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  • कल्पना सोरेन को महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है

    कल्पना सोरेन को महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है

    झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने विधानसभा की 25 समितियों का पुनर्गठन किया है। इसके लिए सभापति और सदस्यों की सूची अधिसूचना के माध्यम से जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार, गांडेय से झामुमो की विधायक कल्पना सोरेन को महिला एवं बाल विकास समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, बरही से भाजपा के विधायक मनोज कुमार यादव को लोकलेखा समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो स्वयं विशेषाधिकार समिति, नियम समिति और याचिका समिति के अध्यक्ष होंगे।

    अन्य प्रमुख समितियों के नए अध्यक्ष:

    • सत्येंद्र नाथ तिवारी (भाजपा, गढ़वा) – सामान्य प्रयोजन समिति
    • हेमलाल मुर्मू (झामुमो, लिट्टीपाड़ा) – प्राक्कलन समिति
    • निरल पूर्ति (झामुमो, मझगांव) – सरकारी उपक्रम समिति
    • अरूप चटर्जी (माले, निरसा) – सरकारी आश्वासन समिति
    • बसंत सोरेन (झामुमो, दुमका) – प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति
    • प्रदीप यादव (पोड़ैयाहाट) – जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति
    • रामेश्वर उरांव (कांग्रेस, लोहरदगा) – आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति
    • उमाकांत रजक (झामुमो, चंदनक्यारी) – निवेदन समिति
    • स्टीफन मरांडी (महेशपुर) – अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति
    • रामचंद्र सिंह (मनिका, कांग्रेस) – सदाचार समिति
    • नीरा यादव (कोडरमा, भाजपा) – पुस्तकालय विकास समिति
    • उदयशंकर सिंह (सारठ, झामुमो) – पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति
    • चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह (रांची, भाजपा) – विधायक निधि अनुश्रवण समिति
    • भूषण तिर्की (गुमला, झामुमो) – शून्यकाल समिति
    • राज सिन्हा (धनबाद, भाजपा) – गैर सरकारी संकल्प समिति
    • सुरेश पासवान (देवघर, राजद) – अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति
    • सविता महतो (ईचागढ़, झामुमो) – युवा कल्याण, संस्कृति एवं पर्यटन विकास समिति
    • दशरथ गगराई (खरसावां, झामुमो) – आवास समिति
    • सरयू राय (जमशेदपुर पश्चिम, निर्दलीय) – प्रत्यायुक्त समिति
    • विकास मुंडा (तमाड़, झामुमो) – खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले समिति
  • “मंईयां सम्मान योजना के तहत आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महिलाओं के खाते में ₹5000 स्थानांतरित करेंगे

    “मंईयां सम्मान योजना के तहत आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महिलाओं के खाते में ₹5000 स्थानांतरित करेंगे

    Ranchi
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज, 6 जनवरी को मंईयां सम्मान योजना के तहत 56 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करेंगे। यह आयोजन रांची के नामकुम में होगा, जिसमें राज्य के 24 जिलों से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

    गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पहले 28 दिसंबर को आयोजित होने वाला था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम सोमवार, 6 जनवरी को आयोजित होगा। मुख्यमंत्री महिलाओं के खातों में 2500 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वहीं, जिन महिलाओं को दिसंबर में भुगतान नहीं मिला था, उनके खातों में एक साथ 5000 रुपए भेजे जाएंगे।

  • रॉयल्टी के 1.36 लाख करोड़ के मामले पर बाबूलाल मरांडी का जवाबी हमला, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछे ये सवाल।

    रॉयल्टी के 1.36 लाख करोड़ के मामले पर बाबूलाल मरांडी का जवाबी हमला, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछे ये सवाल।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 1.36 लाख करोड़ के मामले में एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट साझा किया है। साथ ही उन्होंने मुख्मंत्री हेमंत सोरेन से कुछ सवाल भी किए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये कोयला रॉयल्टी के दावे पर जनता को सच्चाई जानने का हक़ है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ये सवाल पूछे हैं

    1. यह बकाया किस-किस साल का है और किस किस योजना/परियोजना का है?
    2. 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि का आधार क्या है?
    3. यूपीए शासनकाल और शिबू सोरेन के कोयला मंत्री रहते हुए कितनी राशि वसूली गई थी?

    सलाव पूछते हुए आगे उन्होंने कहा कि पारदर्शिता क्यों नहीं? झारखंड के भ्रष्टाचार से भरे इतिहास को देखते हुए, जनता सबकुछ जानना चाहती है। सही दस्तावेज़ और तथ्यों को पारदर्शिता के साथ सामने रखें तब बात करें। बीजेपी झारखंड और झारखंडियों के हर अधिकार के लिए खड़ी है, जहां भी ज़रूरत होगी हम आपके साथ खड़े होंगे। लेकिन झूठे आंकड़े और फर्जी दावे बर्दाश्त नहीं होंगे। सच्चाई पर चलिएगा तो हम हमेशा सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बकाया-बकाया का हौव्वा खड़ा कर कहीं आप जानबूझकर आगे मंईयां सम्मान योजना की राशि देने में विफलता के दोषारोपण की भूमिका तो तैयार नहीं कर रहे? झूठी राजनीति छोड़िए, झारखंड के असली मुद्दों पर ध्यान दीजिए।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री सुदिव्य  सोनू का किया भव्य स्वागत

    कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री सुदिव्य सोनू का किया भव्य स्वागत

    परवेज़ आलम की कलम से …..
    गिरिडीह: रविवार को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री का फूलों के बुके और शॉल देकर भव्य स्वागत किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री को सम्मानित करते हुए कहा कि उनका पार्टी कार्यालय में आना कार्यकर्ताओं के प्रति उनके सम्मान और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इस मौके पर कहा, “कांग्रेस मेरा परिवार है, और मैं हमेशा आपके लिए उपलब्ध रहूंगा। कांग्रेस कार्यालय आकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कार्यकर्ताओं की मेहनत और सम्मान को बनाए रखना मेरी प्राथमिकता है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और महागठबंधन के मंत्री हैं। “मेरी जिम्मेदारी है कि मैं हर कार्यकर्ता की भावनाओं का सम्मान करूं और किसी को निराश न होने दूं। गिरिडीह और झारखंड के विकास के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं,” उन्होंने कहा।

    जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, “मंत्री बनने के तुरंत बाद कांग्रेस कार्यालय आना यह दर्शाता है कि सोनू जी कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनशील हैं। उनकी मेहनत और सहयोग से ही गठबंधन सरकार बनी है, और हमें विश्वास है कि वे इसे ध्यान में रखेंगे।”

    प्रदेश सचिव अजय सिन्हा मंटू ने मंत्री सोनू की मिलनसार प्रवृत्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया है। उनके मंत्री बनने से गिरिडीह की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।

    इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया, मदन लाल विश्वकर्मा, जेएमएम नेता मो. हसनैन अली, शाहनवाज़ अंसारी, प्रो. कमाल नयन, और प्रो. मंजूर अंसारी जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।

    कार्यक्रम का माहौल उत्साह और एकजुटता से भरा हुआ था, जो दर्शाता है कि झारखंड कांग्रेस का यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

  • झारखंड सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसके लिए विभागों को अनुदान राशि वापस करने का निर्देश

    झारखंड सरकार को योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसके लिए विभागों को अनुदान राशि वापस करने का निर्देश

    झारखंड सरकार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट से अलग स्वीकृत योजनाओं पर खर्च करने के लिए ₹10,282 करोड़ की आवश्यकता है। इसे पूरा करने के लिए, सरकार ने सभी विभागों से बची हुई राशि वापस करने (सरेंडर) को कहा है। इसके लिए अंतिम तिथि 9 दिसंबर तय की गई है। सबसे बड़ा खर्च झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर होगा, जिसमें ₹7,314 करोड़ की जरूरत है। इसके अलावा, बिजली शुल्क में छूट के लिए ₹1,810 करोड़, बिरसा फसल बीमा योजना के लिए ₹250 करोड़ और बिजली टैरिफ सब्सिडी के लिए ₹767 करोड़ की आवश्यकता है।

    विभागों से धन जुटाने की योजना

    वित्त विभाग ने अनुमान लगाया है कि विभागों से लगभग ₹8,200 करोड़ जुटाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, झारखंड मिनरल्स बियरिंग लैंड सेस से ₹1,600 करोड़ और जिला खनिज फाउंडेशन से ₹490 करोड़ मिलने की उम्मीद है। अक्टूबर 2024 में लागू किए गए झारखंड मिनरल्स बियरिंग लैंड सेस से अब तक ₹400 करोड़ जमा हुए हैं और हर महीने ₹300 करोड़ मिलने की संभावना है।

    धन वापसी (सरेंडर) के नियम

    सरकार ने तय किया है कि जिन विभागों ने बजट का 50% से अधिक खर्च किया है, उन्हें 5% राशि सरेंडर करनी होगी। वहीं, 30-50% खर्च करने वाले विभागों को 10% और 30% से कम खर्च करने वाले विभागों को 20% राशि वापस करनी होगी। केंद्र प्रायोजित योजनाओं से भी फंड सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है।

    प्रमुख विभाग और योजनाएं

    सरेंडर की प्रक्रिया में योजना एवं विकास, कृषि, पशुपालन, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और जल संसाधन जैसे प्रमुख विभागों को शामिल किया गया है।

  • हेमंत कैबिनेट की पहली बैठक में मंत्रियों को सौंपे गए कई कार्य, इन मुद्दों पर हुई चर्चा।

    हेमंत कैबिनेट की पहली बैठक में मंत्रियों को सौंपे गए कई कार्य, इन मुद्दों पर हुई चर्चा।

     

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लगातार दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। यह बैठक झारखंड मंत्रालय, रांची में आयोजित की गई, जिसमें सभी मंत्री उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और मंत्रियों को विभिन्न कार्य सौंपे। उन्होंने अपने विभागों में सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव भेजने से पहले उसे पूरी तरह से संतुष्ट होकर पेश किया जाए और इसके लिए वित्त, विधि, और कार्मिक विभागों से मार्गदर्शन लिया जाए।

    मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश:

    • सभी मंत्री अपने विभागीय क्षेत्रीय कार्यालयों का दौरा कर कार्यों का निरीक्षण करें।
    • योजनाओं के लाभार्थियों से मिलकर उनकी राय और सुझाव प्राप्त करें।
    • योजनाओं के लाभ और कमियों का विश्लेषण करें तथा लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करें।
    • जिन योजनाओं में बदलाव की आवश्यकता है, उनके लिए नए प्रस्ताव तैयार करें।
    • दूरस्थ, आदिवासी, और पहाड़ी क्षेत्रों में योजनाओं का विस्तार सुनिश्चित करें।
    • राजस्व बढ़ाने के लिए स्रोतों की समीक्षा करें।
    • सरकारी भवनों का बेहतर उपयोग करें और अनावश्यक योजनाओं से बचें।
    • वर्ष 2025-26 के लिए नई योजनाओं की योजना बनाएं।
    • कर्मचारियों की पदोन्नति और स्थानांतरण की समीक्षा करें।
    • कोर्ट केसों की स्थिति का अध्ययन कर सरकारी पक्ष को मजबूत करें।
    • जिलों का दौरा कर स्थानीय समस्याओं का समाधान करें।
    • जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखें।
    • विभागीय उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रेस का उपयोग करें।

    मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे केवल अपने क्षेत्र ही नहीं, अन्य जिलों का भी भ्रमण करें और वहां की समस्याओं को समझकर मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित करें। इस बैठक के जरिए सरकार ने अपनी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

  • कैबिनेट का विस्तार, जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी के 11 विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    कैबिनेट का विस्तार, जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी के 11 विधायकों ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    Ranchi:

    कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की ने मंत्री के रूप में शपथ ली। मांडर विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनाव में जीत हासिल करने वाली शिल्पी नेहा तिर्की पहली बार मंत्री बनीं हैं। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने 2022 के उपचुनाव में पहली बार जीत हासिल की थी और इस बार भी मांडर सीट से उन्होंने दूसरी बार जीत हासिल की।
    01:23 PM, Dec 05 2024

    जेएमएम के सुदिव्य कुमार ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने मंत्री के रूप में शपथ ली। सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। वो पहली बार मंत्री बने हैं।
    01:20 PM, Dec 05 2024

    जेएमएम के योगेंद्र प्रसाद ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के योगेंद्र प्रसाद को 9वें मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। गोमिया विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनाव में जीत हासिल करने वाले योगेंद्र प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं।
    01:17 PM, Dec 05 2024

    कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह ने शपथ ली

    कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। महागामा विधानसभा सीट से दूसरी बार निर्वाचित दीपिका पांडेय सिंह इससे पहले भी हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। इस बार उन्होंने दूसरी बार मंत्री के रूप में शपथ ली।
    01:15 PM, Dec 05 2024

    हफीजुल हसन ने उर्दू में शपथ ली

    जेएमएम के हफीजुल हसन ने उर्दू में मंत्री के रूप में शपथ ली।
    01:13 PM, Dec 05 2024

    जेएमएम के हफीजुल हसन ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के हफीजुल हसन ने मंत्री के रूप में शपथ ली। हफीजुल हसन ने अपने पिता और मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद 2021 के उपचुनाव में पहली बार जीत हासिल की। इसके बाद वो हेमंत सोरेन और चंपाई सोरेन सरकार में भी मंत्री रहे और अब लगातार तीसरी बार उन्होंने मंत्री के रूप में शपथ ली।
    कांग्रेस के इरफान अंसारी ने मंत्री के रूप में शपथ ली
    01:10 PM, Dec 05 2024

    कांग्रेस के इरफान अंसारी ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने मंत्री के रूप में शपथ ली। जामताड़ा विधानसभा सीट से तीसरी बार जीत हासिल करने वाले इरफान अंसारी पिछली बार भी आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद मंत्री बने थे।
    01:08 PM, Dec 05 2024

    जेएमएम के रामदास सोरेन ने शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक रामदास सोरेन ने मंत्री के रूप में शपथ ली। रामदास सोरेन पिछली बार चंपाई सोरेन के त्यागपत्र देने के बाद मंत्री बने थे। घाटशिला से तीसरी बार चुनाव में जीत हासिल करने वाले रामदास सोरेन ने दूसरी बार मंत्री के रूप में शपथ ली।
    01:05 PM, Dec 05 2024

    आरजेडी के संजय प्रसाद यादव ने शपथ ली

    राष्ट्रीय जनता दल के विधायक संजय प्रसाद यादव ने मंत्री के रूप में शपथ ली। संजय प्रसाद यादव पहली बार मंत्री बने हैं। गोड्डा विधानसभा सीट से पहले भी चुनाव जीत चुके संजय प्रसाद यादव को पहली बार मंत्री बनने का अवसर मिला है।
    01:03 PM, Dec 05 2024

    चमरा लिंडा ने मंत्री के रूप में शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक चमरा लिंडा ने दीपक बिरुवा के बाद मंत्री के रूप में शपथ ली। चमरा लिंडा ने जेएमएम टिकट पर बिशुनपुर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। वो पहली बार मंत्री बने हैं।

    जेएमएम के दीपक बिरुवा ने शपथ ली

    झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दीपक बिरुवा ने मंत्री के रूप में शपथ ली। दीपक बिरुवा चाईबासा सीट से लगातार चौथी बार चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं।
    01:00 PM, Dec 05 2024

    सीएम हेमंत सोरेन ने राधाकृष्ण किशोर को दी शुभकामनाएं

    कांग्रेस विधायक के रूप में मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले राधाकृष्ण किशोर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और अन्य मंत्रियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
    12:57 PM, Dec 05 2024

    राधाकृष्ण किशोर ने सबसे पहले मंत्री के रूप में शपथ ली

    कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने सबसे पहले मंत्री के रूप में शपथ ली। राधाकृष्ण किशोर ने इस बार छतरपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की। इससे पहले भी वो चार बार कांग्रेस, जेडीयू और बीजेपी टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।
    12:55 PM, Dec 05 2024

    स्टीफन मरांडी को सीएम ने दी शुभकामनाएं

    प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ लेने के बाद स्टीफन मरांडी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुभकामनाएं दी।
    12:52 PM, Dec 05 2024

    प्रोटेम स्पीकर के बाद मंत्रियों का शपथ ग्रहण

    प्रोटेम स्पीकर के रूप में स्टीफन मरांडी के शपथ लेने के बाद जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी कोटे से सरकार में शामिल विधायकों को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा रही है।
    12:49 PM, Dec 05 2024

    स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर के रूप में दिलाई गई

    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने जेएमएम के वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी को प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाई गई।
    12:47 PM, Dec 05 2024

    राज्यपाल पहुंचे समारोह स्थल पर

    राज्यपाल संतोष गंगवार समारोह स्थल पर पहुंच गए हैं। राज्यपाल के पहुंचते ही राष्ट्र गान के साथ समारोह की शुरुआत
    12:44 PM, Dec 05 2024

    हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन एक साथ पहुंचे

    शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन एक साथ समारोह स्थल पर पहुंचे। हेमंत सोरेन ने सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी से आशीर्वाद लिया।
    12:39 PM, Dec 05 2024

    राज्यपाल के समारोह स्थल पर पहुंचने का इंतजार

    हेमंत सोरेन कैबिनेट विस्तार में सभी अतिथि शपथ पहुंच गए है। अब कुछ ही क्षण में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के समारोह स्थल पर पहुंचने की उम्मीद हैं। राज्यपाल सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
    12:33 PM, Dec 05 2024

    मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले विधायक आगे बैठे

    मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी विधायक मंच के नीचे सबसे आगे बैठे हुए हैं। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए उनके कई परिजन भी मौके पर पहुंचे हैं।
    12:32 PM, Dec 05 2024

    शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

    शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी के कई वरिष्ठ नेता राजभवन पहुंचे हैं। फिलहाल राज्यपाल के समारोह स्थल पर पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।
    12:27 PM, Dec 05 2024

    जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी के 11 मंत्री लेंगे शपथ

    इंडिया गठबंधन में शामिल जेएमएम, आरजेडी और कांग्रेस के कुल 11 मंत्री शपथ लेंगे। इसमें जेएमएम से दीपक बिरुवा, रामदास सोरेन, सुदिव्य कुमार सोनू, हफीजुल हसन, योगेंद्र प्रसाद और चमरा लिंडा के नाम शामिल हैं।
    12:26 PM, Dec 05 2024

    कांग्रेस के 4 विधायक मंत्री के रूप में लेंगे शपथ

    कांग्रेस कोटे से चार विधायकों को मंत्री के रूप में शपथ दिलाए जाने की संभावना है। इसमें डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, राधाकृष्ण किशोर और शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हैं।
    12:26 PM, Dec 05 2024

    आरजेडी के संजय प्रसाद यादव लेंगे शपथ

    आरजेडी कोटे से गोड्डा विधायक संजय प्रसाद यादव मंत्री के रूप में शपथ लेंगे। पार्टी की ओर से देवघर विधायक सुरेश पासवान को विधायक दल का नेता बनाया गया है।
    12:26 PM, Dec 05 2024

    शपथ ग्रहण को लेकर विधायक राजभवन पहुंचे

    शपथ ग्रहण को लेकर पार्टी विधायक राजभवन पहुंच चुके हैं। कांग्रेस, जेएमएम-आरजेडी के कई विधायक और वरिष्ठ नेता राजभवन पहुचे हैं।
    12:26 PM, Dec 05 2024

    कांग्रेस-जेएमएम और आरजेडी के 5 विधायक पहली बार बनेंगे मंत्री

    कांग्रेस-जेएमएम और आरजेडी के पांच विधायक पहली बार मंत्री बनेंगे,जबकि छह अन्य चेहरे पुरानी सरकार में भी शामिल थे।
  • झारखंड में बीजेपी की हार: क्या संघ की पकड़ ढीली हो गई है ?

    झारखंड में बीजेपी की हार: क्या संघ की पकड़ ढीली हो गई है ?

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…..

    झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं। 28 आदिवासी सीटों में से सिर्फ़ एक सीट पर जीत, यह आंकड़ा पार्टी की सियासी जमीन खिसकने की कहानी खुद ब खुद कहता है। आदिवासी इलाकों में पार्टी की पकड़ कमजोर हो चुकी है। दिल्ली से लेकर रांची तक मंथन का दौर जारी है, लेकिन क्या बीजेपी उस दर्द की सही नब्ज़ पकड़ पाएगी जिसने उसे इस हार की कगार पर ला दिया ?

    आदिवासी वोटर और बीजेपी का बिखरता समीकरण
    झारखंड में बीजेपी की हार के पीछे आदिवासी वोटरों की नाराज़गी साफ झलकती है। पार्टी ने आरएसएस के जरिए आदिवासियों को जोड़ने की हर कोशिश की, लेकिन ईसाई मिशनरियों और मुस्लिम समुदाय का गठजोड़, बीजेपी की कोशिशों पर भारी पड़ा। आदिवासी इलाकों में ईसाई मिशनरियों का बढ़ता प्रभाव, सरना आदिवासियों की घटती संख्या और संघ की कमजोर होती पकड़ ने बीजेपी की सियासी पकड़ को ढीला कर दिया।

    गुमला, लोहरदगा, बिशुनपुर और सिसई जैसे इलाकों में कभी संघ का मजबूत नेटवर्क हुआ करता था। वनवासी कल्याण केंद्र, एकल विद्यालय, और सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संगठन आदिवासी समुदाय में संघ का प्रभाव बढ़ाते थे। लेकिन पिछले कुछ सालों में इन संगठनों की गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। संघ से जुड़े सूत्र मानते हैं कि आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से संघ की शाखाएं कमजोर पड़ी हैं।

    दिल्ली में होगा निर्णायक मंथन
    रांची में हार की समीक्षा के बाद अब दिल्ली में 3 दिसंबर को बीजेपी के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी। जेपी नड्डा, अमित शाह, और अन्य वरिष्ठ नेता इस हार के कारणों पर मंथन करेंगे। सवाल यह है कि क्या यह बैठक सिर्फ हार के कारणों को तलाशेगी या जमीनी स्तर पर कुछ ठोस बदलाव भी होंगे?

    गुमला से लेकर बिशुनपुर तक: बीजेपी का टूटता किला
    गुमला जिले में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली है। कभी इन इलाकों में वनवासी कल्याण केंद्र और विकास भारती जैसे संगठनों का बड़ा प्रभाव था। बिशुनपुर में अशोक भगत की पकड़ इतनी मजबूत थी कि टिकट का फैसला वही करते थे। लेकिन आज वहां झामुमो और चमरा लिंडा का दबदबा है।

    क्या बीजेपी आत्मनिरीक्षण करेगी?
    2019 के चुनाव में 25 सीटें जीतने वाली बीजेपी आज सिर्फ 21 सीटों पर सिमट गई है। आदिवासियों का झुकाव झामुमो और कांग्रेस की ओर बढ़ता जा रहा है। संघ की कमजोर होती भूमिका, बूथ मैनेजमेंट की खामियां और निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह खत्म होना, ये सब पार्टी के लिए खतरे की घंटी है।

    बीजेपी के पास अब ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। जमीनी स्तर पर काम शुरू करना होगा, नए चेहरे लाने होंगे और पुराने, चूके हुए नेताओं से किनारा करना होगा। झारखंड कभी बीजेपी का गढ़ हुआ करता था, लेकिन अब यह पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बन गया है।

    क्या बीजेपी समय रहते सबक लेगी या यह हार उसकी झोली में आने वाले और बड़े झटकों का ट्रेलर मात्र है? झारखंड की सियासत के इस बदलते परिदृश्य में बीजेपी का भविष्य सवालों के घेरे में है।

  • महिलाओं के खातों में 2500 रुपये । तारीख़ लिख लीजिए, 11 दिसंबर !

    महिलाओं के खातों में 2500 रुपये । तारीख़ लिख लीजिए, 11 दिसंबर !

    RANCHI: “हेमंत सोरेन सरकार के ‘मंईयां सम्मान योजना’ की पांचवीं किस्त पर नज़र डालिए। वो जो बदलाव की धारा बहती है, वो अब महिलाओं के खातों में 1000 नहीं, पूरे 2500 रुपये लेकर आ रही है। झारखंड के गांव-गांव, शहर-शहर से एक ही आवाज़ गूंज रही है – ‘मंईयां का सम्मान बढ़ा है, हर घर में खुशियां छाई हैं।’”

    झारखंड की सड़कों से लेकर सत्ता के गलियारों तक:
    57 लाख महिलाओं के खातों में 2500 रुपये पहुंचने को हैं तैयार। तारीख़ लिख लीजिए, 11 दिसंबर! कल्याण विभाग पसीना बहा रहा है ताकि हर बहन के चेहरे पर मुस्कान आए। सोचिए, अब तक चार किस्तों में जो 1000 रुपये भेजे गए थे, उनकी जगह 2500 रुपये मिलेंगे।

    चुनावी राजनीति का सियासी खेल:
    विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने ‘गोगो दीदी योजना’ में 2100 रुपये का वादा किया। लेकिन हेमंत सोरेन, जो अपने वादों पर अडिग रहते हैं, उन्होंने सीधे 2500 का दांव खेला। और चुनावी नतीजों ने दिखा दिया कि ये दांव सफल रहा। इंडिया गठबंधन ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की, और मंईयां सम्मान योजना इसमें एक बड़ा कारण बनी।

    झारखंड के घरों की चूल्हे की बातें:
    “अब चूल्हे पर सिर्फ खाना नहीं, सपने भी पकेंगे,” कह रही हैं मरियम बीबी , जो इस योजना से बेहद खुश हैं। ग्रामीण झारखंड में ये योजना एक नई उम्मीद बनकर उभरी है।

    रेवड़ी बांटने जैसे आरोप कहीं खरे नहीं उतरते

    झारखंड में मंईयां योजना को चालू रखने के लिए राज्य सरकार को संसाधनों की कमी होने के आसार अभी तक नहीं है। वित्त विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों में झारखंड ने कहीं से कर्ज नहीं लिया है और सरप्लस बजट भी रहा है।
    ऐसे में कर्ज लेकर रेवड़ी बांटने जैसे आरोप कहीं खरे नहीं उतरते। सरकार एक बार फिर इस योजना के लिए कोई कर्ज नहीं लेगी। ऐसे में यह तय होता दिख रहा है कि कर्ज लिए बगैर भी मंईयां योजना को जारी रखा जा सकता है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार इस उपलब्धि के पीछे पिछले चार-पांच वर्षों से चले आ रहे वित्तीय सुधारों का व्यापक असर है।
    हेमंत सरकार की ये योजना न सिर्फ आर्थिक मदद, बल्कि सामाजिक बदलाव की कहानी भी लिख रही है। ये सिर्फ 2500 रुपये नहीं, ये महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक है।

     

  • झारखंड की नई पहल: दिव्यांग और अनाथ विद्यार्थियों के सपनों को पंख!

    झारखंड की नई पहल: दिव्यांग और अनाथ विद्यार्थियों के सपनों को पंख!

    रांची की सुबह आज नई उम्मीदों से रोशन हुई है। झारखंड सरकार ने दिव्यांग और अनाथ विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 2025-26 के शैक्षणिक सत्र से, राज्य सरकार इन बच्चों की उच्च और तकनीकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी।

    क्या है योजना?
    सरकार 10 लाख रुपये तक की ट्यूशन फीस खुद वहन करेगी और हर महीने छात्रों को 4,000 रुपये भत्ता भी दिया जाएगा। छात्रों के लिए एक “ऑनलाइन पोर्टल” तैयार किया जा रहा है, जहां वे इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे।

    किसे मिलेगा लाभ?
    सरकार की नई “वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना” का उद्देश्य हर साल 12,000 स्नातक और परास्नातक छात्रों और 1,200 व्यावसायिक कोर्स करने वाले विद्यार्थियों तक पहुंचना है। लेकिन ये संख्या आखिरी नहीं है। राज्य के किसी भी संस्थान में नामांकन लेने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। अन्य राज्यों के छात्रों के लिए यह सुविधा केवल टॉप श्रेणी के संस्थानों में पढ़ाई करने वालों तक सीमित रहेगी।

    शर्तें क्या हैं?

    लाभुक को झारखंड का स्थानीय निवासी होना चाहिए।
    डिप्लोमा के लिए दसवीं और डिग्री कोर्स के लिए दसवीं व बारहवीं झारखंड के स्कूलों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
    क्यों है ये कदम ऐतिहासिक?
    दिव्यांग और अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा की राह अब न केवल आसान होगी, बल्कि यह उनके सपनों को साकार करने का एक बड़ा माध्यम बनेगी। 99.66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह योजना, न केवल आर्थिक बाधाओं को हटाएगी, बल्कि समाज में समावेशिता और समानता का एक नया अध्याय भी लिखेगी।

    सरकार की सोच और तैयारी
    इस योजना की निगरानी के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसमें उच्च शिक्षा निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशक और तकनीकी शिक्षा निदेशक जैसे विभागीय पदाधिकारी शामिल होंगे। सरकार ने इसे जनवरी-फरवरी 2025 में लांच करने का लक्ष्य तय किया है।

    “ये कदम सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि उन अनगिनत सपनों की बुनियाद है, जो अब उड़ान भरने को तैयार हैं।” झारखंड सरकार की यह पहल एक मिसाल है, जो पूरे देश को दिखाती है कि शिक्षा का हक हर बच्चे का है।

    आइए, इस बदलाव का हिस्सा बनें, जहां हर बच्चा पढ़ेगा, बढ़ेगा और सपनों को हकीकत में बदलेगा!