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  • रंगों में न घुले अशांति के रंग,होली पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे अलर्ट मोड में

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: होली… यानी रंगों का त्योहार, हंसी का त्योहार, गिले-शिकवे मिटाने का त्योहार। लेकिन इस बार प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है — रंगों में मस्ती हो, मगर मर्यादा भी हो। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के नाम पर किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी.

    जिले के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। वहां अतिरिक्त दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस की गश्ती टीमें लगातार सड़कों पर भ्रमणशील रहेंगी और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और शांति समिति के सदस्यों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।

    डीजे और तेज ध्वनि पर सख्ती.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि डीजे, तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा—

    • शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर
    • सड़क पर हुड़दंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई
    • जबरन रंग लगाने जैसी घटनाओं पर तुरंत हस्तक्षेप

    ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

     सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर.

    इस बार सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
    भ्रामक, अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साइबर सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या नजदीकी थाना को दें।

    आपात सेवाएं भी अलर्ट.

    पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार के दौरान:

    • एंबुलेंस सेवा
    • फायर ब्रिगेड
    • चिकित्सा व्यवस्था सभी अलर्ट मोड में रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

     प्रशासन की अपील.

    प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की है।

    संदेश बिल्कुल स्पष्ट है —
    होली रंगों की हो, रिश्तों की हो, सम्मान की हो। अगर कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बार गिरिडीह में होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी होगी।

     

  • दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 30 बाइक रैपिड रिस्पांस टीम की तैनाती

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : दुर्गा पूजा और आगामी त्योहारों के दौरान जिले का माहौल शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बुधवार को जिला मुख्यालय से 30 बाइक रैपिड रिस्पांस टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार मौजूद रहे।

    प्रशासन के मुताबिक, ये बाइक रैपिड रिस्पांस टीम जिले के चारों प्रमंडलों में तैनात की जाएंगी। इन टीमों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये सीधे कंट्रोल रूम (CCR) से जुड़ी रहेंगी। बाइक पर सवार सुरक्षा बल पूरी तरह से हथियारों और उपकरणों से लैस होंगे। किसी भी क्षेत्र में अगर तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात पर काबू पाएंगे और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल को बुलाया जाएगा।

    दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अलग से 4 अतिरिक्त बाइक ट्रैफिक नियंत्रण दल को भी लगाया है। ये दल खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों और पूजा पंडालों के आसपास यातायात को नियंत्रित करने का काम करेंगे।

    उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे बेफिक्र होकर दुर्गा पूजा का आनंद लें। किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा बल लगातार गश्त पर रहेंगे ताकि त्योहारों का उल्लास बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जा सके।