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  • रिश्वत लेते दारोगा रंगे हाथ गिरफ्तार !

    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची में कोतवाली थाना के दारोगा ऋषिकांत को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। दारोगा पर आरोप था कि वे एक व्यक्ति का जब्त मोबाइल छुड़ाने के बदले घूस मांग रहे थे।

    क्या है पूरा मामला?

    रांची के कोतवाली थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उसका एक महंगा मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया। केस की जांच कर रहे दारोगा ऋषिकांत ने पीड़ित से मोबाइल वापस देने के लिए 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की।

    पीड़ित के भाई को यह नागवार गुजरा और उसने सीधा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलते ही हरकत में आई एसीबी

    पीड़ित की शिकायत पर एसीबी ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। जब दारोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए, तो ACB ने जाल बिछाया।

    शिकायतकर्ता को ACB द्वारा पहले से निशान लगाए गए 5,000 रुपये के साथ दारोगा के पास भेजा गया। जैसे ही दारोगा ने पैसे लिए, वहां पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

    अब होगी बड़ी कार्रवाई!

    फिलहाल एसीबी की टीम दारोगा से सघन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह रिश्वतखोरी का कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं।

  • रिश्वतखोर सीओ गिरफ्तार, जानिए कहाँ का है मामला

     

    झारखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त निर्देशों के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 2025 की पहली बड़ी सफलता हासिल की। गुरुवार को एसीबी की टीम ने रांची सदर अंचल के सीओ, मुंशी राम, को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    क्या था मामला?
    जमीन से जुड़े एक काम के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने एसीबी को इसकी जानकारी दी। फिर क्या था? टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया और भ्रष्ट अधिकारी को धर दबोचा।

    पुरानी शिकायतें भी आईं सामने
    यह पहली बार नहीं है जब इस अंचल में भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं। जमीन की रसीद से लेकर दाखिल-खारिज तक के मामलों में बड़े पैमाने पर घूसखोरी की खबरें आती रही हैं। अधिकारियों पर आरोप है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।

    मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस गिरफ्तारी से यह संदेश साफ हो गया है कि अब लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]
    “देखिए, ये मुंशी राम को लगा कि जमीन का मामला है, पैसों से दबा देंगे, लेकिन एसीबी ने ऐसा दबोचा कि अब रिश्वत का हिसाब जेल में करना पड़ेगा।”

    झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त एक्शन से जनता को न्याय की उम्मीद जगी है। क्या रिश्वतखोरी की ये गाथा यहीं खत्म होगी, या फिर कुछ और खुलासे होंगे?