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  • ………..और मुकाबला डिप्टी मेयर की कुर्सी का, नया राजनीतिक “मैच” शुरू

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    झारखंड की सियासत में मेयर चुनाव के बाद अब एक नया राजनीतिक “मैच” शुरू हो चुका है—और यह मुकाबला है डिप्टी मेयर की कुर्सी का। नौ नगर निगमों में पार्षदों की गिनती, बैठकों का दौर, सम्मान समारोह और डिनर डिप्लोमेसी… सब कुछ तेज हो गया है। आइए समझते हैं कि इस वक्त झारखंड के नगर निगमों में किसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है और कहां किस तरह की राजनीतिक हलचल है।

    मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की जंग

    मेयर चुनाव खत्म होते ही अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर के पद पर टिक गई है। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो—तीनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट करने में जुट गए हैं। नगर निगमों में इस पद के लिए लॉबिंग और लामबंदी तेज हो गई है। पार्षदों के सम्मान समारोह हो रहे हैं, बैठकों का दौर चल रहा है और कई जगहों पर “डिनर डिप्लोमेसी” भी देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कहीं हॉर्स ट्रेडिंग न हो जाए। ऐसे में दल अपने पार्षदों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आखिरी वक्त में क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने।

    रांची में डिनर डिप्लोमेसी और शक्ति प्रदर्शन.

    राजधानी रांची में डिप्टी मेयर की रेस काफी दिलचस्प हो गई है।

    • भाजपा ने पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
    • इस बैठक में 53 में से 42 पार्षदों की मौजूदगी बताई जा रही है।

    वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

    • कांग्रेस नेताओं ने एक बड़े होटल में पार्षदों के साथ डिनर मीटिंग की।
    • इस बैठक में 37 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया है।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षदों ने डिप्टी मेयर के नाम तय करने का अधिकार पार्टी को दे दिया है।

    गिरिडीह में झामुमो की मजबूत स्थिति

    गिरिडीह नगर निगम में समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। यहां मेयर पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार की जीत के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर भी झामुमो समर्थित पार्षद ही बनेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के पास यहां 10 से भी कम पार्षदों का समर्थन है, जबकि झामुमो समर्थित पार्षदों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। लालों राइन व सुमित कुमार दोनों jmm से हैं के बीच ही रश काशी चल रही है ।

    हजारीबाग और मेदिनीनगर में ये नाम आगे।

    राज्य के अन्य नगर निगमों में भी डिप्टी मेयर को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है।

    • मेदिनीनगर: कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
    • हजारीबाग: यहां मिताली रश्मि का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है

    धनबाद, देवघर और आदित्यपुर में कांटे की टक्कर।

    कुछ नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

    • धनबाद: यहां अरुण चौहान और सुमन सिंह के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। अरुण चौहान को झामुमो का समर्थन मिलने की चर्चा है।
    • देवघर: पहली बार की पार्षद टीप चटर्जी डिप्टी मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
    • चास: यहां पांच से छह पार्षदों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
    • आदित्यपुर और मानगो: इन दोनों नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं।

    कब होगा शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर का चुनाव.

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कब होगा। अलग-अलग नगर निगमों में शपथ ग्रहण और चयन की तारीखें तय कर दी गई हैं।

    • देवघर नगर निगम – 13 मार्च
    • हजारीबाग नगर निगम – 13 मार्च
    • मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
    • गिरिडीह नगर निगम – 16 मार्च
    • आदित्यपुर नगर निगम – 16 मार्च
    • मानगो नगर निगम – 17 मार्च
    • चास नगर निगम – 17 मार्च
    • धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
    • रांची नगर निगम – 19 मार्च

    अंतिम तस्वीर अभी बाकी.

    कुल मिलाकर झारखंड के नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्षदों की संख्या, दलों की रणनीति और आखिरी वक्त की राजनीतिक चालें—इन सबके बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसके सिर सजता है डिप्टी मेयर का ताज। आने वाले कुछ दिन झारखंड की नगर राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।

  • नव-निर्वाचित मेयर प्रमिला मेहरा का सम्मान समारोह

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह, 8 मार्च: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर Inner Wheel Club of Giridih Sunshine की ओर से नगर निगम गिरिडीह की नव-निर्वाचित मेयर प्रमिला मेहरा के लिए  विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गिरिडीह की नव-निर्वाचित मेयर प्रमिला मेहरा मौजूद रहीं। समारोह का माहौल उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से भरा रहा, जहां महिलाओं की उपलब्धियों और उनके संघर्षों को पूरे सम्मान के साथ सराहा गया।

    महिला शक्ति के महत्व पर रखे गए विचार.

    कार्यक्रम की शुरुआत क्लब की पीडीसी पूनम सहाय के संबोधन से हुई। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ समाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिला खुद को सशक्त बनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश कर रही है।

    मुख्य अतिथि का हुआ सम्मान.

    इसके बाद कविता राजगड़िया ने मुख्य अतिथि मेयर प्रमिला मेहरा को फ्लावर पॉट और बुके देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला दिवस के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है।

    संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियां।

    कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही कई महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं ने अपने संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी साझा की।

    उन्होंने बताया कि जीवन में कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ती रहीं। इस मंच पर सम्मानित होकर उन्होंने गर्व और खुशी का अनुभव व्यक्त किया।

    क्लब की टीम ने निभाई अहम भूमिका।

    यह कार्यक्रम पीडीसी पूनम सहाय और कविता राजगड़िया की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब की उपाध्यक्ष राखी झुनझुनवाला, सचिव स्मृति आनंद, संपादक संगीता सिन्हा, कोषाध्यक्ष मनीषा कापिसावे तथा सदस्य तनुजा सहाय, शशि जैन, शबाना रब्बानी, रश्मि गुप्ता और संगीता सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन न केवल सम्मान का मंच बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब महिलाओं को अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं।

     

  • नारी शक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है और उनका सम्मान ही सच्चे विकास की पहचान

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:“नारी शक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है और उनका सम्मान ही सच्चे विकास की पहचान है।” इसी संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच, गिरिडीह प्रेरणा शाखा द्वारा एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Sharp Sight Eye Hospital और Lakshmi Shrey Makeup Studio के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली करीब 24 प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया गया।

    समाज की प्रेरणादायी महिलाओं को मिला सम्मान.

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और समाज में नारी सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाना था। समारोह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को और भी भव्य और प्रेरणादायी बना दिया।

    इस अवसर पर गिरिडीह प्रेरणा शाखा की अध्यक्ष सोनू चौधरी ने कहा कि महिलाएं समाज की मजबूत आधारशिला हैं। उनका सम्मान और सशक्तिकरण ही एक मजबूत, संस्कारित और प्रगतिशील समाज की पहचान है।

    उन्होंने कहा कि आज उन महिलाओं को सम्मानित कर मंच खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है, जो अपने कार्यों से समाज को नई दिशा दे रही हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

    विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को मिला मंच.

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गिरिडीह की महापौर प्रमिला मेहरा उपस्थित रहीं। इसके अलावा डॉक्टर रूप खेतान, शिक्षिका उषा खंडेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष प्रमिला कुमारी सहित समाज के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।

    अलग-अलग समाज और क्षेत्रों से महिलाओं का चयन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम और भी सार्थक बन गया।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में सबका योगदान.

    इस आयोजन को सफल बनाने में मारवाड़ी युवा मंच गिरिडीह प्रेरणा शाखा की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें पूर्व अध्यक्ष कविता राजगढ़िया, सदस्य सीमा खेतान, मंडल-5 की उपाध्यक्ष रिया अग्रवाल सहित शाखा की सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

    इसके अलावा ब्राह्मण समाज की अध्यक्ष संगीता शर्मा और सचिव आशा शर्मा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम सहयोग दिया।

    कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब समाज महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करता है, तब विकास की राह और भी मजबूत हो जाती है।

  • महिला दिवस: सम्मान और समानता का प्रतीक

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह, 08 मार्च :अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गिरिडीह के कर्णपुरा ( बेंगाबाद) स्थित आटा उत्पादन केन्द्र में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समाज के विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा हुआ था, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष  मुनिया देवी  मौजूद रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथियों में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (JSLPS), प्रखंड प्रमुख, जिला प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्थानीय मुखिया सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

    महिलाओं की ताकत बन रहा स्वयं सहायता समूह.

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि आज की महिलाएं समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन रहीं, बल्कि वे अपने परिवार और समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं के साहस, मेहनत और संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यदि महिलाएं शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ें, तो वे हर चुनौती को अवसर में बदल सकती हैं।

    हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी.

    उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, खेल और सामाजिक सेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। गिरिडीह जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं और विभिन्न विभागों में कार्यरत महिलाओं की मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कर्णपुरा का यह उत्पादन केन्द्र स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रहा है।

    उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाली महिलाएं अपने परिश्रम से न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बन रही हैं।

    महिला दिवस: सम्मान और समानता का प्रतीक.

    जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति, सम्मान और समानता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रशासन और खेल जैसे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। पहले जहां महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, वहीं अब वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।

    जागरूकता और सम्मान का संदेश.

    कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

    इस अवसर पर कुछ महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य और सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।

    कुल मिलाकर, कर्णपुरा का यह कार्यक्रम न केवल महिला दिवस का उत्सव था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो परिवार, समाज और पूरा राष्ट्र आगे बढ़ता है।

     

  • 23 परिवारों के लिए हो गयी “हैप्पी होली”

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची : मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन  की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक में 23 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की रिहाई को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस अहम बैठक के बाद इन कैदियों के लिए जेल के दरवाजे खुलने का रास्ता साफ हो गया है।

    34 मामलों की समीक्षा, 23 को मिली राहत.

    बैठक में सिर्फ नए मामलों पर ही नहीं, बल्कि पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की भी बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। हर केस को अपराध की प्रकृति, अदालतों की टिप्पणियों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों और प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर परखा गया। लंबे विचार-विमर्श के बाद 23 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी। यह निर्णय सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि कानूनी प्रावधानों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया गया।

    रिहाई के बाद क्या ?

    मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया कि रिहा होने वाले कैदियों का एक व्यवस्थित डाटा बेस तैयार किया जाए। खासकर डायन-बिसाही जैसे मामलों में सजा काट चुके कैदियों के लिए महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया, ताकि समाज में फिर से अंधविश्वास की जड़ें न पनपें। इतना ही नहीं, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, उनके आय सृजन के साधन सुनिश्चित किए जाएं और जिला स्तर पर समन्वयकों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि उनका सामाजिक पुनर्वास प्रभावी ढंग से हो सके। सरकार का संदेश साफ है — सजा पूरी करने के बाद समाज में सम्मानजनक वापसी का अवसर मिलना चाहिए।

    बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद ?

    इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव-परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं के महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • अम्बेडकर भवन में गूंजा सम्मान का स्वर — नव निर्वाचित मेयर प्रमिला मेहरा का अभिनंदन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: शहर की नई सियासी सुबह का जश्न उस वक्त और खास हो गया, जब अम्बेडकर भवन में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अवसर था गिरिडीह नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर प्रमिला मेहरा के अभिनंदन का।

    कार्यक्रम का माहौल उत्साह, आत्मीयता और गर्व से भरा रहा। मंच पर समाज के वरिष्ठजनों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।

    समारोह में कमल दास, सुखदेव दास, देवचरण दास, प्रकाश दास, मधु दास, किशोर दास, जुगलदास, सुनील पासवान, विनोद पासवान, ईश्वर दास, खूब लाल दास, किशन दास, रतन दास, सुरेश दास, गोविंद पुरी, सुरेंद्र तुरी, प्यारेलाल दास, बद्री दास, बबलू दास, महात्मा, रीता देवी, आरती देवी, नगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, सोनू कुमार दास सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे।

    जैसे ही मेयर प्रमिला मेहरा मंच पर पहुंचीं, तालियों की गूंज से पूरा सभागार भर उठा। उन्हें बुके दे कर सम्मानित किया गया।

    अपने संबोधन में मेयर प्रमिला मेहरा ने भावुक स्वर में कहा, “इस सम्मान और आशीर्वाद के लिए मैं पूरे रविदास समाज की हृदय से आभारी हूं। यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे समाज का सम्मान है। मैं विश्वास दिलाती हूं कि नगर निगम के विकास और समाज की प्रगति के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करूंगी।” उन्होंने आगे कहा कि जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और वह इस विश्वास पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगी।

    कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि नई मेयर के नेतृत्व में गिरिडीह शहर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। अम्बेडकर भवन में आयोजित यह समारोह सिर्फ सम्मान का आयोजन नहीं था, बल्कि सामाजिक एकता और नए नेतृत्व के प्रति भरोसे का प्रतीक भी बन गया।

  • रंगों में न घुले अशांति के रंग,होली पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे अलर्ट मोड में

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: होली… यानी रंगों का त्योहार, हंसी का त्योहार, गिले-शिकवे मिटाने का त्योहार। लेकिन इस बार प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है — रंगों में मस्ती हो, मगर मर्यादा भी हो। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के नाम पर किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी.

    जिले के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। वहां अतिरिक्त दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस की गश्ती टीमें लगातार सड़कों पर भ्रमणशील रहेंगी और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और शांति समिति के सदस्यों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।

    डीजे और तेज ध्वनि पर सख्ती.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि डीजे, तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा—

    • शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर
    • सड़क पर हुड़दंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई
    • जबरन रंग लगाने जैसी घटनाओं पर तुरंत हस्तक्षेप

    ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

     सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर.

    इस बार सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
    भ्रामक, अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साइबर सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या नजदीकी थाना को दें।

    आपात सेवाएं भी अलर्ट.

    पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार के दौरान:

    • एंबुलेंस सेवा
    • फायर ब्रिगेड
    • चिकित्सा व्यवस्था सभी अलर्ट मोड में रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

     प्रशासन की अपील.

    प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की है।

    संदेश बिल्कुल स्पष्ट है —
    होली रंगों की हो, रिश्तों की हो, सम्मान की हो। अगर कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बार गिरिडीह में होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी होगी।

     

  • स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना प्राथमिकता-डीसी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 की मतगणना से पहले प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है । लोकतंत्र के इस अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने बाजार समिति परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया।

    निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं था, बल्कि हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को परखने की गंभीर कवायद थी। उपायुक्त राम निवास यादव ने मतगणना हॉल में टेबलों की संख्या से लेकर बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास द्वार, सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल सुविधा तक का बारीकी से जायजा लिया।

    उन्होंने साफ शब्दों में कहा— “मतगणना लोकतंत्र की आत्मा है। यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।”

    सुरक्षा पर विशेष फोकस.

    उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मतगणना केंद्र के भीतर और बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहे। केवल वैध पासधारी—मतगणना कर्मी, प्रत्याशी, उनके अधिकृत एजेंट और अधिकृत मीडिया प्रतिनिधि—को ही प्रवेश दिया जाए। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को परिसर में घुसने की इजाजत नहीं होगी।

    मतगणना कर्मियों की सूची प्रत्येक टेबल पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और सभी कर्मियों को प्रशिक्षण के अनुरूप पुनः ब्रीफ करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की भ्रम या गड़बड़ी न हो।

    स्ट्रॉन्ग रूम की कड़ी निगरानी.

    निरीक्षण के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। सील की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्ड की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया गया। निर्देश दिया गया कि मतगणना शुरू होने से पहले सभी प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए।

    हर राउंड का पारदर्शी रिकॉर्ड.

    उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक राउंड की गणना के बाद परिणामों को विधिवत संकलित कर निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाए। किसी भी आपत्ति या शंका की स्थिति में संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर नियमानुसार निर्णय लेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकृत माध्यम से जानकारी साझा करने के भी निर्देश दिए गए।

    आपातकालीन तैयारी भी दुरुस्त.

    मतगणना केंद्र पर स्वास्थ्य सुविधा, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकासी मार्ग की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध रहें।

    मतगणना केंद्र के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगे, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था और संभावित रूट डायवर्जन की तैयारी भी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

    प्रशासन का भरोसा.

    उपायुक्त ने भरोसा जताया कि प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयास से मतगणना कार्य सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।

    गिरिडीह में अब सबकी निगाहें मतगणना दिवस पर टिकी हैं—जहां बैलेट की खामोशी से निकलेगा जनता का फैसला।

     

  • मतगणना से पहले प्रशासन अलर्ट मोड में, अंतिम प्रशिक्षण में पारदर्शिता और सतर्कता पर विशेष जोर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। मतदान हो चुका है, जनता ने अपना फैसला मतपेटियों में बंद कर दिया है… और अब बारी है उस फैसले को पारदर्शी तरीके से सामने लाने की।

    इसी कड़ी में आज मतगणना कर्मियों का अंतिम और महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

    हर चरण की बारीक समझाई.

    प्रशिक्षण में मतगणना पर्यवेक्षक, गणनाकार और सहायक कर्मियों को बैलेट पेपर से मतगणना की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई गई।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि—

    • सबसे पहले मतपेटिकाओं की सील की बारीकी से जांच होगी।
    • फिर मतपत्रों की वैधता का निर्धारण किया जाएगा।
    • उसके बाद राउंडवार गणना और परिणाम तैयार किए जाएंगे।

    हर टेबल पर नियुक्त कर्मियों की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की गई, ताकि किसी प्रकार की भ्रम या गलती की गुंजाइश न रहे।

    जल्दबाजी नहीं, जिम्मेदारी जरूरी”

    जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि सभी कर्मी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। यदि किसी भी स्तर पर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो तुरंत संबंधित पर्यवेक्षक को सूचित किया जाए।

    प्रशिक्षण के दौरान मतगणना प्रपत्र भरने, राउंडवार परिणाम तैयार करने और अंतिम समेकित परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वास्तविक दिन पर किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि न हो।

    सुरक्षा और पारदर्शिता की त्रिस्तरीय व्यवस्था.

    मतगणना स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहेंगे।

    • सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी।
    • केवल अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
    • संपूर्ण मतगणना की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।

    अभ्यर्थियों और उनके एजेंटों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

    लोकतंत्र की असली परीक्षा.

    सभी कर्मियों से निष्पक्षता, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और सफल मतगणना ही लोकतंत्र की साख को मजबूत करती है।

    अब निगाहें मतगणना दिवस पर टिकी हैं…
    क्योंकि मतपेटियों में बंद जनता का फैसला जल्द ही सामने आने वाला है।

     

  • माहुरी वैश्य समाज में एकजुटता की मिसाल, चुनाव से पहले ही बनी नई कार्यकारिणी – 1 मार्च का मतदान स्थगित

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह में माहुरी वैश्य मंडल के सत्र 2026-28 के लिए चल रही सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया बुधवार  शाम 5 बजे प्रधान कार्यालय में एक अहम मोड़ पर पहुंची। समाज हित को सर्वोपरि मानते हुए 01 मार्च 2026 को प्रस्तावित मतदान को आधिकारिक रूप से स्थगित कर दिया गया।

    समाज पहले, पद बाद में.

    चुनावी सरगर्मी के बीच मनीष कुमार और सुदीप गुप्ता ने बड़ा निर्णय लेते हुए अपना नाम वापस ले लिया। दोनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज की एकता, अखंडता और भाईचारा किसी भी पद से बड़ा है।

    उनका यह कदम केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि एक संदेश था— कि समाज की मजबूती टकराव से नहीं, सहमति से बनती है। प्रधान कार्यालय में मौजूद सदस्यों ने इस फैसले का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया।

    अब कौन संभालेगा कमान?

    केंद्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा के बाद सत्र 2026-28 के लिए निम्नलिखित पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए—

    • अध्यक्ष: अरुण कुमार गुप्ता

    • सचिव: अजय कुमार गुप्ता

    • उपाध्यक्ष: अशोक कुमार गुप्ता

    • कोषाध्यक्ष: प्रभात तरवे

    • संगठन मंत्री: आलोक कुमार

    एक स्वर में कहा गया—
    “आज प्रधान कार्यालय में सर्वसम्मति से लिया गया यह निर्णय समाज की एकजुटता का प्रतीक है। हम सभी मिलकर माहुरी वैश्य समाज के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।”

    क्यों स्थगित हुआ मतदान?

    नामांकन वापसी के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर एक-एक प्रत्याशी ही शेष रह गए। ऐसे में 01 मार्च को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो गई। लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।

    वरिष्ठों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह.

    इस मौके पर माहुरी वैश्य महामंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश राम सेठ, सचिव उमा शंकर चरण पहाड़ी, संगठन मंत्री प्रदीप कुमार, धर्म संचार मंत्री कंचन देवी सह मंदिर प्रभार मनीष गुप्ता समेत कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

    उनकी उपस्थिति ने इस निर्णय को और भी मजबूत संदेश दिया— कि समाज जब एकजुट होता है, तो चुनाव प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग का माध्यम बन जाता है।