Category: Jharkhand

  • घाटशिला उपचुनाव की तैयारी तेज, 2 सितंबर को आएगा मतदाता सूची का ड्राफ्ट

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर तैयारी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि उपचुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चल रहा है। यह काम 1 जुलाई 2025 तक जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है, उनके आधार पर किया जाएगा।

    हर वोटर का नाम सही-सही जुड़ना जरूरी.

    रवि कुमार ने कहा कि कोशिश यही है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए और कोई भी गलत नाम इसमें शामिल न हो। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करें। ये एजेंट घर-घर जाकर जांच करेंगे ताकि सही नाम सूची में जुड़ सके।

    2 सितंबर से शुरू होगा दावा और आपत्ति का मौका.

    • 2 सितंबर 2025 (मंगलवार) को मतदाता सूची का ड्राफ्ट (प्रारूप) प्रकाशित किया जाएगा।
    • 2 सितंबर से 17 सितंबर तक लोग अपना नाम जोड़ने, हटाने या सुधार कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
    • नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, और सुधार के लिए फॉर्म-8 भरना होगा।
    • सब काम पूरा होने के बाद 29 सितंबर 2025 (सोमवार) को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।

    मतदान केंद्रों का युक्तिकरण.

    रवि कुमार ने बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से ज्यादा वोटर हैं, वहां व्यवस्था सुधारने के लिए नए प्रबंध किए गए हैं ताकि चुनाव के दिन किसी को दिक्कत न हो।

    बैठक में कई अधिकारी और नेता शामिल.

    निर्वाचन सदन में हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य चुनाव अधिकारी भी मौजूद थे।

     

  • झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने लालू प्रसाद यादव से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर की चर्चा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    पटना: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। यहाँ उन्होंने राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके हालचाल पूछे।

    मुलाकात के दौरान हेमंत सोरेन और लालू प्रसाद यादव के बीच देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति, सामाजिक न्याय की चुनौतियों और आर्थिक स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इस दौरान राबड़ी देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य और राजद के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

    लालू यादव को बताया संघर्ष और न्याय की राजनीति का प्रतीक.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात के बाद कहा कि लालू प्रसाद यादव भारतीय राजनीति में संघर्ष और न्याय की राजनीति के सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने हमेशा गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। सोरेन ने कहा कि लालू यादव जैसे नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मजबूती होती है।
    उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड और बिहार के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से गहरे हैं। दोनों राज्य मिलकर काम करेंगे, तो विकास की गति और भी तेज होगी।

    वोटर अधिकार यात्रा में बोले सोरेन – “यह चुनाव देश का संकल्प होगा”

    इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन अवसर पर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव सिर्फ राज्य की दिशा तय नहीं करेगा, बल्कि यह देश की दशा और दिशा का भी निर्धारण करेगा।
    उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा धनबल और बाहुबल के सहारे सत्ता में आने की कोशिश करती है। केंद्रीय एजेंसियों – सीबीआई और ईडी – का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे भी झूठे मामलों में जेल भेजा गया, लेकिन जेल जाने के बावजूद हमने झारखंड की जनता का हौसला टूटने नहीं दिया। अगर हम जेल में नहीं होते, तो झारखंड में लोकसभा चुनाव में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत पाती।

    भाजपा पर ‘वोट चोरी‘ का आरोप.

    हेमंत सोरेन ने भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आज भाजपा सत्ता में ‘वोट चोरी’ के सहारे बनी हुई है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि वर्षों से भाजपा इस गोरखधंधे का सहारा लेती रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि आज इस खेल का पर्दाफाश सबके सामने हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुकाबला तभी संभव है जब विपक्ष और जनता एकजुट होकर इसका सामना करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा – “जब हम सब मिलकर खड़े होंगे, तो कोई ताकत हमें रोक नहीं पाएगी।”

    वोटर सूची पुनरीक्षण पर उठाए सवाल.

    बिहार की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विशेष और गहन पुनरीक्षण को एक साथ जोड़कर जो प्रक्रिया अपनाई गई है, वह गलत है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

     

  • मशरूम फैक्ट्री द्वारा कचरा फेंके जाने की शिकायत पर प्रशासनिक जांच

    ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: बेंगाबाद प्रखंड के धोबन्नी गांव में दलित परिवारों की जमीन और कुएं के पास मशरूम फैक्ट्री द्वारा जबरन कचरा फेंके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक द्वारा उपायुक्त को दी गई लिखित शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और शनिवार को उद्योग विभाग की एक टीम ने स्थल निरीक्षण किया।

    जांच टीम का दौरा.

    जांच टीम में जिला उद्योग विभाग के ईओडीबी मैनेजर दीपक कुमार नायक और उनके सहयोगी शामिल थे। टीम ने मौके पर जाकर वस्तु स्थिति की जानकारी ली और स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की। शिकायतकर्ता एवं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के जिला संयोजक व बेंगाबाद के पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने टीम को पूरा स्थल दिखाया और शिकायत से जुड़ी जानकारी दी।

    ग्रामीणों की पीड़ा और मांग.

    स्थानीय ग्रामीणों ने पुनः अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि बिना सहमति के उनकी जमीन और कुएं के पास फैक्ट्री का कचरा डाला गया है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है और स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।

    फॉरवर्ड ब्लॉक का रुख.

    राजेश यादव ने कहा कि मशरूम और अंडा फैक्ट्री संचालक मनमानी तरीके से उत्पादन कर रहे हैं और खुलेआम कचरा फेंक रहे हैं, जो गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैक्ट्री पर अन्य कई अनियमितताओं के भी आरोप लग रहे हैं, जिनकी जांच जरूरी है।

    फॉरवर्ड ब्लॉक ने जिला प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई होगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।

    मौके पर उपस्थित लोग.

    जांच के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इनमें शिवनंदन यादव, शंभू तुरी, अजय कुमार यादव, शंकर दास, भगिया देवी, शांति देवी, होरिया देवी, सुगिया देवी, पेरिया देवी सहित कई अन्य लोग शामिल थे।

     

  • झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का समेत 10 दोषी, सात-सात साल की सजा

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची: झारखंड की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में बड़ा फैसला आया है। रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन सीआई राजकिशोर सिंह, फिरोज अख्तर, अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मणिलाल महतो और परशुराम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है और यदि वे यह राशि नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त एक-एक साल की कैद भुगतनी होगी।

    कोर्ट का निर्णय और बचाव पक्ष की दलील.

    सजा पर बहस के बाद विशेष जज श्याम नंदन तिवारी की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। फैसले के तुरंत बाद सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
    एनोस एक्का के वकील अनिल कंठ ने कहा कि इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

    15 साल पुराना जमीन घोटाला.

    यह मामला करीब 15 साल पुराना है। आरोप है कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर फर्जी पते और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदी। जांच में सामने आया कि मार्च 2006 से मई 2008 के बीच उनकी पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची और आसपास कई जमीनें खरीदी गईं—

    • हिनू में 22 कट्ठा
    • ओरमांझी में 12 एकड़
    • नेवरी में 4 एकड़
    • चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल

    तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से इन सौदों को अंजाम दिया गया।

    सीबीआई जांच और चार्जशीट.

    हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अगस्त 2010 में एफआईआर दर्ज की थी।

    • 2012 में चार्जशीट दाखिल हुई।
    • नवंबर 2019 में आरोप तय हुए।
      आख़िरकार 29 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में गोवर्धन बैठा को बरी कर दिया गया।

    एनोस एक्का की राजनीतिक यात्रा और विवाद.

    एनोस एक्का झारखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं।

    • उन्होंने 2005, 2009 और 2014 में सिमडेगा के कोलेबिरा से लगातार चुनाव जीते।
    • मधु कोड़ा सरकार के दौरान वे सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाते थे।
    • लेकिन आय से अधिक संपत्ति और पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या जैसे मामलों ने उनकी राजनीति पर काला साया डाल दिया।
      2014 में पारा शिक्षक हत्याकांड में गिरफ्तार हुए एनोस एक्का को 2018 में उम्रकैद की सजा मिली थी। फिलहाल वे जमानत पर थे, लेकिन अब इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिए गए।

    क्यों महत्वपूर्ण है सीएनटी एक्ट?

    छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (1908) ब्रिटिश शासनकाल में आदिवासियों की जमीन को बचाने के लिए लागू किया गया था। इस कानून के तहत—

    • आदिवासी जमीन को गैर-आदिवासी को बेचना, गिरवी रखना या ट्रांसफर करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
    • यहां तक कि एक आदिवासी भी अपने थाना क्षेत्र से बाहर किसी अन्य आदिवासी को जमीन नहीं बेच सकता।

    कोर्ट ने माना कि एनोस एक्का और उनके सहयोगियों ने इस कानून का खुलेआम उल्लंघन किया और निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

     

  • नि:शुल्क नेत्र जांच एवं डायबिटीज़ जागरूकता शिविर का सफल आयोजन

    लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति ने ने किया आयोजन.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: सामाजिक सरोकार और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति ने शनिवार को दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ नि:शुल्क उपलब्ध कराना था। इस कार्यक्रम मे विशेष रूप से गिरिडीह लायंस क्लब एलिट के अधयक्ष दशरथ प्रसाद उपस्थित थे ।

    नेत्र जांच और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर.

    पहला कार्यक्रम नि:शुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर था, जिसे भगवान महावीर आई हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से आयोजित किया गया।

    • स्थान: मध्य विद्यालय, हरलाडीह, पंचायत-चिरकी।
    • सेवाएँ: शिविर में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों ने सैकड़ों ग्रामीणों की आँखों की जांच की। मरीजों को मुफ्त परामर्श, दवाइयाँ, चश्मे उपलब्ध कराए गए और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन भी किया गया।
    • सुविधाएँ: चयनित मरीजों को अस्पताल में ऑपरेशन के साथ-साथ भोजन, ठहरने की व्यवस्था और दवाइयाँ पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी।

    डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर जांच शिवि.र

    दूसरे कार्यक्रम में डायबिटीज़ अवेयरनेस एवं हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया।

    • विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मधुमेह की रोकथाम, नियमित जांच की आवश्यकता, संतुलित आहार और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
    • सभी उपस्थित लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर टेस्ट नि:शुल्क किया गया।

    आयोजन में योगदान और उपस्थिति.

    • संयोजक: एमजेएफ अनिता गुप्ता एवं शालिनी बैसखियार।
    • मुख्य अतिथि: पीएमजेएफ कमल जैन (पूर्व जिलापाल)।
    • विशेष सहयोग: रतन गुप्ता।
    • उल्लेखनीय योगदान: डॉ. मेघा सिंह (मधुमेह जांच) और हरिश दोशी (नेत्र जांच)।
    • उपस्थित पदाधिकारी: क्लब अध्यक्ष नीलम भदानी, संगीता बैसखियार, सुषमा गुप्ता, मीना गुप्ता, रागिनी, मुक्ता, रीना सिंह, सरिता बरनवाल, बिन्नी साओ सहित कई सक्रिय सदस्य।

    ग्रामीणों में उत्साह.

    इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। जांच के बाद उन्हें मुफ्त परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की गईं।

    भविष्य की योजना.

    लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह जागृति की ओर से बताया गया कि समाजहित में ऐसे स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे। क्लब का उद्देश्य है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के वंचित और जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकें।

  • मधुबन शिखरजी में क्षमा धर्म आराधना के साथ दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह : जैन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र और विश्वविख्यात तीर्थक्षेत्र मधुबन शिखरजी इन दिनों भक्ति, तप और साधना की ध्वनियों से गूंज रहा है। दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व का आरंभ यहां श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस महापर्व का पहला दिन उत्तम क्षमा धर्म को समर्पित रहा। सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुँचकर भगवान महावीर और पार्श्वनाथ का अभिषेक, पूजा-अर्चना एवं आरती कर धर्ममय वातावरण में लीन रहे।

    क्षमा धर्म की आराधना.

    संतों और आचार्यों ने सामूहिक प्रवचन देकर श्रद्धालुओं को क्षमा धर्म के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि क्षमा केवल एक गुण नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन की दिशा है। क्षमा से व्यक्ति क्रोध, अहंकार और वैरभाव से मुक्त होकर शांति और सहिष्णुता के मार्ग पर चलता है। प्रवचन के दौरान यह संदेश दिया गया कि क्षमा का अभ्यास करने से वैचारिक प्रदूषण से मुक्ति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है।

    धार्मिक अनुशासन और तपस्या.

    दशलक्षण महापर्व के दौरान श्रद्धालु एकाशना, उपवास, अंबिल, अठ्ठाई और बेयसना जैसे विविध तप करते हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा इस पर्व में तप, ध्यान और स्वाध्याय की साधना में लीन दिखे। जैन समाज इसे आत्मशुद्धि और आत्मअनुशासन की पवित्र यात्रा मानता है। श्रद्धालु मानते हैं कि यह पर्व न केवल जीवन को अहिंसा और संयम की ओर ले जाता है, बल्कि भविष्य के लोक में भी सुख और शांति का आधार बनता है।

    हर दिन विशेष गुण की साधना.

    इस पर्व को दशलक्षण इसलिए कहा जाता है क्योंकि दस दिनों में दस विशेष गुणों की साधना की जाती है। इनमें क्षमा, मार्दव (अहंकार का त्याग), आर्जव (सरलता), शौच (शुद्धि), सत्य, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य शामिल हैं। पहले दिन क्षमा धर्म की आराधना को सबसे श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह सभी गुणों की आधारशिला है।

    विशेष व्यवस्थाएँ और श्रद्धालुओं का संकल्प.

    मधुबन शिखरजी में पर्व को लेकर स्थानीय प्रशासन और जैन समाज ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। धर्मशालाओं और मंदिरों में भक्ति-भावना का अद्भुत माहौल बना हुआ है। देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे जीवन में क्षमा, संयम और सद्भावना को आत्मसात करेंगे तथा समाज में शांति और एकता का संदेश फैलाएँगे।

     

  • लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट का 6वां पद स्थापना समारोह संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट का सत्र 2025-26 का 6वां पद स्थापना समारोह गिरिडीह के एक बड़े होटल में बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया।

    इस अवसर पर जिला 322A के जिला पाल एवं मुख्य अतिथि PMJF संजय कुमार ने समारोह की शोभा बढ़ाई। उनके साथ प्रथम उप जिला पाल MJF शुभ्रा मजूमदार, पूर्व जिला पाल PMJF माधव लखोटिया, पूर्व जिला पाल PMJF सिद्धार्थ मजूमदार, GMT कोऑर्डिनेटर सुजीत कुमार, रीजन चेयरपर्सन PMJF डॉ. ए.के. सिन्हा और इंस्टॉलेशन चेयरपर्सन MJF डॉ. संजय कुमार सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    इसके अलावा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित थे, जिनमें शहर के  प्रमुख उधयोगपति मोहन साव, गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन, लोक जनशक्ति पार्टी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज, जिला अधिवक्ता संघ गिरिडीह के अध्यक्ष प्रकाश सहाय, अधिवकता परवेज़ आलम,  लायंस और रोटरी क्लब्स के अध्यक्ष-सचिव समेत बड़ी संख्या में सदस्य एवं उनके परिजन शामिल हुए।नामचीन लोगों को क्लब की ओर से बुके देकर सम्मानित किया गया । 

    नए सदस्य जुड़े.

    समारोह में क्लब की गतिविधियों से प्रभावित होकर कई नए सदस्य जुड़े, जिनमें सत्येंद्र कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंहा, सचिन मंडल, अरविंद मंडल और राहुल कृष्णा शामिल हैं। इन्हें सदस्यता की शपथ प्रथम उप जिला पाल लायन शुभ्रा मजूमदार ने दिलाई।

    क्लब की उपलब्धियां और भविष्य की रूपरेखा.

    क्लब अध्यक्ष दशरथ प्रसाद ने संबोधन में बताया कि पिछले 6 वर्षों से लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट ने पर्यावरण संरक्षण, फूड फॉर हंगर कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच शिविर, आदिवासी समुदाय में सामाजिक कार्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा के प्रोत्साहन, खिलाड़ियों और शिक्षकों का सम्मान, डायबिटीज कैंप जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिससे लायंस इंटरनेशनल का स्लोगन “We Serve” सार्थक हो रहा है।

    उन्होंने घोषणा की कि आगामी सत्र 2025-26 में भी क्लब सामाजिक सेवा को और गति देगा।

    • पर्यावरण संतुलन हेतु 500 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे
    • फूड फॉर हंगर के तहत जरूरतमंदों को भोजन सामग्री का वितरण होगा
    • स्वास्थ्य जांच शिविर नियमित रूप से लगाए जाएंगे
    • महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    मुख्य अतिथि का संबोधन.

    मुख्य अतिथि PMJF संजय कुमार ने कहा कि लायंस क्लब एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो लंबे समय से पूरी दुनिया में मानव सेवा का कार्य कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वर्ष लायंस इंटरनेशनल अध्यक्ष ए.पी. सिंह के “मिशन 1.5” के तहत सदस्यता विस्तार और संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में काम करना होगा।

    नए पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण.

    इस अवसर पर क्लब के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। इन पदाधिकारियों को शपथ पूर्व जिला पाल लायन माधव लखोटिया द्वारा दिलाई गई।

    • अध्यक्ष –दशरथ प्रसाद
    • सचिव –सुदीप गुप्ता
    • कोषाध्यक्ष –गुंजन कुमार शर्मा
    • उपाध्यक्ष –सुनील कुमार, राहुल कुमार एवं डॉ. सुमन कुमार
    • संयुक्त सचिव –डॉ. दीपक कुमार
    • सह कोषाध्यक्ष –विकास गुप्ता
    • क्लब एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर –धर्म प्रकाश
    • मेंबरशिप चेयरपर्सन –उदय भदानी
    • क्लब सर्विस चेयरपर्सन –अमरनाथ मंडल
    • पीआरओ –राहुल बर्मन
    • टेमर –मसरूर आलम सिद्दीकी
    • ट्विस्टर –राहुल प्रसाद
    • क्लब निदेशक –MJF डॉ. संजय कुमार सिंह, राजेश गुप्ता, लायन डॉ. ज्ञान प्रकाश एवं लायन अरुण कुमार साव।

     

    संचालन और धन्यवाद ज्ञापन.

    कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन कुमार और राजेश गुप्ता ने किया।
    धन्यवाद ज्ञापन धर्म प्रकाश साहू ने किया।

    समारोह को सफल बनाने में सुजीत लोहनी, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, गौतम सागर, सौरभ महासेठ, डॉ. विकास लाल सहित कई सदस्यों की अहम भूमिका रही।

     

  • श्री कबीर ज्ञान मंदिर में 721 यूनिट रक्तदान, महिलाओं ने दिखाया नया संकल्प

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : भाद्र शुक्ल चतुर्थी के अवसर पर सद्गुरु मां ज्ञान का पावन जन्मोत्सव श्री कबीर ज्ञान मंदिर में बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव से मनाया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर में एकत्र हुए और पंक्तिबद्ध होकर अपने आराध्य सद्गुरु मां ज्ञान का पूजन-अर्चन किया।

    इस विशेष अवसर पर श्री कबीर ज्ञान मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में रक्तदान महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस वर्ष रक्तदान में नया इतिहास रचते हुए कुल 721 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो अब तक के सभी रिकॉर्ड को पार कर गया।

    ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर राज्य में रक्तदान के क्षेत्र में लगातार प्रथम स्थान पर रहा है। हर वर्ष सद्गुरु मां के जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर आयोजित होता है और प्रत्येक बार संस्था अग्रणी स्थान पर रहती है। इस बार की खासियत यह रही कि 721 यूनिट रक्तदान में से 270 यूनिट रक्त महिलाओं द्वारा दान किया गया। खासकर तीज व्रत सम्पन्न करने के तुरंत बाद इतने बड़े पैमाने पर महिलाओं का रक्तदान करना समाज के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल माना जा रहा है।

    सद्गुरु मां ज्ञान ने इस अवसर पर कहा—
    “बहनें परिवार का स्तंभ होती हैं। उनका स्वस्थ रहना पूरे परिवार के स्वास्थ्य की गारंटी है। रक्तदान से उनका हीमोग्लोबिन स्तर संतुलित रहता है और वे स्वयं को हमेशा ऊर्जावान महसूस करती हैं। जिस प्रकार मेहंदी बांटने वाले के हाथ अपने आप रंग जाते हैं, उसी प्रकार रक्तदान करने से दाता स्वयं अप्रत्याशित लाभ पाता है। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक संतोष और आशीर्वाद भी देता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि जब किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, तब उसका परिवार किस मानसिक स्थिति से गुजरता है, यह वही समझ सकता है जो इस परिस्थिति में रहा हो। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति से मिला रक्त उनके लिए जीवनदान होता है और दाता को उनका सच्चा आशीर्वाद मिलता है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रत कुमार मित्रा, सेवानिवृत्त आईएएस रामानंद जी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. रितेश सिन्हा, रेड क्रॉस अध्यक्ष अरविंद कुमार, माहुरी वैश्य महामंडल के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, डॉ. विकास माथुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सोहल, मदन लाल विश्वकर्मा, अरुण माथुर, अशोक राम, सेवानिवृत्त फौजी जनार्दन राय, किशोर सिंह समेत समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु मां ने यह भी कहा—
    “रक्तदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता का उत्सव है। यह वह क्षण है जब आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी अन्य के जीवन में धड़कन बनकर दौड़ने लगता है। इसमें न कोई खर्च है, न कोई हानि—बस लाभ ही लाभ है।”

    इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया—
    “करेंगे रक्तदान, बनेंगे किसी के मुस्कान; यही है पुण्य महान।”

    पुस्तक विमोचन.

    जन्मोत्सव पर सद्गुरु मां द्वारा रचित पुस्तक “कबीर वाणी में रहस्यमयी अध्यात्म” का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सद्गुरु कबीर की वाणियों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। सद्गुरु मां ने बताया कि यह कृति आधुनिक जीवन की परिस्थितियों में आध्यात्मिक मार्गदर्शन का काम करेगी और यह सिखाएगी कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी व्यक्ति कैसे आत्मिक गहराइयों में उतर सकता है।

     

  • एबीवीपी का आक्रोश मार्च, मुख्यमंत्री का पुतला दहन

    — राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 को बताया छात्र विरोधी.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की गिरिडीह नगर इकाई ने बुधवार को झारखंड सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झंडा मैदान से टॉवर चौक तक आक्रोश मार्च निकालते हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।

    विरोध का मुख्य कारण राज्य विधानसभा में पारित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 रहा। इस विधेयक के तहत झारखंड के विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रति कुलपति, वित्तीय सलाहकार, परीक्षा नियंत्रक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का अधिकार अब महामहिम राज्यपाल से हटाकर राज्य सरकार को देने का प्रावधान किया गया है। एबीवीपी नेताओं ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

    एबीवीपी गिरिडीह जिला संयोजक मंटू मुर्मू ने कहा कि सरकार का यह निर्णय छात्रों की आवाज़ को दबाने की साजिश है। उन्होंने कहा— “छात्र संघ चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवंत प्रयोगशाला है। यहाँ छात्र अपने नेतृत्व कौशल का विकास करते हैं, अपनी समस्याओं को मुखरता से रखते हैं और प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात पहुँचाते हैं। सरकार का यह कदम छात्रों को प्रतिनिधित्व से वंचित करने वाला है।”

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुलपति या सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि कभी भी छात्रों की वास्तविक आवाज़ नहीं बन सकते। यह व्यवस्था छात्रों को केवल दर्शक बना देगी और निर्णय प्रक्रिया से उनकी भूमिका समाप्त हो जाएगी।

    नगर मंत्री नीरज चौधरी ने कहा कि संशोधन के जरिए छात्रों की भागीदारी खत्म करना न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला कदम भी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस संशोधन को वापस ले और विश्वविद्यालय परिसरों में स्वतंत्र व निष्पक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल करे।

    एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव सिर्फ राजनीति का प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि यही वह स्थान है जहाँ से समाज को भविष्य का नेतृत्व देने वाली पीढ़ी तैयार होती है। ऐसे में छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाना न केवल छात्रों के हितों के खिलाफ है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर भी कुठाराघात है।

    इस मौके पर नगर सह मंत्री अनीश राय, सदानंद राय, शुभम तांती, ऋषि त्रिवेदी, पृथ्वी कुमार, दीपक वर्मा, आशीष सिंह, बिट्टू मोदी, देवदत्त श्रीवास्तव, हिमांशु कश्यप, बबलू यादव, सत्यम, कृष्णा दास, चुन्नू सिंह, सनी सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

     

  • सबूत के अभाव में पूर्व विधायक संजीव सिंह सहित सभी आरोपी बरी

    नीरज सिंह हत्याकांड मे आठ साल बाद आया फैसला.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    धनबाद : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड  में बुधवार को आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। धनबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह सहित सभी 8 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।

    विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने यह निर्णय सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और गहमागहमी का माहौल रहा।

    स्ट्रेचर पर कोर्ट पहुंचे संजीव सिंह.

    फैसले के दिन संजीव सिंह को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्ट्रेचर पर कोर्ट लाया गया। पुलिस एंबुलेंस से उन्हें सिंह मेंशन से अदालत तक लेकर पहुंची। सुनवाई शुरू होने से पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश से रोक दिया गया, जिसके चलते अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हुई और अदालत ने केस की सुनवाई शुरू की।

    21 मार्च 2017 की वारदात जिसने झकझोर दिया था झारखंड.

    धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट पर 21 मार्च 2017 की शाम लगभग 7 बजे अंधाधुंध फायरिंग कर कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके अंगरक्षक मुन्ना तिवारी, पीए अशोक यादव और ड्राइवर घोलटू महतो की हत्या कर दी गई थी। यह घटना राज्य का सबसे बड़ा शूटआउट मानी जाती है।

    हत्या के बाद संजीव सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। बाद में एक आरोपी अमन सिंह की 2023 में जेल के अंदर हत्या कर दी गई, जबकि रिंकू सिंह से जुड़े मामले का ट्रायल अलग से चल रहा है।

    आठ साल लंबी कानूनी जंग.

    इस मामले में सुनवाई 6 अलग-अलग अदालतों में हुई।

    • 408 तारीखों पर पेशी हुई।
    • 3 जनवरी 2019 को 22 महीने बाद आरोप तय हुए।
    • अभियोजन पक्ष ने 74 गवाहों में से 37 गवाह और कई साक्ष्य पेश किए।
    • बचाव पक्ष ने 5 गवाहों की गवाही कराई।
    • दोनों पक्षों की बहस 49 तारीखों तक चली।
      आखिरकार, आठ साल से ज्यादा समय तक चली इस कानूनी जंग का परिणाम सभी आरोपियों की रिहाई के रूप में सामने आया।

    फैसले से पहले प्रशासन अलर्ट.

    जिला प्रशासन को पहले से आशंका थी कि फैसले के दिन दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर पहुंच सकते हैं, जिससे टकराव की स्थिति बन सकती है। इस कारण धारा 144 लागू की गई।

    • जैप (Jharkhand Armed Police) की एक कंपनी को सुरक्षा में लगाया गया।
    • कोर्ट परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
    • संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त भी तेज की गई।

    राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर.

    यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम रहा है।

    • बरी हुए संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से भाजपा विधायक हैं।
    • वहीं, नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह कांग्रेस से झरिया की विधायक रह चुकी हैं।
      इस वजह से इस केस पर पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश की भी नज़रें थीं।