Author: The News Post4u

  • गांडेय में चुनावी महासंग्राम: नारी शक्ति का सीधा मुकाबला, मुनिया देवी ने कल्पना सोरेन को पीछे छोड़ा!

    परवेज़ आलम

    झारखंड के गिरिडीह जिले की गांडेय विधानसभा सीट पर इस बार सियासत का मंजर बदला-बदला सा है। यहां की धरती पर दो नारी शक्तियां आमने-सामने हैं। एक तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की कल्पना सोरेन, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी हैं, और दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जमीनी नेता मुनिया देवी।

    LIVE अपडेट्स:

    • 1:04 PM: आठवें राउंड की गिनती खत्म! कल्पना सोरेन 3000 वोटों से मुनिया देवी से पीछे।
    • तीसरे राउंड के बाद: झामुमो का गढ़ हिल रहा है, कल्पना सोरेन 4500 वोटों से पिछड़ीं।

    गांडेय का इतिहास बताता है कि यह सीट झामुमो के लिए एक गढ़ रही है। 1977 में अस्तित्व में आई इस सीट पर झामुमो ने छह बार जीत दर्ज की है। लेकिन इस बार की लड़ाई अलग है। भाजपा ने मुनिया देवी को उतारकर मुकाबले को कांटे का बना दिया है।

    क्या बदलेगी राजनीति की दिशा?
    2024 के उपचुनाव में कल्पना सोरेन ने जब जीत दर्ज की थी, तो मतदाताओं को उम्मीद थी कि वह शायद मुख्यमंत्री बनेंगी। लेकिन इस बार भाजपा की मुनिया देवी अपनी मजबूत पकड़ के साथ झामुमो के इस गढ़ को चुनौती दे रही हैं।

    गांडेय का सियासी सफर:

    • 2005: झामुमो के सालखन सोरेन ने राजद के सरफराज अहमद को हराया।
    • 2009: सरफराज अहमद कांग्रेस में शामिल होकर जीते।
    • 2014: भाजपा के जय प्रकाश वर्मा ने कब्जा किया।
    • 2019: सरफराज अहमद झामुमो से दोबारा विधायक बने।
    • 2024 उपचुनाव: कल्पना सोरेन ने जीत दर्ज की।

    लेकिन अब के हालात अलग हैं। मुनिया देवी जैसे जमीनी नेता ने लड़ाई को रोचक बना दिया है। अगर भाजपा यहां से जीत दर्ज करती है, तो यह झामुमो के गढ़ में बड़ी सेंध होगी।

    “गांडेय का हर वोट इतिहास रच रहा है। सियासत के इस रोचक मुकाबले का अंजाम झारखंड की राजनीति को नया मोड़ देगा। देखते रहिए… The News Post4u

  • चुनावी महाभारत LIVE: झारखंड की जनता की किस्मत का फैसला, कौन बनेगा सत्ता का सिकंदर?”

    परवेज़ आलम
    झारखंड चुनाव 2024″ के महासमर का फैसला अब बस कुछ ही घंटों की बात है। THE NEWS POST4U पर हम आपको सबसे तेज़, सटीक और बेबाक नतीजे दिखा रहे हैं। 81 विधानसभा सीटों पर सियासी रण जारी है। मुकाबला कांटे का है पर  इंडिया गठबंधन सरकार बनाती दिख रही है ।

    हर पल का अपडेट LIVE:

    9 मिनट पहले

    जमशेदपुर पूर्व से पूर्णिमा दास लीड कर रही हैंजमशेदपुर से पूर्णिमा दास 17968 वोटों से आगे चल रही हैं।

    13 मिनट पहले

    कांके से सुरेश बैठा आगे चल रहेकांके से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश बैठा 5535 वोटों से आगे चल रहे हैं

    17 मिनट पहले

    तमाड़ से विकास कुमार मुंडा आगे चल रहे हैंतमाड़ विकास मुंडा 5406 वोटों से आगे चल रहे हैं।

    19 मिनट पहले

    तोरपा से सुदीप गुड़िया आगेतोरपा से सदीप गुड़िया 28931 वोटों से आगे हैं, बीजेपी के कोचे मुंडा पीछे चल रहे हैं।

    22 मिनट पहले

    हटिया से अजय नाथ शाहदेव आगे चल रहेहटिया से अजयनाथ शाहदेव  5056 वोटों से आगे चल रहे हैं।

    24 मिनट पहले

    गढ़वा से सत्येंद्र नाथ तिवारी आगे चल रहगढ़वा से सत्येंद्र नाथ तिवारी 8109 वोटों से आगे चल रहे हैं

    25 मिनट पहले

    जामा से लुईस मरांडी आगेजामा से लुईस मरांडी 303 वोटों से आगे चल रही हैं।

    25 मिनट पहले

    झरिया से रागिनी सिंह आगे चल रही हैझरिया से रागिनी सिंह  9803 वोट से आगे चल रही हैं।

    26 मिनट पहले

    निरसा से आरूप चर्टजी आगे चल रहे हैंनिरसा से आरूप चटर्जी 3299 वोट से आगे चल रहे हैं।

    28 मिनट पहले

    सिल्ली से अमित महतो आगे चल रहे हैं सिल्ली से अमित महतो 6758 वोट से आगे चल रहे हैं

    31 मिनट पहले

    धनवार से बाबूलाल मरांडी आगे चल रहे हैधनवार सीट से बाबूलाल मरांडी 10298 वोट से आगे चल रहे हैं।

    32 मिनट पहले

    पोटका से मीरा मुंडा आगे चल रही हैंपोटका से बीजेपी प्रत्याशी मीरा मुंडा 20001 से आगे चल रही हैं।

    33 मिनट पहले

    रांची से सीपी सिंह आगे चल रहे हैंरांची से बीजेपी के प्रत्याशी सीपी सिंह 21523 वोट से आगे चल रहे हैं।

    34 मिनट पहले

    डुमरी से बेबी देवी फिर लीड कर रही हैंडुमरी से झामुमो की प्रत्याशी बेबी देवी फिर से लीड कर रही हैं। वह 2755 वोट से आगे चल रही हैं। जयराम महतो दूसरे नंबर पर हैं।

    35 मिनट पहले

    बगोदर से नागेंद्र महतो आगेबगोदर से नागेंद्र महतो 5053 वोट से आगे चल रहे हैं।

    44 मिनट पहले

    बरहेट से हेमंत सोरेन आगे चल रहे हैंहेमंत सोरेन बरहेट सीट से आगे चल रहे हैं। वर्तमान में वह 8202 सीटों से आगे चल रहे हैं।

    1 मिंट पहले :गांडेय से कल्पना 6 राउंड  1700 वोटों से पीछे

    4 सेकंड पहले: निरसा से आरूप चर्टजी 3299 वोट से आगे।
    5 मिनट पहले: धनवार में बाबूलाल मरांडी 10298 वोट से बढ़त बनाए हुए।
    6 मिनट पहले: पोटका से बीजेपी की मीरा मुंडा 20001 वोट की विशाल बढ़त के साथ आगे।
    18 मिनट पहले: बरहेट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8202 वोटों से आगे।
    51 मिनट पहले: नाला से विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो बढ़त बनाए हुए हैं।

    2 मिनट पहले कल्पना सोरेन 3000 वोटो से पीछे
    सियासी तस्वीर साफ:
    रुझानों के मुताबिक, एनडीए 32 सीटों पर और इंडिया गठबंधन 47 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

    फाइनल नतीजों तक, हर सेकंड के अपडेट्स के लिए जुड़े रहें THE NEWS POST4U के साथ। यहां मिलेगी आपको सबसे तेज़ और भरोसेमंद खबर।

    “कौन बनेगा झारखंड का नया राजा? राजनीति का ये रोमांचक मुकाबला बस खत्म होने को है। देखते रहिए… THE NEWS POST4U

  • INDIA गठबंधन बहुमत से काफी आगे 51 सीटो पर आगे

    झारखंड विधानसभा चुनाव 2024: शुरुआती नतीजों में ‘इंडिया’ गठबंधन को बढ़त, भाजपा को झटका

    झारखंड में 81 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन धीरे-धीरे हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाला ‘इंडिया’ गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है। 10.15 बजे तक INDIA गठबंधन बहुमत से काफी आगे 46 सीटो पर आगे है । भाजपा के लिए यह रुझान निराशाजनक साबित हो रहे हैं।

    चुनाव में मुख्य मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के ‘इंडिया’ गठबंधन और भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU), जनता दल यूनाइटेड (JDU), तथा लोजपा-रामविलास (LJP) के गठबंधन के बीच है। ईवीएम और बैलेट बॉक्स के नतीजे तय करेंगे कि अगले पांच वर्षों तक झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार रहेगी या एनडीए का शासन लौटेगा।

    हेमंत सोरेन ने चुनाव प्रचार में आदिवासी अस्मिता और ‘मंईयां सम्मान योजना’ को प्रमुख मुद्दा बनाया। वहीं, जेल जाने से जुड़े विवाद को उन्होंने सहानुभूति में बदलने की कोशिश की। दूसरी तरफ, भाजपा ने बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा जोरशोर से उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य बड़े नेताओं ने इसे “रोटी, बेटी और माटी बचाने” का सवाल बताते हुए भाजपा को सत्ता में लाने की अपील की।

  • कल्पना मुरमु सोरेन गिरिडीह पहुंची मतगणना के लिए कार्यकर्ताओं मे भरा जोश

    परवेज़ आलम
    GIRIDIH :झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता और गांडेय से उम्मीदवार कल्पना मुरमु सोरेन शुक्रवार को गिरिडीह पहुंची । यहाँ हवाई अड्डे पर JMM के कार्यकर्ताओं ने उनका गरम जोशी से स्वागत किया। कल्पना ने मीडिया को कुछ बताने से मना करते हुये हँसकर कहा कि कल तक इंतज़ार कीजिए, नतीजे आने के बाद ही मीडिया से बात करूंगी। बता दे कि कल्पना सोरेन अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतगणना के लिए यहाँ पहुंची है ताकि कार्यकर्ताओं मे जोश भर सकें और वे पूरी मुस्तैदी मतगणना स्थल पर जमे रहे। कल्पना का मुक़ाबला गांडेय मे भाजपा उम्मीदवार मुनिया देवी से है। पर एक्ज़िट पोल मे कल्पना को गांडेय से जीतने कि भविष्यवाणी की गयी है । एक्ज़िट पोल कि सच्चाई तो कल ही पता चलेगा जब एक्चुअल नतीजे आएंगे ।

  • मतगणना की तैयारियां पूरी । त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है

    परवेज़ आलम
    झारखंड में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतगणना को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है. सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. राजनीतिक नेता से लेकर कार्यकर्ता और आम लोग बेहद ही उत्सुकता से नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. 23 नवंबर को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि राज्य में अगली सरकार बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA बनाएगा या INDIA गठबंधन एक बार फिर सत्ता पर काबिज होगा.

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन, धुर्वा में पत्रकारों को बताया कि  विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए सभी 24 केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गयी है। मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। मतगणना शनिवार की सुबह आठ बजे शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होगी। सुबह आठ बजे तक आनेवाले सभी पोस्टल बैलेटों को मतगणना में शामिल किया जाएगा। 8.30 बजे सुबह से ही इवीएम के वोटों की भी गिनती शुरू कर दी जाएगी। सुबह 9.30 बजे से रुझान आने शुरू हो जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र के भीतर डीइओ और आरओ के अलावा किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है। मतगणना हॉल में किसी भी पुलिसकर्मी का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पत्रकार मीडिया सेंटर तक मोबाइल ले जा सकेंगे। मतगणना हॉल के भीतर की तस्वीर सिर्फ एक बार कैमरे से अधिकारियों की देखरेख में लेने की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस विधानसभा क्षेत्र की मतगणना का राउंड जितना कम होगा, उसका परिणाम उतनी ही जल्दी आएगा। उन्होंने बताया कि सबसे कम 13 राउंड की मतगणना तोरपा विधानसभा क्षेत्र की होगी। लिट्टीपाड़ा में भी सिर्फ 14 राउंड की मतगणना होगी। सर्वाधिक 27 राउंड की मतगणना चतरा विधानसभा क्षेत्र की होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य के वोटर से लेकर प्रत्याशी और राजनीतिक दल तक कानून का सम्मान करते हैं, इसलिए विजय जुलूस आदि को लेकर झड़प की संभावना न के बराबर है। लेकिन, स्थानीय प्रशासन कानून व्यवस्था को बनाये रखने की अपनी तैयारी रखता है।

    गिरिडीह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने बतया कि गिरिडीह में स्ट्रांग रूम पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है. काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया मीडिया और उम्मीदवारों या उनके एजेंटों की पूरी निगरानी में पारदर्शी तरीके से होगी. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘स्ट्रांग रूम’ को पर्याप्त सुरक्षा और वीडियो निगरानी से सुदृढ़ किया गया है. काउंटिंग सेंटर के अंदर मोबाइल, तंबाकू, कटर, अस्त्र-शस्त्र, पान गुटखा, खाने का पैकेट, ज्वलनशील वस्तु, चाकू और पानी की बोतल ले जाने की मनाही है.।
    गिरिडीह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि ज़िले के सभी छह विधानसभा सीटों के मतगणना की तैयारी पूरी कर ली गयी है, गिरिडीह, गांडेय, धनवार जमुआ, डुमरी मे मतगणना 21 राउंड में पूरी होगी जबकि बगोदर कि मतगणना 24 राउंड में पूरा होगा ।

  • झारखंड में महिला मतदाताओं ने पुरुषों को फिर किया चित

    RANCHI: झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के आंकड़े सामने आए तो कहानी साफ हो गई—महिलाओं ने एक बार फिर वोटिंग में बाज़ी मार ली।

    दोस्तों, तस्वीर यह है कि दूसरे चरण की 38 में से 31 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से ज़्यादा थी, फिर भी महिलाएं मैदान में आगे रहीं।

    आंकड़ों पर डालते हैं एक नज़र:
    मतदाता सूची में:

    पुरुष: 62.89 लाख
    महिला: 61.00 लाख
    मतदान करने वाले:

    पुरुष: 41.46 लाख
    महिला: 43.96 लाख
    अब जरा ध्यान दीजिए, महिलाओं ने लगभग 2.5 लाख अधिक वोट डाले।

    जिन सीटों पर महिलाओं ने बाज़ी मारी:
    खिजरी, सिल्ली, टुंडी, चंदनकियारी, बेरमो, गोमिया, डुमरी, गिरिडीह, गांडेय, जमुआ, बगोदर, धनवार, मांडू, रामगढ़, महगामा, गोड्डा, पोड़ैयाहाट, सारठ, मधुपुर, जरमुंडी, जामा, दुमका, जामताड़ा, नाला, शिकारीपाड़ा, महेशपुर, पांकुड़, लिट्टीपाड़ा, बरहेट, बोरियो, और राजमहल।

    पहले चरण में भी महिलाओं का दबदबा:
    पहले चरण की 43 सीटों पर भी महिलाओं ने ही बाज़ी मारी थी।

    मतदान प्रतिशत:
    महिला: 69.04%
    पुरुष: 64.27%
    तो, कहानी यही कहती है कि झारखंड में महिलाएं न केवल जागरूक हैं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में भी आगे हैं। यह है झारखंड की ‘नारी शक्ति’ का असली रूप।

    झारखंड की महिलाएं यह बता रही हैं—’हम न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि देश की सियासी तस्वीर भी बदल सकती हैं।’

  • 17,000 से ज्यादा व्हाट्सऐप अकाउंट्स ब्लॉक

    NEW DELHI : भारत सरकार ने 17,000 से ज्यादा व्हाट्सऐप अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। सुनने में बड़ा कदम लगता है, लेकिन कहानी इससे कहीं बड़ी और गहरी है। ये अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के हैकर्स से जुड़े थे, जो भारतीयों को ठगने का पूरा नेटवर्क चला रहे थे। फर्जी निवेश, ऑनलाइन गेमिंग, डेटिंग ऐप्स और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म – ये ठग हर वो जाल बिछाते थे, जिसमें भारत का आम आदमी आसानी से फंस जाए।

    गृह मंत्रालय का इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14C) और दूरसंचार विभाग (DOT) ने मिलकर ये कार्रवाई की है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये ठगी यहीं खत्म हो जाएगी, या ये बस बर्फ की चोटी का एक सिरा है?

    साइबर दोस्त की चेतावनी
    “साइबर दोस्त” नामक सरकारी पहल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कंबोडिया, म्यांमार, फिलीपींस और लाओस जैसे देशों में बैठे ये ठग भारतीयों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ठगते थे। उनकी रणनीति – निवेश के सपने, खेलों में पैसे कमाने की संभावनाएं, या फिर रिश्तों की तलाश में दिल लगने वाले विज्ञापन। लेकिन क्या सरकार ने इन ठगों की कमर तोड़ दी है, या ये कार्रवाई महज दिखावा है?

    कंबोडिया की डरावनी कहानी
    एक और पहलू है, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है। हाल ही में भारतीय युवाओं को नौकरी के बहाने कंबोडिया भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने पर, वे ठगी के जाल में फंस गए। विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने इन युवाओं को वापस लाने का वादा किया है। लेकिन क्या ये वादा, बाकी वादों की तरह, बस हवा में उड़ा दिया जाएगा?

    45% साइबर अपराधों का सच
    गृह मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि भारत में 45% साइबर अपराध दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से आते हैं। ये आंकड़ा खतरनाक है। मई 2024 में गठित एक समिति इन मामलों की जांच कर रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सरकार के पास ऐसे ठगों से निपटने की ठोस योजना है, या ये भी उन कदमों में से एक है, जो सिर्फ सुर्खियों के लिए उठाए जाते हैं?

  • सियासी संदेश या सुकून की तलाश?

    परवेज़ आलम

    हेमंत सोरेन की “चंपी राजनीति“: सियासत से परे का एक घरेलू दृश्य

    आखिर क्या चल रहा है हेमंत सोरेन के घर के आंगन में? यह सवाल सिर्फ तस्वीरों का नहीं, बल्कि झारखंड की सियासत की नब्ज पकड़ने की कोशिश है। तस्वीरें आई हैं, और साथ ही चर्चाएं भी।
    तेल की मालिश, सियासत की खिचखिच
    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शॉर्ट्स और टी-शर्ट में अपने घर के आंगन में बैठे हैं। चेहरे पर एक सुकून है, लेकिन सियासत के जानकारों की नजर में यह सुकून “तूफान से पहले की शांति” है। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उनके पीछे खड़ी हैं, सिर पर चंपी कर रही हैं। पास में उनके दो पालतू कुत्ते भी आराम फरमा रहे हैं। हेमंत कुत्तों को सहला रहे हैं, और मोहम्मद रफी के गाने “सर जो तेरा चकराए” की याद दिला रहे हैं।

    अब सवाल उठता है—क्या यह सिर्फ एक घरेलू लम्हा है, या इसके पीछे कोई सियासी संकेत छुपा है?

    दबी जुबान में चर्चा: क्या हेमंत सोरेन चुनावी नतीजों से पहले बेचैन हैं?
    या फिर: क्या यह जनता को दिखाने की कोशिश है कि “हम तो आराम कर रहे हैं, हमें कोई फिक्र नहीं”?
    तस्वीरों को देखने वाले सियासी गलियारों में अपनी-अपनी राय बना रहे हैं। कुछ इसे “सुकून के पल” कह रहे हैं, तो कुछ इसे “तनाव छुपाने का तरीका।”

    चंपी और राजनीति का रिश्ता
    हमारे देश में चंपी सिर्फ तेल की मालिश नहीं है। यह हमारे जीवन का हिस्सा है, तनाव को दूर भगाने का ज़रिया। लेकिन यहां बात एक मुख्यमंत्री की है, जिसकी राजनीति चंपी से हल्की नहीं हो सकती।

    हेमंत सोरेन का यह घरेलू अंदाज उनकी छवि का एक और पहलू है। सियासत में जहां हर नेता अपने कंधों पर सत्ता का बोझ उठाए घूमता है, वहीं यह तस्वीरें सवाल पूछती हैं—क्या यह वाकई आराम का पल है, या “चुपके से सोचा गया एक संदेश?”

    चर्चाओं का बाजार गर्म
    “चंपी” सियासी लहजे में एक नया शब्द बन गया है। झारखंड की राजनीति के जानकार कह रहे हैं—”23 नवंबर के बाद अगर चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं आए, तो यह तस्वीरें हेमंत सोरेन की राजनीतिक यात्रा का एक ‘आरामदायक विराम’ बन जाएंगी।”

    तो क्या हेमंत सोरेन का यह सुकून दिखावा है, या एक आत्मविश्वास भरा संदेश? यह सवाल जवाब मांगता है। लेकिन जवाब सिर्फ 23 नवंबर को मिलेगा।
    तब तक, चंपी जारी है।

  • झामुमो ख्वाबों में जी रहा है, 23 नवंबर को होगी सच्चाई का सामना-भाजपा

    RANCHI: झारखंड में चुनावी घमासान के बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “23 नवंबर की शाम तक झामुमो ख्वाबों की दुनिया में रह सकता है, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद वह ईवीएम को दोष देने की तैयारी में है।”

    झामुमो की रणनीति पर सवाल
    प्रतुल ने झामुमो की ओर से जारी किए गए जीत के दस्तावेज़ को “हास्यास्पद” बताया। उन्होंने कहा, “यह पहली बार हुआ है कि कोई दल अपनी संभावित जीत और प्रतिद्वंद्वियों की हार का आंकड़ा खुद जारी कर रहा है।”

    जहां झामुमो ने कड़ा मुकाबला बताया है, वहां अधिकतर सीटें कांग्रेस के हिस्से की हैं।
    इससे यह साफ हो जाता है कि झामुमो को अपने गठबंधन पर ही भरोसा नहीं है।
    हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप
    प्रतुल ने मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार को “झारखंड के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार” करार दिया।

    उन्होंने कहा, “इस सरकार ने पिछले पांच साल में सिर्फ लूट-खसोट और भ्रष्टाचार किया। भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया और इसे शिष्टाचार बना दिया।”
    जनता इस सरकार से पूरी तरह से ऊब चुकी है और 23 नवंबर को इसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।

    प्रतुल ने दावा किया कि भाजपा और एनडीए गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।
    झामुमो के गढ़ माने जाने वाले कोल्हान और संतालपरगना में भी उन्हें करारी हार मिलेगी।
    उन्होंने कहा, “झामुमो अपने इतिहास की सबसे कम सीटों पर सिमट जाएगा।”
    भाजपा के पक्ष में माहौल
    प्रतुल ने दावा किया कि भाजपा झारखंड में उन सीटों पर भी जीत दर्ज करेगी, जहां आजादी के बाद कभी जीत हासिल नहीं हुई।
    उन्होंने कहा, “जनता ने बदलाव का संकल्प लिया है और 23 नवंबर को इसका परिणाम सबके सामने होगा।”
    प्रतुल ने झामुमो के दावों को हवा में उड़ाते हुए कहा कि जनता ने इस बार झूठे वादों और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार दिया है। अब बदलाव की बारी है, और भाजपा झारखंड में एक नई शुरुआत करेगी।