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  • देवघर में आयोजित हुई उच्चस्तरीय बैठक, श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों का खाका तैयार

    देवघर :  आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2025 की भव्य और सुरक्षित आयोजन को लेकर मंगलवार को  देवघर परिसदन सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार  सोनू ने की।

    बैठक में पर्यटन सचिव, देवघर व दुमका के उपायुक्त, पर्यटन निदेशक, और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी विभागों की तैयारियों कीसमीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहजता प्रदान की जाए।

    श्रावणी मेला: केवल आयोजन नहीं, आस्था का उत्सव.

    बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा, “श्रावणी मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी है। हमारा लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक अनुभव मिले।” उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्यों की प्राथमिकता पर बल देते हुए निर्देशित किया।

    VIP दर्शन पर रोक: समानता को प्राथमिकता.

    एक बड़ा निर्णय यह लिया गया कि इस बार श्रावणी मेले में हर सोमवार को VIP और VVIP दर्शन की सुविधा पूर्णतः बंद रहेगी। इस कदम का उद्देश्य यह है कि किसी भी श्रद्धालु को विशेषाधिकार की वजह से पीछे न हटना पड़े और सभी को समान अवसर मिल सके।

    तकनीक का मेल से रिश्ता: स्मार्ट मेला 2025.

    इस वर्ष मेला क्षेत्र में तकनीकी हस्तक्षेप को बढ़ाते हुए डिजिटल और AI आधारित सुविधाओं को प्रमुखता दी जा रही है:

    • AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम
    • AI चैटबोट – श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, फीडबैक और हेल्पलाइन सेवाएं
    • AI ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
    • QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम
    • लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम
    • डिजिटल पवेलियन – संस्कृति और पर्यटन को डिजिटल रूप में दिखाने की पहल

    श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं.

    श्रावणी मेला 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इन विशेष व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया:

    • स्वास्थ्य केंद्र और सहायता केंद्र
    • टेंट सिटी, स्वच्छ स्नानगृह, शौचालय, कूड़ेदान
    • पेयजल व्यवस्था, मिस्ट कूलिंग (इंद्र वर्षा)
    • सजावट और स्वागत तोरण द्वारों की भव्य योजना

    सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की व्यापक योजना.

    मंत्री ने साफ किया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस हेतु:

    • थाना और ट्रैफिक नियंत्रण केंद्र की व्यवस्था
    • अपराध नियंत्रण, वाहन पार्किंग, रूटलाइनिंग की स्पष्ट रणनीति
    • CCTV निगरानी, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाबल और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल

    हर विभाग को मिला समयबद्ध कार्य का निर्देश.

    नगर विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, जनसंपर्क, बिजली, स्वास्थ्य, भवन निर्माण आदि विभागों को अपने-अपने कार्यों को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

    श्रावणी मेला 2025: श्रद्धा, व्यवस्था और तकनीक का संगम.

    11 जुलाई से 09 अगस्त 2025 तक चलने वाले इस राजकीय आयोजन को सफल बनाने के लिए झारखंड सरकार पूरी तरह संकल्पित है। इस बार का मेला केवल आस्था का नहीं, बल्कि सुनियोजित व्यवस्था और तकनीक के संगम का प्रतीक होगा।

  • रामनवमी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की हाईलेवल बैठक, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    परवेज़ आलम 

    रामनवमी पर्व के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में राज्य की विधि-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रामनवमी का उत्सव पूरे राज्य में आपसी प्रेम, सौहार्द और शांति के साथ संपन्न हो। इस समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, एडीजी ऑपरेशन संजय आनंद राव लाटकर, आईजी ऑपरेशन एवी होमकर, आईजी स्पेशल ब्रांच प्रभात कुमार और जिलों के डीसी, एसएसपी, एसपी उपस्थित रहे.

    संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रामनवमी के दौरान शोभायात्रा और अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं, इसलिए कुछ क्षेत्रों में यह समय संवेदनशील हो जाता है। ऐसे चिन्हित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। साथ ही सभी अखाड़ा समितियों को हाईकोर्ट द्वारा डीजे बजाने को लेकर दिए गए आदेश की प्रति अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई अखाड़ा समिति हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इसकी जानकारी पहले से उन्हें दे दी जाए। शोभायात्रा के दौरान CCTV और ड्रोन कैमरे से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बाइक रैली पर पूरी तरह रोक

    सीएम सोरेन ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्राओं के साथ बाइक रैलियों की परंपरा शुरू हो गई है, जिसे किसी भी हाल में अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी बाइक रैलियां आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, इसलिए इस पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

    कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने को कहा और निर्देश दिए कि जुलूस या शोभायात्रा के दौरान कहीं भी किसी तरह की अशांति दिखे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय और कंट्रोल रूम को दी जाए। छोटी घटनाओं पर भी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए म्यूजिक सिस्टम कुछ देर के लिए बंद कराया जाए।

    हजारीबाग और गिरिडीह में विशेष सुरक्षा व्यवस्था

    हाल ही में दो समुदायों के बीच हुई झड़प को देखते हुए हजारीबाग और गिरिडीह जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने 25 डीएसपी रैंक के अधिकारियों की विशेष रूप से तैनाती की है जो 8 अप्रैल तक सुरक्षा की कमान संभालें रहेंगे ।

    हजारीबाग के लिए नियुक्त 20 डीएसपी में शामिल हैं:

    हीरालाल रवि, मजरुल होदा, संजय कुमार (1), सुनील कुमार रजवार, संदीप गुप्ता, दिलीप खलखो, सतीश झा, कुलदीप टोपनो, भूपेंद्र राउत, विजय रंजन कुमार, संजय कुमार (2), रोहित रजवार, मनोज राय, राजीव कुमार, रविंद्र सिंह, राजकुमार यादव, पूनम मिंज, अजय केसरी, राजेंद्र दुबे, मनीष चंद्रलाल।

    गिरिडीह के लिए नियुक्त 5 डीएसपी:

    तालो सोरेन, अनूप केरकेट्टा, बेनेडिक्ट मरांडी, कपिंद्र उरांव, प्रमोद सिंह।

    गिरिडीह में फ्लैग मार्च निकाला गया

    रामनवमी से पहले गिरिडीह में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एसपी डॉ. विमल कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च शहर के बड़ा चौक, मुस्लिम बाजार, मौलाना आजाद चौक, कालीबाड़ी, मकतपुर चौक, कचहरी रोड, टावर चौक होते हुए कंट्रोल रूम तक पहुंचा। इस दौरान स्थानीय लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

    330 लोगों को दिया गया नोटिस

    रामनवमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिरिडीह ज़िले  के विभिन्न हिस्सों में 330 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इनसे कहा गया है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी में उनकी संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।