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  • गिरिडीह में महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : विवाह भवन में आध्यात्मिकता, संस्कृति और उत्सव का संगम देखने को मिला।
    शहरवासियों ने सोमवार को एक भव्य समारोह में भाग लिया, जहां वातावरण भक्ति और भारतीय परंपराओं की छटा से सराबोर रहा।

    कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने सभागार को जीवंत बना दिया और उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तब देखने को मिला, जब 251 महिलाओं ने एक साथ गूंजते स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। पूरा विवाह भवन भक्तिमय माहौल में डूब गया। हर श्लोक के साथ वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा, आस्था और सामूहिक उत्साह की गूंज सुनाई दी।

    इसी दौरान सक्षम श्री और हितिका केडिया का जन्मोत्सव भी मनाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पारंपरिक विधियों के साथ सम्पन्न इस अवसर ने पूरे समारोह को और भी खास बना दिया।

    समारोह में बतौर मुख्य अतिथि ओम वैष्णवी नर्सिंग होम के डॉ. श्रवण कुमार उपस्थित रहे।
    इसके अलावा सीआरपीएफ अधिकारी पंकज कुमार, भाजपा नेत्री उषा कुमारी, डॉ. मनीषा जालान, जूली केडिया, तनुजा सहाय और निर्मला कौर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
    सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल समाज को जोड़ते हैं बल्कि महिलाओं की भागीदारी और भूमिका को भी सशक्त बनाते हैं।

    इस समारोह की प्रमुख संयोजिका पूनम बरनवाल रहीं, जिन्हें मिन्नी बरनवाल, संध्या बरनवाल, सबिता, सोनी बरनवाल और अल्का बरनवाल का सक्रिय सहयोग मिला। आयोजकों ने बताया कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन भारतीय परंपराओं को जीवित रखने के साथ-साथ सामाजिक एकता और पारस्परिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।

  • गायत्री परिवार ने श्रद्धा और भक्ति से मनाया माता भगवती देवी शर्मा का महाप्रयाण दिवस

    जिलेभर में हुए अखंड जप और सामूहिक महायज्ञ.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह:  अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से रविवार को गिरिडीह जिले के विभिन्न हिस्सों में माता भगवती देवी शर्मा के महाप्रयाण दिवस पर भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ गिरिडीह के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई केंद्रों पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने एक घंटे का अखंड जप और सामूहिक गायत्री महायज्ञ सम्पन्न किया। उपस्थित साधकों ने राष्ट्र के कल्याण, समाज की समृद्धि और व्यक्तिगत जीवन में स्वास्थ्य, सुख तथा उज्ज्वलता की मंगलकामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।

    गायत्री परिवार गिरिडीह के प्रमुख कामेश्वर सिंह ने बताया कि माता भगवती देवी शर्मा का महाप्रयाण वर्ष 1994 में भाद्रपद पूर्णिमा के दिन हुआ था। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण के उपरांत चार वर्षों तक उन्होंने मिशन का नेतृत्व किया और देश-विदेश में अनेक अश्वमेध महायज्ञों का आयोजन किया। उन्होंने महिलाओं को आध्यात्मिक और सामाजिक नेतृत्व की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नारी जागरण अभियान की शुरुआत की। महिला मंडलों को महायज्ञ संचालन का अधिकार देना उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है, जिसके परिणामस्वरूप आज लाखों महिलाएं नियमित रूप से गायत्री उपासना और सामाजिक जागरण के कार्यों में सक्रिय हैं।

    महाप्रयाण दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले के ग्राम लेदा और ग्राम गुरहा में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें साप्ताहिक गायत्री महायज्ञ, सामूहिक जप और मंत्र लेखन अभियान का शुभारंभ हुआ। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक जागरण और एकजुटता का संदेश फैलाना रहा।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश कुमार राम, भवानी प्रसाद वर्मा, किशोरी शर्मा, राम प्रसाद नायक, संजय चौरसिया, काशी प्रसाद, बुधन चंद यादव, किशुन महतो, शिवप्रसाद राम, विशेश्वर साव, मनोज शर्मा, अनिल कुमार साव, बलराम विश्वकर्मा, रेखा देवी, संगीता साव, सरिता साव, माधुरी गुप्ता, स्नेहलता देवी, पूनम गुप्ता और पूनम देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।