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  • जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर  21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

    क्या है मामला?
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।

    देवेंद्र महतो ने कहा,

    “इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”

    24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
    छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
    आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।

    क्या सरकार उठाएगी कदम?
    अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।

  • CGL पेपर लीक मामले में झारखंड गृह विभाग का बड़ा कदम, 100 पर गिरेगी गाज

    RANCHI:झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। गृह विभाग ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इस कार्रवाई से परीक्षा में धांधली के आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। रांची पुलिस इस मामले में जल्द एफआईआर दर्ज करेगी, जिसके बाद सीआईडी (CID) इस केस को अपने हाथ में लेकर गहराई से जांच करेगी।

    गृह विभाग के निर्देश, एफआईआर की तैयारी.
    गुरुवार को गृह विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने पर सहमति जताई। शुक्रवार को विभागीय मंत्री के आदेश के बाद इस संबंध में औपचारिक पत्राचार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

    हाईकोर्ट का आदेश बना आधार.
    जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक के खिलाफ प्रकाश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जांच की गई प्रगति से कोर्ट को अवगत कराया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को निर्धारित है।

    29 सितंबर को दर्ज हुई थी शिकायत.
    याचिकाकर्ता ने 29 सितंबर को रांची पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पेपर लीक के सबूत पेश किए गए थे। इस शिकायत पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्ती से आदेश दिया कि जांच में तेजी लाई जाए और उचित कार्रवाई की जाए।

    100 संदिग्धों पर कार्रवाई की तैयारी.
    पहले से ही इस मामले में 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। गृह विभाग ने अब ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम के जरिए और शिकायतें दर्ज करने का फैसला लिया है। पुलिस पेपर लीक से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

    क्या कहता है गृह विभाग?
    गृह विभाग का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एफआईआर दर्ज करने और सीआईडी के नेतृत्व में जांच शुरू होने से मामले में दोषियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

    भ्रष्टाचार पर सख्त रुख.
    यह मामला झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। सरकार का यह कदम एक सख्त संदेश है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।