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  • छह सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम कर्मियों का एक दिवसीय भूख हड़ताल, सरकार के खिलाफ गूंजे नारे

    गिरिडीह :- झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के आह्वान पर सोमवार को गिरिडीह नगर निगम के कर्मियों ने निगम कार्यालय परिसर में एक दिवसीय भूख हड़ताल की। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।

    फेडरेशन नेताओं का कहना है कि सरकार ने कई बार लिखित आश्वासन दिया, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया। कर्मियों की छह सूत्री मांगों में सबसे अहम मांग दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा को नियमित करने से जुड़ी है। फेडरेशन नेता अशोक सिंह ने कहा कि दो मंत्रियों के साथ लिखित समझौता होने के बावजूद सरकार ने वादाखिलाफी की है।

    भूख हड़ताल के कारण नगर निगम का पूरा कामकाज दिनभर बाधित रहा। बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय परिसर में डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे।

    नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तेज होगा। 21 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा। यदि तब भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 12 सितंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

    कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक लिखित समझौते को लागू कर उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल में नगर निगम के अधिकांश कर्मचारी शामिल हुए और उन्होंने एकजुटता का परिचय दिया।

  • गिरिडीह में सजीं भजनों व झांकियों की शाम, यादव महासभा द्वारा धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी महोत्सव

    गिरिडीह :- शहर के हुट्टी बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर में रविवार की रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया। यादव महासभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े और देर रात तक पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आरती और पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद भक्ति जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु भी भावविभोर होकर झूम उठे। मंदिर प्रांगण देर रात तक “जय श्रीकृष्ण” और “हरे कृष्णा” के जयकारों से गूंजता रहा।

    इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करते हैं और युवाओं में भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

    भक्ति गीतों के साथ-साथ कृष्ण रासलीला का मंचन और हनुमान जी व महाकाल की आकर्षक झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सभी झांकियों को देखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास भारी भीड़ जुटी रही। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर जन्माष्टमी के उल्लास का आनंद लेते रहे।

  • शिबू सोरेन की अस्थियों को दामोदर नदी में विसर्जित किया गया

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संथाली परंपरा के अनुरूप सभी अनुष्ठान पूरा किया.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रामगढ़, झारखंड :  रविवार का दिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए बेहद भावुक क्षणों का गवाह बना। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के साथ रामगढ़ के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद अपने पिता तथा झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अस्थियों को दामोदर नदी में संथाली परंपरा के अनुरूप विसर्जित किया।

    अस्थि विसर्जन का यह क्षण मुख्यमंत्री के लिए पीड़ा और श्रद्धा दोनों का संगम था। घाट पर उपस्थित लोग साफ देख रहे थे कि पिता की स्मृति से भरे इस मौके पर मुख्यमंत्री की आंखें नम थीं।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा से अस्थि कलश लेकर पहुंचे। घाट पर परंपरागत संथाली पाहनों (पुजारियों) की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के छोटे भाई व विधायक बसंत सोरेन, परिवार की महिलाएं और अन्य रिश्तेदार भी उपस्थित रहे।

    विसर्जन के बाद हेमंत सोरेन ने मां छिन्नमस्तिका मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी ने विधि-विधान से अनुष्ठान सम्पन्न कराया। पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद गरीब और असहाय लोगों के बीच कपड़े व खाद्य सामग्री का वितरण किया। उन्होंने इस सेवा को अपने पिता के आदर्शों से प्रेरित सामाजिक उत्तरदायित्व का हिस्सा बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुनः नेमरा लौट गए।

    तीन लाख लोगों ने ग्रहण किया संस्कार भोज का प्रसाद.

    नेमरा में आयोजित संस्कार भोज में जनसैलाब उमड़ पड़ा था  अनुमानित तीन लाख लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर दिशोम गुरु को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस भोज ने यह प्रमाणित किया कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि जनता के हृदय में बसे एक परिवार के सदस्य थे।

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई दिग्गज नेता व गणमान्य अतिथि उपस्थित हुए। इनमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, योगगुरु बाबा रामदेव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, बिहार के सांसद पप्पू यादव, विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो, राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक शामिल थे। झारखंड के वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारी तथा पड़ोसी राज्यों से आए लोग भी इस अवसर के साक्षी बने।

    4 अगस्त को बुझा एक युग का दीप.

    गौरतलब है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। तब से लेकर अब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गांव में रहकर पिता के श्राद्धकर्म और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन कर रहे हैं।

    झारखंड आंदोलन के अमर नायक.

    शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के आदिवासी जननायक और संथाल समाज के सांस्कृतिक प्रतीक थे। उन्हें ‘दिशोम गुरु’ की उपाधि जनता ने उनके संघर्ष और समर्पण के कारण दी थी। उन्होंने जीवनभर आदिवासी समाज के अधिकार, जमीन-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग राज्य की पहचान के लिए संघर्ष किया।

    रविवार को संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित किया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य में जीवित है।

  • शिबू सोरेन का दशकर्म संस्कार भोज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज हुए शामिल

    दशकर्म संस्कार लाखों की भीड़.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    रामगढ़/नेमरा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झामुमो के संस्थापक और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दशकर्म संस्कार भोज में शनिवार को भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुजी की स्मृति में आयोजित इस भव्य आयोजन में आम जनता से लेकर देश के कई दिग्गज नेताओं और संत-विद्वानों ने शिरकत की।

    दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और श्रद्धांजलि.

    • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से नेमरा पहुंचे। उन्होंने गुरुजी को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद पप्पू यादव, योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के. आनंद भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    भोजन और पंडाल की व्यवस्था.

    भोज के लिए  तीन विशाल पंडाल बनाए गए हैं। एक पंडाल में एक बार में 2500 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, यानी करीब 8000 लोग एक साथ भोजन कर सकते हैं। भोजन में दाल, चावल, पूड़ी, आलू-परवल की सब्जी, मिक्स वेज, मछली फ्राई, मटन, दही, पापड़, सलाद, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, बुंदिया जैसे व्यंजन परोसे जा रहे हैं। विशेष रूप से गुरुजी की पसंदीदा पकौड़ी भी भोज का हिस्सा है। अनुमान है कि करीब तीन लाख लोगों के भोजन का इंतजाम किया गया है। मिठाई में  रसगुल्ला और गुलाब जामुन तैयार किए गए हैं।

    जनसैलाब और यातायात व्यवस्था.

    शनिवार दोपहर 2 बजे तक नेमरा में 10 हजार से अधिक वाहनों से लोग पहुंचे, जिसके चलते दुधमटिया से नेमरा तक लंबा जाम लग गया। भीड़ प्रबंधन के लिए एक ओर से प्रवेश और दूसरी ओर से निकासी का मार्ग बनाया गया है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑटो और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।

    सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व.

    आयोजन को देखते हुए 5000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। वर्दीधारी पुलिस से लेकर सादे लिबास में खुफिया अधिकारी तक हर जगह मौजूद हैं। विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाए गए हैं।

    श्रद्धांजलि और स्मृति दीर्घा.

    भोज के साथ-साथ नेमरा में एक विशेष प्रदर्शनी और स्मृति दीर्घा भी लगाई गई है। इसमें शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन, आदिवासी समाज के लिए उनके संघर्ष और जनसेवा को दर्शाने वाली दुर्लभ तस्वीरें और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। आगंतुक यहां गुरुजी के जीवन संघर्ष को करीब से समझ पा रहे हैं।

         दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में  हुआ था। 5 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में हुआ था, जहां      मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता को मुखाग्नि दी। तब से हेमंत सोरेन परिवार के साथ  यहीं ठहरे हुए हैं और लगातार श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की देखरेख कर रहे हैं। दिशोम गुरु  सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि एक युग थे। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल है। वे झारखंड की आत्मा और पहचान के प्रतीक बनकर हमेशा याद किए जाएंगे।

  • मंत्री रामदास सोरेन को विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    घाटशिला में होगा अंतिम संस्कार.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची/घाटशिला: झारखंड के शिक्षा एवं निबंधन मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन को शनिवार सुबह झारखंड विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई।
    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कई सांसद, विधायक और मंत्रियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर सुबह करीब 10 बजे दिल्ली से रांची एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से सीधे विधानसभा लाया गया। इसके बाद दोपहर में उनका अंतिम संस्कार पूर्वी सिंहभूम जिले के पैतृक गांव में पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ किया जाएगा\

    राजनीतिक हस्तियों की श्रद्धांजलि.

    • राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा – “रामदास सोरेन ने गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी कमी झामुमो और राज्य दोनों के लिए गहरी है।”
    • नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शोक जताते हुए कहा – “उनका निधन प्रदेश की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”
    • पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा – “बाबा बैद्यनाथ उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को शक्ति प्रदान करें।”
    • कांग्रेस नेत्री और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सोरेन का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
    • पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा – “शिबू सोरेन के निधन से राज्य अभी उबरा भी नहीं था कि एक और जननेता का जाना बेहद दुखद है।”
    • भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय ने उन्हें “जमीन से जुड़े नेता और ईमानदार मंत्री” बताया।
    • मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा – “उनकी रिक्तता को भरना बेहद कठिन होगा।”

    राजनीतिक सफर: ग्राम प्रधान से मंत्री तक.

    रामदास सोरेन ने राजनीति की शुरुआत ग्राम प्रधान से की थी। उनके पिता घोड़ाबांधा गांव के ग्राम प्रधान रहे, और उनके निधन के बाद परंपरा अनुसार रामदास को यह दायित्व मिला।

    • वे झामुमो के जमशेदपुर ब्लॉक कमेटी से सक्रिय राजनीति में जुड़े।
    • 1990 में जिलाध्यक्ष बने और लंबे समय तक संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे।
    • 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने घाटशिला सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को हराया था।
      • परिणाम: रामदास सोरेन को 98,356 वोट, जबकि बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट मिले।
      • जीत का अंतर: 22,446 वोट।

    वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के करीबी माने जाते थे। जब चंपई सोरेन भाजपा में चले गए, तब हेमंत सोरेन ने राजनीतिक संतुलन साधने के लिए रामदास को कैबिनेट में शामिल किया।

    • रामदास सोरेन का निधन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में शिबू सोरेन का श्राद्धकर्म संपन्न हो रहा है ।
    • उनकी असमय मृत्यु से झामुमो को बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है।
    • अब सवाल है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी।

    संभावना जताई जा रही है कि सुदिव्य कुमार सोनू  (जो फिलहाल उच्च शिक्षा मंत्री हैं) को       इसका प्रभार मिल सकता है।

    मुख्यमंत्री की भावुक श्रद्धांजलि.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा –
    “रामदास दा का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतिम जोहार दादा।”

    जगरनाथ महतो के बाद रामदास सोरेन दूसरे ऐसे शिक्षा मंत्री रहे जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. रामदास सोरेन लगभग 8 महीने ही मंत्री रह पाए.

    रामदास सोरेन बड़े झारखंड आंदोलनकारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता थे. स्वर्गीय शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी थे. कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जब झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में गए तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन के बदले रामदास सोरेन को मंत्रिमंडल में शामिल कर कोल्हान में राजनीतिक क्षतिपूर्ति की भरपाई करने की कोशिश की.

    चंपई के बदले रामदास सोरेन को आगे किया गया. लेकिन दुर्भाग्य से रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे. उनके जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी भारी नुकसान हुआ है. रामदास सोरेन ऐसे समय पर दुनिया छोड़ गए जब गुरु जी का श्रद्धा कर्म भी संपन्न हो रहा है. अलग राज्य बनने के बाद से अभी तक संभवत किसी भी विधानसभा का कार्यकाल ऐसा नहीं रहा जिसमें उपचुनाव नहीं हुआ हो. हर विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व किसी न किसी कारण से उपचुनाव होता रहा है. अब रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव चुनाव होना तय है. 6 महीना के अंदर यहां चुनाव होगा. संभव है अक्टूबर में जब बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो तो घाटशिला में भी चुनाव की घोषणा हो जाए.

  • शिबू सोरेन के संस्कार भोज की तैयारियां पूरी, देशभर से लाखों लोगों और दिग्गज नेताओं की होगी मौजूदगी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रामगढ़/नेमरा: झारखंड की राजनीति के आधारस्तंभ, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में आज आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुरुजी की स्मृति में होने वाले इस आयोजन को ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसमें देशभर से चार से पाँच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।बाबा रामदेव, सांसद पप्पू यादव श्राद्ध भोज में शामिल होने उनके नेमरा गांव पहुंच चुके हैं।

    विशाल स्तर की तैयारियां.

    • आयोजन स्थल तक आसान पहुँच के लिए गोला चौक से नेमरा तक 25 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण कराया गया है।
    • इस मार्ग के दोनों ओर गुरुजी के बड़े-बड़े कटआउट और पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे पूरा इलाका श्रद्धा और सम्मान के माहौल से भर गया है।
    • सड़क किनारे 4000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए 200 से अधिक जनरेटर लगाए गए हैं।
    • कार्यक्रम स्थल के लिए पांच विशाल पंडाल और अस्थायी रसोईघर तैयार किए गए हैं। हर पंडाल में हजारों लोग एक साथ बैठकर भोजन कर सकेंगे।

    भोजन और व्यंजन व्यवस्था.

    श्राद्ध भोज को लेकर भोजन की भी भव्य तैयारी की गई है।

    • 300 से अधिक चूल्हों पर 12 से अधिक प्रकार के व्यंजन पकाए जाएंगे।
    • पंडालों को शिबू सोरेन की तस्वीरों से सजाया गया है, ताकि लोग भोजन के साथ-साथ गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
    • प्रत्येक पंडाल में एसी और कूलर की व्यवस्था है ताकि गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिले।
    • विशेष अतिथियों का भोजन शिबू सोरेन के घर के पीछे परोसा जाएगा।

    वीआईपी और सुरक्षा व्यवस्था.

    इस बड़े आयोजन में कई राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    • चार हेलीपैड बनाए गए हैं, जिनमें से तीन गुरुजी के घर के पास और एक लगभग तीन किलोमीटर दूर है।
    • विशेष अतिथियों और वीआईपी मेहमानों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है।
    • आम श्रद्धालुओं के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से लोगों को पंडालों तक पहुंचाएंगे।
    • शिबू सोरेन के आवास के 300 मीटर के दायरे को प्रशासन ने बैरिकेड कर दिया है। यहां केवल वीआईपी और करीबी लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।

    सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व.

    नेमरा को आयोजन के दौरान छावनी में तब्दील किया जाएगा।

    • सुरक्षा की जिम्मेदारी 9 आईपीएस अधिकारी 14 से 16 अगस्त तक और
    • 40 डीएसपी 12 से 17 अगस्त तक संभालेंगे।
    • पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए विशेष आदेश जारी किए हैं।

    कौन होंगे विशेष अतिथि?

    संस्कार भोज में कई बड़े नेताओं की उपस्थिति लगभग तय है।

    • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
    • योगगुरु बाबा रामदेव
    • तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
    • वरिष्ठ नेता आर.के. आनंद
    • रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
    • उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय कुमार गोंड
    • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
    • पश्चिम बंगाल और पंजाब के मुख्यमंत्री अथवा उनके प्रतिनिधि

    इसके अलावा देशभर से तमाम दिग्गज नेताओं, मंत्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

  • मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर झारखंड सरकार ने घोषित किया राजकीय शोक

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए 16 अगस्त, शुक्रवार को पूरे राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार के आदेश के मुताबिक इस दिन पूरे राज्यभर के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और उन सभी भवनों पर, जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तिरंगा अधमस्तूल (आधे झुके) रहेगा।

    इसके अलावा, शोक की अवधि में कोई भी सरकारी उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम या औपचारिक आयोजन नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय राज्य सरकार ने मंत्री रामदास सोरेन के योगदान और उनके सम्मान में लिया है।

    गौरतलब है कि 15 अगस्त की देर रात रामदास सोरेन का दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्थित अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले दो हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थे।

    • 2 अगस्त की सुबह करीब 4:30 बजे वे जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास के बाथरूम में गिर पड़े।
    • तत्काल उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन स्ट्रोक की पुष्टि हुई।
    • हालत नाजुक देख उन्हें उसी दिन एयरलिफ्ट कर दिल्ली अपोलो अस्पताल ले जाया गया।

    दिल्ली पहुंचने के बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के डॉक्टरों के साथ-साथ मुंबई और चेन्नई से भी विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। इतना ही नहीं, अमेरिका के चिकित्सकों से भी लगातार सलाह ली जा रही थी।

    इसके बावजूद डॉक्टर उनकी स्थिति को स्थिर नहीं कर पाए। गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टर सर्जरी का निर्णय भी नहीं ले पाए। अंततः 15 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

    राजनीतिक और सामाजिक जीवन.

    रामदास सोरेन झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग के मंत्री थे। वे झारखंड की राजनीति में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते थे। उनकी सादगी और कार्यशैली के कारण वे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच विशेष पहचान रखते थे।

    उनके निधन से न केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को गहरी क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है ।

  • अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा बेहद मजबूत होगी –पीएम मोदी

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ उत्सव. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

     परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह / रांची / नई दिल्ली – 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में देशभक्ति का माहौल गूंज उठा। दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए न केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया, बल्कि देश के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया—घुसपैठ और इसके कारण बदलती डेमोग्राफी। इस मौके पर उन्होंने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन‘ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने करीब 103 मिनट के लंबे भाषण में कई ऐलान किए. उन्होंने इस संबोधन में सुदर्शन चक्र को लॉन्च करने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का महत्वाकांक्षी सुदर्शन चक्र मिशन है, जिसका उद्देश्य अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. उन्होंने आत्मनिर्भरता पर भी काफी जोर दिया.

    घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलाव पर पीएम मोदी का संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा—

    “मैं आज देशवासियों को एक गंभीर साजिश से आगाह करना चाहता हूं। सुनियोजित तरीके से देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है। ये घुसपैठिए हमारे नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, हमारी बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, और भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह का डेमोग्राफिक बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और सामाजिक तनाव को जन्म देता है।
    प्रधानमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत के लिए किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

    “हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से यह आजादी हासिल की है। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने देश को घुसपैठियों के हवाले न होने दें।”

    इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ तय समय सीमा में इस संकट से निपटने के लिए रणनीतिक और सख्त कदम उठाएगा।

    नक्सलवाद पर प्रहार: 125 से घटकर 20 जिले.

    प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा—

    “एक समय था जब 125 जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़ें जमा चुका था, खासकर हमारे आदिवासी क्षेत्रों में। आज वह संख्या घटकर केवल 20 जिलों तक रह गई है। हमने उन जनजातीय समाजों को माओवाद के चंगुल से निकालकर विकास की राह पर अग्रसर किया है।”

    उन्होंने बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि जो इलाका कभी बारूद और गोलियों की आवाज से गूंजता था, आज वहां के युवा खेलों में हिस्सा लेकर ओलंपिक के सपने देख रहे हैं।
    रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर बनने तक की इस यात्रा को उन्होंने विकास, संविधान और कानून की जीत बताया।

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। इस बार यह सम्मान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मिला।
    आमतौर पर यहां ध्वजारोहण मुख्यमंत्री करते आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में व्यस्त होने के कारण शामिल नहीं हो सके।

    ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन से पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में शहीदों को नमन किया और शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ तिरंगे का उत्सव.

    गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया।
    इस मौके पर डीसी रमनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

    अपने संबोधन में मंत्री ने कहा—“यह दिन केवल गर्व का क्षण नहीं, बल्कि उन ज्ञात और अज्ञात शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से हमें यह स्वतंत्रता दिलाई। उनका बलिदान हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

    उन्होंने जिले और राज्य में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी को देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही शिबू सोरेन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

     

  • मोरहाबादी मैदान में 15 अगस्त के लिए तैयारियां पूरी, राज्यपाल करेंगे झंडोत्तोलन

    The News Post4u.

    रांची : झारखंड में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राजकीय समारोह राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होगा। 15 अगस्त की सुबह 9 बजे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार झंडोत्तोलन करेंगे और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी। प्रशासन और पुलिस ने इस ऐतिहासिक अवसर के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

    परेड में होगी खास झलक.

    झंडोत्तोलन के बाद परेड का आयोजन होगा, जिसमें जवानों की टुकड़ियां कदमताल करते हुए सलामी देंगी।

    • 14 बटालियन इस बार परेड में शामिल होंगी।
    • खास बात यह है कि बिहार पुलिस की एक टुकड़ी भी झारखंड पुलिस के साथ परेड में हिस्सा लेगी।
    • एनसीसी कैडेट्स और रांची पुलिस की महिला जवान भी अपनी ताकत और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगी।
    • परेड की कमान इस बार भी महिला पुलिस अधिकारी के हाथ में होगी – सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रुति इसका नेतृत्व करेंगी।

    फुल ड्रेस रिहर्सल और सुरक्षा इंतज़ाम.

    आज मोरहाबादी मैदान में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित हुआ, जिसमें जवानों ने परेड के सभी चरणों का अभ्यास किया। रांची के उपायुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
    मुख्य बिंदु:

    • पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
    • समारोह स्थल पर प्रवेश से पहले सघन जांच की जाएगी ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति आपत्तिजनक सामग्री के साथ अंदर न जा सके।
    • सड़कों पर गड्ढों को तुरंत भरने, होटलों में चेकिंग अभियान चलाने और सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी हुए हैं।

    ट्रैफिक प्लान में बदलाव.

    स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है:

    • 15 अगस्त की सुबह 6 बजे से बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
    • मोरहाबादी मैदान में भीड़ नियंत्रित करने के लिए 16 ड्रॉप गेट बनाए गए हैं।
    • आम नागरिकों के वाहनों का प्रवेश टीआरआई और दुर्गा मंदिर के पास से होगा।

    मौसम विभाग का अलर्ट;.

    मौसम एक बार फिर चुनौती बन सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने 14 से 17 अगस्त के बीच बारिश की संभावना जताई है।

    • कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
    • इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
    • बारिश के कारण 15 अगस्त के समारोह पर असर पड़ने की आशंका है, हालांकि प्रशासन ने इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की बात कही है।

    राजधानी रांची का मोरहाबादी मैदान कल  देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा, जहां झंडोत्तोलन, परेड और सलामी के साथ स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन होगा। सुरक्षा, ट्रैफिक और मौसम—तीनों ही मोर्चों पर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है, ताकि यह दिन शांति और गौरव के साथ मनाया जा सके।

  • सूर्या हांसदा मामले पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला

    यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है,सीबीआई जांच की मांग.

    The News Post4u.

    रांची : झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। गोड्डा में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की मौत के मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को रांची में प्रेस वार्ता कर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

    “अपराधियों को संरक्षण, निर्दोषों पर अत्याचार” – मरांडी.

    मरांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार में कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों को शरण और संरक्षण दे रहे हैं, जबकि निर्दोषों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
    उन्होंने आरोप लगाया –

    “चाहे किसी आदिवासी नेता को अपराधी साबित करना हो, या शक के आधार पर आवाज दबाने के लिए एनकाउंटर करना हो… झारखंड पुलिस के भीतर के कुछ अपराधी मानसिकता वाले लोग इन कामों को अंजाम दे रहे हैं। माफियाओं को खुली छूट दी जा रही है, और जमीन कब्जाने जैसे मामलों में भी इनकी भूमिका संदिग्ध है।”

    विपक्ष और सत्ता दोनों पर खतरा.

    नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि इस स्थिति से केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एवं उनके सहयोगी भी सुरक्षित नहीं हैं।
    मरांडी के शब्दों में –

    “संघर्ष करते-करते रास्ता भटकने वालों को देश की न्याय व्यवस्था ने हमेशा मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया है, लेकिन आज एक आवाज को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया।”

    “यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है”

    मरांडी ने सूर्या हांसदा की मौत को सीधा-सीधा हत्या करार दिया।

    “यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है। वह भी अपराधियों द्वारा नहीं, बल्कि वर्दी में छिपे कुछ कायर और बुजदिलों द्वारा किया गया। उन्हें डर था कि आदिवासियों की आवाज उनके कानों का पर्दा न हिला दे, डर था कि आदिवासी अपने हक और अधिकार के लिए न खड़े हो जाएं।”

    उन्होंने कहा कि झूठे केस, फर्जी मुकदमे और लगातार मानसिक दबाव बनाना – यही आज के समय में विरोध की आवाज को दबाने का सरकारी तरीका बन गया है।

    परिजनों की सीबीआई जांच की मांग.

    मरांडी ने बताया कि सूर्या हांसदा की पत्नी और मां लगातार पुलिस पर जानबूझकर हत्या करने का आरोप लगा रही हैं। उनकी एक ही मांग है – इस पूरे मामले की सीबीआई जांच हो।

    “अगर मुख्यमंत्री को सीबीआई से डर लगता है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराई जाए। इस घटना को जनता पचा नहीं पा रही, और पुलिस की भूमिका गंभीर संदेह के घेरे में है।”

    राजनीतिक माहौल में बढ़ी गरमी.

    सूर्या हांसदा की मौत पर भाजपा का यह हमला झारखंड की सियासत में नई बहस छेड़ सकता है। एक तरफ सरकार और पुलिस पर आरोपों की बौछार हो रही है, तो दूसरी ओर आदिवासी समुदाय के भीतर भी इस घटना को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।