द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह, 08 मार्च :अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गिरिडीह के कर्णपुरा ( बेंगाबाद) स्थित आटा उत्पादन केन्द्र में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समाज के विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा हुआ था, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी मौजूद रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथियों में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (JSLPS), प्रखंड प्रमुख, जिला प्रबंधक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक और स्थानीय मुखिया सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
महिलाओं की ताकत बन रहा स्वयं सहायता समूह.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि आज की महिलाएं समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन रहीं, बल्कि वे अपने परिवार और समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं के साहस, मेहनत और संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यदि महिलाएं शिक्षा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ें, तो वे हर चुनौती को अवसर में बदल सकती हैं।
हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी.
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, खेल और सामाजिक सेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। गिरिडीह जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं और विभिन्न विभागों में कार्यरत महिलाओं की मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कर्णपुरा का यह उत्पादन केन्द्र स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे रहा है।
उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाली महिलाएं अपने परिश्रम से न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बन रही हैं।
महिला दिवस: सम्मान और समानता का प्रतीक.
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति, सम्मान और समानता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, प्रशासन और खेल जैसे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। पहले जहां महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, वहीं अब वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
जागरूकता और सम्मान का संदेश.
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर कुछ महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य और सक्रिय योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। सम्मानित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
कुल मिलाकर, कर्णपुरा का यह कार्यक्रम न केवल महिला दिवस का उत्सव था, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तो परिवार, समाज और पूरा राष्ट्र आगे बढ़ता है।






