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  • गिरिडीह : कांग्रेस के नए कार्यालय “राजीव भवन” का भव्य उद्घाटन

    *भारी बारिश भी नहीं रोक सकी नेताओं का जोश.

    Edited by: परवेज़ आलम

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    गिरिडीह, झारखंड: जिला कांग्रेस कमिटी के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब भारी बारिश के बावजूद गिरिडीह में नए जिला कार्यालय “राजीव भवन” का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता एकजुट नजर आए और पूरे आयोजन में जनसंपर्क, संगठन मजबूती और भाजपा पर तीखे प्रहार की झलक दिखी।

    गिरिडीह के केंद्र में स्थित इस नए कार्यालय भवन का उद्घाटन कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, कांके विधायक सुरेश बैठा, बोकारो विधायक श्वेता सिंह, पूर्व विधायक जयप्रकाश भाई पटेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से किया।

    के. राजू ने कहा: यह सिर्फ कार्यालय नहीं, जनता की आवाज़ है

    प्रदेश प्रभारी के. राजू ने उद्घाटन के दौरान कहा, “राजीव भवन केवल एक राजनीतिक दफ्तर नहीं है, यह जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के मिशन पर हैं, और इस कार्यालय के माध्यम से गिरिडीह में लोगों का पार्टी पर विश्वास और गहरा होगा।

    गुरु पूर्णिमा पर शुभारंभ को बताया ‘सांकेतिक पुनर्जागरण’

    प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस अवसर को गुरु पूर्णिमा के साथ जोड़ते हुए कहा, “आज का दिन कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है। गिरिडीह में कांग्रेस की पुरानी विरासत रही है, अब हमें इसे फिर से मजबूत करना है।” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस हर पंचायत और गांव तक फिर से अपनी पहचान बनाएगी।

    डॉ. इरफान अंसारी का भाजपा पर हमला.

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने भाषण में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेसजन चंदा जमा कर कार्यालय बनाते हैं, जबकि भाजपा सत्ता में रहकर आदिवासियों को जमीन से बेदखल करती है।” उन्होंने नए कार्यालय को जनता से जुड़ा बताते हुए इसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को समर्पित करने पर गर्व जताया।

    नेताओं का जमावड़ा, कार्यकर्ताओं में जोश.

    इस कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, वरिष्ठ नेता उपेंद्र सिंह, अशोक चौधरी, रियाजुल अंसारी, धनंजय सिंह, सतीश केडिया, अनिल सिंहा, संतोष राय समेत कई नेता मौजूद रहे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम जनता इस मौके पर उपस्थित रही, जिससे कांग्रेस के प्रति जनसमर्थन का साफ संदेश मिला।

    राजनीतिक संदेश साफ – कांग्रेस वापस मैदान में.

    गिरिडीह के इस आयोजन ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस राज्य में एक बार फिर से सक्रिय भूमिका में लौट रही है। “राजीव भवन” केवल एक इमारत नहीं, बल्कि संगठनात्मक पुनर्निर्माण का प्रतीक बनकर सामने आया है।

  • झारखंड: गिरिडीह को मिलेगा मेडिकल कॉलेज !

    रांची :  झारखंड सरकार के आगामी बजट की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में हैं। तीन मार्च को पेश होने वाले इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाएगी। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर रहेगा। रांची, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए बजट में विशेष राशि का प्रावधान किया जाना तय है।

    स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेज और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस दिशा में बड़े फैसले ले चुके हैं और स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के विस्तार के लिए भी बजट में खास व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री पहले ही इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दे चुके हैं।

    सरकार का मानना है कि नए मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना से झारखंड के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति में सुधार आएगा। अब देखना यह होगा कि बजट में इन योजनाओं के लिए कितना बड़ा प्रावधान किया जाता है।

     

  • High Alert: गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) की रोकथाम और मरीजों के इलाज की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।

    स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस बीमारी के लक्षण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबू इमरान सहित सभी जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

    जनजागरूकता अभियान को दें गति।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को इस बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देना बेहद आवश्यक है।

    संक्रमण के प्रमुख कारण और बचाव।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुइलेन-बैरे सिंड्रोम दूषित पानी और कच्चे भोजन के सेवन से फैलता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी को लेकर जनता में किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलने दी जाए और सही जानकारी प्रसारित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीमारी कोरोना संक्रमण की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन राज्यों या शहरों में इस बीमारी के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां से झारखंड आने वाले व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, रांची में एक नि:शुल्क जांच केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    अस्पतालों में इलाज की पूरी तैयारी।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अस्पतालों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए बेड, दवाएं और मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध मामला सामने आता है, तो उसे तुरंत रिम्स रेफर किया जाए। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता मिल सके।

    रिम्स हाई अलर्ट पर।

    रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के सिविल सर्जनों को गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मरीजों की पहचान और उनके समुचित इलाज के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के इलाज के लिए रिम्स पूरी तरह से तैयार है और सभी संदिग्ध मामलों को तुरंत रिम्स रेफर किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी से जुड़ी सभी खबरों, गतिविधियों और अपडेट पर नजर रखी जाए, ताकि संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी मरीज को इलाज में कोई कठिनाई न हो।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है। सरकार न केवल मरीजों के इलाज की व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि आम जनता को जागरूक करने के लिए भी विभिन्न कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है।