपॉजिट प्रूफ): जमा की पुष्टि के लिए।
    बैंक खाता विवरण: राशि ट्रांसफर करने के लिए।
    रिफंड स्टेटस कैसे जांचें?
    पोर्टल पर लॉगिन करें।
    “रिफंड स्टेटस” पर क्लिक करें।
    अपनी आवेदन संख्या डालें और सबमिट करें।
    स्क्रीन पर आपका बकाया अमाउंट और प्रक्रिया की जानकारी दिखाई देगी।
    निवेशकों के लिए राहत का कदम।
    सहारा इंडिया के निवेशकों के लिए यह पहल बड़ी राहत है। वर्षों से अपने बकाया पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे लोग अब इस पोर्टल के जरिए अपनी राशि वापस पा सकते हैं।