Tag: jharkhand budget 2025

  • झारखंड विधानसभा में 5508 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, महिला, बाल विकास और शिक्षा पर विशेष ध्यान

    झारखंड विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश, ऊर्जा विभाग को सबसे अधिक आवंटन

    झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। गुरुवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद सदन में 5508 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में विभिन्न विभागों के लिए धनराशि का आवंटन किया गया, जिसमें सबसे अधिक राशि ऊर्जा विभाग को दी गई।

    इस तृतीय अनुपूरक बजट में ऊर्जा विभाग के लिए 971.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता (कृषि) विभाग को 176.48 लाख रुपये, पशुपालन प्रभाग को 241.34 लाख रुपये, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को 612.62 लाख रुपये और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को 180.75 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

    इसके अलावा, वित्त विभाग को 10471.61 लाख रुपये, पेंशन मद के लिए 50,000 लाख रुपये, वाणिज्य कर विभाग को 50 लाख रुपये और खाद्य, जन वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग को 74 लाख रुपये दिए गए हैं। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 16137.95 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 14289.39 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

    शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े आवंटन किए गए हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सेकेंडरी शिक्षा विभाग को 18850.43 लाख रुपये और प्राथमिक एवं बजट शिक्षा प्रभार को 39293.50 लाख रुपये मिले हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 150 लाख रुपये और उद्योग विभाग को 274.54 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

    महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को 26668.69 लाख रुपये तथा ग्रामीण कार्य विभाग को 87329 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इस अनुपूरक बजट के जरिए विभिन्न योजनाओं को मजबूती देने और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया है।

  • मंत्री चमरा लिंडा का बड़ा बयान: सदन में कहा, 15 मार्च तक मंईयां सम्मान योजना की राशि होगी जारी

    मंईयां सम्मान योजना की बकाया राशि 15 मार्च तक खातों में भेजी जाएगी: मंत्री चमरा लिंडा

    बजट सत्र के तीसरे दिन मंत्री चमरा लिंडा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मंईयां सम्मान योजना की बकाया राशि 15 मार्च तक महिलाओं के खातों में जमा कर दी जाएगी।

    सदन में सीपी सिंह के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि इस योजना की राशि महिलाओं के खाते में भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 15 मार्च तक बाकी बची सभी किस्तों का भुगतान कर दिया जाएगा।

    मंत्री ने आगे कहा कि मार्च माह की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर होना शुरू हो गया है, जबकि जनवरी और फरवरी माह की बकाया किस्तें भी 15 मार्च तक खातों में जमा कर दी जाएंगी।

  • राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनाईं हेमंत सरकार की उपलब्धियां, कहा – बजट सत्र की सफलता के लिए सभी दल करें सहयोग

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र का शुभारंभ: राज्यपाल संतोष गंगवार का अभिभाषण

    झारखंड विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल संतोष गंगवार के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकास, सुशासन और जनकल्याण को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया और सभी वर्गों के कल्याण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    विकास और आधारभूत संरचना

    राज्यपाल ने बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। सड़क, पुल और रेलवे कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं मरम्मत हेतु बड़ी धनराशि आवंटित की गई है, जबकि शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। जल आपूर्ति और स्वच्छता को आधुनिक बनाने के प्रयास भी जारी हैं।

    कृषि एवं ग्रामीण विकास

    राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है। कृषि ऋण माफी योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है और उनकी फसलें बेहतर मूल्य पर बिकें, इसके लिए नई मंडियों की स्थापना की जा रही है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं शुरू की गई हैं।

    शिक्षा एवं युवाओं के लिए योजनाएं

    शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम, छात्रवृत्ति योजनाओं और उच्च शिक्षा संस्थानों में सुधार हेतु पर्याप्त बजट आवंटित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

    सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विशेष योजनाओं को लागू किया गया है।

    रोजगार एवं औद्योगिक विकास

    राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई योजनाएं लेकर आई है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत फैसले लिए गए हैं। टेक्सटाइल, खनन और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    महिला एवं बाल विकास

    महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, पोषण अभियान और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। बाल श्रम और मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों से निपटने के लिए कठोर कानून लागू किए गए हैं।

    पर्यावरण एवं सतत विकास

    पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रीन एनर्जी, वृक्षारोपण और जल संरक्षण योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सरकार सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

    कानून व्यवस्था एवं सुशासन

    राज्यपाल ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और साइबर क्राइम से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू की गई है। भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को समाप्त करने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास

    झारखंड सरकार राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।,,

    राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में झारखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और आशा जताई कि आगामी बजट इन लक्ष्यों को और मजबूती प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य झारखंड को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। इस अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हो गई है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

  • झारखंड बजट सत्र पर चर्चा के लिए 21 फरवरी को स्पीकर की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने शुरू की बजट सत्र की तैयारियां।

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने आगामी बजट सत्र की तैयारियों को तेज कर दिया है। सत्र के सुचारू संचालन और जनहित से जुड़े अधिकतम मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए 21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    वहीं, भाजपा ने अब तक अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी दिन राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और अन्य प्रमुख विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों से समय पर विधेयकों और प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि स्पीकर के साथ अबुआ बजट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा हुई है। बजट तैयारियों का कार्य अंतिम चरण में है, जिसके लिए कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ आम जनता से भी सुझाव लिए गए हैं। आगामी बजट राज्य के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। झारखंड का यह बजट सत्र राज्य की प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।