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  • गिरिडीह :रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, निदेशक अभिषेक कमल 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

    By The News Post4u

    गिरिडीह: जिले के कल्याणडीह स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। संस्थान के निदेशक और बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर अभिषेक कमल को सीबीआई की धनबाद टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जिसकी पुष्टि सीबीआई एसपी पी.के. झा ने की है।

    जानकारी के मुताबिक, संस्थान परिसर में कैंटीन संचालित हो रही थी। उसी कैंटीन संचालक से अभिषेक कमल द्वारा नियमित संचालन के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। परेशान होकर संचालक ने धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सीबीआई की टीम ने मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें घूसखोरी की पुष्टि हुई।

    जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार को कल्याणडीह स्थित आरएसईटीआई कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान कैंटीन संचालक द्वारा जैसे ही तयशुदा 20 हजार रुपये की राशि निदेशक को सौंपी गई, टीम ने मौके पर ही अभिषेक कमल को पकड़ लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक कमल हजारीबाग जिले के निवासी हैं। चूंकि हजारीबाग रांची के करीब है, इसलिए आगे की छानबीन रांची सीबीआई की टीम कर रही है। अभिषेक के निवास स्थान पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

    गौरतलब है कि आरएसईटीआई केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है। इस संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास का प्रशिक्षण देना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस संस्थान का प्रबंधन संबंधित क्षेत्रीय बैंक ऑफ इंडिया के जिम्मे होता है।

    इस घूसकांड ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि आगे की जांच में और कौन-कौन इस मामले में शामिल पाए जाते हैं।

     

  • CBI ने 350 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन से जुड़े मामले में 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ग

    CBI ने क्रिप्टो करेंसी घोटाले का पर्दाफाश किया, 350 करोड़ से अधिक का लेन-देन उजागर

    सीबीआई ने हाल ही में एक बड़े क्रिप्टो करेंसी घोटाले का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर निवेशकों को ‘पोंजी’ योजनाओं के जरिए बड़ा मुनाफा देने का झूठा वादा कर 350 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने का आरोप है। जांच के तहत सीबीआई ने झारखंड के हजारीबाग, दिल्ली, बठिंडा, रतलाम, वलसाड, पुडुकोटाई और चित्तौड़गढ़ सहित 10 स्थानों पर छापेमारी की।

    छापेमारी के दौरान 34 लाख रुपये नकद, क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में 38,414 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल संपत्ति और कई अन्य डिजिटल उपकरण जैसे 7 मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए गए। आरोप है कि ये आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना पोंजी योजनाएं चला रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहे थे।

    अवैध धन का क्रिप्टो करेंसी में किया गया लेन-देन
    जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट्स का इस्तेमाल कर पिछले दो वर्षों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया। ये लोग ऑनलाइन ऋण, लकी ऑर्डर, यूपीआई धोखाधड़ी और इंटरनेट बैंकिंग जैसे तरीकों से आम जनता को धोखा दे रहे थे।

    फिलहाल सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जब्त की गई डिजिटल सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है।