संवाददाता, The News Post4U
गिरिडीह : जिले के राशन डीलरों ने शुक्रवार को जिला आपूर्ति विभाग की नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना दिया। डीलरों ने सात सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
समय पर स्टॉक नहीं, फिर भी दबाव में वितरण.
डीलर संघ के प्रतिनिधि राजा बंसल और पंकज पांडेय के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में डीलरों ने स्पष्ट कहा कि विभाग केवल वितरण के आंकड़ों को लेकर सख्ती करता है, लेकिन उन्हें समय पर स्टॉक ही उपलब्ध नहीं कराया जाता। इसके अलावा, वर्षों से लंबित बकाया कमीशन का भुगतान न होने से डीलरों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि, “जब तक कम से कम एक महीने का राशन स्टॉक एडवांस में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, तब तक शत-प्रतिशत वितरण संभव नहीं है। केवल टारगेट देना समाधान नहीं है।”
कोविड काल से लंबित हैं कमीशन की राशि.
डीलरों ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान राशन वितरण के कार्यों में भाग लेने के बावजूद अधिकांश डीलरों को अब तक कमीशन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ खास डीलरों को ही आंशिक भुगतान मिला है, जबकि शेष डीलर लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
आधुनिकीकरण के दावे, लेकिन व्यवस्था अब भी जर्जर.
डीलर संघ के एक सदस्य ने व्यंग्य करते हुए कहा, “देश 5जी की ओर बढ़ गया है, लेकिन झारखंड में अब भी राशन व्यवस्था 2जी की तरह धीमी और अपारदर्शी बनी हुई है।“ उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर डीलरों को अभी भी मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मांगे नहीं मानी गई तो होगा उग्र प्रदर्शन.
धरना में राजेश बंसल, अमित कुमार, राजेश राज, कैदन बरनवाल समेत दर्जनों राशन डीलर मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अगली बार जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेंगे और आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह ठप करने पर भी विचार करेंगे। डीलरों की सात सूत्री प्रमुख मांगों में शामिल हैं, बकाया कमीशन का शीघ्र भुगतान,प्रत्येक माह राशन स्टॉक की समय पर आपूर्ति,कार्य संचालन में पारदर्शिता,डीलरों पर अनावश्यक दबाव बंद किया जाए,कोविड काल के सभी लंबित भुगतान निपटाए जाएं,तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर किया जाए,विभागीय संवाद प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए.







