Tag: JharkhandUpdates

  • गिरिडीह:जल्द शुरू होगी शराब दुकानों की ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया,लक्ष्य 109 करोड़.

    संवाददाता The News Post4U

    गिरिडीह : झारखंड सरकार की नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद गिरिडीह में भी शराब दुकानों की ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। इस संबंध में उत्पाद विभाग अधिकारियों ने नई व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मीडिया से साझा कीं।

    उत्पाद अधीक्षक महेंद्र देव सिंह, निरीक्षक रवि रंजन और कुमार महेंद्र ने बताया कि आगामी तीन दिनों के भीतर जिले में शराब दुकानों के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

    बाहरी लोगों पर लगेगी रोक, स्थानीयों को प्राथमिकता.

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थानीय सहभागिता आधारित बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि बाहरी लोगों की भागीदारी को सीमित किया जा सके।

    45 समूहों में होंगी 100 शराब दुकानें शामिल.

    जानकारी के अनुसार, जिले में इस बार 7 देशी शराब दुकानें और 93 कम्पोजिट दुकानें चिह्नित की गई हैं, जिन्हें 45 समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह में दो दुकानें शामिल होंगी। विभाग ने अनुमान जताया है कि एक समूह की औसत टेंडर राशि 4 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है।

    राजस्व लक्ष्य 109 करोड़ रुपये.

    उत्पाद विभाग ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 104 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी, जबकि इस वर्ष 109 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नई नीति लागू होने से पहले ही चार महीने की राजस्व वसूली हो चुकी है, जिससे लक्ष्य को हासिल करना संभव लगता है।

    बिक्री पर 12% कमीशन, कोटा पूरा न करने पर जुर्माना.

    अधिकारियों ने बताया कि इस बार शराब दुकान संचालकों को बिक्री पर 12 प्रतिशत तक का कमीशन दिया जाएगा। हालांकि यदि कोई संचालक निर्धारित कोटा पूरा नहीं करता, तो उस पर 5 प्रतिशत का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

    नई नीति से पारदर्शिता.

    उत्पाद अधीक्षक ने उम्मीद जताई कि इस पूरी प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को आर्थिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, नीति के बेहतर क्रियान्वयन से राजस्व वृद्धि और व्यवस्थागत सुधार संभव होगा।

  • डीसी ने नवोदय विद्यालय का किया निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था व छात्रों की सुविधाओं का लिया जायजा

    The News Post4u.

    गिरिडीह: उपायुक्त रामनिवास यादव ने गांडेय प्रखंड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का आज औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की संपूर्ण शैक्षणिक और भौतिक व्यवस्था का गहन अवलोकन किया और छात्रों की शिक्षा, सुविधाएं, उपस्थिति और भोजन व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।

    शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों से संवाद.

    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कक्षाओं में जाकर छात्रों से उनकी पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और सीखने में आ रही चुनौतियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से भी शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ समुचित मार्गदर्शन भी मिले।

    मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान.

    उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता, रसोईघर (किचन शेड), और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले भोजन को स्वयं परखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि पोषणयुक्त भोजन छात्रों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जरूरी है।

    अभिलेखों की जांच और उपस्थिति पर नजर.

    निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालय में रखे उपस्थिति पंजी, सामग्री पंजी, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख अद्यतन और पारदर्शी तरीके से संधारित होने चाहिए, जिससे प्रशासनिक निगरानी में किसी प्रकार की बाधा न हो।

    शिक्षा को बताया देश के भविष्य की नींव.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि छात्रों का मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना सिर्फ स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज, अभिभावकों और प्रशासन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “शिक्षा ही वह मजबूत आधार है जिस पर राज्य और देश का भविष्य टिका है। इसलिए हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।”

    अधिकारियों की उपस्थिति.

    निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपायुक्त के साथ मौजूद रहे। सभी को विद्यालय की आवश्यकताओं और सुधार की संभावनाओं पर मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण न सिर्फ विद्यालय के संचालन की निगरानी का हिस्सा था, बल्कि छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

  • रांची को मिलेगा ताज होटल का तोहफा, 400 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय होटल

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित ताज होटल के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो चुका है। झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग ने इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) — जो टाटा समूह की एक प्रमुख इकाई है — को धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी के कोर कैपिटल क्षेत्र में 6 एकड़ जमीन 60 वर्षों की लीज पर दे दी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार को स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के रूप में लगभग 4.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

    लीज प्रक्रिया संपन्न, नवंबर 2025 में संभावित शिलान्यास.

    लीज से संबंधित सारी औपचारिकताएं रजिस्ट्री कार्यालय में पूरी की गईं। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र कुमार और IHCL के उपाध्यक्ष की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। ताज होटल के निर्माण का शिलान्यास नवंबर 2025 में प्रस्तावित है और निर्माण कार्य को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    400 करोड़ रुपये की लागत, 200 कमरे और अत्याधुनिक सुविधाएं.

    करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट रांची के आतिथ्य उद्योग में एक मील का पत्थर साबित होगा। प्रस्तावित भवन की ऊंचाई लगभग 27 मीटर होगी और यह 40 प्रतिशत भू-आवरण (ground coverage) में निर्मित किया जाएगा।
    होटल में लगभग 200 कमरे, एक भव्य बैन्क्वेट हॉल, वेलनेस सेंटर, स्विमिंग पूल, और सज्जित गार्डन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा.

    सरकारी आकलनों के अनुसार, इस परियोजना से रांची और आसपास के क्षेत्र में लगभग 1000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे न सिर्फ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन और व्यवसायिक परिदृश्य को भी नई दिशा मिलेगी।

    पहले से हो चुका है एमओयू.

    गौरतलब है कि 24 जुलाई 2024 को इस परियोजना को लेकर झारखंड सरकार और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन भी उपस्थित थे।

    यह परियोजना रांची की स्मार्ट सिटी पहल को मजबूती देने के साथ-साथ झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ताज होटल के आगमन से राजधानी रांची को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।