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JPSC-JSSC आंदोलन के बीच झारखंड में सियासी हलचल तेज
परवेज़ आलम.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सड़क से लेकर अस्पताल तक और सरकार से लेकर राजभवन तक—हर स्तर पर हलचल बढ़ गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट बिल्डिंग में अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अहम बैठक बुलाई है। दूसरी ओर, CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार दास को हिरासत में लिया है। CID की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।
सरकार और छात्रों के बीच चौथे दौर की बातचीत
छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सोमवार को चौथे दौर की वार्ता शुरू हुई। बातचीत शाम करीब साढ़े सात बजे शुरू हुई। इससे पहले छात्रों को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस बुलाया गया था।
प्रशासन की ओर से छात्रों के प्रतिनिधियों को गाड़ियों से गेस्ट हाउस ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि मुख्यमंत्री पहले मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद छात्रों के साथ बातचीत की जाएगी।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और छात्रों के बीच होने वाली यह वार्ता किसी ठोस समाधान तक पहुंचती है या नहीं।
CID की कार्रवाई, पूर्व JPSC अध्यक्ष से भी हुई पूछताछ
जांच के सिलसिले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से करीब 48 घंटे तक पूछताछ की गई। CID ने 15 अगस्त को उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पूछताछ पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसके साथ ही JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार दास को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने से जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चयनित अभ्यर्थियों की सरकार से अपील
इधर, JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर उनके भविष्य पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
चयनित अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के निकट मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया को लेकर पैदा हुई परिस्थितियों का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है।
16वें दिन भी जारी देवेंद्र महतो का अनशन
छात्र आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन भी लगातार जारी है। भूख हड़ताल के 16वें दिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बताई गई। सोमवार को उनका रक्तचाप 84/39 mmHg दर्ज किया गया।
15 अगस्त के बाद से लगातार जांच में उनका BP कम पाया जा रहा था और सोमवार को यह और नीचे चला गया। फिलहाल सदर अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच और निगरानी की जा रही है।
आंदोलनकारियों की मांग है कि देवेंद्र महतो को अस्पताल से वापस सत्याग्रह स्थल लाया जाए, हालांकि उनकी लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच यह मांग भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजभवन पहुंचा विपक्ष, राज्यपाल से मुलाकात
छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात की।
भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने छात्र आंदोलन से उपजे हालात समेत प्रदेश के अन्य ज्वलंत मुद्दों को रखा। उनका आरोप है कि छात्र पिछले 24 दिनों से रांची में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कई छात्र आमरण अनशन के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के नाम पर छात्रों को गुमराह कर रही है। उन्होंने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करते हुए छात्रों की जायज मांगों का जल्द समाधान कराने की मांग की।
राज्यपाल ने भाजपा नेताओं को आश्वस्त किया कि पूरे घटनाक्रम और राज्य की परिस्थितियों पर उनकी पैनी नजर है।
अब बड़ा सवाल—क्या निकलेगा समाधान?
JPSC-JSSC आंदोलन, CID की कार्रवाई, पूर्व अधिकारियों से पूछताछ, छात्रों की भूख हड़ताल, चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और राजभवन तक पहुंचा राजनीतिक विवाद—इन सबके बीच झारखंड की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सरकार और छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता से कोई ठोस समाधान निकलेगा, या झारखंड का छात्र आंदोलन अभी और बड़ा रूप लेगा?
16 साल पुराने अफीम खेती मामले में 27 आरोपी बरी, विशेष अदालत ने कहा- आरोप साबित नहीं हुए
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह में 16 वर्ष पुराने अफीम की अवैध खेती और कारोबार से जुड़े मामले में विशेष न्यायाधीश प्रथम कंवलजीत चोपड़ा की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 27 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ दिया जाता है।
2010 में दर्ज हुआ था मामला
बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने बताया कि 14 फरवरी 2010 को लोकाय नयनपुर थाना में तत्कालीन अवर निरीक्षक आर.के. शाह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में लुकाई नयनपुर गांव के 29 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस का आरोप था कि आरोपी अपनी जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती करते थे और उसका कारोबार भी करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 8 किलोग्राम अफीम बरामद करने का दावा किया था। जांच पूरी होने के बाद विशेष न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
बचाव पक्ष ने उठाए कई तकनीकी सवाल
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने अदालत में दलील दी कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए मादक पदार्थ को कानून के अनुरूप प्रमाणित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि जांच और साक्ष्य में कई ऐसी खामियां हैं, जिनसे अभियोजन के पूरे मामले पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भोले-भाले ग्रामीण पिछले 16 वर्षों से अदालत के चक्कर लगा रहे थे, जबकि अभियोजन पक्ष समयबद्ध और प्रभावी तरीके से मामले को साबित करने में असफल रहा। मुकदमे के दौरान एक आरोपी की मृत्यु भी हो गई।
अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?
अपर लोक अभियोजक अशोक दास ने अदालत में कहा कि मादक पदार्थों से जुड़े अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने अदालत से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अदालत ने क्यों किया बरी?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से कई संदेह उत्पन्न होते हैं। आपराधिक मामलों में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाता है। इसी आधार पर अदालत ने 27 आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
16 साल बाद मिली राहत
मामले के कई आरोपी अब 80 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं। लंबे समय तक मुकदमा झेलने के बाद अदालत का फैसला आने पर आरोपियों और उनके परिजनों में राहत और खुशी का माहौल देखा गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता महीप मंयक ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह “न्याय की जीत” है और अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष फैसला सुनाया।
गाण्डेय विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ SIR को लेकर झामुमो की बैठक, अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग पर जोर
The News Post4U Desk
गिरिडीह। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को गिरिडीह के उत्सव उपवन में गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने की।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र में कुल 60,432 मतदाता अनमैप्ड हैं। उन्होंने पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-2 (Booth Level Agent) से इन मतदाताओं की मैपिंग में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल बीएलए-2 ही नहीं, बल्कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में पूरी गंभीरता से जुटना होगा।

मंत्री ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार गंभीर है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सेवा पखवाड़ा आयोजित कर शिविर लगाए जाएंगे, जहां जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली जैसे आवश्यक दस्तावेज बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता सूची में मौजूद तार्किक त्रुटियों को दूर करने में भी मदद मिलेगी।
जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि झामुमो विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से 14 जून को उत्सव उपवन, गिरिडीह में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने मतदाताओं से भी जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश मतदाता सूची से नाम हट जाता है तो भविष्य में उसे पुनः जोड़ने को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है।
जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि सभी अनमैप्ड मतदाताओं को हर हाल में अपना मैपिंग कार्य पूरा कराना चाहिए और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए।
जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि झारखंड में अंतिम बार वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तो संबंधित मतदाता का नाम जोड़ने में सुविधा होगी। यह व्यवस्था झारखंड के बाहर देश के अन्य राज्यों में दर्ज मतदाता अभिलेखों पर भी लागू होगी।
बैठक के दौरान विभिन्न प्रखंडों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में एसआईआर से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को भी साझा किया। इस अवसर पर विजय सिंह, हलधर राय, गोपीन मुर्मू, धूर्पदेव पंडित, बैजनाथ राणा, भैरव वर्मा, अरुण पाठक, चांदमल मरांडी, वाहिद खान, मो. सलीम, मुस्तकीम अंसारी, जाकिर अंसारी, मंजू मरांडी, आजाद अंसारी, नीलकंठ मंडल, सुरेंद्र सोरेन, प्रेमचंद मुर्मू, रवि वर्मा, शब्बीर आलम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
SIR को लेकर JMM की बैठक, एक भी मतदाता न छूटे: संजय सिंह
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि जिले का एक भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
सर्किट हाउस, गिरिडीह में आयोजित इस बैठक में झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि SIR अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले का एक भी मतदाता छूटना नहीं चाहिए।
पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-2 को बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रखंड और नगर कमेटियों को जल्द से जल्द बीएलए-2 की बैठक आयोजित करने को कहा गया है।
“विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए-2 और बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों को मिलकर घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करना होगा और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना होगा।” –संजय सिंह, जिला अध्यक्ष, झामुमो
बैठक में यह भी बताया गया कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बीएलए को बल्क में आवेदन जमा करने की अनुमति दी है। अब बीएलए प्रतिदिन 50 आवेदन अपने बीएलओ को सौंप सकेंगे।
जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहना होगा, ताकि कोई भी मतदाता सूची से वंचित न रहे।
वहीं जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की मदद के लिए तैयार हैं और दस्तावेजों में मौजूद त्रुटियों को दूर कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने जानकारी दी कि आगामी 14 जून को जिले के सभी 2,586 बूथों के बीएलए-2 को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य दिलीप मंडल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कोलेश्वर सोरेन, महानगर अध्यक्ष राकेश कुमार रॉकी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, झामुमो ने SIR अभियान को लेकर अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं और पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है—गिरिडीह का कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।
बाबूलाल मरांडी की सुरक्षा पर उठे सवाल, 13 साल पुरानी बुलेटप्रूफ गाड़ी बदलने की मांग
The News Post4U Desk
रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। उनके वरीय आप्त सचिव राजेंद्र तिवारी ने राज्य के गृह सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा में इस्तेमाल हो रहे पुराने और जर्जर वाहनों को तत्काल बदलने की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि बाबूलाल मरांडी को उपलब्ध कराई गई बुलेटप्रूफ सफारी करीब 13 वर्ष पुरानी हो चुकी है और क्षेत्रीय दौरों के दौरान अक्सर खराब हो जाती है। इसके अलावा उनकी सुरक्षा में तैनात तीन जिप्सियां भी अत्यधिक जर्जर अवस्था में हैं। बताया गया है कि ये वाहन 4 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुके हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता और सुरक्षा क्षमता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजेंद्र तिवारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि सुरक्षा वाहनों की वर्तमान स्थिति किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में गंभीर खतरे का कारण बन सकती है।
गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी लंबे समय से नक्सली और उग्रवादी संगठनों के निशाने पर रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे के सामने आने के बाद राज्य सरकार और गृह विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
SIR-2026 अभियान शुरू: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उपायुक्त की अहम बैठक, अफवाहों से बचने की अपील
The News Post4U Desk
गिरिडीह, 04 जून 2026। जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि SIR-2026 अभियान के तहत बूथ स्तरीय पदाधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे तथा भरे हुए प्रपत्र प्राप्त करेंगे। यदि किसी परिवार से संपर्क नहीं हो पाता है तो BLO तीन बार प्रयास करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क स्थापित किया जाएगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं है। बल्कि मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में सभी राजनीतिक दलों से निर्धारित समय के भीतर BLA-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
निर्वाचन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 05 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। दावा एवं आपत्ति 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक प्राप्त किए जाएंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।
अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं से हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र प्राप्त होंगे, उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं निर्धारित अवधि में प्रपत्र जमा नहीं करने वाले मतदाता दावा-आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 एवं घोषणा प्रपत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा निर्वाचन विभाग के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
हार्डकोर इनामी नक्सली नेमचंद महतो को 8 वर्ष की सजा, आर्म्स एक्ट मामले में अदालत का फैसला
गिरिडीह: गिरिडीह के तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवलजीत चोपड़ा की अदालत ने हार्डकोर और इनामी नक्सली नेमचंद महतो को आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत उस पर कुल 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला वर्ष 2018 में बेंगाबाद थाना क्षेत्र के केंदुआडीह में चलाए गए विशेष कांबिंग ऑपरेशन से जुड़ा हुआ है। उस समय तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा के नेतृत्व में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक सर्च अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान नेमचंद महतो सहित कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था तथा उनके पास से हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने नेमचंद महतो को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
सरकारी वकील अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में कई अन्य नक्सलियों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें महिला नक्सली शीला दी और रामदयाल महतो समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में ट्रायल की प्रक्रिया जारी है।
अदालत के इस फैसले को नक्सल गतिविधियों के विरुद्ध चल रही कानूनी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गिरिडीह में सोलर सिस्टम की लीथियम बैट्री में धमाका, तीन मंजिला मकान की छत पर लगी आग
गिरिडीह। नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरगंडा वार्ड संख्या 10 में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 9:30 बजे एक तीन मंजिला आवासीय भवन की छत पर स्थापित सोलर सिस्टम की लीथियम बैट्री में अचानक जोरदार धमाका होने के बाद आग लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि स्थानीय लोगों, गृहस्वामी और दमकल विभाग की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार गृहस्वामी प्रदीप कुमार ने चार-पांच दिन पहले ही अपने घर की छत पर सोलर पैनल और लीथियम बैट्री आधारित सक्षम सोलर सिस्टम लगवाया था। बुधवार सुबह अचानक बैट्री में तेज धमाका हुआ, जिसके बाद छत से धुआं उठने लगा। धमाके की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग घबरा गए।

सूचना मिलते ही परिजन छत पर पहुंचे तो देखा कि सोलर सिस्टम की बैट्री धू-धू कर जल रही है। इसके बाद स्थानीय लोगों और घरवालों ने बाल्टी समेत अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण आग को फैलने से रोक लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण लीथियम बैट्री में धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
इस घटना में लीथियम बैट्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी व्यक्ति के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर आग का पता नहीं चलता, तो यह घटना एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी।
फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।