Category: Jharkhand

  • राशन डीलरों का फूटा आक्रोश, आपूर्ति विभाग के खिलाफ धरना

    संवाददाता, The News Post4U

    गिरिडीह : जिले के राशन डीलरों ने शुक्रवार को जिला आपूर्ति विभाग की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना दिया। डीलरों ने सात सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

    समय पर स्टॉक नहीं, फिर भी दबाव में वितरण.

    डीलर संघ के प्रतिनिधि राजा बंसल और पंकज पांडेय के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में डीलरों ने स्पष्ट कहा कि विभाग केवल वितरण के आंकड़ों को लेकर सख्ती करता है, लेकिन उन्हें समय पर स्टॉक ही उपलब्ध नहीं कराया जाता। इसके अलावा, वर्षों से लंबित बकाया कमीशन का भुगतान न होने से डीलरों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

    उन्होंने कहा कि, “जब तक कम से कम एक महीने का राशन स्टॉक एडवांस में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तब तक शत-प्रतिशत वितरण संभव नहीं है। केवल टारगेट देना समाधान नहीं है।”

    कोविड काल से लंबित हैं कमीशन की राशि.

    डीलरों ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान राशन वितरण के कार्यों में भाग लेने के बावजूद अधिकांश डीलरों को अब तक कमीशन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ खास डीलरों को ही आंशिक भुगतान मिला है, जबकि शेष डीलर लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

    आधुनिकीकरण के दावे, लेकिन व्यवस्था अब भी जर्जर.

    डीलर संघ के एक सदस्य ने व्यंग्य करते हुए कहा, “देश 5जी की ओर बढ़ गया है, लेकिन झारखंड में अब भी राशन व्यवस्था 2जी की तरह धीमी और अपारदर्शी बनी हुई है।“ उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर डीलरों को अभी भी मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

    मांगे नहीं मानी गई तो होगा उग्र प्रदर्शन.

    धरना में राजेश बंसल, अमित कुमार, राजेश राज, कैदन बरनवाल समेत दर्जनों राशन डीलर मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अगली बार जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे और आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह ठप करने पर भी विचार करेंगे। डीलरों की सात सूत्री प्रमुख मांगों में शामिल हैं, बकाया कमीशन का शीघ्र भुगतान,प्रत्येक माह राशन स्टॉक की समय पर आपूर्ति,कार्य संचालन में पारदर्शिता,डीलरों पर अनावश्यक दबाव बंद किया जाए,कोविड काल के सभी लंबित भुगतान निपटाए जाएं,तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर किया जाए,विभागीय संवाद प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए.

  • झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, पहले दिन शोक प्रस्ताव

    सदन के बाहर SIR पर चलती रही सियासत.

    रांची ब्यूरो रिपोर्ट The News Post4u.

    रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र के मूल मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि सदन में अल्पमत का भी उतना ही सम्मान होना चाहिए जितना बहुमत का। उन्होंने रचनात्मक बहस, लोकतांत्रिक संवाद और जन आकांक्षाओं की पूर्ति पर जोर दिया।

    सत्र 7 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा।

    पहले दिन दिवंगत आत्माओं को दी गई श्रद्धांजलि.

    सत्र की शुरुआत शोक प्रस्तावों के साथ हुई। पूर्व सांसद चंद्रशेखर सिंह, तिलकधारी सिंह और वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन सहित हाल में दिवंगत कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सदन ने याद किया। इसके अलावा अहमदाबाद विमान हादसे और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनके योगदानों को याद किया। सदन में दो मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट किया गया, जिसके बाद कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

    स्पीकर ने दी संवैधानिक मूल्यों की याद.

    अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा, “हमें संविधान सभा की उस भावना को हमेशा याद रखना चाहिए, जिसमें यह कहा गया था कि हमने इस संविधान के माध्यम से देश की जनता को अपनी तकदीर खुद लिखने की ताकत दी है।” उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके राज्य के लिए योगदान को स्मरण किया।

    सत्र के दौरान स्पीकर ने पांच सभापतियों — स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव — के नामों की घोषणा की। कार्यमंत्रणा समिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई सदस्य शामिल हैं। दीपक बिरूआ और मथुरा महतो जैसे कई लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य भी नामित किया गया है।

    सदन के बाहर गरमाई सियासत SIR और अटल क्लीनिक पर घमासान.

    विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही सदन के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर ‘मदर टेरेसा क्लीनिक’ किए जाने को “राजनीतिक गुंडागर्दी” बताया। उन्होंने कहा कि यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता का अपमान है, जो झारखंड के निर्माता माने जाते हैं।

    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी भाजपा के बांग्लादेशी घुसपैठ के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी ऐसे दावे झूठे साबित हुए थे और राज्य में एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं मिला। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह SIR के माध्यम से आम जनता का मतदान अधिकार छीनना चाहती है।

    अगले हफ्ते सदन में बढ़ेगी राजनीतिक गरमी.

    सत्र का पहला दिन भले ही शोक प्रस्तावों और श्रद्धांजलियों के साथ शांतिपूर्ण रहा हो, लेकिन सदन के बाहर जिस तरह से SIR और नाम परिवर्तन जैसे मुद्दों पर टकराव दिखा, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही तीखी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भरपूर रहने वाली है।

     

     

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईआईटी-आईएसएम के दीक्षांत समारोह में की शिरकत, छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश

    परवेज़ आलम.

    व धनबाद ब्यूरो रिपोर्ट, The News Post4U.

    धनबाद : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज धनबाद पहुंचीं और बरवाअड्डा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सीधे आईआईटी-आईएसएम के 45वें दीक्षांत समारोह में भाग लेने रवाना हो गईं। यह समारोह न केवल संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, बल्कि सैकड़ों छात्रों के जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक भी बना।

    राष्ट्रपति का स्वागत.

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के धनबाद हवाई अड्डा पर पहुँचने पर राज्यपाल संतोष गंगवार और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई बड़े अधिकारी और आईआईटी-आईएसएम के छात्र – छात्रायेँ भी उपस्थिथ थे ।

    छात्रों को मिला राष्ट्रपति का मार्गदर्शन.

    दीक्षांत समारोह के मंच से राष्ट्रपति ने उपस्थित छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन छात्रों की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और सफलता का उत्सव है। उन्होंने सभी पदक और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कहा, “यह समारोह जीवन के एक अध्याय की समाप्ति नहीं, बल्कि नए सफर की शुरुआत है।”

    राष्ट्रपति ने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज, देश और पूरी दुनिया की जटिल समस्याओं के समाधान के लिए करें।

    संस्थान की 100 वर्षों की उपलब्धियां.

    राष्ट्रपति मुर्मू ने आईआईटी-आईएसएम की सदी भर की गौरवपूर्ण यात्रा को याद करते हुए कहा, “यह संस्थान मूल रूप से खनन और भूविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित हुआ था, लेकिन आज यह उच्च तकनीकी शिक्षा और शोध का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है।” उन्होंने तकनीकी नवाचारों और समाजोपयोगी अनुसंधानों में संस्थान के योगदान की सराहना की।

    जनजातीय समाज और महिलाओं के लिए संस्थान की पहल.

    उन्होंने विशेष रूप से संस्थान के उस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रशंसा की, जो झारखंड के आदिवासी युवाओं के सशक्तिकरण में लगा है। डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास, और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह केंद्र नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बना रहा है।

    साथ ही, उन्होंने महिलाओं के लिए चल रहे “फाउंडेशन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” की भी तारीफ की, जो आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में सहायक हो रहा है।

    विकसित भारत 2047: युवा बनें परिवर्तन के वाहक.

    राष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साझा करते हुए कहा कि भारत आत्मविश्वास के साथ इस लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। “विकसित भारत वह है जहां प्रत्येक नागरिक को गरिमा, अवसर और समृद्ध जीवन मिले,” उन्होंने कहा।

    वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका.

    अपने संबोधन में उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी और डिजिटल असमानता जैसी वैश्विक समस्याओं का उल्लेख किया और कहा कि आईआईटी-आईएसएम जैसे संस्थान इन समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकते हैं।

    शिक्षा का नया दृष्टिकोण.

    राष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, नवाचार-केंद्रित और उद्योगों के अनुकूल बनाने की जरूरत है। उन्होंने इंटर-डिसिप्लिनरी अप्रोच अपनाने की सलाह दी ताकि छात्र बहुआयामी चुनौतियों का समाधान ढूंढ सकें।

    राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों से कहा, “अपने ज्ञान को न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए, बल्कि समाज के लिए उपयोग करें। ग्रीन इंडिया के निर्माण में सहभागी बनें और मानवता की सेवा को अपना ध्येय बनाएं।”

    अपने प्रेरणादायक भाषण के अंत में उन्होंने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि वे भारत के ऐतिहासिक बदलावों के निर्माता बनेंगे।

     

  • डीसी ने नवोदय विद्यालय का किया निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था व छात्रों की सुविधाओं का लिया जायजा

    The News Post4u.

    गिरिडीह: उपायुक्त रामनिवास यादव ने गांडेय प्रखंड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का आज औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की संपूर्ण शैक्षणिक और भौतिक व्यवस्था का गहन अवलोकन किया और छात्रों की शिक्षा, सुविधाएं, उपस्थिति और भोजन व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की।

    शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों से संवाद.

    निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कक्षाओं में जाकर छात्रों से उनकी पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और सीखने में आ रही चुनौतियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से भी शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ समुचित मार्गदर्शन भी मिले।

    मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान.

    उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, स्वच्छता, रसोईघर (किचन शेड), और भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को मिलने वाले भोजन को स्वयं परखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि पोषणयुक्त भोजन छात्रों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत जरूरी है।

    अभिलेखों की जांच और उपस्थिति पर नजर.

    निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालय में रखे उपस्थिति पंजी, सामग्री पंजी, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख अद्यतन और पारदर्शी तरीके से संधारित होने चाहिए, जिससे प्रशासनिक निगरानी में किसी प्रकार की बाधा न हो।

    शिक्षा को बताया देश के भविष्य की नींव.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने विद्यालय के शिक्षकों से कहा कि छात्रों का मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना सिर्फ स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज, अभिभावकों और प्रशासन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “शिक्षा ही वह मजबूत आधार है जिस पर राज्य और देश का भविष्य टिका है। इसलिए हर छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हमारा कर्तव्य है।”

    अधिकारियों की उपस्थिति.

    निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपनीय प्रभारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपायुक्त के साथ मौजूद रहे। सभी को विद्यालय की आवश्यकताओं और सुधार की संभावनाओं पर मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए गए। यह निरीक्षण न सिर्फ विद्यालय के संचालन की निगरानी का हिस्सा था, बल्कि छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

  • रांची को मिलेगा ताज होटल का तोहफा, 400 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय होटल

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित ताज होटल के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो चुका है। झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग ने इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) — जो टाटा समूह की एक प्रमुख इकाई है — को धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी के कोर कैपिटल क्षेत्र में 6 एकड़ जमीन 60 वर्षों की लीज पर दे दी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार को स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के रूप में लगभग 4.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

    लीज प्रक्रिया संपन्न, नवंबर 2025 में संभावित शिलान्यास.

    लीज से संबंधित सारी औपचारिकताएं रजिस्ट्री कार्यालय में पूरी की गईं। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र कुमार और IHCL के उपाध्यक्ष की उपस्थिति में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। ताज होटल के निर्माण का शिलान्यास नवंबर 2025 में प्रस्तावित है और निर्माण कार्य को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    400 करोड़ रुपये की लागत, 200 कमरे और अत्याधुनिक सुविधाएं.

    करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट रांची के आतिथ्य उद्योग में एक मील का पत्थर साबित होगा। प्रस्तावित भवन की ऊंचाई लगभग 27 मीटर होगी और यह 40 प्रतिशत भू-आवरण (ground coverage) में निर्मित किया जाएगा।
    होटल में लगभग 200 कमरे, एक भव्य बैन्क्वेट हॉल, वेलनेस सेंटर, स्विमिंग पूल, और सज्जित गार्डन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा.

    सरकारी आकलनों के अनुसार, इस परियोजना से रांची और आसपास के क्षेत्र में लगभग 1000 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे न सिर्फ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन और व्यवसायिक परिदृश्य को भी नई दिशा मिलेगी।

    पहले से हो चुका है एमओयू.

    गौरतलब है कि 24 जुलाई 2024 को इस परियोजना को लेकर झारखंड सरकार और इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी.वी. नरेंद्रन भी उपस्थित थे।

    यह परियोजना रांची की स्मार्ट सिटी पहल को मजबूती देने के साथ-साथ झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ताज होटल के आगमन से राजधानी रांची को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

     

  • झारखंड विधानसभा मानसून सत्र की तैयारी तेज़,1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा सत्र

    अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश, मंत्री की चिंता

    The News Post4u.

    झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक चलेगा और इसे सुचारु व व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, रांची के एसएसपी व डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा, सभी विभागों के सचिव, जनसंपर्क विभाग के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    अध्यक्ष ने दिए निर्देश.

    विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने अधिकारियों से कहा कि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी समस्या नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग समय से पहले तैयारी पूरी कर लें और विधानसभा में आने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर तय समयसीमा में उपलब्ध कराएं।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए। आगंतुकों के लिए पास प्रणाली को और सख्त करने तथा CCTV निगरानी को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक विशेष त्वरित प्रतिक्रिया दल को तैयार रखने की बात कही।

    इसके अलावा, उन्होंने सदन की कार्यवाही के डिजिटलीकरण, ध्वनि प्रणाली की गुणवत्ता, लाइव प्रसारण, मीडिया कवरेज, विधायकों की सुविधा और आगंतुक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

    मीडिया और समन्वय पर विशेष ध्यान.

    अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों के लिए उचित स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वे बिना किसी असुविधा के सदन की कार्यवाही को कवर कर सकें। साथ ही, सभी विभागों को सत्र के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया ताकि जनहित के मुद्दों पर प्रभावी और सार्थक चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि इस बार का सत्र कई महत्वपूर्ण जनहित विषयों पर आधारित होगा, इसलिए सभी संबंधित पक्षों को इसकी गरिमा बनाए रखनी होगी।

    संसदीय कार्य मंत्री की चिंता.

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले बजट सत्र में शून्यकाल के तहत 391 प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन अब तक केवल 31 प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए हैं। आश्वासन समिति में 1371 मामले लंबित हैं और निवेदन समिति में 135 में से केवल 9 मामलों के ही उत्तर मिले हैं।

    उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे यह स्पष्ट होता है कि कार्यपालिका सदन के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जबतक कार्यपालिका समयबद्ध उत्तर नहीं देती, तब तक सदन की गरिमा और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहेंगे।

    इस बैठक के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार का सत्र पूरी तैयारी और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा। जनहित के सवालों पर गंभीरता से चर्चा हो और विधायकों को संतोषजनक जवाब मिले — यही सत्र की प्राथमिकता रहेगी।

     

  •  ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की ओर एक मजबूत कदम- खुली डिजिटल दुकान

    The News Post4u.

    पलामू जिले के केचकी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वित मंत्री  राधा कृष्ण किशोर और मानिका विधायक रामचंद्र सिंह की उपस्थिती मे  एक डिजिटल दुकान का उद्घाटन किया। यह दुकान स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर सखी मंडल की महिलाओं द्वारा वन विभाग के सहयोग से स्थापित की गई है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।

    “अबुआ सरकार” की इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वावलंबी बनाना है। इन डिजिटल दुकानों के माध्यम से न केवल आधार कार्ड से संबंधित सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, बैंकिंग, मोबाइल रिचार्ज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि यह ग्रामीण समुदाय की रोजमर्रा की आवश्यकताओं को भी डिजिटल माध्यम से पूरा करेंगी।

    इस पहल से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, साथ ही वे तकनीकी ज्ञान और सेवा वितरण में भी दक्ष होंगी। यह प्रयास न केवल उनके आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता और सेवा पहुंच को भी मजबूत बनाएगा।

    सखी मंडल की महिलाओं द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। यह पहल यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को संसाधन, प्रशिक्षण और अवसर मिलें, तो वे समाज में बदलाव की प्रेरक शक्ति बन सकती हैं।

  • चंद्रवंशी समाज द्वारा राजीव रंजन के JPSC सफलता पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन

    जमुआ: चंद्रवंशी समाज ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा 2023 में शानदार सफलता पाने वाले राजीव रंजन के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम जगन्नाथडीह पंचायत के मुखिया रंजीत कुमार के घर पर हुआ, जिसमें समाज के बड़े-बुजुर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता शामिल हुए। राजीव रंजन ने JPSC परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन किया। उनकी मेहनत और सफलता को देखकर समाज ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने कहा कि राजीव की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है।

    चंद्रवंशी समाज के संरक्षक अजीत कुमार पप्पू और प्रदेश अध्यक्ष भीम रवानी ने अपने भाषण में राजीव की मेहनत और लगन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजीव ने अपने परिवार ही नहीं, पूरे समाज को गर्व महसूस कराया है। कार्यक्रम में राजीव को शॉल, फूलों का गुलदस्ता और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर राजीव ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि कैसे उन्होंने मुश्किल हालात में भी पढ़ाई जारी रखी।

    राजीव ने अपने भाषण में कहा, “यह सफलता मेरे लिए एक सपना पूरा होने जैसा है। यह मेरे परिवार, शिक्षकों और समाज के सहयोग के बिना संभव नहीं था।” उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने राजीव के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    समारोह में कई लोगों ने चंद्रवंशी समाज की एकता और सामाजिक कार्यों की सराहना की। समाज के सचिव ने बताया कि समाज हमेशा से शिक्षा और विकास के लिए काम करता आया है। उन्होंने कहा कि राजीव जैसी सफलताएं समाज को नई दिशा देती हैं। कार्यक्रम में दूसरे JPSC अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया जो तैयारी में लगे हुए हैं।

    इस मौके पर चंद्रवंशी समाज ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त कोचिंग की योजना भी पेश की। समाज के कोषाध्यक्ष ने बताया कि मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। इसका मकसद है कि समाज के और बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हों। समारोह में मौजूद सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की।

    राजीव रंजन ने अपने परिवार और समाज को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक जिम्मेदारी है। उन्होंने वादा किया कि वे ईमानदारी से काम करेंगे और समाज व देश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने राजीव को अपना आदर्श बताया और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।

    कार्यक्रम के अंत में चंद्रवंशी समाज के अध्यक्ष ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और प्रेरणा फैलाते हैं। यह आयोजन न सिर्फ राजीव रंजन के लिए खास था, बल्कि पूरे चंद्रवंशी समाज के लिए गर्व का पल भी था।

    इस कार्यक्रम ने यह दिखा दिया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य पाया जा सकता है। चंद्रवंशी समाज ने इस आयोजन के जरिए सिर्फ राजीव की सफलता का जश्न नहीं मनाया, बल्कि दूसरे युवाओं को भी आगे बढ़ने का हौसला दिया। यह समारोह समाज के लिए आने वाले समय में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2 दिवसीय झारखंड दौरा 31 से

    धनबाद और देवघर में अहम समारोहों की होंगी मुख्य अतिथि.

    परवेज़ आलम. 

    The News Post4u.

    धनबाद /देवघर :   देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  31 जुलाई से दो दिवसीय दौरे पर झारखंड आ रही हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन उनकी आगवानी और सुरक्षा के लिए जोर-शोर से तैयारियों में जुटा है। यह दौरा विशेष रूप से आईआईटी (ISM) धनबाद और एम्स देवघर में होने वाले दीक्षांत समारोहों को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है।

    1 अगस्त को धनबाद में दीक्षांत समारोह मे होंगी शामिल.

    राष्ट्रपति मुर्मू 1 अगस्त को धनबाद स्थित आईआईटी इंडियन स्कूल ऑफ माइंस (आईएसएम) के 45 वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह संस्थान वर्ष 1926 में स्थापित हुआ था और 2016 में इसे आईआईटी का दर्जा प्राप्त हुआ था। यह दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास है, क्योंकि राष्ट्रपति मुर्मू यहां भाग लेने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 2014 में यहां आए थे।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रह सकते हैं मौजूद.

    इस कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। उनकी मौजूदगी से यह आयोजन और भी गरिमामय होने वाला है।

    देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भी लेंगी भाग.

    धनबाद के अलावा राष्ट्रपति का कार्यक्रम देवघर में भी निर्धारित है, जहां वे एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। यह संस्थान हाल ही में झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ है।

    धनबाद एयरस्पेस रहेगा नो-फ्लाइंग जोन.

    राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने सुरक्षा के तहत 31 जुलाई सुबह 10 बजे से 1 अगस्त शाम 6 बजे तक धनबाद हवाई क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और गर्म हवा के गुब्बारे उड़ाने जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

    वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, अलर्ट मोड पर प्रशासन.

    दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कमी न हो, इसके लिए सभी वरिष्ठ अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी, डीसी, ट्रैफिक पुलिस, और विशेष सुरक्षा दस्ते पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।

    पिछली बार स्थगित हुआ था दौरा;.

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 जून को झारखंड दौरे पर आने वाली थीं, लेकिन किसी कारणवश वह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इस बार पूरे राज्य में उनके स्वागत की तैयारियाँ पूरे उत्साह से की जा रही हैं।

    सिर्फ एक घंटे धनबाद में रुकेंगी राष्ट्रपति.

    सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए केवल एक घंटे के लिए धनबाद में ठहरेंगी। उनके कार्यक्रम को लेकर आईआईटी प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक हर स्तर पर बारीकी से तैयारियाँ की जा रही हैं।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा न केवल शैक्षणिक संस्थानों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि झारखंड के लिए एक प्रतिष्ठित अवसर भी है। आईआईटी-आईएसएम धनबाद और एम्स देवघर के दीक्षांत समारोहों में उनकी उपस्थिति राज्य के शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र को नई पहचान देने का कार्य करेगी।

  • गिरिडीह में नकली अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई, एक गिरफ्तार, दो फरार

    The News Post4u.

    GIRIDIH : गिरिडीह पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक सिल्वर रंग की मारुति ओमनी वैन से 300 बोतल नकली अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं।

    इस संबंध में खोरीमहुआ के एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन के जरिए नकली शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई और डोमनपहाड़ी चौक के पास वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

    वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने मारुति ओमनी (नं. JH11H 8087) को रोककर तलाशी ली, जिसमें से रॉयल गोल्ड कप ब्रांड की 25 पेटियों में भरी 300 बोतल (750 एमएल) नकली अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मौके पर वाहन चालक गोपाल साहु (उम्र 45 वर्ष), निवासी गढ़पट्टी, थाना पचंबा को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ के दौरान गोपाल साहु ने खुलासा किया कि वह यह शराब बासुदेव साव (निवासी सोनापहाड़ी, थाना बगोदर) और मनोज यादव (निवासी पेटहंडी, थाना जमुआ) के साथ मिलकर अवैध रूप से तस्करी कर रहा था। फिलहाल पुलिस दोनों फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि गिरिडीह में अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।