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  • झारखंड में कोरोना की वापसी: लाल विजय शाहदेव संक्रमित, स्वास्थ्य मंत्री की जनता से अपील.

    By The News Post4u

    रांची :  झारखंड में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। राज्य में कोविड के नए मामलों के बीच झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के सदस्य और चर्चित फिल्ममेकर लाल विजय शाहदेव के कोरोना संक्रमित पाए जाने की खबर सामने आई है। झारखंड से लेकर मुंबई तक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले शाहदेव ने खुद इस जानकारी को साझा करते हुए सतर्कता की अपील की है।

    फ्लाइट में बिगड़ी तबीयत, रांची पहुंचने पर मिले पॉजिटिव.

    लाल विजय शाहदेव ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए बताया कि वह हाल ही में मुंबई से रांची लौट रहे थे। इसी दौरान 22 मई को फ्लाइट में ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। बाद में जांच कराए जाने पर उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्होंने लिखा, “भारत में अब तक कुल 257 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अब मैं भी उनमें शामिल हूं। मैं फिलहाल रांची के एक अस्पताल में भर्ती हूं और पहले से बेहतर महसूस कर रहा हूं।”

    फिल्मी काम रुका, अपील जारी.

    शाहदेव ने यह भी बताया कि उन्हें झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के सदस्य होने के नाते कुछ फिल्मों का प्रिव्यू करना था, लेकिन बीमारी के चलते वह यह कार्य नहीं कर सके। उन्होंने अपील की है कि जो भी लोग हाल के दिनों में उनके संपर्क में आए हैं और सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार, खांसी या सर्दी जैसे लक्षण महसूस कर रहे हैं, वे तुरंत अपनी कोरोना जांच कराएं।

    स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर, मंत्री ने कहा – “घबराने की जरूरत नहीं”

    इधर देशभर में कोरोना के मामलों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के सामने आने के बाद। इस बीच बेंगलुरु में एक वरिष्ठ नागरिक की कोविड से मौत की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है।

    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए राज्यभर के स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड में डाल दिया है। उन्होंने कहा, “यह सामान्य स्थिति है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हम पूरी तरह सतर्क हैं और सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।”

    मंत्री अंसारी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि लोगों को कोविड से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जा सकें और अफवाहों से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनना अब भी एक जरूरी एहतियात है, जो अन्य संक्रमणों से भी बचाता है.

    नई गाइडलाइंस का इंतजार, डॉक्टर की अपील – “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें”

    स्वास्थ्य मंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा, “एक डॉक्टर के रूप में मेरी आपसे यही गुज़ारिश है – लापरवाही न करें। कोविड को हल्के में न लें। हमारी जिम्मेदारी है कि हम खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।”

    उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार केंद्र सरकार द्वारा जारी होने वाली नई गाइडलाइंस का इंतजार कर रही है। जैसे ही दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, राज्य सरकार तुरंत आवश्यक कदम उठाएगी।

    बेंगलुरु में जिस वरिष्ठ नागरिक की कोविड से मृत्यु हुई, उनकी उम्र लगभग 85 वर्ष थी और उन्हें पहले से कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। मंत्री अंसारी ने इस मामले को लेकर लोगों से कहा कि घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता बनाए रखें

    सरकार तैयार, जनता से अपील – “हम साथ हैं, हम तैयार हैं”

    राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मंत्री ने आश्वासन दिया, “हम साथ हैं, हम तैयार हैं। कोविड को पहले की तरह इस बार भी हराएंगे।”

  • झारखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला: ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने वाली संस्थाओं की जाएगी मान्यता

    विवाद सुलझाने के लिए जिलों के दौरे पर जाएंगी कमेटियां. 

    परवेज़ आलम 

    रांची – झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड नेअपनी संपत्तियों को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अब उन तमाम संस्थाओं की मान्यता रद्द कर दी जाएगी, जो वक्फ संपत्तियों पर वर्षों से काम तो कर रही हैं, लेकिन अपनी ऑडिट रिपोर्ट या वित्तीय हिसाब-किताब बोर्ड को नहीं सौंप रही हैं। हालांकि, अंतिम कार्रवाई से पहले संबंधित संस्थाओं को चेतावनी पत्र भेजा जाएगा।

    यह निर्णय राज्य के सांसद सरफराज अहमद की अध्यक्षता में राजधानी रांची में आयोजित वक्फ बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि सबसे पहले ऐसी संस्थाओं की सूची तैयार की जाएगी, जो वक्फ बोर्ड की जमीन या संपत्तियों पर कार्यरत हैं। इसके बाद उनसे अब तक का वित्तीय लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट मांगी जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित संस्थाओं की मान्यता समाप्त  कर दी जाएगी।

    विवादों को सुलझाने के लिए दौरे पर जाएगी विशेष कमेटी.

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वक्फ संपत्तियों को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में जो विवाद चल रहे हैं, उन्हें सुलझाने के लिए विशेष कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी 19 अप्रैल को गिरिडीह और 22 अप्रैल को चाईबासा का दौरा करेगी। गिरिडीह में कमेटी के सदस्य पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी, ए.के. रसीदी और मोहम्मद फैजी शामिल होंगे।

    वहीं, चाईबासा दौरे में कमेटी में ए.के. रसीदी, मोहम्मद फैजी, महबूब आलम और इबरार अहमद मौजूद रहेंगे। इन दौरों का मकसद संबंधित क्षेत्रों में वक्फ संपत्ति को लेकर चल रहे विवादों को सुलझाना है, ताकि स्थानीय मुस्लिम समु दाय के हित सुरक्षित रह सकें।

    अंजुमन कमेटियों से भी होगी बातचीत.

    बैठक में राजधानी रांची स्थित अंजुमन से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। तय हुआ कि इन मामलों को सुलझाने के लिए अंजुमन की विभिन्न कमेटियों से वार्ता की जाएगी। इस दौरान बैठक में पूर्व विधायक निजामुद्दीन अंसारी, सामाजिक कार्यकर्ता इबरार अहमद, मौलाना तहजीबुल हसन रिजवी, शकील अख्तर, ए.के. रशीदी, मोहम्मद फैजी, सरकार के संयुक्त सचिव आसिफ हसन सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

    “झारखंड में वक्फ कानून लागू नहीं होगा” – डॉ इरफान अंसारी

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वक्फ कानून में संशोधन कर मुस्लिम समुदाय को परेशान करने की साजिश कर रही है। डॉ अंसारी ने कहा, “भाजपा सरकार ने वक्फ संशोधन कानून लाकर मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की है। यह कानून जनविरोधी है और इसका झारखंड में किसी भी हाल में लागू नहीं होने दिया जाएगा।”

    उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कानूनों से मुस्लिम समाज को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है और भाजपा का मकसद जनहित नहीं, बल्कि समुदाय विशेष को निशाना बनाना है।

     

  • किडनी रोगियों के लिए राहत भरी खबर: अब पीएचसी में भी मिलेगी डायलिसिस सुविधा

    झारखंड के किडनी मरीजों के लिए राहत की खबर, डायलिसिस सुविधा अब पीएचसी स्तर तक

    झारखंड के किडनी मरीजों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम (PMNDP) के तहत स्वास्थ्य विभाग अब राज्यभर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तक डायलिसिस सुविधा पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या और डायलिसिस में हो रही समस्याओं को देखते हुए पीएचसी, सीएचसी, रेफरल और अनुमंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस सेवा केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया है।

    इन केंद्रों में बीपीएल मरीजों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिलेगी, जबकि एपीएल मरीजों को नाममात्र शुल्क चुकाना होगा। फिलहाल, संजीवनी द्वारा संचालित 16 जिलों में एपीएल मरीजों से 1206 रुपये और डीसीडीसी एजेंसी द्वारा संचालित आठ जिलों में 1046 रुपये लिए जाते हैं।

    PMNDP कोषांग प्रभारी डॉ. अश्विनी कुमार ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर सीएचसी, पीएचसी, रेफरल हॉस्पिटल और अनुमंडलीय अस्पतालों की सूची मांगी है, जहां डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। निर्देश दिया गया है कि डायलिसिस केंद्र केवल उन्हीं स्थानों पर खोले जाएं, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध हो।

    राज्य के आठ सदर अस्पतालों में डायलिसिस सेवा का संचालन कर रही डीसीडीसी हेल्थ केयर सर्विस का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एजेंसी को अस्थायी अवधि विस्तार दिया गया है, जबकि राज्य स्तर पर निविदा प्रक्रिया के जरिए नई एजेंसी का चयन किया जाएगा।

    फिलहाल, राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यह सेवा तीन एजेंसियों के माध्यम से दी जा रही है—संजीवनी 16 जिलों में, डीसीडीसी आठ जिलों में और हंस फाउंडेशन घाघरा, पालकोट, लातेहार तथा संत बरनवास अस्पताल में डायलिसिस सेवा संचालित कर रहा है।

  • झारखंड: रिम्स-2, 300 नए एंबुलेंस और कैंसर हॉस्पिटल की सौगात

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…………………

    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने विश्व कैंसर दिवस के मौके पर राज्यवासियों को कई बड़ी सौगातों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही रिम्स-2 की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही, राज्य को 300 नए एंबुलेंस मिलने जा रहे हैं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। गांवों में सहिया बहनों को बाइक एंबुलेंस देने का भी फैसला किया गया है, ताकि वे जरूरतमंद मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल तक पहुंचा सकें।

    डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य स्वस्थ झारखंड बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य की गारंटी लेगी, ताकि किसी भी मरीज को पैसे या संसाधनों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े। डॉ. इरफ़ान अंसारी ने यह घोषणाएं विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर की, जब वे झारखंड राज्य में सामान्य कैंसर के वृहत रूप से स्क्रीनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे थे।

    राज्य में बनेगा अपना कैंसर हॉस्पिटल.

    स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि झारखंड में जल्द ही अपना कैंसर हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। इससे राज्य के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और आर्थिक बोझ भी कम होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में कैंसर के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह एक अत्यंत आवश्यक कदम है।

    कैंसर की रोकथाम के लिए बड़ा कदम.

    डॉ. अंसारी ने सादा पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पान मसाला की बिक्री पूरी तरह बंद होगी और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने मोबाइल रेडिएशन से होने वाले खतरे को लेकर भी जागरूक किया और लोगों से आग्रह किया कि सोते समय मोबाइल फोन को सिर से दूर रखें।

    राज्य में 5 नए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल.

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राज्य में 5 नए सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाए जाएंगे, जिससे हर जिले में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके अलावा, 5 नए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

    डॉ. अंसारी ने डॉक्टरों को भी संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा को बिजनेस न बनाएं बल्कि इसे सेवा का जरिया मानें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन डॉक्टर निजी अस्पतालों की ओर झुकाव रखते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में भी पूरी ईमानदारी से सेवा दें।

    42 हज़ार सहिया बहनों को मिलेगा लेटेस्ट टैब.

    राज्य सरकार 42,000 सहिया बहनों को लेटेस्ट टैबलेट देने जा रही है, जिससे वे स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर तरीके से आम जनता तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि अगर कैंसर के किसी मरीज की जानकारी मिले, तो सहिया बहनें तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते मरीज का इलाज शुरू किया जा सके।

    गर्भवती महिलाओं को मिलेगी मुफ्त जांच और अल्ट्रासाउंड.

    स्वास्थ्य मंत्री ने ऐलान किया कि गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुफ्त कर दी जाएगी। इसके साथ ही, सरकार झारखंड वासियों को मुफ्त दवाएं और मुफ्त जांच भी मुहैया कराएगी।

    उन्होंने निजी अस्पतालों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मरीज की मौत होने पर अस्पतालों को उनके परिजनों पर बिल का दबाव नहीं बनाना चाहिए, बल्कि बिल माफ करने की पहल करनी चाहिए।