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  • JMM की हो गयी शालिनी, कोडरमा की पूर्व जिप अध्यक्ष रही है

    CM हेमंत सोरेन की मोजूदगी मे ली सदस्यता

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    कोडरमा / गिरिडीह :  कोडरमा की सियासी ज़मीन पर आज झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी ताकत का खुला प्रदर्शन किया। झामुमो के सदस्यता समारोह में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मौजूद रहे, और इसी मंच से राजनीति की एक अहम तस्वीर भी साफ हो गई।

    जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष और आजसू की वरिष्ठ नेत्री शालिनी गुप्ता ने गुरुवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ झामुमो का दामन थाम लिया। मंच पर मौजूद थे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू—और माहौल था पूरी तरह सियासी उत्साह से भरा हुआ।

    कोडरमा में आयोजित इस सदस्यता समारोह में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शालिनी गुप्ता को औपचारिक रूप से झामुमो की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम में झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे, जो इस बदलाव को अपने आप में बड़ा संकेत मान रहे हैं।
    हेमंत सोरेन ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह झामुमो के बढ़ते कुनबे और जनता के मजबूत भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता लगातार झामुमो की नीतियों और सरकार के काम पर भरोसा जता रही है।

    वहीं, झामुमो में शामिल होने के बाद शालिनी गुप्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि झामुमो की सरकार आदिवासी, मूलवासी समेत समाज के हर वर्ग का ख्याल रख रही है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड विकास की सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
    शालिनी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया। साथ ही उनके क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भी यही इच्छा थी, और उसी भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने झामुमो में शामिल होने का निर्णय लिया।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का जो सपना देखा गया था, वह आज जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।
    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के हर गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही हैं और सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर काम कर रही है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के विकास को देखकर भाजपा असहज है और केंद्र सरकार द्वारा राज्य की योजनाओं की राशि रोकी जा रही है।

    महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में झारखंड में कई कंपनियां निवेश करेंगी, जिससे युवाओं को रोजगार और नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।

    कुल मिलाकर, कोडरमा से उठी यह सियासी तस्वीर साफ संकेत दे रही है—झामुमो लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है, और आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है।

     

  • जंगली हाथी के साथ रील बना रह था सद्दाम,फिर जो हुआ …..

    वन विभाग की चेतावनियों के बावजूद रील बनाने की सनक ने ले ली जान.

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    कोडरमा (झारखंड): झारखंड के कोडरमा जिले में रील बनाने की कोशिश में एक युवक की जान चली गई। सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने की चाहत ने 30 वर्षीय सद्दाम अंसारी को इस कदर अंधा कर दिया कि वह जंगली हाथियों के झुंड के पास जाकर उनके साथ सेल्फी और रील बनाता रहा। लेकिन यह दुस्साहसिक कदम उसकी मौत का कारण बन गया।

    हाथी के गुस्से का शिकार बना युवक.

    यह हादसा मरकच्चो थाना क्षेत्र के सलैया पहाड़ी के जंगलों में हुआ। स्थानीय निवासी सद्दाम अंसारी, जो बेलडीह गांव का रहने वाला था और पेशे से मार्बल मिस्त्री था, अपने दो दोस्तों के साथ जंगल में पहुंचे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि इलाके में हाथियों का झुंड देखा गया है। वहां पहुंचकर सद्दाम हाथियों के बेहद करीब जाकर मोबाइल से वीडियो शूट करने लगा और सेल्फी लेने लगा।

    इसी दौरान झुंड में से एक हाथी अचानक आक्रामक हो गया और युवक की ओर दौड़ पड़ा। सद्दाम के दोनों दोस्त किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, लेकिन सद्दाम का पैर झाड़ियों में फंस गया और वह गिर गया। गुस्साए हाथी ने उसे उठाकर पटक दिया और फिर पैरों से बुरी तरह कुचल डाला।

    इलाज के दौरान तोड़ा दम.

    घायल अवस्था में ग्रामीणों ने सद्दाम को तुरंत कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रांची पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।

    ADVT.

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं.

    यह कोई पहली घटना नहीं है जब हाथियों के हमले में इंसानी जान गई हो। इससे पहले मार्च महीने में झारखंड के सिमडेगा और गुमला जिलों में भी जंगली हाथियों ने चार ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला था। इसके बावजूद लोग अब भी बिना सुरक्षा उपायों के जंगली क्षेत्रों में जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाते देखे जाते हैं।

    प्रशासन और वन विभाग की अपील.

    वन विभाग ने बार-बार चेतावनी दी है कि जंगली जानवरों से दूरी बनाकर रखें और बिना अनुमति जंगलों में प्रवेश न करें। रील और सोशल मीडिया के लिए अपनी जान खतरे में डालना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है।

    यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि वाइल्डलाइफ से छेड़छाड़ या लापरवाही सिर्फ अवैध ही नहीं, घातक भी हो सकती है।