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  • JPSC-JSSC आंदोलन के बीच झारखंड में सियासी हलचल तेज

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सड़क से लेकर अस्पताल तक और सरकार से लेकर राजभवन तक—हर स्तर पर हलचल बढ़ गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट बिल्डिंग में अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अहम बैठक बुलाई है। दूसरी ओर, CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार दास को हिरासत में लिया है। CID की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।

    सरकार और छात्रों के बीच चौथे दौर की बातचीत

    छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को चौथे दौर की वार्ता शुरू हुई। बातचीत शाम करीब साढ़े सात बजे शुरू हुई। इससे पहले छात्रों को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस बुलाया गया था।

    प्रशासन की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों को गाड़ियों से गेस्ट हाउस ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि मुख्यमंत्री पहले मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद छात्रों के साथ बातचीत की जाएगी।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली यह वार्ता किसी ठोस समाधान तक पहुंचती है या नहीं।

    CID की कार्रवाई, पूर्व JPSC अध्यक्ष से भी हुई पूछताछ

    जांच के सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से करीब 48 घंटे तक पूछताछ की गई। CID ने 15 अगस्त को उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पूछताछ पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    इसके साथ ही JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार दास को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने से जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है।

    चयनित अभ्यर्थियों की सरकार से अपील

    इधर, JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनके भविष्य पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

    चयनित अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के निकट मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है।

    16वें दिन भी जारी देवेंद्र महतो का अनशन

    छात्र आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन भी लगातार जारी है। भूख हड़ताल के 16वें दिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बताई गई। सोमवार को उनका रक्तचाप 84/39 mmHg दर्ज किया गया।

    15 अगस्त के बाद से लगातार जांच में उनका BP कम पाया जा रहा था और सोमवार को यह और नीचे चला गया। फिलहाल सदर अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच और निगरानी की जा रही है।

    आंदोलनकारियों की मांग है कि देवेंद्र महतो को अस्पताल से वापस सत्याग्रह स्थल लाया जाए, हालांकि उनकी लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच यह मांग भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

    राजभवन पहुंचा विपक्ष, राज्यपाल से मुलाकात

    छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात की।

    भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने छात्र आंदोलन से उपजे हालात समेत प्रदेश के अन्य ज्वलंत मुद्दों को रखा। उनका आरोप है कि छात्र पिछले 24 दिनों से रांची में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कई छात्र आमरण अनशन के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।

    भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के नाम पर छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करते हुए छात्रों की जायज मांगों का जल्द समाधान कराने की मांग की।

    राज्यपाल ने भाजपा नेताओं को आश्वस्त किया कि पूरे घटनाक्रम और राज्य की परिस्थितियों पर उनकी पैनी नजर है।

    अब बड़ा सवाल—क्या निकलेगा समाधान?

    JPSC-JSSC आंदोलन, CID की कार्रवाई, पूर्व अधिकारियों से पूछताछ, छात्रों की भूख हड़ताल, चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और राजभवन तक पहुंचा राजनीतिक विवाद—इन सबके बीच झारखंड की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सरकार और छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता से कोई ठोस समाधान निकलेगा, या झारखंड का छात्र आंदोलन अभी और बड़ा रूप लेगा?

     

  • झारखंड: नई बहाली से खिले चेहरे, जेएसएससी के 289 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    झारखंड में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से चयनित 289 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। हालांकि, गले में खराश होने के कारण वे भाषण नहीं दे सके, लेकिन उनकी मौजूदगी ही अभ्यर्थियों के लिए सपनों के सच होने जैसा अहसास थी।

    राज्य को मिले नए राजस्व निरीक्षक, विधि सहायक और अन्य पदाधिकारी.

    नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही राज्य को 174 राजस्व निरीक्षक, 44 विधि सहायक, 12 सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर, 8 पशु चिकित्सा पदाधिकारी और 9 नए गार्डेन अधीक्षक मिल गए हैं। यह नियुक्ति राज्य के शहरी निकायों की ताकत को बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगी।

    मंत्रियों ने दिलाई जिम्मेदारी की याद.

    इस मौके पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देने के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाई।

    नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड की 31% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, लेकिन मानव संसाधन की कमी के कारण सरकारी योजनाओं को लागू करने में दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब इन नियुक्तियों से कामकाज में तेजी आएगी।

    वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पिछली सरकार संविदा पर कर्मियों को नियुक्त करती थी, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दृढ़ संकल्प के चलते अब नियमित बहाली हो रही है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले पांच सालों में और भी भर्तियां होंगी।

    श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है, बस समर्पित भाव से काम करें और राज्य के विकास में योगदान दें।

    संगठन और संघर्ष के बाद मिली जीत.

    चार साल तक नियुक्ति पत्र के इंतजार में संघर्ष करने वाले अभ्यर्थियों के चेहरे आज खुशी से खिल उठे। कई अभ्यर्थियों ने JSSC कार्यालय से लेकर राजभवन तक धरना प्रदर्शन किया, सरकार से बार-बार रिजल्ट जारी करने की मांग उठाई, और आज वह संघर्ष सफलता में बदल गया।

    अब झारखंड में नए सपनों की उड़ान

    सरकार की इस बहाली से जहां शहरी निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी, वहीं युवाओं को अपने करियर को संवारने का मौका भी मिलेगा। सवाल यह भी है कि क्या यह बहाली अन्य लंबित भर्तियों का रास्ता साफ करेगी? अब देखना होगा कि सरकार अपने इस संकल्प को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है।

    The News Post4U के लिए परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट.

  • सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में केवल JTET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम जारी होगा, JSSC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकारा

    जेएसएससी परीक्षा: केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम होगा जारी

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक विद्यालयों में सहायक आचार्य पदों की प्रतियोगिता परीक्षा में केवल झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस परीक्षा में शामिल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास अभ्यर्थियों का परिणाम जारी नहीं किया जाएगा।

    राज्य सरकार और जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी के आदेश को लागू करने का निर्णय लिया है। इस आदेश में झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है, जबकि CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया गया है।

    गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति नियमों में संशोधन के बाद CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को परिमल कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

    जेएसएससी ने मंगलवार को एक आधिकारिक सूचना जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी और इसकी प्रति अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार संचालित होगी। उल्लेखनीय है कि J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद यह फैसला आया।