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  • आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम में उमड़ी भीड़

    By:-Chandan Nitu.

    For The News Post4U.

    गिरिडीह जिले में “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार कार्यक्रम की रौनक देखते ही बन रही है। जिले के लगभग हर प्रखंड में लगे शिविरों में लोगों का तांता लगा है। सरकार का लक्ष्य साफ है—हर लाभुक तक योजनाओं का लाभ घर–घर पहुंचाना और किसी को भी उसके हक से वंचित न रहने देना।

    आज इसी कड़ी में विधायक  कल्पना मुर्मू सोरेन और उपायुक्त रामनिवास यादव गांडेय प्रखंड के कुंडलवादह, बदगुंदा, पर्वतपुर, अहिल्यापुर और बेंगाबाद पंचायत व महुआर पंचायत सचिवालय पहुँचे और शिविरों का निरीक्षण किया।

    राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद भी पहुंचे — हर सेवा का स्वयं लिया जायजा

    निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, विधायक गांडेय और उपायुक्त ने प्रत्येक स्टॉल की व्यवस्था, सेवाओं की उपलब्धता, आवेदनों की प्रक्रिया और आम जनता की सहभागिता को बारीकी से परखा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए—
    “हर लाभुक की समस्या का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें।”

    अपने संबोधन में डॉ. अहमद ने कहा—
    “सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी योजना कागज़ों में नहीं, बल्कि लोगों तक पहुंचे। आपकी सहभागिता और प्रशासन की प्रतिबद्धता से यह अभियान सफल हो रहा है।”

    विधायक का जनता से सीधा संवाद—“अबुआ की सरकार मतलब आपकी सरकार”

    लोगों को संबोधित करते हुए विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने दो टूक कहा—
    “इस कार्यक्रम से सरकार आप सभी के और करीब आ रही है। आपकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना हमारी पहली प्राथमिकता है।”

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि—

    • पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से दें।
    • किसी आवेदन में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    • सभी स्टॉल पर पर्याप्त कार्यबल तत्परता से उपलब्ध रहे।

    उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए कहा—
    “आपके सहयोग से यह कार्यक्रम सफल है। आने वाले समय में और भी बेहतर सेवाएं आपके लिए लेकर आएंगे।”

    शिविर में सबसे ज्यादा भीड़ इन सेवाओं के लिए.

    लोगों ने बड़ी संख्या में इन सुविधाओं के लिए आवेदन दिए—

    • जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र
    • वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन
    • राशन कार्ड
    • प्रधानमंत्री आवास योजना
    • स्वास्थ्य बीमा
    • श्रम विभाग की योजनाएं

    कई आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।

    उपायुक्त ने अपील की—
    “निकटतम शिविर में पहुँचकर अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। यह कार्यक्रम शिकायत निवारण से लेकर नई सेवाओं तक—सब कुछ आपके द्वार ला रहा है।

     त्वरित समाधान, डिजिटल एंट्री और लगातार मॉनिटरिंग

    सभी प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री की जा रही है। जिला स्तरीय टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है ताकि—

    • लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन हो,
    • और योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचे।

    कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त ने कहा—
    “जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ आपके लिए खड़ा है। हमारा लक्ष्य है—ज्यादा से ज्यादा योग्य लाभुकों तक योजनाओं को पहुँचाना। आपका सहयोग ही हमारी प्रेरणा है।”

  • उदनाबाद-गांडेय मार्ग पर उसरी नदी पुल क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों का परिचालन ठप

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिला मुख्यालय से सटे उदनाबाद होते हुए गांडेय और जामताड़ा को जोड़ने वाले उसरी नदी पर बने पुराने पुल की हालत इन दिनों बेहद जर्जर हो चुकी है। पुल के ऊपर के कई पायों (pillars) में दरारें पड़ने और कुछ हिस्सों के धंस जाने के कारण प्रशासन ने बड़े वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    यह पुल झारखंड की दो प्रमुख राजनीतिक हस्तियों — राज्य के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदीव्य कुमार सोनू और गांडेय विधायक डॉ. कल्पना सोरेन मुर्मू — के क्षेत्र को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यही पुल हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता रहा है।

    20 साल पुराना पुल, अब बदहाल स्थिति में.

    इस पुल का निर्माण लगभग 20 से 21 वर्ष पूर्व, तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के शासनकाल में कराया गया था। शुरुआती वर्षों में यह पुल मजबूत और सुरक्षित माना जाता था। लेकिन समय के साथ मरम्मत और देखरेख की अनदेखी ने इसकी स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी मालवाहक ट्रकों के लगातार दबाव से पुल की नींव कमजोर पड़ गई है। अब पिलरों में दरारें दिखने लगी हैं और कुछ हिस्से धंसने भी लगे हैं.

     जनजीवन पर असर और दुर्घटना की आशंका.

    पुल क्षतिग्रस्त होने से गिरिडीह-गांडेय-जामताड़ा मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन रुक गया है। नतीजतन व्यापारिक गतिविधियाँ और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
    ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग न होने से छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों को भी अब जोखिम उठाकर इसी पुल से गुजरना पड़ रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

    सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता.

    सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के दोनों जनप्रतिनिधियों — मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू और विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू — से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
    उन्होंने कहा कि “जनहित में आवश्यक है कि विभाग के विशेषज्ञ इंजीनियरों से पुल की तकनीकी जाँच कराई जाए और मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो, अन्यथा कभी भी अनहोनी हो सकती है।”

    शीघ्र हो पहल.

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पुल न केवल गिरिडीह-गांडेय को जोड़ता है, बल्कि जामताड़ा और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लिए भी एक प्रमुख मार्ग है।
    लोगों की अपेक्षा है कि राज्य सरकार शीघ्र इस पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की घोषणा करे, ताकि आवागमन सामान्य हो सके और संभावित हादसों से बचा जा सके।

     

  • राशन लेने वाले अयोग्य लोगों पर होगी कार्रवाई, धावा दल करेगी छापेमारी, सूद समेत वसूला जागा पैसा।

    राशन कार्ड अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त, अपात्र लाभुकों पर होगी कार्रवाई

    रांची: मंईयां सम्मान योजना लागू होने के बाद से राशन कार्ड के लिए जिला आपूर्ति कार्यालय में बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। इस बीच, कई ऐसे लोगों ने भी राशन कार्ड बनवा लिया है, जो इसकी पात्रता नहीं रखते। अब प्रशासन ऐसे अपात्र लाभुकों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जिला आपूर्ति कार्यालय ने इस संदर्भ में एक धावा दल गठित करने का निर्णय लिया है, जो संपन्न परिवारों द्वारा बनाए गए अवैध राशन कार्ड की जांच करेगा।

    यदि जांच में अपात्र लाभुक पकड़े जाते हैं, तो उनके द्वारा अब तक उठाए गए अनाज की वर्तमान बाजार दर पर वसूली की जाएगी। इसके अलावा, उस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।

    भुगतान करनी होगी पूरी राशि और ब्याज

    जिला आपूर्ति कार्यालय के अनुसार, जिन लाभुकों को अपात्र पाया जाएगा, उन्हें अब तक लिए गए खाद्यान्न की पूरी कीमत चुकानी होगी। चावल के लिए प्रति किलो ₹33.50 और गेहूं के लिए ₹35.00 की दर से वसूली की जाएगी। साथ ही, 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा। इससे पहले भी कई अपात्र लाभुकों पर सख्त कार्रवाई की गई थी, जिसमें किसी पर ₹1.48 लाख और किसी पर ₹1.37 लाख तक का जुर्माना लगाया गया था। कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी और कुछ के खिलाफ सर्टिफिकेट केस भी चलाया गया था। अब प्रशासन एक बार फिर इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई के लिए तैयार है।

    सरेंडर करने का आखिरी मौका

    जो लोग बिना पात्रता के राशन कार्ड बनवाकर गरीबों का हक छीन रहे हैं, उनके पास अभी भी खुद से राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। स्वेच्छा से सरेंडर करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन अगर जांच में वे पकड़े जाते हैं, तो उन्हें जुर्माने के साथ कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

    ये लोग नहीं बनवा सकते राशन कार्ड

    राशन कार्ड की पात्रता को लेकर सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निम्नलिखित श्रेणी के लोग राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे:

    • जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी या स्वायत्त निकायों (जैसे विश्वविद्यालय, नगर परिषद, न्यास आदि) में कार्यरत हो।
    • जो आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर आदि का भुगतान करते हैं।
    • जिनके पास 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 10 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि हो।
    • जिनके परिवार में चारपहिया वाहन हो या कोई सदस्य सरकार द्वारा पंजीकृत उद्यम का मालिक हो।
    • जिनके पास रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
    • जिनके घर में तीन या अधिक कमरों वाली पक्की दीवारों और छत वाला मकान हो।
    • जिनके पास कृषि कार्य के लिए चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर) हो।

     

  • अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च, जानें इसकी खासियतें

    राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों की सुविधा के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विकसित किया गया है और गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप की मदद से लाभार्थी अपने घर के निर्माण की प्रगति को जियो टैग कर सकेंगे। साथ ही, योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान भी ऐप के माध्यम से समय पर किया जाएगा। पंचायत सेवक जियो टैग की जानकारी को स्थल पर जाकर सत्यापित करेंगे। यह ऐप अबुआ आवास योजना के आधिकारिक पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे अपना खुद का घर बना सकें।

  • बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू रोक पर बाबूलाल ने मुख्यमंत्री से हल निकालने को कहा!

    पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू के ट्रकों को आने से रोकने पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है। उन्होंने हेमंत सोरेन से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर इस समस्या को तुरंत हल करने का अनुरोध किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले से महंगाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। बंगाल से झारखंड आ रहे सैकड़ों ट्रकों को वापस लौटा दिया गया है, जिससे सब्जी मंडियों में केवल कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा है। कम आपूर्ति के कारण आलू की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और यह आम लोगों की रसोई से गायब हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि हेमंत सोरेन ममता बनर्जी से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालें और झारखंड में आलू की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि राज्य के लोगों को महंगाई से राहत मिल सके।