Month: January 2026

  • प्रचार में बंपर पैसा नहीं उड़ा सकेंगे मेयर प्रत्याशी, झारखंड निकाय चुनाव में आयोग ने तय की लिमिट

    प्रचार में बंपर पैसा नहीं उड़ा सकेंगे मेयर प्रत्याशी, झारखंड निकाय चुनाव में आयोग ने तय की लिमिट

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: झारखंड की सियासत में एक बार फिर चुनावी डुगडुगी बज चुकी है।नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही शहरी राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
    लेकिन इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले मेयर प्रत्याशियों के लिए एक बड़ी खबर है—अब प्रचार में बंपर पैसा उड़ाना आसान नहीं होगा।
    राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा के साथ-साथ उम्मीदवारों के खर्च की सख्त सीमा भी तय कर दी है।

    लंबे इंतज़ार के बाद मंगलवार, को झारखंड नगर निकाय चुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। राज्य के 48 शहरी निकायों में 23 फरवरी को मतदान होगा। इस चुनाव में कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।  इनमें—  22 लाख 7 हजार से ज़्यादा पुरुष,
    21 लाख 26 हजार से अधिक महिलाएं, और 144 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।

    अब ज़रा चुनाव के दायरे पर नज़र डालते हैं…

    राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक,
    9 नगर निगमों में मेयर, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा, पूरे राज्य में 1087 वार्ड पार्षदों का भी चुनाव होगा।

    मतदान की तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं।राज्यभर में बनाए गए हैं— 4,304 मतदान केंद्र,
    जो 2,129 भवनों में स्थापित किए जाएंगे, ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। और अब बात उस फैसले की, जिस पर सबसे ज्यादा चर्चा है…
    चुनावी खर्च की लिमिट

    निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है—
     10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले नगर निगमों में
    मेयर या अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 25 लाख रुपये ही खर्च कर सकेंगे,
    जबकि वार्ड पार्षदों के लिए यह सीमा 5 लाख रुपये होगी।

    10 लाख से कम आबादी वाले नगर निगमों में मेयर/अध्यक्ष के लिए खर्च सीमा 15 लाख रुपये,
    और वार्ड पार्षदों के लिए 3 लाख रुपये तय की गई है।

    नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए भी अलग-अलग सीमा तय है—एक लाख से ज्यादा आबादी वाली नगर परिषदों में अध्यक्ष 10 लाख और वार्ड पार्षद 2 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।

    एक लाख से कम आबादी वाली नगर परिषदों में यह सीमा घटकर 6 लाख और 1.5 लाख रुपये रह गई है। वहीं, 12 हजार से 40 हजार आबादी वाली नगर पंचायतों में
    अध्यक्ष के लिए 5 लाख, और वार्ड पार्षद के लिए 1 लाख रुपये की सीमा तय की गई है। गौरतलब है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव साल 2020 से लंबित थे।
    पहले कोरोना महामारी, फिर कानूनी और प्रक्रियात्मक अड़चनों के चलते चुनाव टलते रहे।
    लेकिन अब आयोग ने साफ कर दिया है—
    चुनाव होंगे और तय नियमों के तहत ही होंगे।

    तो साफ है… इस बार चुनावी मैदान में नारे, मुद्दे और जनता का भरोसा तो चलेगा,
    लेकिन बेतहाशा खर्च पर पूरी तरह ब्रेक रहेगा।

  • बीमा कानून संशोधन के खिलाफ कर्मचारी संघ मुखर

    बीमा कानून संशोधन के खिलाफ कर्मचारी संघ मुखर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     गिरिडीह : 71वें जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण दिवस के मौके पर 19 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, गिरिडीह शाखा इकाई की ओर से शाखा परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीमा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

    प्रेस वार्ता में अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव धर्म प्रकाश, संयुक्त सचिव अनुराग मुर्मू, राजेश कुमार उपाध्याय, विजय कुमार, उपाध्यक्ष कुमकुम बाला वर्मा और उमानाथ झा उपस्थित थे।

    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव सह शाखा सचिव धर्म प्रकाश ने जीवन बीमा के राष्ट्रीयकरण के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 1956 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के माध्यम से जीवन बीमा व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण किया था। इसके बाद 1 सितंबर 1956 को 245 से अधिक देसी-विदेशी निजी बीमा कंपनियों का अधिग्रहण कर भारतीय जीवन बीमा निगम—एलआईसी की स्थापना की गई।

    उन्होंने बताया कि एलआईसी की स्थापना का मूल उद्देश्य था—
    “जनता का पैसा, जनता के लिए” और आम नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना। महज 5 करोड़ रुपये की पूंजी से शुरू हुई एलआईसी ने अपने उद्देश्यों को पूरी मजबूती से निभाया है।

    धर्म प्रकाश ने आंकड़ों के जरिए एलआईसी की भूमिका को सामने रखा। उन्होंने बताया कि

    • 31 मार्च 2025 तक, एलआईसी ने देश के आधारभूत संरचना विकास में 54 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

    • एलआईसी की कुल परिसंपत्तियां 56 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी हैं।

    • हर वर्ष एलआईसी आयकर, जीएसटी सहित विभिन्न माध्यमों से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का योगदान भारतीय राजकोष में दे रही है।

    • पिछले वित्तीय वर्ष में एलआईसी ने 230 लाख बीमा दावों का भुगतान किया।

    • एलआईसी का शुद्ध लाभ 48,151 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.38 प्रतिशत अधिक है।

    उन्होंने यह भी बताया कि 20 जनवरी 2025 को एलआईसी ने एक ही दिन में 5,88,160 बीमा पॉलिसियां बेचकर ग्रीनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। आज एलआईसी दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली ब्रांड बन चुका है और

    • प्रीमियम में 57 प्रतिशत,

    • तथा पॉलिसियों की संख्या में 63 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ बीमा बाजार में अग्रणी बना हुआ है।

    हालांकि, प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर गहरी चिंता भी जताई गई। धर्म प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार ने “सबका बीमा, सबकी सुरक्षा” के नाम पर बीमा कानून संशोधन बिल 2025 पारित किया है, जिसके तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही कंपोजिट और कैपटिव इंश्योरेंस जैसी नई अवधारणाएं लाई जा रही हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ये फैसले जीवन बीमा के राष्ट्रीयकरण के मूल उद्देश्य को कमजोर करेंगे और देश का बीमा क्षेत्र 1956 से पहले वाली निजी मुनाफाखोरी की स्थिति की ओर लौट सकता है।

    अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने बताया कि हाल ही में भुवनेश्वर में संपन्न 27वें राष्ट्रीय अधिवेशन में यह सर्वसम्मति से तय किया गया है कि केंद्र सरकार के इन फैसलों के खिलाफ जोरदार और लोकतांत्रिक संघर्ष किया जाएगा, ताकि एलआईसी की सार्वजनिक और जनकल्याणकारी भूमिका को सुरक्षित रखा जा सके।

  • अस्पताल की सेवाएं चलाने वाले हाथ सड़क पर, सदर अस्पताल में बेमियदी  धरना शुरू

    अस्पताल की सेवाएं चलाने वाले हाथ सड़क पर, सदर अस्पताल में बेमियदी धरना शुरू

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जिस सदर अस्पताल में रोज़ सैकड़ों मरीज़ इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, उसी अस्पताल परिसर में आज काम करने वाले हाथों ने न्याय की गुहार लगाई। गिरिडीह सदर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह आंदोलन जेएलकेएम के बैनर तले चल रहा है।

    धरने पर बैठे कर्मियों का साफ़ कहना है—
    “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।”

    आंदोलनरत कर्मियों का आरोप है कि महीनों से उनका वेतन बकाया है। ईपीएफ, ईएसआई और पूर्व में की गई कटौतियों की राशि अब तक नहीं मिली है। सरकार द्वारा तय समय पर वेतन और बोनस का भुगतान नहीं होने से कर्मी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई परिवारों के सामने रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना तक मुश्किल हो गया है।

    कर्मियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में सभी पदों पर कार्यरत कर्मियों को नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराना, तकनीकी डिग्रीधारी कर्मचारियों को कुशल कामगार की श्रेणी में शामिल कर उचित वेतन देना और हर माह की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है।

    इसके साथ ही अनुत्रिन कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्किल टेस्ट का परिणाम शीघ्र जारी कर पद बहाल करने की मांग उठाई गई है। कर्मियों ने यह भी कहा कि सिविल सर्जन द्वारा सभी प्रखंडों के प्रभारियों को हर माह की 5 तारीख तक उपस्थिति (एबसेंटी) पर हस्ताक्षर के लिए बाध्य किया जाए, ताकि वेतन भुगतान में देरी न हो।

    धरना स्थल पर मौजूद कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने साफ़ कहा कि ज़रूरत पड़ी तो अस्पताल से लेकर जिला मुख्यालय तक संघर्ष का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    गिरिडीह सदर अस्पताल में शुरू हुआ यह धरना सिर्फ़ वेतन का सवाल नहीं है, बल्कि उन कर्मियों की आवाज़ है, जिनके भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था चलती है, लेकिन जिनकी मेहनत का हिसाब समय पर नहीं दिया जाता।

  • जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान,  फॉरवर्ड ब्लॉक का सम्मेलन संपन्न

    जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान, फॉरवर्ड ब्लॉक का सम्मेलन संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किसी तरह का समझौता नहीं, बल्कि संगठित संघर्ष ही शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है। यह बात पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के गिरिडीह जिला संयोजक राजेश यादव ने कही। वे रविवार को फॉरवर्ड ब्लॉक के बेंगाबाद प्रखंड के पहले सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    राजेश यादव ने कहा कि आज आम जनता केंद्र और झारखंड सरकार की नीतियों से बुरी तरह प्रभावित है। महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की बदहाली, मज़दूरों के अधिकारों पर हमले और सामाजिक असमानता लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में कॉमरेड महेंद्र सिंह जैसे जनसंघर्ष के प्रतीकों के जीवन से सीख लेते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के समाजवादी भारत के सपने को साकार करने के लिए संघर्ष को तेज करना समय की मांग है।

    उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी को 78 वर्ष और झारखंड राज्य के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन जनता की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। विकास के दावे ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। इसलिए सिदो-कानो, बिरसा मुंडा, नेताजी सुभाष बोस, भगत सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शिबू सोरेन और कॉमरेड महेंद्र सिंह जैसे संघर्षशील नायकों की विचारधारा से प्रेरणा लेना अब अपरिहार्य हो गया है।

    सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रदेश महासचिव अरुण कुमार मंडल उपस्थित थे। उन्होंने बेंगाबाद प्रखंड सम्मेलन की सफलता पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।

    कार्यक्रम के दौरान शहादत दिवस के अवसर पर कॉमरेड महेंद्र सिंह सहित फॉरवर्ड ब्लॉक के जन आंदोलनों में शहीद सभी साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें बेंगाबाद प्रखंड, गिरिडीह जिला, झारखंड राज्य और देश की मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सम्मेलन में 17 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें किसानों, मज़दूरों, बेरोज़गार युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे। इन मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

    सम्मेलन के दौरान संगठनात्मक विस्तार करते हुए फॉरवर्ड ब्लॉक की 21 सदस्यीय बेंगाबाद प्रखंड (लोकल) कमेटी का गठन किया गया। इसके बाद कमेटी ने 7 सदस्यीय पदाधिकारी मंडल का चुनाव किया।
    जिसमें शिवनंदन यादव को अध्यक्ष, रामलाल मंडल को उपाध्यक्ष, शंभू ठाकुर को महासचिव तथा फोदार सिंह, सुखदेव गोस्वामी, शंकर यादव और शंभू तुरी को सचिव चुना गया।

    सम्मेलन के समापन के बाद नवगठित कमेटी के नेतृत्व में सम्मेलन स्थल से प्रखंड मुख्यालय तक जन अधिकार मार्च निकाला गया। मार्च के उपरांत 17 सूत्री मांग पत्र प्रखंड एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से उपायुक्त गिरिडीह को सौंपा गया। प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई, साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

     

    आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश यादव, शंभू तुरी, लखन कोल, छोटेलाल यादव, मुस्लिम अंसारी, शंकर यादव, प्रदीप यादव, विजय कु रवि, फोदार सिंह, शिवनंदन यादव, महेश वर्मा, सुखदेव गोस्वामी, मुरारी यादव, राजेंद्र मंडल, रामलाल मंडल म, कुमार सिंह, महेंद्र साव, किशोर दास, शंभू ठाकुर, बड़का हेंब्रम, नकुल सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

  • आदित्य साहू बने भाजपा झारखंड के नए अध्यक्ष, संगठन को मिली नई कमान

    आदित्य साहू बने भाजपा झारखंड के नए अध्यक्ष, संगठन को मिली नई कमान

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची। झारखंड की सियासत में बुधवार को बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला, जब राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को भारतीय जनता पार्टी की झारखंड प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। पार्टी के केंद्रीय चुनाव पदाधिकारी और केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने औपचारिक रूप से उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की।

    मंगलवार को आदित्य साहू ने झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय चुनाव पदाधिकारी जुएल ओराम के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य नेता ने नामांकन नहीं किया, जिसके चलते उनका चयन निर्विरोध तय हो गया। जैसे ही इसकी घोषणा हुई, पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश देखने को मिला।

    आदित्य साहू वर्तमान में झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं और जुलाई 2022 में वे उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे। इससे पहले वे झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। संगठन और संसद—दोनों स्तरों पर उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, आदित्य साहू की नियुक्ति केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की एक अहम रणनीति भी मानी जा रही है। वे वैश्य समुदाय से आते हैं, जिस समुदाय में भाजपा की परंपरागत रूप से मजबूत पकड़ रही है। ऐसे में आगामी चुनावों को देखते हुए उनका अध्यक्ष बनना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से अहम कदम माना जा रहा है।

    उनके निर्वाचन की घोषणा के मौके पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद बीडी राम समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने आदित्य साहू को बधाई दी और उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।

    अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर आदित्य साहू किस तरह संगठन को धार देते हैं और आने वाले राजनीतिक मुकाबलों में भाजपा को किस दिशा में ले जाते हैं।

  • हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: जमीन में दबे बम के विस्फोट से तीन की मौत, इलाके में दहशत

    हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: जमीन में दबे बम के विस्फोट से तीन की मौत, इलाके में दहशत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    हजारीबाग:  झारखंड के हजारीबाग शहर में बुधवार शाम एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के हबीबीनगर मोहल्ले में झाड़ी साफ करने के दौरान जमीन के अंदर छिपे बम में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी समेत तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।

    घटना बुधवार शाम लगभग साढ़े चार बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद सद्दाम हुसैन अपनी जमीन पर झाड़ियां और घास साफ कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी नन्ही परवीन और एक अन्य महिला रशीदा परवीन भी वहां मौजूद थीं। जैसे ही कुदाल जमीन में गड़ी, नीचे दबे बम में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के लोग सहम गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    विस्फोट के बाद दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मोहम्मद सद्दाम (40 वर्ष), पिता मोहम्मद यूनुस, उनकी पत्नी नन्ही परवीन (32 वर्ष) तथा रशीदा परवीन (45 वर्ष), पति मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है।

    मकर संक्रांति जैसे पर्व के दिन हुए इस हादसे से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर क्षेत्र को सील कर दिया। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

    गौरतलब है कि हबीबीनगर इलाका पहले भी विस्फोट की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। अप्रैल 2016 में इसी क्षेत्र में बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी। एक बार फिर जमीन में दबे विस्फोटक के मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घायलों को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। विस्फोट के कारणों को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि धमाका किसी पहले से रखे गए विस्फोटक के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

    फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाकर जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, घटना से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।

    झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी ऑपरेशन माइकल राज ने धमाके में 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि धमाके की वजह और प्रकृति का पता लगाया जा रहा है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर हैं।

  • गिरिडीह पुलिस की मानवीय पहल, बिरहोर समुदाय को मिली ठंड से राहत

    गिरिडीह पुलिस की मानवीय पहल, बिरहोर समुदाय को मिली ठंड से राहत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास व समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में गिरिडीह पुलिस ने एक सराहनीय पहल की। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह डॉक्टर बिमल कुमार ने सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अमनारी पंचायत के बिरहोर कॉलोनी पहुंचे, जहाँ उन्होंने ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों के बीच कंबल व अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया।

    इस दौरान पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार ने बिरहोर समुदाय के लोगों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि गिरिडीह पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल से आदिवासी समुदाय के लोगों के चेहरे पर राहत और भरोसे की झलक साफ नजर आई।

    कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बगोदर–सरिया, समेत संबंधित थाना एवं ओपी प्रभारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर स्थानीय हालात का जायजा लिया और क्षेत्रीय मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम के पश्चात अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगोदर–सरिया के कार्यालय में सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत बनी रहे।

    मानवीय संवेदना और प्रशासनिक सक्रियता का यह प्रयास पुलिस–जनसहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

  • रांची में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का महाकुंभ, 17–18 जनवरी को गूंजेगा RanchiHacks’26

    रांची में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का महाकुंभ, 17–18 जनवरी को गूंजेगा RanchiHacks’26

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : राजधानी रांची अब सिर्फ राजनीति और संस्कृति की पहचान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया हब बनने जा रही है। 17 और 18 जनवरी को रांची में होने जा रहा है RanchiHacks’26, जो तकनीकी प्रतिभाओं के लिए किसी महाकुंभ से कम नहीं है।

    यह 24 घंटे का ऑफलाइन हैकाथॉन राजधानी में नवाचार की नई लकीर खींचेगा। आयोजन का ग्रैंड फिनाले G. D. Birla Auditorium, Ranchi में होगा, जहाँ देशभर के युवा टेक्नोलॉजिस्ट अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाएंगे।

    Google Developer Groups Ranchi द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन को देश के हर कोने से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है।
    500 से अधिक टीमों ने रजिस्ट्रेशन कराया,
    350 से ज्यादा इनोवेटिव प्रोजेक्ट सबमिट किए गए,
    और कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद टॉप 31 टीमों ने फाइनल राउंड में अपनी जगह बनाई है।

    RanchiHacks’26 की खास बात यह है कि इसे AI Impact Summit 2026 का आधिकारिक प्री-समिट इवेंट घोषित किया गया है। यह समिट भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिससे इस आयोजन की राष्ट्रीय अहमियत और भी बढ़ जाती है।

    हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, IoT, रोबोटिक्स, Web3 और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में समाधान पेश करेंगे।

    प्रतिभागियों को Google, Infosys, HP, American Express और Wipro जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़े अनुभवी मेंटर्स का मार्गदर्शन मिलेगा, वहीं देश-विदेश के विशेषज्ञों की जूरी फाइनल प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करेगी।

    कुल मिलाकर RanchiHacks’26 न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होने जा रहा है — जहाँ से भविष्य की टेक्नोलॉजी की नई कहानी लिखी जाएगी।

  • नगर निकाय चुनाव पार्टी आधारित कराए जाए-भाजपा

    नगर निकाय चुनाव पार्टी आधारित कराए जाए-भाजपा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निकाय चुनाव में लगातार हो रही देरी के खिलाफ मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने सड़कों पर उतरकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर की सड़कों पर पैदल मार्च निकालते हुए जिला समाहरणालय तक जोरदार प्रदर्शन किया। उपायुक्त कार्यालय के समक्ष कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जल्द से जल्द नगर निकाय चुनाव कराने की मांग की।

    इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। पूर्व सांसद रविंदर राय, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम, पूर्व  महापौर सुनील पासवान, जिला अध्यक्ष महादेव दुबे, विनय सिंह और नगर अध्यक्ष हरविंदर सिंह बग्गा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा लेकर सड़कों पर उतरे। “लोकतंत्र बचाओ”, “चुनाव कराओ” जैसे नारों से शहर का माहौल गूंज उठा।

    प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने कहा कि सरकार जानबूझकर नगर निकाय चुनाव को टाल रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। लंबे समय से नगर निकाय संस्थाएं भंग पड़ी हैं, जिसका सीधा असर शहरी विकास कार्यों पर पड़ रहा है। सड़क, नाली, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हैं, लेकिन सरकार को जनता की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है।

    भाजपा नेताओं ने स्पष्ट मांग की कि नगर निकाय चुनाव अविलंब, पारदर्शी और पार्टी आधारित कराए जाएं। साथ ही मतदान प्रक्रिया में ईवीएम के प्रयोग की भी मांग की गई। नेताओं का कहना था कि पार्टी आधारित चुनाव से जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से सीधे जवाब मांग सकेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

    प्रदर्शन के अंत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नगर निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो भाजपा चरणबद्ध तरीके से व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक बुलंद करती रहेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

     

  • झामुमो छात्र विंग का शक्ति प्रदर्शन, एकदिवसीय सम्मेलन में जुटे सैकड़ों विद्यार्थी

    झामुमो छात्र विंग का शक्ति प्रदर्शन, एकदिवसीय सम्मेलन में जुटे सैकड़ों विद्यार्थी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    सम्मेलन के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्री लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि समाज, राज्य और देश का भविष्य होते हैं।”
    उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी विषय या मुद्दे पर सवाल करने की क्षमता विकसित करें।
    मंत्री ने कहा—
    कोई कुछ कह दे, तो आँख मूंदकर उस पर भरोसा मत कीजिए। सोचिए, समझिए और सवाल उठाइए।”

    विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेब नीचे ही क्यों गिरा—यह सवाल उनके मन में आया और वहीं से गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज हुई।
    उन्होंने युवाओं को नवाचार और वैज्ञानिक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

    मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मोबाइल युवाओं पर सकारात्मक और नकारात्मक—दोनों तरह का प्रभाव डाल रहा है।
    चुनाव आपको करना है कि आप इसे किस दिशा में ले जाते हैं,” उन्होंने कहा।

    देश की मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि कोई चाहे भारत को एक रंग में रंगने की कोशिश करे, लेकिन यह संभव नहीं है।
    भारत को पूरी दुनिया विविधता में एकता के देश के रूप में जानती है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत और खूबसूरती है,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि जीवन में अनुशासन सबसे बड़ा हथियार है।
    उन्होंने नगर विकास मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गिरिडीह में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज बहुत जल्द शुरू होने जा रहे हैं, जो जिले के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

    झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि
    एक अच्छा विद्यार्थी ही आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बनता है।”

    सम्मेलन के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा के नेता अभय कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने झामुमो छात्र मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी नव-शामिल छात्रों को माला पहनाकर और पार्टी का पट्टा पहनाकर संगठन में शामिल कराया।
    छात्र नेता अभय कुमार ने संगठन को पूरी ताकत से मजबूत करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, अभय सिंह, मेहताब मिर्जा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।
    कार्यक्रम में बड़ी यादव, डब्लू यादव, सुमेर वर्मा, आदित्य यादव, बिट्टू यादव, आशीष सिंह, रोहित मंडल, अंकित राज, राज पांडे, आशीष यादव, शिवम देव, रंजन वर्मा, विशाल झा, आर्यन वर्मा, प्रिंस प्रभाकर, सुजीत मंडल, पंकज साव, सागर, बंटी यादव, रोहन तूरी सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।

    सम्मेलन ने साफ संदेश दिया कि गिरिडीह में छात्र राजनीति एक नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।