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  • मंत्री सोनू ने किया मृतक दामोदर के परिवार को आर्थिक मदद

    गिरिडीह : मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चिलगा गांव में बीते दिनों हुई चाकूबाजी की घटना में मारे गए दामोदर यादव के परिवार को नगर विकास और पर्यटन मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू ने तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई। मंत्री सोनू ने पीड़ित परिवार से मिलकर पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया । इसके अलावा मंत्री के निर्देश पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ₹50,000 और सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) की ओर से ₹2.5 लाख की भी मदद पीड़ित परिवार को दी गयी । मंत्री ने अम्बेडकर आवास योजना के तहत घर, बेटी की शिक्षा का खर्च और बेटे को नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया।

    बता दें कि अपराधियों द्वारा चाकूबाजी की घटना में घायल दामोदर यादव का इलाज के दौरान बीते दिनों निधन हो गया था। यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का कारण बनी थी और विरोधी दल इसपर राजनीति भी शुरू कर दिया था पर मंत्री और स्थानीय विधायक सोनू की इस पहल ने विरोधियों की मंशा को फुस्स कर दिया ।
    मंत्री जी के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद थे । परिवार ने सरकारी मदद और मंत्री के आश्वासनों पर आभार व्यक्त किया। वहीं, ग्रामीणों ने भी मंत्री को धन्यवाद देते हुए अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
    यह पहल पीड़ित परिवार को राहत देने के साथ ही सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।

     

  • ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा : मंत्री का सख्त निर्देश

     

    गिरिडीह : गिरिडीह में ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत जिले के सभी प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

    बैठक में मंत्री ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने मनरेगा, अबुआ आवास योजना, और झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की।

    मुख्य निर्देश और चर्चा के बिंदु:

    1. मनरेगा और आवास योजना: मंत्री ने इन योजनाओं के तय लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए।
    2. लाभुकों को समय पर लाभ: उन्होंने जोर दिया कि योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ लाभुकों तक पहुंचे।
    3. झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना: 28 तारीख को आयोजित कार्यक्रम में लाभुकों की संख्या सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

    बैठक के दौरान सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की बात कही गई। श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने पारदर्शी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर बल देते हुए कहा, “ग्रामीण विकास योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम हैं, और इन्हें समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

    ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

     

  • नेतरहाट स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार: एसीबी की बड़ी कार्रवाई

    रांची : झारखंड के प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रोशन कुमार बक्शी को 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए  एसीबी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा थी।

    पलामू एसीबी के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि आरोपी अधिकारी स्कूल में दूध सप्लाई करने वाले एक व्यक्ति को बिल भुगतान के एवज में रिश्वत देने के लिए लगातार परेशान कर रहा था। तंग आकर शिकायतकर्ता ने एसीबी से मदद मांगी।

    कैसे रची गई गिरफ्तारी की योजना?
    शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने मामले की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि अधिकारी रिश्वत की मांग कर रहे थे। इसके बाद गुरुवार को एसीबी ने शिकायतकर्ता को पैसे देकर अधिकारी के पास भेजा।

    रोशन कुमार बक्शी ने शिकायतकर्ता को अपने घर बुलाकर रिश्वत ली। जैसे ही पैसे उनके हाथ में आए, निगरानी टीम ने वहां पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

    क्या कहते हैं एसीबी अधिकारी?
    पलामू एसीबी के एसपी अंजनी अंजन ने बताया, “प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। हमारी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें गिरफ्तार किया है। रिश्वतखोरी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

    नेतरहाट स्कूल का इतिहास और साख.
    नेतरहाट आवासीय विद्यालय, झारखंड का प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां से अब तक 500 से अधिक आईएएस, आईपीएस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इस घटना ने स्कूल की प्रतिष्ठा पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।

    ‘द न्यूज़ पोस्ट4यू’ से जुड़े रहें, झारखंड  से जुड़ी हर अपडेट के लिए।

  • जानिए अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा झारखंड का मौसम

    GIRIDIH: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से झारखंड के ज्यादातर जिलों में शुक्रवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़े नजर आएगी। हालांकि, जैसे-जैसे सूरज चढ़ेगा, आसमान साफ होता जाएगा। दोपहर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन हल्की हवाओं के चलते ठंड का एहसास बढ़ सकता है। तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। अनुमान है कि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

    बारिश की दस्तक: शनिवार और रविवार को बदल सकता है मौसम। 
    रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने भविष्यवाणी की है कि शुक्रवार के बाद मौसम का रुख बदल सकता है। शनिवार और रविवार को राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड बढ़ेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की उम्मीद है। हालांकि, अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है।

    28 दिसंबर को झारखंड के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 29 दिसंबर को राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश के आसार हैं। 30 दिसंबर से मौसम साफ होने का अनुमान लगाया गया है।

    किन जिलों में कब होगी बारिश?
    28 दिसंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, कोडरमा, हजारीबाग, लोहरदगा, गिरिडीह, गुमला और सिमडेगा जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। 29 दिसंबर को गुमला, सिमडेगा, सिंहभूम और खूंटी जिलों में बारिश होने की संभावना है।

    सर्दी का असर और बढ़ेगा। 
    मौसम विभाग की माने तो बारिश के बाद ठंड और ज्यादा महसूस होगी। ऐसे में गर्म कपड़ों का ख्याल रखना जरूरी होगा। झारखंड के ताजा मौसम से जुड़ी हर जानकारी के लिए ‘द न्यूज़ पोस्ट4यू’ पर बने रहें।

  • झारखंड : आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को मिली प्रोन्नति की सौगात

    झारखंड के प्रशासनिक गलियारों में इस समय प्रोन्नति का दौर चल रहा है। राज्य सरकार ने एक दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों को प्रोन्नति प्रदान की है। इनमें अजय कुमार सिंह और डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी को अपर मुख्य सचिव के रैंक में प्रोन्नति दी गई है। इसके अलावा, 13 अधिकारियों को विशेष सचिव के रैंक में पदोन्नत किया गया है।

    विशेष सचिव के रैंक में शामिल ये अधिकारी. 
    रविशंकर शुक्ला, नेहा अरोड़ा, संदीप सिंह, संजीव कुमार बेसरा, अजयनाथ झा, अक्षय कुमार सिंह, मनमोहन प्रसाद, कुमुद सहाय, रविरंजन, शशि भूषण मेहरा, प्रदीप तिग्गा, पूनम प्रभावती, और मनोहर मरांडी को इस सूची में शामिल किया गया है। फिलहाल सभी अधिकारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थलों पर ही काम करेंगे।

    जनवरी में नई तैनाती की संभावना. 
    नव प्रोन्नत आईएएस अधिकारियों को जनवरी 2024 में नई जगहों पर तैनात किया जाएगा। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि गैर-प्रशासनिक सेवाओं से भी सात अधिकारियों को आईएएस में प्रोन्नति दी जाएगी, जिसके लिए 21 नाम यूपीएससी को भेजे गए हैं।

    केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटेंगे एमएस भाटिया. 
    झारखंड कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी एडीजी एमएस भाटिया जनवरी में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटने वाले हैं। फिलहाल वे सीआरपीएफ में आइजी एडमिन के रूप में कार्यरत हैं। राज्य सरकार ने पहले ही उन्हें एडीजी रैंक पर प्रोफार्मा प्रोन्नति प्रदान की थी। उनकी वापसी के बाद डीजी रैंक में प्रोन्नति दी जाएगी।

    डीजी रैंक में कौन-कौन होंगे शामिल?
    राज्य में जनवरी 2024 में डीजी के तीन पद खाली होने जा रहे हैं। इनमें 1989 बैच के अजय कुमार सिंह, 1992 बैच के आरके मल्लिक, और 1993 बैच के मुरारी लाल मीणा के नाम शामिल हैं। संभावना है कि 30 साल की सेवा पूरी कर चुके अधिकारी इन पदों को भरने के लिए चुने जाएंगे। एमएस भाटिया के साथ

    संपत मीणा की भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी की संभावना जताई जा रही है। राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की प्रोन्नति ने प्रशासनिक हलकों में नई ऊर्जा का संचार किया है। सभी की नजरें अब जनवरी 2024 पर टिकी हैं, जब तैनाती और नई जिम्मेदारियां तय होंगी।

  • रघुवर दास की नई पारी: लौटेंगे सक्रिय राजनीति में

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास, अब सक्रिय राजनीति में नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। गुरुवार को दोपहर 3 बजे वे विशेष विमान से रांची पहुंचेंगे।  राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद वे पहली बार झारखंड आ रहे हैं ।

    शुक्रवार को रघुवर दास भारतीय जनता पार्टी  की सदस्यता ले सकते हैं। इसके बाद वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलने  दिल्ली रवाना होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उन्हें संगठन में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकता है।

    18 अक्टूबर 2023 को बने थे ओडिशा के राज्यपाल। 
    रघुवर दास ने 18 अक्टूबर 2023 को ओडिशा के राज्यपाल का पदभार संभाला था। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मिजोरम के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया और रघुवर दास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

    “भविष्य की भूमिका पार्टी तय करेगी”
    बुधवार को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रघुवर दास ने कहा, “मैंने भाजपा में बूथ अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक की यात्रा तय की है। पार्टी भविष्य में मेरी भूमिका पर फैसला करेगी। ओडिशा में मेरा अनुभव यादगार रहा। यहां के लोगों का जुनून मुझे हमेशा याद रहेगा।”

    44 वर्षों में दूसरी बार लेंगे सदस्यता।
    1980 में भाजपा की सदस्यता लेकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले रघुवर दास 44 वर्षों में दूसरी बार पार्टी की सदस्यता लेने जा रहे हैं। उन्होंने कभी पार्टी से अलग राह नहीं पकड़ी। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद राज्यपाल बनने के दौरान 14 महीने तक राजनीति से दूर रहे।

    ओडिशा के लिए डबल इंजन सरकार की तारीफ।
    रघुवर दास ने ओडिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों के विकास के लिए काम कर रही है और 2036 में ओडिशा के 100वें स्थापना वर्ष तक इसे विकसित राज्य के रूप में देखने की उम्मीद है।

    झारखंड और देश की राजनीति में रघुवर दास की यह वापसी कितनी असरदार होगी, यह समय ही बताएगा।

  • क्रिसमस : हर किसी के दिल में प्रेम, शांति और आनंद भरने का पर्व

    गिरिडीह के स्टीवेंसन मेमोरियल चर्च पचंबा में आज वो रंग और उल्लास देखने को मिला, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बात हो रही है प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिवस, यानीकी। यहां का नज़ारा ऐसा था मानो पूरा मसीही समुदाय एकजुट होकर प्रभु के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहा हो। चर्च पूरी तरह से सजा-धजा हुआ, हर कोने में खुशियों की चमक और भक्तों की आवाज़ से गूंज रहा था।

    अब ज़रा सोचिए, जब बाइबल के वचनों से चर्च गूंजे और रेव्ह सन्नी दास जैसे प्रेसबिटर इंचार्ज उन वचनों को अपने शब्दों में समझाएं, तो दिलों में कैसा सुकून और आनंद भर जाता होगा। उन्होंने बताया कि बाइबल हमें सिखाती है, ‘प्रभु में सदा आनंदित रहो।’ और इस क्रिसमस पर यही संदेश हर किसी के दिल में बस गया।
    सामूहिक आराधना में देश और विदेश से श्रद्धालु शामिल हुए। यूपी, झारखंड, ओडिशा, बिहार, और यहां तक कि अमेरिका से भी लोग इस खास मौके पर पहुंचे। बच्चों और महिलाओं ने खास गीत पेश किए, और जब एलेक्स और उनकी टीम ने क्रिसमस गीतों पर परफॉर्म किया, तो पूरा चर्च झूम उठा।
    बात सिर्फ धर्म की नहीं, प्यार और एकता की भी है। चर्च में सिर्फ ईसाई धर्मावलंबी ही नहीं, बल्कि अन्य समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। सबने मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी और क्रिसमस केक का आनंद लिया।
    आखिर में चर्च प्रार्थना के बाद, युवाओं और बच्चों ने सेल्फी का भी जमकर लुत्फ उठाया।
    तो ये था गिरिडीह का क्रिसमस, जहां हर चेहरा खुशियों से दमक रहा था। प्रभु यीशु मसीह के संदेश ने यहां मौजूद हर किसी के दिल में प्रेम, शांति और आनंद भर दिया।
    क्रिसमस सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि ये मौका है अपने दिल में प्यार जगाने का, दूसरों को अपनाने का और प्रभु यीशु की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का।

  • रघुवर दास ने ओडिशा के राज्यपाल पद से दिया इस्तीफा, फिर लौटेंगे बीजेपी में!

    RANCHI: झारखंड की राजनीति के दिग्गज और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रघुवर दास एक बार फिर सक्रिय राजनीति में लौट रहे हैं। ओडिशा के राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर उन्होंने अपनी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, में वापसी के संकेत दे दिए हैं। रघुवर दास ने ओडिशा के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे के बाद, मिजोरम के राज्यपाल हरी बाबू कांभांपती को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

    रघुवर दास का सफरनामा:
    झारखंड के मुख्यमंत्री (2014-2019)
    पांच बार जमशेदपुर ईस्ट से विधायक
    बीजेपी के संस्थापक सदस्य
    रघुवर दास का नाम झारखंड की राजनीति में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। वह 1977 में जनता पार्टी से जुड़े और 1980 में बीजेपी के संस्थापक सदस्य बने। पार्टी के विभिन्न पदों पर काम करने के अलावा, उन्होंने 1995 से जमशेदपुर ईस्ट सीट का प्रतिनिधित्व किया।

    साल 2023 में उन्हें ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। 31 अक्टूबर को भुवनेश्वर में आयोजित एक समारोह में उन्होंने शपथ ली थी। लेकिन अब, अपने इस्तीफे के साथ, वह एक बार फिर सक्रिय राजनीति का हिस्सा बन सकते हैं। रघुवर दास ने बीजेपी के लिए कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनके वापस पार्टी में शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी। (बीजेपी के वरिष्ठ नेता का बयान)

    सिर्फ यही नहीं, रघुवर दास के परिवार ने भी इस बार चुनावी मैदान में सफलता हासिल की। उनकी बहू पूर्णिमा साहू ने 2024 के विधानसभा चुनाव में जमशेदपुर ईस्ट से जीत दर्ज की, जो उनकी परंपरागत सीट रही है। अब जब रघुवर दास फिर बीजेपी में लौटने को तैयार हैं, देखना होगा कि पार्टी में उनका क्या नया रोल होता है और वह झारखंड की राजनीति में क्या नया योगदान देंगे।

  • गुजरात में झारखंड की मासूम पर हैवानियत,मौत : क्या इंसाफ सिर्फ नारों में सिमट गया है?

    परवेज़ आलम की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट …..

    गुजरात से लेकर झारखंड तक दिल दहला देने वाली कहानी:
    गुजरात के भरूच में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ जो हुआ, वह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक विफलता का प्रमाण है। झारखंड से मजदूरी के लिए गए परिवार की इस बच्ची ने वडोदरा के अस्पताल में सात दिनों तक संघर्ष किया। लेकिन जब सिस्टम ने जवाब दे दिया, तो मासूम की सांसे भी थम गईं।  डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित किया, तो यह मौत केवल उसके शरीर की नहीं थी, बल्कि इंसानियत और न्याय की भी मौत थी।
    झारखंड सरकार की कोशिशें:
    रांची में झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस घटना पर दुःख जताया। उन्होंने कहा, “यह समय मुश्किल है, लेकिन राज्य सरकार बच्ची के परिवार के साथ खड़ी है। हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं कि पीड़ित को न्याय मिले।”
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्ची के इलाज के लिए हर संभव मदद की बात कही थी, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
    कैसे हुआ यह अपराध?
    भरूच के झगड़िया इलाके में 36 साल के एक मजदूर ने इस मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया। बच्ची के निजी अंगों को लोहे की रॉड से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। माता-पिता जब काम पर गए थे, तब यह घिनौना कृत्य हुआ। बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
    न्याय का वादा, लेकिन देरी क्यों?
    दीपिका पांडेय सिंह ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या यह प्रक्रिया तेज होगी या फिर यह मामला भी लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रहेगा?
    गुजरात में गरमाई राजनीति:
    इस घटना ने राजनीति को भी हवा दे दी है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने गुजरात सरकार पर निशाना साधा है। सवाल उठ रहे हैं कि बंगाल की घटनाओं पर आवाज उठाने वाली भाजपा, गुजरात में हुई इस बर्बरता पर चुप क्यों है? कांग्रेस नेता अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने इसे मानवीय मुद्दा बताते हुए कहा है कि गुजरात कांग्रेस के प्रतिनिधि और झारखंड सरकार की ओर से पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दुख साझा करना चाहते हैं, आर्थिक सहायता देना चाहते हैं और बच्ची का सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करना चाहते हैं। मैं गुजरात सरकार और प्रशासन से अपील करती हूं कि वे हमारे प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने दें। तो वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रमुख इसुदान गढ़वी ने सीएम से पूछा है कि क्या वे गुजरात की निर्भया के लिए धरने पर बैठेंगे। कोलकाता रेप में लेडी डॉक्टर को इंसाफ दिलाने के लिए भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद में धरने पर बैठे थे।
    क्या सिस्टम से भरोसा टूट रहा है?
    मामला सिर्फ इस बच्ची का नहीं है। यह सवाल उठता है कि मजदूर परिवारों की बेटियां, जो अपने सपनों के साथ बड़े शहरों की चौखट तक पहुंचती हैं, क्या उनके लिए कोई सुरक्षा नहीं है?
    पुलिस की कार्यवाही और समाज की जिम्मेदारी:
    आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन क्या यह गिरफ्तारी इस बच्ची के लिए इंसाफ का रास्ता साफ करेगी? या फिर यह घटना भी आंकड़ों का हिस्सा बनकर रह जाएगी?
    मेरा सवाल:
    क्या आज हम अपनी बेटियों से यह कह सकते हैं कि वे सुरक्षित हैं? और अगर नहीं, तो क्यों?

    क्योंकि जब तक हमारी बेटियां डर के साये में जीती रहेंगी, तब तक विकास और प्रगति के दावे खोखले ही रहेंगे।

  • बेटियां को समझाया गया कानून की बारीकियाँ

    गिरिडीह: नालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशानुसार चल रहे 90 दिवसीय जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत मंगलवार को सदर प्रखंड के SSSGDNF गर्ल्स हाई स्कूल, पचम्बा में विशेष कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लीगल लिटरेसी क्लब की छात्राओं को कानून से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं।

    बाल विवाह निषेध अधिनियम पर चर्चा। 
    कार्यक्रम का मुख्य विषय था बाल विवाह निषेध अधिनियम। पैनल अधिवक्ता बिपिन कुमार यादव ने बच्चियों को इस कानून के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करता है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका पर प्रकाश। 
    पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) कामेश्वर कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों और कार्यालय की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे यह संस्था समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने में मदद करती है।

    बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विशेष फोकस। 
    पीएलवी गुफरान आलम ने बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों को रेखांकित किया। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि बाल विवाह से उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर कैसे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का योगदान। 
    कार्यक्रम में पीएलवी मुकेश कुमार का सहयोग विशेष रूप से सराहनीय रहा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है।

    छात्राओं ने दिखाई जागरूकता की उत्सुकता। 
    इस अवसर पर छात्राओं ने कानून से जुड़ी अपनी शंकाओं को पैनल के समक्ष रखा। विशेषज्ञों ने सरल और प्रभावी ढंग से उनके सवालों का जवाब दिया।

    समाज में बदलाव की ओर एक कदम।
    कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का यह आयोजन न केवल छात्राओं को सशक्त बना रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पचम्बा की बेटियां अब कानून की रोशनी से अपने अधिकारों को पहचानने और उनका उपयोग करने को तैयार हैं।