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  • अंबेडकर पर टिप्पणी से भड़की बसपा, मायावती का अमित शाह पर तीखा हमला

    नई दिल्ली: बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में आक्रोश उभर आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अमित शाह के बयान को दलितों और वंचित वर्गों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाला करार दिया।

    मायावती ने अपने बयान में कहा, “बीजेपी के अमित शाह ने संसद में बाबा साहेब अंबेडकर के लिए जिन शब्दों का उपयोग किया, वह अस्वीकार्य हैं। इससे दलितों और वंचित वर्गों की भावनाएं आहत हुई हैं। अमित शाह को न केवल उन शब्दों को वापस लेना चाहिए, बल्कि अपने बयान पर माफी भी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बसपा 24 दिसंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी।”

    मायावती ने सत्ता और विपक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए बाबा साहेब के प्रति सम्मान दिखाती हैं। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब के अनुयायियों के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ इन पार्टियों का रवैया एक ही है। संविधान को जगह-जगह लहराना और नीला रंग पहनना महज दिखावे की सस्ती राजनीति है। इन पार्टियों को जातिवाद और संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर सच्चे दिल से इन वर्गों के अधिकारों के लिए काम करना होगा।”

    बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि जब तक अमित शाह माफी नहीं मांगते, तब तक बसपा का संघर्ष जारी रहेगा।

  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर  21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

    क्या है मामला?
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।

    देवेंद्र महतो ने कहा,

    “इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”

    24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
    छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
    आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।

    क्या सरकार उठाएगी कदम?
    अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।

  • झारखंड में IPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल! जनवरी में बदलेंगे कई जिलों के एसपी!

    RANCHI: झारखंड में नए साल की शुरुआत आईपीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों और प्रोन्नतियों के साथ होगी। एक जनवरी से नौ आईपीएस अफसरों की प्रोन्नति प्रभावी हो जाएगी, जिसके बाद उनके नए पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन बदलावों से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल होने की संभावना है।

    तीन डीआईजी बनेंगे आईजी, छह एसपी को मिलेगा डीआईजी का रैंक. 
    प्रोन्नति पाने वाले अधिकारियों में रांची के डीआईजी अनूप बिरथरे, हजारीबाग के डीआईजी सुनील भास्कर और जैप के डीआईजी पटेल मयूर कन्हैयालाल शामिल हैं, जिन्हें आईजी रैंक में प्रोन्नति मिली है। ये तीनों 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, सीनियर एसपी रैंक के छह आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी रैंक में पदोन्नत किया गया है।

    इनमें रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा, देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग, विशेष शाखा के एसपी चंदन कुमार झा, झारखंड जगुआर के एसपी प्रियदर्शी आलोक, सीआईडी के एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा और जैप-3 के कमांडेंट अंबर लकड़ा शामिल हैं।

    केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को भी प्रोन्नति. 
    केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात आईपीएस अधिकारियों को भी प्रोफार्मा प्रोन्नति दी गई है। एनआईए की एसपी जया राय और सीबीआई की एसपी शिवानी तिवारी को डीआईजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है। ये अधिकारी अपनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटते ही नए पदों पर योगदान करेंगी।

    मुख्य सचिव की बैठक में लगी मुहर. 
    इस बड़े बदलाव पर एक दिन पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में मुहर लगी। इसी क्रम में 2007 बैच के आईपीएस राकेश बंसल, जो फिलहाल भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में निदेशक के रूप में तैनात हैं, को भी आईजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है।

    झारखंड में प्रशासनिक हलचल तेज.
    इन तबादलों और प्रोन्नतियों से राज्य के कई जिलों में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव आएगा। रांची, देवघर, हजारीबाग और अन्य जिलों में नए एसपी और डीआईजी की तैनाती से नीतियों और कानून-व्यवस्था में नए दृष्टिकोण की उम्मीद की जा रही है।

    क्या कहते हैं जानकार?
    इस बदलाव को राज्य में प्रशासनिक सुधार और नई ऊर्जा का संकेत माना जा रहा है। खासकर, उन जिलों में जहां कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। इन तबादलों से झारखंड में एक नई प्रशासनिक दिशा की उम्मीद है।

  • झारखंड में ठंड का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त; कोहरे का येलो अलर्ट जारी

    RANCHI: झारखंड में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाल दिया है। शीतलहर का प्रकोप पूरे राज्य में जारी है, और ठिठुरन से राहत के आसार कम हैं। इस बीच मौसम विभाग ने  21 दिसंबर को हल्की से मध्यम बारिश और घने कोहरे की चेतावनी दी है। राज्य के कई हिस्सों में कोहरा छाने और तापमान में गिरावट की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    दो दिन बारिश के बाद बढ़ेगी ठिठुरन. 
    मौसम विभाग का कहना है कि  21 दिसंबर को झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश के साथ कोहरा छा सकता है। बारिश के बाद तापमान और गिरने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ जाएगी। सुबह के वक्त कोहरा रहने से दृश्यता पर असर पड़ेगा। खासतौर पर संताल परगना, कोल्हान और पलामू प्रमंडल में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में बारिश और कोहरा. 
    मौसम विभाग के अनुसार 21 दिसंबर को गोड्डा, दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में कोहरे का असर अधिक रहेगा। इन जिलों में आसमान में बादल भी छाए रहने का अनुमान है।

    ठंड से कैसे बचें?
    ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनने, खासकर सुबह और रात में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। कोहरे और बारिश के दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    झारखंड में यह ठंड अब तक के मौसम का सबसे सर्द चरण साबित हो सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को भी ठंड से निपटने के लिए इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे। बारिश और कोहरे के बाद ठंड में और इजाफा होना तय है।

  • CGL पेपर लीक मामले में झारखंड गृह विभाग का बड़ा कदम, 100 पर गिरेगी गाज

    RANCHI:झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। गृह विभाग ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इस कार्रवाई से परीक्षा में धांधली के आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। रांची पुलिस इस मामले में जल्द एफआईआर दर्ज करेगी, जिसके बाद सीआईडी (CID) इस केस को अपने हाथ में लेकर गहराई से जांच करेगी।

    गृह विभाग के निर्देश, एफआईआर की तैयारी.
    गुरुवार को गृह विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने पर सहमति जताई। शुक्रवार को विभागीय मंत्री के आदेश के बाद इस संबंध में औपचारिक पत्राचार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

    हाईकोर्ट का आदेश बना आधार.
    जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक के खिलाफ प्रकाश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जांच की गई प्रगति से कोर्ट को अवगत कराया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को निर्धारित है।

    29 सितंबर को दर्ज हुई थी शिकायत.
    याचिकाकर्ता ने 29 सितंबर को रांची पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पेपर लीक के सबूत पेश किए गए थे। इस शिकायत पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्ती से आदेश दिया कि जांच में तेजी लाई जाए और उचित कार्रवाई की जाए।

    100 संदिग्धों पर कार्रवाई की तैयारी.
    पहले से ही इस मामले में 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। गृह विभाग ने अब ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम के जरिए और शिकायतें दर्ज करने का फैसला लिया है। पुलिस पेपर लीक से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

    क्या कहता है गृह विभाग?
    गृह विभाग का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एफआईआर दर्ज करने और सीआईडी के नेतृत्व में जांच शुरू होने से मामले में दोषियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

    भ्रष्टाचार पर सख्त रुख.
    यह मामला झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। सरकार का यह कदम एक सख्त संदेश है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

  • विधायक जयराम महतो ने दिया भरोसा, “हर संभव मदद करेंगे”

    गिरिडीह:गिरिडीह के जिलिमटांड़ गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ठंड से बचने के लिए जलाए गए अलाव ने मां-बेटे की झोपड़ी को जला दिया, जिसमें उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक जयराम महतो घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मदद का भरोसा दिलाया।

    मां-बेटे की झोपड़ी में लगी आग, मौत बनकर आई ठंड की रात. 

    गुरुवार देर रात हुई इस घटना में नुनिया देवी और उनका 12 वर्षीय बेटा बाबूचंद मुर्मू खलिहान मे बनाईगयी पुवाल की अस्थायी झोपड़ी में सो रहे थे। झोपड़ी के पास अलाव जलाया गया था ताकि ठंड से राहत मिल सके। लेकिन अलाव से उठी चिंगारी ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मां-बेटे को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। झोपड़ी में फंसे इन दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।

    घटना स्थल पर पहुंची पुलिस, शव के अवशेष किए बरामद. 

    डुमरी थाने की पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। शवों के अवशेष बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। थाना प्रभारी जगन्नाथ पान ने बताया कि ग्रामीणों ने इसे एक हादसा बताया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    विधायक ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग.

    विधायक जयराम महतो ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने और आग से हुए नुकसान का उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    झारखंड में बढ़ती आगजनी की घटनाएं.

    ठंड के मौसम में झारखंड के धान के खलिहानों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही में गोड्डा और हजारीबाग में भी ऐसी घटनाओं ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि ठंड से जुड़े खतरों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    सवाल उठते हैं: कब होगा समाधान?

    जिलिमटांड़ की यह घटना सिर्फ एक दर्दनाक हादसा नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के संघर्षों की कहानी भी है। ठंड से बचने के लिए अलाव जलाना उनकी मजबूरी थी, लेकिन यही मजबूरी उनकी मौत का कारण बन गई। क्या प्रशासन ऐसे हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना बना पाएगा, या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

  • गिरिडीह: पुलिस ने एक बार फिर से तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया है।

    बैंक अधिकारी बनकर और कोरोना वैक्सीन के बदले सरकारी अनुदान का झांसा देकर करते थे ठगी

    गिरिडीह: साइबर थाना पुलिस ने बेगाबाद थाना क्षेत्र के खंडोली मोड़ पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में गांडेय थाना क्षेत्र के पंदनाटाड़ निवासी साहिल अंसारी (19 वर्ष) और नजमुल अंसारी (23 वर्ष), साथ ही बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पुर्री निवासी प्रमोद यादव (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। इस संबंध में जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी आबिद खान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

    साइबर डीएसपी ने बताया कि एसपी गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि खंडोली मोड़ के पास कुछ साइबर अपराधी धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई के लिए एसपी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान ने किया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, पुअनि पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, सअनि गजेंद्र कुमार, आरक्षी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    जांच में सामने आया कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। इससे वे बैंक खातों की जानकारी चुराकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बदले ₹10,000 की सरकारी सहायता का झांसा देकर भी लोगों को धोखा देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 44/2024 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

  • गिरिडीह: पुलिस पर एक युवक के साथ क्रूरता से पिटाई करने का आरोप, गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची रेफर

    गिरिडीह 

    पचंबा पुलिस पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल भेजा गया है। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने कहा है कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था, जिसके कारण उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

    यह मामला करहरबारी निवासी प्रेम कुमार पासवान का है, जिसे चोरी के आरोप में गुरुवार शाम पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। इसके बाद अचानक प्रेम को सदर अस्पताल ले जाया गया और उसकी हालत बिगड़ने पर रांची रेफर कर दिया गया।

    प्रेम की बहन संध्या देवी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके भाई के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी यह हालत हुई। संध्या ने बताया कि गुरुवार शाम कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और उनके भाई को चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए ले गए। जब वह थाने पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि पुलिस उनके भाई की बुरी तरह पिटाई कर रही थी। विरोध करने पर महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की। बाद में जब प्रेम की तबीयत बिगड़ी, तो पुलिस ने उसे सदर अस्पताल ले जाया, जहां से उसकी हालत और खराब होने पर रांची भेज दिया गया।

  • एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित होंगे !

    रांची: झारखंड में अब बड़े शहरों में एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित किए जाएंगे।इसके लिए बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष थाना होगा। पहली मंजिल पर साइबर थाना, दूसरी पर महिला थाना, तीसरी पर एससी-एसटी थाना और चौथी मंजिल पर एचटीयू थाना संचालित होंगे। यह नई योजना झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा तैयार की गई है, और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उन्होंने आइजी प्रोविजन पंकज कंबोज को सौंपी है।

    योजना को अमल में लाने की तैयारी

    झारखंड पुलिस मुख्यालय इस योजना को पूरा करने के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के एसपी के साथ बैठक करेगा। बैठक में एसपी को जमीन की उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा जाएगा।

    महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रावधान

    इस बहुमंजिला भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, महिला पुलिस और अन्य कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

    केंद्रीकृत थानों से लाभ

    एक ही स्थान पर सभी थाने होने से जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी। हालांकि, अलग-अलग थानों के निर्माण से भूमि की अधिक आवश्यकता और निर्माण लागत बढ़ सकती है, लेकिन केंद्रीकृत भवन से प्रशासनिक कार्यों में आसानी और लोगों के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।