Tag: sar ganga ram hospital

  • झारखंड : शिबू सोरेन की हालत गंभीर, वेंटिलेटर पर रखा गया

    लंबा राजनीतिक सफर, स्वास्थ्य पर संकट.

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    रांची: झारखंड की राजनीति में चार दशकों से अधिक समय तक अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की हालत इस समय बेहद नाजुक बताई जा रही है। उन्हें दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें जून के अंतिम सप्ताह में गंभीर किडनी संबंधी परेशानियों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से अब तक उनका इलाज जारी है, लेकिन उनकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

    हेमंत सोरेन ने दी थी जानकारी.

    शिबू सोरेन के बेटे और वर्तमान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 24 जून को अस्पताल पहुंचकर पिता के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। हेमंत ने मीडिया से कहा था कि “पिता जी की तबीयत को लेकर चिकित्सकीय जांच चल रही है। स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है।”

    एक महीना से ज्यादा समय से अस्पताल में भर्ती.

    सूत्रों के मुताबिक, 81 वर्षीय शिबू सोरेन को लगभग पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी देखभाल कर रही है। हालांकि डॉक्टरों ने उनकी रिकवरी को लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है।

    स्वास्थ्य के मोर्चे पर संकट के साथ-साथ पार्टी में चिंता.

    झामुमो के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। दूसरी ओर, राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को भी ब्रेन स्ट्रोक के चलते दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों शीर्ष नेताओं की सेहत पार्टी के लिए एक बड़ा धक्का है।

    शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन: संघर्ष, सत्ता और सजा.

    शिबू सोरेन ने 18 वर्ष की उम्र में “संथाल नवयुवक संघ” की स्थापना की थी। इसके बाद 1972 में उन्होंने ए.के. रॉय और बिनोद बिहारी महतो के साथ मिलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का गठन किया और इसके महासचिव बने। आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई में वह एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

    संसद और मंत्रालय

    • 1980 में पहली बार दुमका से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
    • 1989, 1991, 1996 में भी लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
    • 2002 में राज्यसभा पहुंचे, लेकिन दुमका सीट से उपचुनाव जीतने पर इस्तीफा दे दिया।
    • 2004 में केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने।

    विवादों और कानूनी मामलों में फंसे

    2004 में ही चिरुडीह हत्याकांड (1975 की घटना) में गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर मंत्री पद छोड़ना पड़ा। गिरफ्तारी के बाद जेल गए और बाद में जमानत मिली।
    2006 में अपने निजी सचिव शशिनाथ झा के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी पाए गए। CBI के आरोपपत्र के अनुसार, झा झामुमो और कांग्रेस के बीच हुए कथित सौदे की जानकारी रखता था।

    • 5 दिसंबर 2006 को उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
    • हालांकि बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें इस मामले से बरी कर दिया।

    जानलेवा हमले से बाल-बाल बचे.

    2007 में जब उन्हें दुमका जेल ले जाया जा रहा था, तब उनके काफिले पर बम से हमला किया गया। हालांकि, वह बाल-बाल बच गए थे।

    शिबू सोरेन न केवल झारखंड की राजनीति का एक स्तंभ रहे हैं, बल्कि उन्होंने आदिवासी समाज के हक और अस्तित्व की लड़ाई को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। आज जब उनकी तबीयत नाजुक है, तो सिर्फ उनका परिवार या पार्टी ही नहीं, बल्कि पूरा राज्य उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

  • शिबू सोरेन का दिल्ली में चल रहा है इलाज, झारखंडभर में नेता-कार्यकर्ताओं ने की सलामती की दुआ

    Key Points.

    • सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है शिबू सोरेन का इलाज
    • राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत कई नेता हालचाल लेने पहुंचे
    • हल्का पैरालिसिस अटैक की पुष्टि
    • झारखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुरू की प्रार्थनाएं
    • रघुवर दास और इरफान अंसारी ने जताई चिंता

    परवेज़ आलम. पॉलिटिकल करेसपांडेन्ट. The News Post4u

    झारखंड के वरिष्ठ नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत खराब  है, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका चल रहा है इलाज । अस्पताल में उनका इलाज नेफ्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर एके भल्ला की टीम कर रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें किडनी संबंधी समस्या है और इलाज के दौरान उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक भी आया है।

    मुख्यमंत्री और परिवार का दिल्ली में डेरा.

    शिबू सोरेन की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और विधायक बसंत सोरेन लगातार दिल्ली में मौजूद हैं और डॉक्टरों की देखरेख में इलाज की प्रक्रिया पर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार अपने पिता की सेहत की जानकारी ले रहे हैं।

    राष्ट्रपति और स्वास्थ्य मंत्री ने जाना हालचाल.

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को सर गंगाराम अस्पताल जाकर शिबू सोरेन का हालचाल जाना था वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी कांग्रेस के सह प्रभारी बेला प्रसाद के साथ दिल्ली पहुंचे। वे दोनों संथाल परगना के दौरे पर थे, लेकिन कांग्रेस के प्रभारी के. राजू के निर्देश पर वे दौरा छोड़कर तुरंत दिल्ली रवाना हो गए।

    डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि यह उनका नैतिक दायित्व है कि वे इस कठिन समय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के साथ रहें। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजी को स्वस्थ करके वापस लाना उनका संकल्प है।

    रघुवर दास ने भी जताई चिंता.

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी शिबू सोरेन की तबीयत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की और गुरुजी की तबीयत की जानकारी ली। बाद में रघुवर दास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक आया है, और वे भगवान जगन्नाथ से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

    पूरे झारखंड में दुआओं का दौर.

    झारखंड में जेएमएम के नेता और कार्यकर्ता शिबू सोरेन की सलामती के लिए विशेष प्रार्थनाएं कर रहे हैं। शुक्रवार को रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के अवसर पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुजी की तस्वीर के साथ पूजा-अर्चना की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। झारखंड के हर कोने से लोग गुरुजी के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रदेश की राजनीति में उनके योगदान को देखते हुए आम जनता से लेकर बड़े नेता तक, सब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना में लगे हैं।

     

  • गंगाराम अस्पताल में भर्ती शिबू सोरेन का हालचाल लेने पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    परवेज़ आलम.By The News Post4u.

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 81 वर्षीय सोरेन लंबे समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इस बार उनकी हालत कुछ ज्यादा गंभीर हो गई है। फिलहाल उन्हें अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. ए.के. भल्ला की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन पूरी तरह से खतरे से बाहर नहीं कही जा सकती

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात, जताई चिंता.

    जैसे ही शिबू सोरेन के अस्वस्थ होने की खबर सामने आई, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद सर गंगाराम अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन से मुलाकात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें देश की एक अमूल्य धरोहर बताया। इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी अस्पताल में मौजूद रहे।

    राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी जाना हाल.

    इससे पहले झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी दिल्ली पहुंचे और अस्पताल जाकर शिबू सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति पर बातचीत की और सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा कि दिशोम गुरु की हालत को लेकर वे चिंतित हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

    झारखंड की राजनीति के स्तंभ हैं शिबू सोरेन.

    शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं। आदिवासी अधिकारों की लड़ाई से लेकर झारखंड को बिहार से अलग राज्य के रूप में स्थापित करने तक, उन्होंने हमेशा संघर्ष का रास्ता अपनाया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और एक बार केंद्रीय कोयला मंत्री भी बने थे। आदिवासी समाज में उन्हें सम्मान से ‘दिशोम गुरु’ यानी ‘देश का गुरु’ कहा जाता है।

    परिवार और जनता की दुआएं.

    अस्पताल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन लगातार शिबू सोरेन की देखरेख कर रहे हैं। हेमंत सोरेन ने झारखंड की जनता से अपील की है कि वे उनके पिता के लिए दुआ करें। सोशल मीडिया से लेकर गांव-शहरों तक, लोग दिशोम गुरु की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।

    उम्मीद की जा रही है कि झारखंड के इस पुरोधा नेता की तबीयत जल्द सुधरे और वे एक बार फिर स्वस्थ होकर अपने राज्यवासियों के बीच लौटें।

  • शिबू सोरेन की तबीयत में सुधार, गंगाराम अस्पताल में चल रहा है इलाज – सीएम और राज्यपाल ने अस्पताल पहुँचकर लिया हाल

    नई दिल्ली/रांची: By The News Post4u
    झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। वर्तमान में वे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक कुछ ज्यादा खराब हो गई थी, जिससे पार्टी में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, अब उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि गुरुजी (शिबू सोरेन) की तबीयत में अब सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि वह खुद भी आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं, ताकि गुरुजी से मिलकर उनका हालचाल जान सकें।

    बताया गया कि शिबू सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया।

    इधर, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी बुधवार को सर गंगाराम अस्पताल पहुंचे और शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से बात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी दिल्ली पहुंचे थे और अस्पताल जाकर गुरुजी का हाल जाना। मुख्यमंत्री की पत्नी और शिबू सोरेन की बहू कल्पा सोरेन पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं और लगातार उनके साथ हैं।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। समर्थकों और झामुमो कार्यकर्ताओं में भी गुरुजी की तबीयत को लेकर चिंता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल किसी गंभीर खतरे से इनकार किया है।