Category: Jharkhand

  • मंईयां सम्मान योजना में नया अपडेट क्या है यहाँ समझिए

    मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खबर आई है। अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाल ही में अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि लाभार्थियों को आधार उपलब्ध कराना होगा और आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा।

    आधार अनिवार्य।

    जिन महिलाओं के पास आधार नहीं है, उन्हें पहले आधार नामांकन के लिए आवेदन करना होगा। जब तक आधार उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक सरकार ने 10 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत करने की सुविधा दी है।

    बायोमेट्रिक में परेशानी? ये हैं उपाय.
    ऐसे लाभार्थी जिनके बायोमेट्रिक डेटा में गड़बड़ी या आधार प्रमाणीकरण में असफलता हो रही है, उनके लिए सरकार ने अतिरिक्त उपाय भी सुनिश्चित किए हैं। फिंगरप्रिंट में समस्या होने पर आइरिस स्कैन और फेस ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।

    जनवरी की किस्त 28-29 को मिलने की संभावना।
    महिलाओं के खाते में जनवरी माह की 2500 रुपये की किस्त 28 या 29 जनवरी को हस्तांतरित की जा सकती है। जिलों में लाभार्थियों के सत्यापन और डाटा अपडेट का काम लगभग पूरा हो चुका है।

    सरकार की पहल, महिलाओं को राहत।
    महिला सशक्तिकरण की दिशा में मंईयां सम्मान योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। आधार को अनिवार्य बनाकर सरकार पारदर्शिता और प्रभावी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना चाहती है। हालांकि, जिन महिलाओं को आधार नहीं मिला है, उनके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि वे योजना का लाभ आसानी से ले सकें।

    अब देखना यह है कि नई व्यवस्था के बाद कितनी तेजी से महिलाओं तक सहायता राशि पहुंचाई जाती है।

     

  • झारखंड की सियासत में गरमाहट: मरांडी ने पूजा सिंघल प्रकरण पर सरकार को घेरा

     

    झारखंड की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण पर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    बाबूलाल मरांडी ने लिखा, “झारखंड में एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है। यहां प्रशासनिक व्यवस्था ‘रिवॉर्ड और पनिशमेंट’ की अनोखी नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट अधिकारियों को इनाम दिए जा रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों को दंडित किया जा रहा है।”

    जमानत पर बाहर अधिकारी को विभाग की जिम्मेदारी?
    मरांडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आई आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को राज्य के एक प्रमुख विभाग की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य में ईमानदारी और पारदर्शिता का क्या महत्व रह गया है।”

    सियासत में उबाल|
    बाबूलाल मरांडी के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। उनके आरोपों ने राज्य सरकार के प्रशासनिक फैसलों पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ सियासी हमला है।

    जनता के मन में सवाल|
    इस प्रकरण ने जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अधिकारियों को जिम्मेदारी देना सही है? क्या इससे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिरता नहीं?

    झारखंड की सियासत में यह मुद्दा फिलहाल गर्म है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

  • कुणाल की थार पर धोनी के ऑटोग्राफ ने खींचा आनंद महिंद्रा का ध्यान, दी खास प्रतिक्रिया

    महेंद्र सिंह धोनी ने दोस्त की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर बनाया खास पल

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अपने खास अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में धोनी अपने दोस्त और झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर एक यादगार पल का हिस्सा बने। कुणाल, जो झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, अपनी नई गाड़ी की खुशी साझा करने के लिए धोनी के फार्महाउस पहुंचे थे। धोनी ने गाड़ी की सीट पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।

    कुणाल ने इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं। इस पर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक कार वह ‘कैनवास’ होती है, जिस पर हम अपनी जिंदगी और सपनों को चित्रित करते हैं। यह थार उस शख्स के हस्ताक्षर से सज गई, जो जिंदगी जीने की कला में माहिर है।”

    धोनी का अपने दोस्तों और फैंस के साथ जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपने प्रशंसकों और करीबियों की गाड़ियों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास महसूस कराया है। कुणाल ने कहा, “धोनी न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि एक सच्चे दोस्त भी हैं। उनकी सादगी और गर्मजोशी अद्वितीय है।”

    यह घटना धोनी की विनम्रता और अपने करीबियों के प्रति उनके खास लगाव को दर्शाती है। धोनी के इस अंदाज ने उनके फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया है।

  • झारखंड: 4 जिले जहां अभी तक नहीं पहुंची है ट्रेन

    परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट ……….

     देश जब विकास के नए आयाम छूते हुए अंतरिक्ष तक अपनी छाप छोड़ रहा है, वहीं झारखंड जैसे खनिज संपदा से भरपूर राज्य के चार जिले ऐसे भी हैं, जहां आज़ादी के 75 साल बाद भी रेलवे लाइन नहीं पहुंच सकी है। ये जिले हैं खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा। लेकिन अब इस दिशा में पहल की गई है। रेलवे ने इन जिलों को जोड़ने के लिए 120 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई है, जो रांची डिवीजन के अंतर्गत आएगी।

    रेल कनेक्टिविटी: अब खत्म होगी दूरी.

    झारखंड के इन जिलों में रेल कनेक्टिविटी का सपना आखिरकार हकीकत बनने जा रहा है। ‘देर आए, दुरुस्त आए’ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए भारतीय रेलवे ने इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इन जिलों को जोड़ने वाली परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पूरी कर ली गई है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई है।

    कौन-कौन से जिले होंगे शामिल?

    रांची-लोहरदगा रेल लाइन से खूंटी, गुमला और सिमडेगा को जोड़ा जाएगा। वहीं, रांची-हजारीबाग रेल लाइन से चतरा जिला जोड़ा जाएगा। रेलवे ने झारखंड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेआरआईडीसीएल) के माध्यम से इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है।

    कहां-कहां बिछेगी रेल लाइन?

    परियोजना के तहत लोहरदगा से गुमला 55 किलोमीटर, गुमला से सिमडेगा 43 किलोमीटर, हटिया से खूंटी 20 किलोमीटर और हजारीबाग से चतरा तक 42 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। यानी कुल मिलाकर 120 किलोमीटर की रेल लाइन इन इलाकों में विकास की नई राह खोलेगी।

    सरकार की मंजूरी और बजट.

    अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लागत से चार राज्यों—उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल—के सात जिलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। झारखंड के इन चार जिलों में रेल नेटवर्क बिछने से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि राज्य के खनिज संपदा का परिवहन और तेज़ व आसान हो जाएगा।

    विकास का नया अध्याय.

    झारखंड के खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा जिलों के लिए यह परियोजना सिर्फ रेलवे कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि विकास की नई गाथा लिखने जैसा है। ये जिले अब न सिर्फ देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेंगे, बल्कि इन इलाकों में उद्योग, रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    अब इंतजार है उस दिन का, जब झारखंड के ये जिले रेल के सफर से जुड़कर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेंगे।

     

  • झारखंड हाईकोर्ट: नवंबर 2024 की वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे नगर निकाय चुनाव

     

    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में नगर निगम और स्थानीय शहरी निकाय चुनावों को लेकर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह याचिका निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने दलीलें प्रस्तुत कीं।

    स्टेट इलेक्शन कमीशन के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि उन्हें अब तक अपडेटेड वोटर लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे चुनाव की तैयारियों में बाधा आ सकती है। इस पर केंद्रीय चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर 2024 में चुनाव आयोग द्वारा झारखंड सहित अन्य राज्यों में अपडेटेड वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए गए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि उसी वोटर लिस्ट का उपयोग नगर निगम चुनावों के लिए भी किया जा सकता है।

    अदालत ने केंद्रीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित सभी तथ्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करे। आयोग के वकील ने बताया कि शपथ पत्र तैयार है और जल्द ही दाखिल किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गई है।

  • झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव रद्द, भारी हंगामा और विरोध

    झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का द्विवार्षिक चुनाव रद्द, हंगामे के कारण लिया गया फैसला।

    झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव को भारी हंगामे और विरोध के चलते रद्द कर दिया गया है। यह घोषणा चुनाव अधिकारी वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने गुरुवार को की। मतदान के दौरान हुई इस घटना के समय झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पर्यवेक्षक एमके श्रीवास्तव और बालेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। पूरी घटना की रिपोर्ट स्टेट बार काउंसिल को भेजी जाएगी।

    मतगणना के दौरान गड़बड़ी, विवाद बढ़ा।

    जानकारी के अनुसार, मतगणना के दौरान बैलेट बॉक्स खोलने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ। कुल 1409 वोट डाले जाने की सूचना थी, लेकिन बैलेट बॉक्स में 1509 वोट पाए गए। इस 100 वोटों के अंतर को लेकर अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ अधिवक्ताओं ने इसे बोगस वोट करार देते हुए विरोध दर्ज कराया। रिटर्निंग अफसर ने उनसे गड़बड़ी के प्रमाण मांगे, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया।

    हंगामा इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। बैलेट पेपर और कुर्सियां फेंकी गईं, जिसके चलते लाइब्रेरी में बने एक केबिन का शीशा भी टूट गया।

    पुलिस ने हस्तक्षेप किया, लेकिन स्थिति नहीं संभली।

    विवाद की सूचना मिलने पर विधानसभा थाना की पुलिस और हटिया डीएसपी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने हंगामे का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने उनके मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया।

    गुरुवार सुबह 10:30 बजे शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ मतदान दोपहर तक हंगामे में बदल गया। हाईकोर्ट परिसर की एसोसिएशन लाइब्रेरी में बनाए गए दो बूथों पर 7 पदाधिकारियों के लिए 37 और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के लिए 41 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होना था। सबसे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने वोट डाला।

    हंगामे के बाद चुनाव रद्द करने का फैसला लिया गया, जिससे अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी और निराशा का माहौल है।

  • अब वक्त आ गया है कि हम झारखंडी होने पर गर्व करें-कल्पना सोरेन

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    गांडेय विधान सभा के बेंगाबाद मे  झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने जनता से सीधा संवाद किया और उनका धन्यवाद  सह आभार ब्यक्त किया । उनकी बातें न सिर्फ दिल को छूने वाली थीं, बल्कि झारखंड की जनता को अपने हक और पहचान पर गर्व करने के लिए प्रेरित करने वाली भी।

    कल्पना सोरेन ने बेंगाबाद में आयोजित जनसभा में गांडेय की जनता को संबोधित करते हुए कहा, “अब वक्त आ गया है कि हम झारखंडी होने पर गर्व करें और पूरी दुनिया को यह बताएं कि हम भारत के हैं पर साथ ही झारखंडी भी है । अपने संबोधन में कल्पना सोरेन ने कहा, “दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सपना है कि झारखंड सिर्फ देश में नहीं, बल्कि दुनिया में अपनी पहचान बनाए।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे झारखंड मुक्ति मोर्चा का समर्थन करें और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मजबूत करें।

    महिलाओं ने कल्पना सोरेन उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और बच्चों ने उनके साथ सेल्फी लेकर खुशी जताई। पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। इस दौरान कल्पना सोरेन ने कहा, “यह आपकी सरकार है, अबुआ सरकार। झारखंड के हर व्यक्ति के मान-सम्मान और विकास को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेदारी है।”

    कल्पना सोरेन ने इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने माइयाँ सम्मान योजना  को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने और बिजली बिल माफ करने जैसे फैसलों को जनता के सामने रखा। उन्होंने झारखंड आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस राज्य के लिए कई लोगों ने संघर्ष किया है। 2019 में जब जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, तब से वे जनता की सेवा के लिए समर्पित हैं।  कल्पना सोरेन ने झारखंड सरकार की “माइयाँ सम्मान योजना” का उल्लेख किया, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जा रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि आने वाले पांच वर्षों में गांडेय की तस्वीर बदलकर रहेगी।

    कार्यक्रम में राज्य के उच्च शिक्षा व नगर विकास व पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू , बैरिस्टर फरदीन अहमद और झामुमो के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

    इस कार्यक्रम के बाद कल्पना सोरेन रांची के लिए रवाना हो गईं, लेकिन उन्होंने गांडेय की जनता को भरोसा दिलाया कि वे लगातार अपने इलाके मे आती रहेंगी  और विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाएंगी। उन्होने पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से भी आग्रह किया कि वे उनके विधान सभा क्षेत्र को भी अपनी प्राथमिकता मे रखें ।

     

  • झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन चुनाव आज

    रांची: झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव आज आयोजित किए जाएंगे। मतदान सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा। इस चुनाव में कुल 78 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सह सचिव (प्रशासन), सह सचिव (पुस्तकालय), सह कोषाध्यक्ष और 9 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए लगभग 2000 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

  • गिरिडीह में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: रणविजय महतो गिरफ्तार, मनोज टुडू ढेर

     

    गिरिडीह: नक्सली संगठन भाकपा माओवादी को झारखंड पुलिस ने बड़ा झटका दिया है। रीजनल कमेटी मेंबर और 15 लाख के इनामी नक्सली रणविजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। रणविजय बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के बेहराटांड़ का रहने वाला है। वहीं, गिरिडीह जिले के खुखरा थाना क्षेत्र के चतरो निवासी रणविजय की पत्नी शांति, जो खुद एक सक्रिय नक्सली थी, मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।

    इसके अलावा, पीरटांड़ थाना क्षेत्र के धावाटांड़ निवासी और भाकपा माओवादी के सदस्य मनोज टुडू को भी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल गिरिडीह बल्कि पारसनाथ क्षेत्र में भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    शीर्ष नक्सली नेताओं तक पहुंचने की उम्मीद

    रणविजय महतो की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उससे पूछताछ के जरिए संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा, केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक और पतिराम मांझी उर्फ अनल जैसे बड़े नेताओं तक पहुंचने की संभावना है। रणविजय का प्रभाव गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिलों के पारसनाथ से झुमरा इलाके तक रहा है।

    रणविजय पर बोकारो में 18, गिरिडीह में 14 और धनबाद में एक मामला दर्ज है। ये कुल 33 मामले उसकी नक्सली गतिविधियों में गहरी संलिप्तता को दर्शाते हैं। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद संगठन के कई गुप्त राज सामने आ सकते हैं, जिससे झुमरा और सारंडा जैसे इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    शांति महतो: एक कुख्यात महिला नक्सली

    रणविजय की पत्नी शांति महतो पिछले डेढ़ दशक से नक्सली संगठन में सक्रिय थी। वह झारखंड के गिरिडीह और बिहार के जमुई क्षेत्र में आतंक फैलाने के लिए जानी जाती थी। साल 2015 में भेलवाघाटी इलाके में विस्फोटक बरामदगी के मामले में शांति का नाम प्रमुखता से सामने आया था।

    गिरिडीह-डुमरी रोड पर 4 अगस्त 2010 को हुए लैंडमाइन विस्फोट में भी शांति की संलिप्तता पाई गई थी। इस हमले में पांच निजी सुरक्षा गार्ड मारे गए थे। इसके अलावा, 2023 में खुखरा थाना क्षेत्र में विस्फोटक बरामद होने पर भी शांति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

    मुठभेड़ में मारे गए मनोज टुडू की पहचान

    पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मुठभेड़ में मारे गए नक्सली मनोज टुडू की पहचान के लिए पुलिस ने उसके गांव जाकर परिजनों को मृतक की तस्वीर दिखाई। मनोज की मां ने उसे पहचानते हुए बताया कि वह उनका मझला बेटा था।

    पुलिस की इन कार्रवाइयों से न केवल संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है, बल्कि झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती भी मिली है।

  • प्रसिद्ध यूट्यूबर मनोज डे की कार ने ऑटो को मारी टक्कर, ऑटो चालक की स्थिति गंभीर

    चर्चित यूट्यूबर मनोज डे की फॉर्च्यूनर कार का एक सड़क हादसा हो गया है। यह घटना तिसरा थाना क्षेत्र के जयरामपुर मोड़ के पास हुई, जहां उनकी कार ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय मनोज डे स्वयं कार में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि कोई अन्य व्यक्ति उनकी गाड़ी चला रहा था।

    हादसे की तस्वीरों से साफ है कि मनोज डे की कार को भी काफी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि मनोज डे एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं, जिनके यूट्यूब चैनल पर लाखों फॉलोअर्स हैं। हाल ही में, योग गुरु रामदेव बाबा ने उन्हें अपने आश्रम में बुलाकर सम्मानित भी किया था।