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  • झारखंड में जमीन रजिस्ट्री का क्या है  नया नियम जान लीजिये वरना पछताना पड़ेगा

    2 लाख से अधिक के लेनदेन पर बैंक ट्रांजैक्शन की देनी होगी जानकारी

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया अब और अधिक पारदर्शी और काले धन से मुक्त होगी। राज्य के भूमि-राजस्व विभाग ने इस दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए दो लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए केवल बैंक ट्रांजैक्शन को ही मान्य करने का आदेश जारी किया है।

    रजिस्ट्री के लिए अब बैंक भुगतान अनिवार्य.

    गिरिडीह के जिला अवर निबंधक  के मुताबिक अब दो लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्री तब तक नहीं होगी जब तक खरीदार बैंक के जरिए भुगतान की पुष्टि नहीं करता। नकद लेनदेन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस बाबत रजिस्ट्री कार्यालयों को इसके स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं और परिसर में इस संबंध में नोटिस भी लगाए जा चुके हैं ताकि आम जनता को जागरूक किया जा सके।

    सुप्रीम कोर्ट और आयकर विभाग की सिफारिशों के आधार पर फैसला

    यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और आयकर विभाग के निर्देशों के तहत लिया गया है। आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत किसी भी व्यक्ति को दो लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करना प्रतिबंधित है। इसी आधार पर अब संपत्ति लेनदेन को भी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से बाध्य किया गया है ताकि काले धन के प्रवाह पर लगाम लगाई जा सके।

    खरीदारों को देनी होगी ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी

    अब रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति खरीदार को निम्नलिखित जानकारियां प्रस्तुत करनी होंगी:

    • भुगतान की विधि (जैसे NEFT, RTGS, चेक आदि),
    • राशि,
    • भुगतान की तारीख और
    • लेन-देन का वैध दस्तावेज या प्रमाण।

    सरकार को टैक्स चोरी रोकने में मिलेगी मदद.

    इस नियम के लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और बेनामी सौदों, काले धन और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही सरकार को राजस्व का नुकसान भी नहीं होगा।

    भूमि-राजस्व विभाग को उम्मीद है कि इस सख्ती से राज्य के रियल एस्टेट बाजार में ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता का विश्वास भी प्रणाली पर और मजबूत होगा।

     

  • हर जान कीमती है, इसे बचाने की मुहिम पर कौन जुटा है,यहाँ जानिए

    गिरिडीह : ज़िले में सड़क सुरक्षा पर जोर देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ  आज उपायुक्तकी अगुवाई में समाहरणालय भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब ये रथ ज़िले के हर कोने में जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाएगा।

    क्या है खास इस रथ में?
    यह कोई आम रथ नहीं, यह सड़क पर चलते ‘सुरक्षा की पाठशाला’ है। इसमें ट्रैफिक नियम, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सीट बेल्ट का महत्व, और नशा करके गाड़ी न चलाने जैसे संदेश हर घर और हर दिल तक पहुंचाए जाएंगे। और तो और, गुड सेमेरिटन (अच्छे समरीटन्स) की योजना का भी बड़े स्तर पर प्रचार किया जाएगा। अगर आपने सड़क हादसे में किसी की मदद की, तो प्रशासन आपको ‘नायक’ मानेगा और पूछताछ से राहत भी देगा।

    उपायुक्त ने क्या कहा?
    मीडिया से बातचीत में उपायुक्त ने साफ कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाना है। सड़क पर हादसों को रोकने के लिए लोगों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।”

    पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मौजूद
    इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पूरा प्रशासन एकजुट दिखा। पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

    जागरूकता से हादसे कम हो सकते हैं!
    तो गिरिडीह वालों, यह समय है अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक होने का। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ कानून की बात नहीं, आपकी ज़िंदगी का सवाल है। और ये रथ, उम्मीद करता है कि गिरिडीह में सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगा।

  • ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा : मंत्री का सख्त निर्देश

     

    गिरिडीह : गिरिडीह में ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत जिले के सभी प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

    बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने मनरेगा, अबुआ आवास योजना, और झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की।

    मुख्य निर्देश और चर्चा के बिंदु:

    1. मनरेगा और आवास योजना: मंत्री ने इन योजनाओं के तय लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए।
    2. लाभुकों को समय पर लाभ: उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ लाभुकों तक पहुंचे।
    3. झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना: 28 तारीख को आयोजित कार्यक्रम में लाभुकों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

    बैठक के दौरान सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की बात कही गई। श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने पारदर्शी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर बल देते हुए कहा, “ग्रामीण विकास योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम हैं, और इन्हें समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

    ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।