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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईआईटी-आईएसएम के दीक्षांत समारोह में की शिरकत, छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश

    परवेज़ आलम.

    व धनबाद ब्यूरो रिपोर्ट, The News Post4U.

    धनबाद : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज धनबाद पहुंचीं और बरवाअड्डा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीधे आईआईटी-आईएसएम के 45वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने रवाना हो गईं। यह समारोह न केवल संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, बल्कि सैकड़ों छात्रों के जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक भी बना।

    राष्ट्रपति का स्वागत.

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के धनबाद हवाई अड्डा पर पहुँचने पर राज्यपाल संतोष गंगवार और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई बड़े अधिकारी और आईआईटी-आईएसएम के छात्र – छात्रायेँ भी उपस्थिथ थे ।

    छात्रों को मिला राष्ट्रपति का मार्गदर्शन.

    दीक्षांत समारोह के मंच से राष्ट्रपति ने उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन छात्रों की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और सफलता का उत्सव है। उन्होंने सभी पदक और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कहा, “यह समारोह जीवन के एक अध्याय की समाप्ति नहीं, बल्कि नए सफर की शुरुआत है।”

    राष्ट्रपति ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज, देश और पूरी दुनिया की जटिल समस्याओं के समाधान के लिए करें।

    संस्थान की 100 वर्षों की उपलब्धियां.

    राष्ट्रपति मुर्मू ने आईआईटी-आईएसएम की सदी भर की गौरवपूर्ण यात्रा को याद करते हुए कहा, “यह संस्थान मूल रूप से खनन और भूविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित हुआ था, लेकिन आज यह उच्च तकनीकी शिक्षा और शोध का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है।” उन्होंने तकनीकी नवाचारों और समाजोपयोगी अनुसंधानों में संस्थान के योगदान की सराहना की।

    जनजातीय समाज और महिलाओं के लिए संस्थान की पहल.

    उन्होंने विशेष रूप से संस्थान के उस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रशंसा की, जो झारखंड के आदिवासी युवाओं के सशक्तिकरण में लगा है। डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह केंद्र नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बना रहा है।

    साथ ही, उन्होंने महिलाओं के लिए चल रहे “फाउंडेशन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” की भी तारीफ की, जो आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में सहायक हो रहा है।

    विकसित भारत 2047: युवा बनें परिवर्तन के वाहक.

    राष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साझा करते हुए कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। “विकसित भारत वह है जहां प्रत्येक नागरिक को गरिमा, अवसर और समृद्ध जीवन मिले,” उन्होंने कहा।

    वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका.

    अपने संबोधन में उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी और डिजिटल असमानता जैसी वैश्विक समस्याओं का उल्लेख किया और कहा कि आईआईटी-आईएसएम जैसे संस्थान इन समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकते हैं।

    शिक्षा का नया दृष्टिकोण.

    राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, नवाचार-केंद्रित और उद्योगों के अनुकूल बनाने की जरूरत है। उन्होंने इंटर-डिसिप्लिनरी अप्रोच अपनाने की सलाह दी ताकि छात्र बहुआयामी चुनौतियों का समाधान ढूंढ सकें।

    राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से कहा, “अपने ज्ञान को न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए, बल्कि समाज के लिए उपयोग करें। ग्रीन इंडिया के निर्माण में सहभागी बनें और मानवता की सेवा को अपना ध्येय बनाएं।”

    अपने प्रेरणादायक भाषण के अंत में उन्होंने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि वे भारत के ऐतिहासिक बदलावों के निर्माता बनेंगे।

     

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2 दिवसीय झारखंड दौरा 31 से

    धनबाद और देवघर में अहम समारोहों की होंगी मुख्य अतिथि.

    परवेज़ आलम. 

    The News Post4u.

    धनबाद /देवघर :   देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  31 जुलाई से दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रही हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन उनकी आगवानी और सुरक्षा के लिए जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। यह दौरा विशेष रूप से आईआईटी (ISM) धनबाद और एम्स देवघर में होने वाले दीक्षांत समारोहों को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।

    1 अगस्त को धनबाद में दीक्षांत समारोह मे होंगी शामिल.

    राष्ट्रपति मुर्मू 1 अगस्त को धनबाद स्थित आईआईटी इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (आईएसएम) के 45 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह संस्थान वर्ष 1926 में स्थापित हुआ था और 2016 में इसे आईआईटी का दर्जा प्राप्त हुआ था। यह दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास है, क्योंकि राष्ट्रपति मुर्मू यहां भाग लेने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2014 में यहां आए थे।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रह सकते हैं मौजूद.

    इस कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। उनकी मौजूदगी से यह आयोजन और भी गरिमामय होने वाला है।

    देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भी लेंगी भाग.

    धनबाद के अलावा राष्ट्रपति का कार्यक्रम देवघर में भी निर्धारित है, जहां वे एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। यह संस्थान हाल ही में झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ है।

    धनबाद एयरस्पेस रहेगा नो-फ्लाइंग जोन.

    राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने सुरक्षा के तहत 31 जुलाई सुबह 10 बजे से 1 अगस्त शाम 6 बजे तक धनबाद हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, अलर्ट मोड पर प्रशासन.

    दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कमी न हो, इसके लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी, डीसी, ट्रैफिक पुलिस, और विशेष सुरक्षा दस्ते पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।

    पिछली बार स्थगित हुआ था दौरा;.

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 जून को झारखंड दौरे पर आने वाली थीं, लेकिन किसी कारणवश वह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इस बार पूरे राज्य में उनके स्वागत की तैयारियाँ पूरे उत्साह से की जा रही हैं।

    सिर्फ एक घंटे धनबाद में रुकेंगी राष्ट्रपति.

    सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए केवल एक घंटे के लिए धनबाद में ठहरेंगी। उनके कार्यक्रम को लेकर आईआईटी प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक हर स्तर पर बारीकी से तैयारियाँ की जा रही हैं।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल शैक्षणिक संस्थानों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि झारखंड के लिए एक प्रतिष्ठित अवसर भी है। आईआईटी-आईएसएम धनबाद और एम्स देवघर के दीक्षांत समारोहों में उनकी उपस्थिति राज्य के शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान देने का कार्य करेगी।