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  • मनिका विश्वकर्मा बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया 2025, झारखंड की रिया तिर्की टॉप-7 में शामिल

    परवेज़ आलम.
    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : ब्यूटी और टैलेंट की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मंच मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का खिताब इस बार राजस्थान की मनिका विश्वकर्मा ने जीत लिया है। अब वे वर्ष के अंत में थाईलैंड में आयोजित होने वाले 74वें मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड की बेटी रिया तिर्की ने भी अपने आत्मविश्वास, आकर्षक व्यक्तित्व और प्रतिभा के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-7 फाइनलिस्ट में जगह बनाई। हालांकि ताज उनके सिर पर नहीं सजा, लेकिन उनकी उपलब्धि ने पूरे राज्य को गर्व का अवसर दिया है।

    हर राउंड में दिखा रिया का आत्मविश्वास.

    इस ग्रैंड पेजेंट में प्रतिभागियों को कई चुनौतियों से गुजरना पड़ा। प्रतियोगिता के चरणों में रैंप वॉक, टैलेंट शो, प्रश्नोत्तर सत्र और पर्सनैलिटी टेस्ट शामिल थे। रिया तिर्की ने हर चरण में न केवल अपनी खूबसूरती से सबको प्रभावित किया बल्कि अपनी समझदारी और संतुलित जवाबों से निर्णायकों का दिल जीत लिया। निर्णायक मंडल ने उनके प्रदर्शन को सबसे प्रभावी और आकर्षक करार दिया।

    झारखंड में जश्न का माहौल

    रिया की इस सफलता से पूरे झारखंड में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों, प्रशंसकों और सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं ने उन्हें ढेरों बधाइयाँ दीं। आयोजकों ने भी कहा कि रिया जैसी बेटियां यह साबित कर रही हैं कि झारखंड केवल खनिज और खेलों का गढ़ ही नहीं, बल्कि ग्लैमर और फैशन इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बना रहा है।

    रिया का सपना और संकल्प.

    प्रतियोगिता के बाद मीडिया से बातचीत में रिया ने कहा – “यह मेरे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव है। मिस यूनिवर्स इंडिया का खिताब भले मुझे नहीं मिला, लेकिन टॉप-7 में जगह बनाना मेरे लिए सम्मान की बात है। मेरा सपना है कि आने वाले समय में मैं और मेहनत करूँ और अपने राज्य व देश का नाम और ऊँचाई तक पहुँचाऊँ।”

    आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा.

    रिया तिर्की की यह उपलब्धि झारखंड की नई पीढ़ी की युवतियों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास यह संदेश देता है कि अवसर मिलने पर राज्य की बेटियां किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

     

  • पचम्बा-गिरिडीह फोर लेन सड़क निर्माण का निरीक्षण, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

    द न्यूज़ पोस्ट फोर यू डेस्क

    गिरिडीह : पचम्बा-गिरिडीह फोर लेन सड़क निर्माण कार्य का मंगलवार को उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

    निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने की स्थिति, पेड़ों की कटाई, बिजली के तारों की शिफ्टिंग तथा नालियों की साफ-सफाई जैसी प्रमुख समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य की गति तेज करने के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    उपायुक्त ने कहा कि फोर लेन सड़क का निर्माण जिले के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने से लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी और आवागमन भी सुगम होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए।

    उन्होंने मौके पर कार्यपालक अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ काम पूरा किया जाए। अधूरे कार्यों को लेकर जो भी अड़चनें सामने आ रही हैं, उन्हें आपसी समन्वय से तत्काल दूर किया जाए ताकि प्रोजेक्ट समय पर खत्म हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए ताकि धूल से लोगों को कोई असुविधा न हो।

    निरीक्षण के दौरान पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

  • इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने मनाया जन्माष्टमी उत्सव

    नन्हें कान्हाओं ने मोह लिया सबका मन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने एक भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया। यह विशेष आयोजन क्लब की अध्यक्षा श्रीमती कविता राजगाड़िया के आवास पर हुआ, जहाँ क्लब की सभी सदस्याएँ और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और भक्ति गीतों के साथ हुई। पूरे वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा के स्वरूप गूंज उठे, जिससे माहौल श्रद्धा और आनंद से भर गया।

    इस अवसर पर दो रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया – मटकी सजावट प्रतियोगिता और रूप सज्जा प्रतियोगिता

    • मटकी सजावट प्रतियोगिता में क्लब की प्रतिभावान सदस्याओं ने रंग-बिरंगे रंगों, फूलों और पारंपरिक आभूषणों से मटकियों को सजाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसमें प्रथम स्थान पर संगीता सिंह, द्वितीय स्थान पर शशि जैन और तृतीय स्थान पर संगीता सिन्हा एवं रिया अग्रवाल रहीं।
    • रूप सज्जा प्रतियोगिता में क्लब की सदस्याओं के घरों के नन्हें बच्चों ने श्रीकृष्ण का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। छोटे-छोटे कान्हाओं के रूप में ऑली, वीरांश राज, आर्यन, मन्नी, साहिती और कियारा मंच पर आए तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा वातावरण गूंज उठा।

    प्रतियोगिता के विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए पीडीसी पूनम सहाय ने पुरस्कार एवं उपहार भेंट किए।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि क्लब की सभी सदस्याएँ माता यशोदा के रूप में सजी थीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक एवं सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

    अंत में, सभी सदस्याओं ने मिलकर भक्ति-भाव से भजन गाए और प्रसाद स्वरूप क्लब की सदस्याओं द्वारा बनाए गए पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।

    जन्माष्टमी उत्सव के इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और आनंद के भाव को भी मजबूत किया।

  • झारखंड: डीजीपी अनुराग गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम राहत

    बाबूलाल मारंडी की याचिका खारिज.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    नई दिल्ली/रांची : झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

    बाबूलाल मरांडी की याचिका.

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक अवमानना याचिका दायर कर गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती दी थी। मरांडी का तर्क था कि यह नियुक्ति प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुप्ता को पद देने के लिए UPSC द्वारा सुझाए गए पैनल में शामिल अधिकारी को अनुचित तरीके से हटा दिया गया।

    राज्य सरकार का पक्ष.

    राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि डीजीपी की नियुक्ति राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है और अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार का उल्लंघन या अवमानना नहीं हुई है।

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला.

    सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मरांडी की अवमानना याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि गुप्ता की नियुक्ति में अवमानना जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है। इस निर्णय से अनुराग गुप्ता को बड़ी राहत मिली और उनकी नियुक्ति को अदालत की वैधानिक मान्यता प्राप्त हो गई।

    नियुक्ति पर उठे सवाल.

    अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को 60 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले थे। राज्य सरकार ने उनकी सेवा अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन सूत्रों के अनुसार केंद्र ने इसे ठुकरा दिया। इसके बावजूद झारखंड सरकार ने उन्हें डीजीपी नियुक्त कर दिया। इससे पहले भी उनकी “एड-हॉक नियुक्ति” को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया था।

    सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी.

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत की “अवमानना याचिका” और “जनहित याचिका (PIL)” का इस्तेमाल राजनीतिक संघर्ष सुलझाने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा:
    “राजनीतिक लड़ाइयाँ जनता के सामने लड़ी जानी चाहिए। अगर किसी नियुक्ति पर आपत्ति है, तो इसके लिए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) का दरवाज़ा खटखटाइए। लेकिन अदालत की अवमानना का सहारा लेकर राजनीतिक स्कोर सेटल करना उचित नहीं है।”

    PIL पर कोर्ट का रुख

    कोर्ट ने साफ कहा कि—
    “PIL का उद्देश्य यह है कि लोकहित में कोई भी नागरिक अदालत तक पहुँच सके, लेकिन इसे व्यक्तिगत या राजनीतिक हितों को साधने का औज़ार नहीं बनाया जा सकता।”

  • छह सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम कर्मियों का एक दिवसीय भूख हड़ताल, सरकार के खिलाफ गूंजे नारे

    गिरिडीह :- झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के आह्वान पर सोमवार को गिरिडीह नगर निगम के कर्मियों ने निगम कार्यालय परिसर में एक दिवसीय भूख हड़ताल की। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।

    फेडरेशन नेताओं का कहना है कि सरकार ने कई बार लिखित आश्वासन दिया, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया। कर्मियों की छह सूत्री मांगों में सबसे अहम मांग दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा को नियमित करने से जुड़ी है। फेडरेशन नेता अशोक सिंह ने कहा कि दो मंत्रियों के साथ लिखित समझौता होने के बावजूद सरकार ने वादाखिलाफी की है।

    भूख हड़ताल के कारण नगर निगम का पूरा कामकाज दिनभर बाधित रहा। बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय परिसर में डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे।

    नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तेज होगा। 21 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा। यदि तब भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 12 सितंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

    कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक लिखित समझौते को लागू कर उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल में नगर निगम के अधिकांश कर्मचारी शामिल हुए और उन्होंने एकजुटता का परिचय दिया।

  • गिरिडीह में सजीं भजनों व झांकियों की शाम, यादव महासभा द्वारा धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी महोत्सव

    गिरिडीह :- शहर के हुट्टी बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर में रविवार की रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया। यादव महासभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े और देर रात तक पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आरती और पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद भक्ति जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु भी भावविभोर होकर झूम उठे। मंदिर प्रांगण देर रात तक “जय श्रीकृष्ण” और “हरे कृष्णा” के जयकारों से गूंजता रहा।

    इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करते हैं और युवाओं में भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

    भक्ति गीतों के साथ-साथ कृष्ण रासलीला का मंचन और हनुमान जी व महाकाल की आकर्षक झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सभी झांकियों को देखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास भारी भीड़ जुटी रही। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर जन्माष्टमी के उल्लास का आनंद लेते रहे।

  • शिबू सोरेन की अस्थियों को दामोदर नदी में विसर्जित किया गया

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संथाली परंपरा के अनुरूप सभी अनुष्ठान पूरा किया.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रामगढ़, झारखंड :  रविवार का दिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बेहद भावुक क्षणों का गवाह बना। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ रामगढ़ के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद अपने पिता तथा झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियों को दामोदर नदी में संथाली परंपरा के अनुरूप विसर्जित किया।

    अस्थि विसर्जन का यह क्षण मुख्यमंत्री के लिए पीड़ा और श्रद्धा दोनों का संगम था। घाट पर उपस्थित लोग साफ देख रहे थे कि पिता की स्मृति से भरे इस मौके पर मुख्यमंत्री की आंखें नम थीं।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से अस्थि कलश लेकर पहुंचे। घाट पर परंपरागत संथाली पाहनों (पुजारियों) की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के छोटे भाई व विधायक बसंत सोरेन, परिवार की महिलाएं और अन्य रिश्तेदार भी उपस्थित रहे।

    विसर्जन के बाद हेमंत सोरेन ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी ने विधि-विधान से अनुष्ठान सम्पन्न कराया। पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद गरीब और असहाय लोगों के बीच कपड़े व खाद्य सामग्री का वितरण किया। उन्होंने इस सेवा को अपने पिता के आदर्शों से प्रेरित सामाजिक उत्तरदायित्व का हिस्सा बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुनः नेमरा लौट गए।

    तीन लाख लोगों ने ग्रहण किया संस्कार भोज का प्रसाद.

    नेमरा में आयोजित संस्कार भोज में जनसैलाब उमड़ पड़ा था  अनुमानित तीन लाख लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर दिशोम गुरु को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस भोज ने यह प्रमाणित किया कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि जनता के हृदय में बसे एक परिवार के सदस्य थे।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई दिग्गज नेता व गणमान्य अतिथि उपस्थित हुए। इनमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, योगगुरु बाबा रामदेव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, बिहार के सांसद पप्पू यादव, विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक शामिल थे। झारखंड के वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी तथा पड़ोसी राज्यों से आए लोग भी इस अवसर के साक्षी बने।

    4 अगस्त को बुझा एक युग का दीप.

    गौरतलब है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। तब से लेकर अब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गांव में रहकर पिता के श्राद्धकर्म और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन कर रहे हैं।

    झारखंड आंदोलन के अमर नायक.

    शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के आदिवासी जननायक और संथाल समाज के सांस्कृतिक प्रतीक थे। उन्हें ‘दिशोम गुरु’ की उपाधि जनता ने उनके संघर्ष और समर्पण के कारण दी थी। उन्होंने जीवनभर आदिवासी समाज के अधिकार, जमीन-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग राज्य की पहचान के लिए संघर्ष किया।

    रविवार को संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य में जीवित है।

  • शिबू सोरेन का दशकर्म संस्कार भोज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज हुए शामिल

    दशकर्म संस्कार लाखों की भीड़.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    रामगढ़/नेमरा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झामुमो के संस्थापक और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दशकर्म संस्कार भोज में शनिवार को भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुजी की स्मृति में आयोजित इस भव्य आयोजन में आम जनता से लेकर देश के कई दिग्गज नेताओं और संत-विद्वानों ने शिरकत की।

    दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और श्रद्धांजलि.

    • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से नेमरा पहुंचे। उन्होंने गुरुजी को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद पप्पू यादव, योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के. आनंद भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    भोजन और पंडाल की व्यवस्था.

    भोज के लिए  तीन विशाल पंडाल बनाए गए हैं। एक पंडाल में एक बार में 2500 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, यानी करीब 8000 लोग एक साथ भोजन कर सकते हैं। भोजन में दाल, चावल, पूड़ी, आलू-परवल की सब्जी, मिक्स वेज, मछली फ्राई, मटन, दही, पापड़, सलाद, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बुंदिया जैसे व्यंजन परोसे जा रहे हैं। विशेष रूप से गुरुजी की पसंदीदा पकौड़ी भी भोज का हिस्सा है। अनुमान है कि करीब तीन लाख लोगों के भोजन का इंतजाम किया गया है। मिठाई में  रसगुल्ला और गुलाब जामुन तैयार किए गए हैं।

    जनसैलाब और यातायात व्यवस्था.

    शनिवार दोपहर 2 बजे तक नेमरा में 10 हजार से अधिक वाहनों से लोग पहुंचे, जिसके चलते दुधमटिया से नेमरा तक लंबा जाम लग गया। भीड़ प्रबंधन के लिए एक ओर से प्रवेश और दूसरी ओर से निकासी का मार्ग बनाया गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑटो और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।

    सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व.

    आयोजन को देखते हुए 5000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। वर्दीधारी पुलिस से लेकर सादे लिबास में खुफिया अधिकारी तक हर जगह मौजूद हैं। विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाए गए हैं।

    श्रद्धांजलि और स्मृति दीर्घा.

    भोज के साथ-साथ नेमरा में एक विशेष प्रदर्शनी और स्मृति दीर्घा भी लगाई गई है। इसमें शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन, आदिवासी समाज के लिए उनके संघर्ष और जनसेवा को दर्शाने वाली दुर्लभ तस्वीरें और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुक यहां गुरुजी के जीवन संघर्ष को करीब से समझ पा रहे हैं।

         दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में  हुआ था। 5 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में हुआ था, जहां      मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता को मुखाग्नि दी। तब से हेमंत सोरेन परिवार के साथ  यहीं ठहरे हुए हैं और लगातार श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की देखरेख कर रहे हैं। दिशोम गुरु  सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि एक युग थे। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल है। वे झारखंड की आत्मा और पहचान के प्रतीक बनकर हमेशा याद किए जाएंगे।

  • मंत्री रामदास सोरेन को विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    घाटशिला में होगा अंतिम संस्कार.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची/घाटशिला: झारखंड के शिक्षा एवं निबंधन मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन को शनिवार सुबह झारखंड विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई।
    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कई सांसद, विधायक और मंत्रियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर सुबह करीब 10 बजे दिल्ली से रांची एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से सीधे विधानसभा लाया गया। इसके बाद दोपहर में उनका अंतिम संस्कार पूर्वी सिंहभूम जिले के पैतृक गांव में पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ किया जाएगा\

    राजनीतिक हस्तियों की श्रद्धांजलि.

    • राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा – “रामदास सोरेन ने गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी कमी झामुमो और राज्य दोनों के लिए गहरी है।”
    • नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शोक जताते हुए कहा – “उनका निधन प्रदेश की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”
    • पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा – “बाबा बैद्यनाथ उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को शक्ति प्रदान करें।”
    • कांग्रेस नेत्री और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सोरेन का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
    • पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा – “शिबू सोरेन के निधन से राज्य अभी उबरा भी नहीं था कि एक और जननेता का जाना बेहद दुखद है।”
    • भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय ने उन्हें “जमीन से जुड़े नेता और ईमानदार मंत्री” बताया।
    • मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा – “उनकी रिक्तता को भरना बेहद कठिन होगा।”

    राजनीतिक सफर: ग्राम प्रधान से मंत्री तक.

    रामदास सोरेन ने राजनीति की शुरुआत ग्राम प्रधान से की थी। उनके पिता घोड़ाबांधा गांव के ग्राम प्रधान रहे, और उनके निधन के बाद परंपरा अनुसार रामदास को यह दायित्व मिला।

    • वे झामुमो के जमशेदपुर ब्लॉक कमेटी से सक्रिय राजनीति में जुड़े।
    • 1990 में जिलाध्यक्ष बने और लंबे समय तक संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे।
    • 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने घाटशिला सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को हराया था।
      • परिणाम: रामदास सोरेन को 98,356 वोट, जबकि बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट मिले।
      • जीत का अंतर: 22,446 वोट।

    वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के करीबी माने जाते थे। जब चंपई सोरेन भाजपा में चले गए, तब हेमंत सोरेन ने राजनीतिक संतुलन साधने के लिए रामदास को कैबिनेट में शामिल किया।

    • रामदास सोरेन का निधन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में शिबू सोरेन का श्राद्धकर्म संपन्न हो रहा है ।
    • उनकी असमय मृत्यु से झामुमो को बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है।
    • अब सवाल है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी।

    संभावना जताई जा रही है कि सुदिव्य कुमार सोनू  (जो फिलहाल उच्च शिक्षा मंत्री हैं) को       इसका प्रभार मिल सकता है।

    मुख्यमंत्री की भावुक श्रद्धांजलि.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा –
    “रामदास दा का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतिम जोहार दादा।”

    जगरनाथ महतो के बाद रामदास सोरेन दूसरे ऐसे शिक्षा मंत्री रहे जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. रामदास सोरेन लगभग 8 महीने ही मंत्री रह पाए.

    रामदास सोरेन बड़े झारखंड आंदोलनकारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता थे. स्वर्गीय शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी थे. कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जब झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में गए तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन के बदले रामदास सोरेन को मंत्रिमंडल में शामिल कर कोल्हान में राजनीतिक क्षतिपूर्ति की भरपाई करने की कोशिश की.

    चंपई के बदले रामदास सोरेन को आगे किया गया. लेकिन दुर्भाग्य से रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे. उनके जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी भारी नुकसान हुआ है. रामदास सोरेन ऐसे समय पर दुनिया छोड़ गए जब गुरु जी का श्रद्धा कर्म भी संपन्न हो रहा है. अलग राज्य बनने के बाद से अभी तक संभवत किसी भी विधानसभा का कार्यकाल ऐसा नहीं रहा जिसमें उपचुनाव नहीं हुआ हो. हर विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व किसी न किसी कारण से उपचुनाव होता रहा है. अब रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव चुनाव होना तय है. 6 महीना के अंदर यहां चुनाव होगा. संभव है अक्टूबर में जब बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो तो घाटशिला में भी चुनाव की घोषणा हो जाए.

  • शिबू सोरेन के संस्कार भोज की तैयारियां पूरी, देशभर से लाखों लोगों और दिग्गज नेताओं की होगी मौजूदगी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रामगढ़/नेमरा: झारखंड की राजनीति के आधारस्तंभ, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में आज आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुरुजी की स्मृति में होने वाले इस आयोजन को ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसमें देशभर से चार से पाँच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।बाबा रामदेव, सांसद पप्पू यादव श्राद्ध भोज में शामिल होने उनके नेमरा गांव पहुंच चुके हैं।

    विशाल स्तर की तैयारियां.

    • आयोजन स्थल तक आसान पहुँच के लिए गोला चौक से नेमरा तक 25 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण कराया गया है।
    • इस मार्ग के दोनों ओर गुरुजी के बड़े-बड़े कटआउट और पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे पूरा इलाका श्रद्धा और सम्मान के माहौल से भर गया है।
    • सड़क किनारे 4000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए 200 से अधिक जनरेटर लगाए गए हैं।
    • कार्यक्रम स्थल के लिए पांच विशाल पंडाल और अस्थायी रसोईघर तैयार किए गए हैं। हर पंडाल में हजारों लोग एक साथ बैठकर भोजन कर सकेंगे।

    भोजन और व्यंजन व्यवस्था.

    श्राद्ध भोज को लेकर भोजन की भी भव्य तैयारी की गई है।

    • 300 से अधिक चूल्हों पर 12 से अधिक प्रकार के व्यंजन पकाए जाएंगे।
    • पंडालों को शिबू सोरेन की तस्वीरों से सजाया गया है, ताकि लोग भोजन के साथ-साथ गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
    • प्रत्येक पंडाल में एसी और कूलर की व्यवस्था है ताकि गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिले।
    • विशेष अतिथियों का भोजन शिबू सोरेन के घर के पीछे परोसा जाएगा।

    वीआईपी और सुरक्षा व्यवस्था.

    इस बड़े आयोजन में कई राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    • चार हेलीपैड बनाए गए हैं, जिनमें से तीन गुरुजी के घर के पास और एक लगभग तीन किलोमीटर दूर है।
    • विशेष अतिथियों और वीआईपी मेहमानों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है।
    • आम श्रद्धालुओं के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से लोगों को पंडालों तक पहुंचाएंगे।
    • शिबू सोरेन के आवास के 300 मीटर के दायरे को प्रशासन ने बैरिकेड कर दिया है। यहां केवल वीआईपी और करीबी लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।

    सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व.

    नेमरा को आयोजन के दौरान छावनी में तब्दील किया जाएगा।

    • सुरक्षा की जिम्मेदारी 9 आईपीएस अधिकारी 14 से 16 अगस्त तक और
    • 40 डीएसपी 12 से 17 अगस्त तक संभालेंगे।
    • पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए विशेष आदेश जारी किए हैं।

    कौन होंगे विशेष अतिथि?

    संस्कार भोज में कई बड़े नेताओं की उपस्थिति लगभग तय है।

    • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
    • योगगुरु बाबा रामदेव
    • तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
    • वरिष्ठ नेता आर.के. आनंद
    • रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
    • उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय कुमार गोंड
    • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
    • पश्चिम बंगाल और पंजाब के मुख्यमंत्री अथवा उनके प्रतिनिधि

    इसके अलावा देशभर से तमाम दिग्गज नेताओं, मंत्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।