Tag: hazaribagh news

  • पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद के ठिकानों पर ईडी का शिकंजा कसता, कांग्रेस ने कहा- बदले की कार्रवाई

    Edited by: परवेज़ आलम
    For: The News Post4U

    रांची/हजारीबाग/बड़कागांव:
    झारखंड की राजनीति एक बार फिर ईडी की दस्तक से गरमा गई है। शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद और उनके करीबियों के रांची, हजारीबाग और बड़कागांव  सहित आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध खनन से जुड़े एक पुराने मामले के सिलसिले में की जा रही है, जो कोल ट्रांसपोर्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर से जुड़ी एक विवादित कंपनी से संबंधित है।

    कई ठिकानों पर एक साथ दबिश.

    ईडी की टीमों ने शुक्रवार सुबह रांची के किशोरगंज, बड़कागांव और हजारीबाग  में एक साथ कार्रवाई की। रांची में अम्बा प्रसाद के निजी सहायक संजीव कुमार के आवास पर जांच चल रही है। संजीव उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन ईडी की टीम ने जांच जारी रखी। दो वाहनों में पहुंचे अधिकारियों की टीम ने चार लोगों के साथ घर के भीतर तलाशी ली, जबकि छह सशस्त्र सुरक्षाकर्मी बाहर तैनात थे।

    बड़कागांव में पूर्व विधायक के भाई अंकित उर्फ सुमित, चार्टर्ड अकाउंटेंट बादल, और कथित रूप से उनसे जुड़े बालू कारोबारियों के ठिकानों पर भी ईडी की कार्रवाई हुई। हजारीबाग में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। बड़कागांव में अम्बा प्रसाद के करीबी पंचम कुमार, मनोज दांगी और अन्य सहयोगियों के आवास भी निशाने पर रहे।

    पिछली कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज बने आधार.

    सूत्रों के मुताबिक, मार्च 2024 में की गई छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम सुराग मिले थे। उस दौरान अम्बा प्रसाद, उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, भाई अंकित राज  समेत कई सहयोगियों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई थी। उस छापेमारी में 35 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइसेज़, फर्जी बैंक टिकट, हाथ से लिखी रसीदें, और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे। माना जा रहा है कि इस बार की कार्रवाई उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

    जांच के दायरे में 10 कंपनियां.

    ईडी सूत्रों के अनुसार, अम्बा प्रसाद और उनके परिवार से जुड़े कम से कम 10 कंपनियां  जांच के दायरे में हैं। ये कंपनियां खनन, भूमि खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी। ईडी की टीमें इन सभी संस्थाओं के वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं।

    कांग्रेस ने बताया राजनीति से प्रेरित कार्रवाई.

    ईडी की इस ताजा छापेमारी को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता किशोरनाथ शहदेव  ने इसे चुनावी साजिश करार देते हुए कहा कि अम्बा प्रसाद को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे बिहार चुनावों  में पार्टी की तरफ से प्रभारी (ऑब्जर्वर) बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार सीबीआई और ईडी को विपक्ष के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि ईडी द्वारा अब तक की गई सभी छापेमारियों में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, फिर भी बार-बार कार्रवाई कर जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।

    राजनीतिक परिवार, पुराना प्रभाव.

    अम्बा प्रसाद झारखंड की बड़कागांव सीट से 2019 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक  चुनी गई थीं। उनके पिता योगेंद्र साव  और मां निर्मला देवी  भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। इस परिवार की इलाके में मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है, और अब उनके खिलाफ ईडी की बढ़ती कार्रवाई से राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।

    अम्बा प्रसाद और उनके परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय की नजरें टिकी हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से ईडी ने अभी तक कोई प्रेस बयान नहीं दिया है, लेकिन लगातार हो रही छापेमारियों से संकेत साफ है कि जांच लंबी और गहन हो सकती है। कांग्रेस इसे बदले की राजनीति बता रहा है .

  • दुबई में फंसे झारखंड के 15 मजदूरों ने भेजा भावुक संदेश, भारत वापसी की लगाई गुहार

    भोजन के लाले, बीमारियां बढ़ीं, ठेकेदार ने झाड़ा पल्ला, अब सरकार ही आखिरी उम्मीद

    परवेज़ आलम. By The News Post4u.

    झारखंड के गिरिडीह, धनबाद और हजारीबाग जिलों से दुबई में काम की तलाश में गए 15 मजदूर इन दिनों बेहद मुश्किल हालात में जी रहे हैं। दुबई की “मसाई कांट्रैक्टिंग एलएलसी” नामक कंपनी में काम करने गए इन मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर केंद्र और राज्य सरकार से मदद की भावुक अपील की है। मजदूरों का कहना है कि बीते तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिस कारण भुखमरी की नौबत आ गई है।

    वीडियो में मजदूरों ने रोते हुए बताया कि अब उनके पास दो वक्त की रोटी तक का इंतजाम नहीं है। कुछ मजदूर बीमार भी हैं लेकिन उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें न खाना सही मिल रहा है, न रहने की उचित व्यवस्था है। जिन उम्मीदों के साथ वे विदेश गए थे, अब वही उम्मीदें दम तोड़ रही हैं।

    ठेकेदार ने भी छोड़ा साथ.
    मजदूरों ने बताया कि वे एक ठेकेदार के भरोसे दुबई पहुंचे थे। शुरुआत में ठेकेदार ने उन्हें अच्छे वेतन और सुविधाओं का आश्वासन दिया था, लेकिन अब ठेकेदार ने भी उनसे मुंह मोड़ लिया है। कंपनी ने पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं दी और काम के बदले बस इंतजार थमा दिया है।

    इन मजदूरों की सूची में शामिल हैं:

    • हजारीबाग जिले से: चुरामन महतो, चंद्रिका महतो, कैलाश महतो, विष्णु महतो, जगन्नाथ सिंह, लाखन सिंह, सुखदेव सिंह, अर्जुन महतो, त्रिलोकी महतो, बालेश्वर महतो
    • गिरिडीह जिले से: बैजनाथ महतो, महेंद्र महतो, सीताराम महतो, मूरत महतो
    • धनबाद जिले से: संजय कुमार महतो

    भूख से मौत की आशंका, सरकार से सीधी अपील.

    वीडियो में मजदूरों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा अनुरोध करते हुए कहा, “अब बस एक ही आस बची है—कृपया हमें जल्द से जल्द अपने देश वापस लाने का इंतजाम करें। यहां हर दिन हमारी हालत बद से बदतर होती जा रही है। अगर अब भी देरी हुई, तो कुछ मजदूर भूख से दम तोड़ देंगे।”

    नाइजर में गिरिडीह के 5 मजदूर पहले से अगवा.
    इस बीच, गिरिडीह जिले के बगोदर इलाके से अफ्रीकी देश नाइजर में पहले से ही 5 मजदूर अगवा हैं और अब दुबई में यह नया संकट सामने आया है। ऐसे में राज्य में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।

    परिवारों की बढ़ती चिंता, प्रशासन अब तक मौन.
    इन मजदूरों के परिजन झारखंड में बेहद चिंतित हैं। रोजाना कोई न कोई रिश्तेदार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पहल सामने नहीं आई है। यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

    अब देखना यह होगा कि सरकार इन मजलूम मजदूरों की पुकार को कब तक अनसुना करती है और क्या कोई ठोस कदम जल्द उठाया जाएगा या नहीं। मजदूरों की जिंदगी अब सरकार की संवेदनशीलता पर टिकी है।

     

  • नाइजर में अपहृत गिरिडीह के पांचों मजदूर सुरक्षित,विदेश मंत्रालय वापसी के लिए सक्रिय

    की पॉइंट :

    • घटना: 25 अप्रैल 2025
    • जगह: सकोइरा, तिल्लाबेरी, नाइजर, पश्चिम अफ्रीकी
    • अपहृत मजदूर: संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो, उत्तम महतो
    • कंपनी: कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड
    • संभावित लोकेशन: माली सीमा क्षेत्र
    • कूटनीतिक संपर्क: भारत के राजदूत, नाइजर सेना प्रमुख, ICRC, माली राजनयिक चैनल

    परवेज़ आलम.  

    गिरिडीह/रांची: पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में आतंकियों के हाथों अपहृत झारखंड के पांच मजदूरों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज़ हो गए हैं। बगोदर (गिरिडीह) के रहने वाले ये सभी मजदूर अब भी सुरक्षित हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय द्वारा संजय मेहता को भेजे गए औपचारिक पत्र में दी गई है। संजय मेहता लगातार इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय, कंपनी अधिकारियों और नाइजर स्थित भारतीय राजनयिकों के संपर्क में बने हुए हैं।

    25 अप्रैल को आतंकियों ने मजदूरों को किया था अपहृत.

    25 अप्रैल 2025 को नाइजर की राजधानी नियामे से करीब 115 किमी दूर तिल्लाबेरी प्रांत के सकोइरा इलाके में यह घटना हुई थी , जब एक पावर ट्रांसमिशन परियोजना पर काम कर रहे भारतीय मजदूरों का आतंकियों ने अपहरण कर लिया। इस हमले में 12 नाइजर सैनिक मारे गए। झारखंड के संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और उत्तम महतो उस समय वहां कार्यरत थे, जिन्हें आतंकियों ने अगवा कर लिया।

    ये सभी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड (KPIL) के तहत एक पावर ट्रांसमिशन परियोजना में कार्यरत थे।

    संजय मेहता की पहल से विदेश मंत्रालय हुआ सक्रिय.

    जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी और सामाजिक कार्यकर्ता संजय मेहता ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने पीड़ितों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और विदेश मंत्रालय को विस्तृत पत्र लिखकर मामले की संवेदनशीलता से अवगत कराया।

    इसके बाद विदेश मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए भारत के राजदूत, नाइजर की सरकार और सेना के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क साधा।

    भारत के राजदूत की सेना प्रमुख से मुलाकात, मिला भरोसा.

    नाइजर में भारत के राजदूत सीता राम मीना  ने 9 मई 2025  को नाइजर के सेना प्रमुख कर्नल अब्दुर्रहमान तियानी से विशेष मुलाकात की। इस बैठक में नाइजर सेना प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि भारतीय मजदूर सुरक्षित हैं और उनकी रिहाई के प्रयास जारी हैं। सेना प्रमुख ने संकेत दिए कि ये मजदूर माली की सीमा के आसपास हो सकते हैं।

    विदेश मंत्रालय ने ICRC और अन्य एजेंसियों को किया सक्रिय.

    विदेश मंत्रालय ने संजय मेहता को भेजे पत्र में बताया कि भारतीय राजनयिकों ने माली और नाइजर में इंटरनेशनल रेड क्रॉस (ICRC) के अधिकारियों से मुलाकात की है। साथ ही नई दिल्ली स्थित ICRC और माली कार्यालय को भी सूचित किया गया है ताकि मानवीय आधार पर रिहाई सुनिश्चित कराई जा सके।

    संजय मेहता ने लिखा कई पत्र, मंत्रालय में की उच्च स्तरीय वार्ता.

    संजय मेहता ने 30 अप्रैल, 2 मई, 4 मई, 22 मई और 23 मई को विदेश मंत्रालय को पांच अलग-अलग पत्र भेजे। उन्होंने विदेश मंत्रालय के अवर सचिव बीएन पांडे, अफ्रीकी मामलों के प्रभारी सेवाला नाइक मुड़े, OSD लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव कुमार से भी वार्ताएं कीं। इसके अलावा KPIL कंपनी के उच्चाधिकारियों से भी संपर्क साधा गया।

    सुरक्षित हैं मजदूर, सरकार निगरानी में जुटी.

    विदेश मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि मजदूर सुरक्षित हैं, और उनके जीवन को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। उन्हें संभवतः माली सीमा क्षेत्र में रखा गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए माली में भी राजनयिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
    मंत्रालय ने कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल को भी ICRC और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।

  • मानवता को शर्मसार करने वाली माँ, जानिए क्या है घटना !

    गिरिडीह : झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को बगोदर-हजारीबाग रोड पर स्थित अलपीटो गांव के एक खेत में फेंक दिया। जहां ठंड के थपेड़ों और आवारा कुत्तों के हमलों ने मासूम की जिंदगी छीन ली।

    सोमवार सुबह, गांव के स्कूल के पीछे खेत में पड़े नवजात के शव को देखकर ग्रामीण सन्न रह गए। ठंड में बिना कपड़ों के, मासूम का शरीर जगह-जगह नोचा हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, जब बच्ची दिखी, तब उसमें थोड़ी जान बाकी थी, लेकिन कुत्तों के हमले ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया।

    सूचना मिलते ही सीओ नित्यानंद दास और थाना प्रभारी सपन कुमार महथा मौके पर पहुंचे। बच्ची को विष्णुगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे यह साफ हो सके कि बच्ची को जिंदा फेंका गया था या मृत।

    गांव में छाया मातम और आक्रोश।

    घटना के बाद पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीण उस निर्दयी मां को कोस रहे हैं, जिसने इस हाड़ कंपाती ठंड में अपने खून के टुकड़े को इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया। भीखन रविदास, जो सबसे पहले घटना स्थल पर पहुंचे, ने बताया, “जब हमने बच्ची को देखा, तब उसका एक हाथ कुत्ते खा चुके थे, और दूसरा बुरी तरह घायल था।”

    सवाल उठाते हैं यह दर्दनाक दृश्य।

    क्या मजबूरी रही होगी उस मां की, जिसने अपनी ही बच्ची को इस क्रूर अंत के लिए छोड़ दिया? समाज और प्रशासन के लिए यह घटना एक बड़ा सवाल है। क्या ऐसी निर्दयी घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम उठाए जाएंगे, या यह सिर्फ एक और मामला बनकर फाइलों में दब जाएगा?

     

  • हजारीबाग: एसडीओ की पत्नी अनिता की मौत,FIR

    हजारीबाग : हजारीबाग सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अशोक कुमार की पत्नी अनिता कुमारी की मौत हो गई है। अनिता करीब 65% तक जल चुकी थीं, और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दर्दनाक घटना ने परिवार और प्रशासन, दोनों को हिला कर रख दिया है।

    एफआईआर में एसडीओ समेत परिवार के चार लोग नामजद. 
    अनिता के भाई राजू कुमार गुप्ता ने लोहसिंघना थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर में एसडीओ अशोक कुमार, उनके पिता दुर्योधन साव, छोटे भाई शिवनंदन कुमार, और उनकी पत्नी रिंकू देवी को आरोपी बनाया गया है।

    राजू का आरोप है कि उनकी बहन अनिता ने कई बार कहा था कि उनके पति का किसी और महिला से अवैध संबंध है। यही वजह दोनों के बीच लगातार विवाद का कारण बनती थी। एक बार दोनों परिवारों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हुई थी। उस वक्त एसडीओ ने कथित तौर पर कहा था, “आगे से शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा।”

    ‘कहां जाना है जाओ, मैं एसडीओ हूं!’
    राजू के मुताबिक, इस घटना से पहले भी एसडीओ और उनके परिवार की ओर से धमकियां दी गई थीं। अशोक कुमार ने कथित तौर पर कहा था, “जहां जाना है जाओ, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं अनुमंडल पदाधिकारी हूं। तुम सबको बर्बाद कर दूंगा।”

    सुबह की घटना, भाई ने फोन पर दी सूचना. 
    राजू ने बताया कि 26 दिसंबर की सुबह 8:45 बजे एसडीओ के भाई शिवनंदन का फोन आया। उन्होंने केवल इतना कहा कि अनिता जल गई है और फोन काट दिया। इसके बाद राजू ने दोबारा कॉल किया, तो पता चला कि अनिता को हजारीबाग के अस्पताल से बोकारो के बीजीएच रेफर किया जा रहा है। घटना कब और कैसे हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।जब परिवार बोकारो पहुंचा, तो अनिता को बुरी तरह झुलसा हुआ पाया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल भेजा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    एसडीओ का पक्ष: ‘खुद पर तेल डालकर लगाई आग. ‘
    एसडीओ अशोक कुमार ने इस पूरे मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा, “गुरुवार की सुबह मेरी पत्नी मॉर्निंग वॉक के लिए तैयार हो रही थीं। घर में रंग-रोगन का काम चल रहा है। मैंने उन्हें बाहर जाने से रोका, तो वह नाराज हो गईं। फिर गुस्से में खुद पर तेल डालकर आग लगा ली।”एसडीओ का दावा है कि उन्हें बचाने की कोशिश में उनके हाथ भी जल गए।

    मौत पर उठ रहे सवाल.
    इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वास्तव में आत्महत्या का मामला है, जैसा कि एसडीओ दावा कर रहे हैं? या फिर यह घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का परिणाम है? पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    हजारीबाग की यह घटना बताती है कि परिवार और समाज के बीच अधिकार और जिम्मेदारी का संतुलन कितना अहम है।

  • जानिए अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

    GIRIDIH: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से झारखंड के ज्यादातर जिलों में शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़े नजर आएगी। हालांकि, जैसे-जैसे सूरज चढ़ेगा, आसमान साफ होता जाएगा। दोपहर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन हल्की हवाओं के चलते ठंड का एहसास बढ़ सकता है। तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

    बारिश की दस्तक: शनिवार और रविवार को बदल सकता है मौसम। 
    रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने भविष्यवाणी की है कि शुक्रवार के बाद मौसम का रुख बदल सकता है। शनिवार और रविवार को राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड बढ़ेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है। हालांकि, अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है।

    28 दिसंबर को झारखंड के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 29 दिसंबर को राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश के आसार हैं। 30 दिसंबर से मौसम साफ होने का अनुमान लगाया गया है।

    किन जिलों में कब होगी बारिश?
    28 दिसंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, कोडरमा, हजारीबाग, लोहरदगा, गिरिडीह, गुमला और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। 29 दिसंबर को गुमला, सिमडेगा, सिंहभूम और खूंटी जिलों में बारिश होने की संभावना है।

    सर्दी का असर और बढ़ेगा। 
    मौसम विभाग की माने तो बारिश के बाद ठंड और ज्यादा महसूस होगी। ऐसे में गर्म कपड़ों का ख्याल रखना जरूरी होगा। झारखंड के ताजा मौसम से जुड़ी हर जानकारी के लिए ‘द न्यूज़ पोस्ट4यू’ पर बने रहें।