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  • पचम्बा थाना टीम की दमदार जीत, जगमनरायडीह को 3-1 से हराया,डॉ. आई. अहमद मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का आज दूसरा दिन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के तेलोडीह स्थित गांधी मैदान में सोमवार कोका दूसरा दिन बेहद रोमांचक मुकाबले का गवाह बना। पचम्बा थाना की टीम और जगमनरायडीह की टीम के बीच खेले गए मैच ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

    पहले हाफ में बढ़त.

    मैच की शुरुआत से ही पचम्बा थाना की टीम ने आक्रामक खेल दिखाया। सटीक पासिंग और तेज़ आक्रमणों के बीच टीम ने पहला गोल दागकर 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरी ओर, जगमनरायडीह की टीम ने बराबरी करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पचम्बा की मजबूत डिफेंस लाइन और गोलकीपर की सतर्कता के कारण वे पहले हाफ में गोल नहीं कर पाए।

    दूसरे हाफ का निर्णायक खेल.

    दूसरे हाफ में भी पचम्बा थाना की टीम ने दबदबा बनाए रखा। शानदार तालमेल और तेज़ रफ्तार आक्रमण के चलते टीम ने लगातार दो और गोल दागकर बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। हालांकि, पीछे चल रही जगमनरायडीह की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार दबाव बनाते हुए एक गोल करने में सफल रही। लेकिन अंत तक वे कोई और गोल नहीं कर सके और मुकाबला 3-1 से पचम्बा थाना के नाम रहा।

    नेतृत्व और उत्साह.

    पचम्बा थाना की टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी सह कप्तान राजीव कुमार कर रहे थे, जिन्होंने अपनी टीम को बेहतरीन रणनीति और हौसला दिया। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ खेल का प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना दर्शकों ने जोरदार तालियों से की।

    दर्शकों की भीड़ और गणमान्य लोगों की मौजूदगी।

    गांधी मैदान में इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के गांवों और दूर-दराज़ के इलाकों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।
    मौके पर तेलोडीह मुखिया सब्बीर आलम,पाटकर इमरान आलम , समाज सेवी इरफान आलम  समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और वॉलेंटियरों की भूमिका की सराहना की।

    खेल भावना का उदाहरण.

    टूर्नामेंट का यह दूसरा दिन सिर्फ एक जीत-हार का मुकाबला नहीं रहा, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और सामूहिक उत्साह का भी प्रतीक बना। दर्शकों ने इस टूर्नामेंट को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।