Category: Jharkhand

  • CGL पेपर लीक मामले में झारखंड गृह विभाग का बड़ा कदम, 100 पर गिरेगी गाज

    RANCHI:झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले ने बड़ा मोड़ ले लिया है। गृह विभाग ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इस कार्रवाई से परीक्षा में धांधली के आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। रांची पुलिस इस मामले में जल्द एफआईआर दर्ज करेगी, जिसके बाद सीआईडी (CID) इस केस को अपने हाथ में लेकर गहराई से जांच करेगी।

    गृह विभाग के निर्देश, एफआईआर की तैयारी.
    गुरुवार को गृह विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने पर सहमति जताई। शुक्रवार को विभागीय मंत्री के आदेश के बाद इस संबंध में औपचारिक पत्राचार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

    हाईकोर्ट का आदेश बना आधार.
    जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक के खिलाफ प्रकाश सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जांच की गई प्रगति से कोर्ट को अवगत कराया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को निर्धारित है।

    29 सितंबर को दर्ज हुई थी शिकायत.
    याचिकाकर्ता ने 29 सितंबर को रांची पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पेपर लीक के सबूत पेश किए गए थे। इस शिकायत पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्ती से आदेश दिया कि जांच में तेजी लाई जाए और उचित कार्रवाई की जाए।

    100 संदिग्धों पर कार्रवाई की तैयारी.
    पहले से ही इस मामले में 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। गृह विभाग ने अब ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम के जरिए और शिकायतें दर्ज करने का फैसला लिया है। पुलिस पेपर लीक से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

    क्या कहता है गृह विभाग?
    गृह विभाग का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एफआईआर दर्ज करने और सीआईडी के नेतृत्व में जांच शुरू होने से मामले में दोषियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

    भ्रष्टाचार पर सख्त रुख.
    यह मामला झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। सरकार का यह कदम एक सख्त संदेश है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

  • विधायक जयराम महतो ने दिया भरोसा, “हर संभव मदद करेंगे”

    गिरिडीह:गिरिडीह के जिलिमटांड़ गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। ठंड से बचने के लिए जलाए गए अलाव ने मां-बेटे की झोपड़ी को जला दिया, जिसमें उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक जयराम महतो घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मदद का भरोसा दिलाया।

    मां-बेटे की झोपड़ी में लगी आग, मौत बनकर आई ठंड की रात. 

    गुरुवार देर रात हुई इस घटना में नुनिया देवी और उनका 12 वर्षीय बेटा बाबूचंद मुर्मू खलिहान मे बनाईगयी पुवाल की अस्थायी झोपड़ी में सो रहे थे। झोपड़ी के पास अलाव जलाया गया था ताकि ठंड से राहत मिल सके। लेकिन अलाव से उठी चिंगारी ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मां-बेटे को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। झोपड़ी में फंसे इन दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।

    घटना स्थल पर पहुंची पुलिस, शव के अवशेष किए बरामद. 

    डुमरी थाने की पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। शवों के अवशेष बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। थाना प्रभारी जगन्नाथ पान ने बताया कि ग्रामीणों ने इसे एक हादसा बताया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    विधायक ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग.

    विधायक जयराम महतो ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने और आग से हुए नुकसान का उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    झारखंड में बढ़ती आगजनी की घटनाएं.

    ठंड के मौसम में झारखंड के धान के खलिहानों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही में गोड्डा और हजारीबाग में भी ऐसी घटनाओं ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि ठंड से जुड़े खतरों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    सवाल उठते हैं: कब होगा समाधान?

    जिलिमटांड़ की यह घटना सिर्फ एक दर्दनाक हादसा नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के संघर्षों की कहानी भी है। ठंड से बचने के लिए अलाव जलाना उनकी मजबूरी थी, लेकिन यही मजबूरी उनकी मौत का कारण बन गई। क्या प्रशासन ऐसे हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना बना पाएगा, या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?

  • गिरिडीह: पुलिस ने एक बार फिर से तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया है।

    बैंक अधिकारी बनकर और कोरोना वैक्सीन के बदले सरकारी अनुदान का झांसा देकर करते थे ठगी

    गिरिडीह: साइबर थाना पुलिस ने बेगाबाद थाना क्षेत्र के खंडोली मोड़ पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में गांडेय थाना क्षेत्र के पंदनाटाड़ निवासी साहिल अंसारी (19 वर्ष) और नजमुल अंसारी (23 वर्ष), साथ ही बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पुर्री निवासी प्रमोद यादव (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। इस संबंध में जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी आबिद खान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

    साइबर डीएसपी ने बताया कि एसपी गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि खंडोली मोड़ के पास कुछ साइबर अपराधी धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई के लिए एसपी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान ने किया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, पुअनि पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, सअनि गजेंद्र कुमार, आरक्षी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    जांच में सामने आया कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। इससे वे बैंक खातों की जानकारी चुराकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बदले ₹10,000 की सरकारी सहायता का झांसा देकर भी लोगों को धोखा देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 44/2024 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

  • गिरिडीह: पुलिस पर एक युवक के साथ क्रूरता से पिटाई करने का आरोप, गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची रेफर

    गिरिडीह 

    पचंबा पुलिस पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे इलाज के लिए रांची के रिम्स अस्पताल भेजा गया है। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने कहा है कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था, जिसके कारण उसे अस्पताल ले जाना पड़ा।

    यह मामला करहरबारी निवासी प्रेम कुमार पासवान का है, जिसे चोरी के आरोप में गुरुवार शाम पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। इसके बाद अचानक प्रेम को सदर अस्पताल ले जाया गया और उसकी हालत बिगड़ने पर रांची रेफर कर दिया गया।

    प्रेम की बहन संध्या देवी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके भाई के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी यह हालत हुई। संध्या ने बताया कि गुरुवार शाम कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और उनके भाई को चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए ले गए। जब वह थाने पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि पुलिस उनके भाई की बुरी तरह पिटाई कर रही थी। विरोध करने पर महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की। बाद में जब प्रेम की तबीयत बिगड़ी, तो पुलिस ने उसे सदर अस्पताल ले जाया, जहां से उसकी हालत और खराब होने पर रांची भेज दिया गया।

  • एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित होंगे !

    रांची: झारखंड में अब बड़े शहरों में एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित किए जाएंगे।इसके लिए बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष थाना होगा। पहली मंजिल पर साइबर थाना, दूसरी पर महिला थाना, तीसरी पर एससी-एसटी थाना और चौथी मंजिल पर एचटीयू थाना संचालित होंगे। यह नई योजना झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा तैयार की गई है, और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उन्होंने आइजी प्रोविजन पंकज कंबोज को सौंपी है।

    योजना को अमल में लाने की तैयारी

    झारखंड पुलिस मुख्यालय इस योजना को पूरा करने के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के एसपी के साथ बैठक करेगा। बैठक में एसपी को जमीन की उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा जाएगा।

    महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रावधान

    इस बहुमंजिला भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, महिला पुलिस और अन्य कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

    केंद्रीकृत थानों से लाभ

    एक ही स्थान पर सभी थाने होने से जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी। हालांकि, अलग-अलग थानों के निर्माण से भूमि की अधिक आवश्यकता और निर्माण लागत बढ़ सकती है, लेकिन केंद्रीकृत भवन से प्रशासनिक कार्यों में आसानी और लोगों के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।

  • सुदेश महतो को खाली करना होगा सरकारी घर, बनेगा हेमंत सोरेन का नया ठिकाना 

    RANCHI: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवासीय कार्यालय को अस्थायी रूप से कांके रोड के आवास संख्या-05 में शिफ्ट किया जा रहा है। ये वही आवास है, जिसमें पिछले कई सालों से आजसू प्रमुख सुदेश महतो रह रहे थे। अब उन्हें यह घर खाली करना होगा।

    क्यों हो रहा है बदलाव?
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वर्तमान आवासीय परिसर की मरम्मत का काम होना है। जब तक यह काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सीएम का आवासीय कार्यालय कांके रोड स्थित इस सरकारी भवन में शिफ्ट किया जाएगा। भवन निर्माण विभाग की ओर से इस फैसले को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। आदेश में कहा गया है कि आवास संख्या-05, जो पहले पूर्व मुख्य सचिव का घर था, अब मुख्यमंत्री का नया अस्थायी आवासीय कार्यालय होगा।
    साल 2009 में यह आवास आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को आवंटित किया गया था। इस घर से आजसू पार्टी के सारे कामकाज होते थे, और सुदेश महतो खुद भी यहीं रहते थे। लेकिन अब यह घर सीएम हेमंत सोरेन को सौंपा जाएगा।

  • हेमंत सोरेन कैबिनेट की तीसरी बैठक 24 को

    RANCHI : हेमंत सोरेन सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 24 दिसंबर को प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा में होगी।  मंत्रिमंडल सचिवालय ने इस बारे में पत्र जारी किया है। बैठक दोपहर 4 बजे से शुरू होगी और ये हेमंत सोरेन सरकार बनने के बाद तीसरी कैबिनेट बैठक होगी।  शपथ ग्रहण के बाद 6 दिसंबर को सरकार बनने के बाद पहली बैठक हुई थी। अब देखना होगा कि इस बार क्या नए फैसले लिए जाते हैं।

  • रॉयल्टी के 1.36 लाख करोड़ के मामले पर बाबूलाल मरांडी का जवाबी हमला, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछे ये सवाल।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 1.36 लाख करोड़ के मामले में एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट साझा किया है। साथ ही उन्होंने मुख्मंत्री हेमंत सोरेन से कुछ सवाल भी किए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये कोयला रॉयल्टी के दावे पर जनता को सच्चाई जानने का हक़ है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ये सवाल पूछे हैं

    1. यह बकाया किस-किस साल का है और किस किस योजना/परियोजना का है?
    2. 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि का आधार क्या है?
    3. यूपीए शासनकाल और शिबू सोरेन के कोयला मंत्री रहते हुए कितनी राशि वसूली गई थी?

    सलाव पूछते हुए आगे उन्होंने कहा कि पारदर्शिता क्यों नहीं? झारखंड के भ्रष्टाचार से भरे इतिहास को देखते हुए, जनता सबकुछ जानना चाहती है। सही दस्तावेज़ और तथ्यों को पारदर्शिता के साथ सामने रखें तब बात करें। बीजेपी झारखंड और झारखंडियों के हर अधिकार के लिए खड़ी है, जहां भी ज़रूरत होगी हम आपके साथ खड़े होंगे। लेकिन झूठे आंकड़े और फर्जी दावे बर्दाश्त नहीं होंगे। सच्चाई पर चलिएगा तो हम हमेशा सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बकाया-बकाया का हौव्वा खड़ा कर कहीं आप जानबूझकर आगे मंईयां सम्मान योजना की राशि देने में विफलता के दोषारोपण की भूमिका तो तैयार नहीं कर रहे? झूठी राजनीति छोड़िए, झारखंड के असली मुद्दों पर ध्यान दीजिए।

  • गिरिडीह: नगर निगम की टोल टैक्स वसूली पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। यह मामला मोंगिया स्टील द्वारा कोर्ट में दायर किया गया था।

    झारखंड हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम द्वारा टोल टैक्स वसूली पर रोक लगा दी है। यह आदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस दीपक रौशन की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया है कि इस आदेश को तुरंत लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भेजने का निर्देश दिया गया है।

    गिरिडीह नगर निगम की इस टोल टैक्स वसूली के खिलाफ मोंगिया स्टील ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मोंगिया स्टील की ओर से वकील सुमित गाड़ोदिया और शिल्पी सांडिल्य ने अपनी दलीलों में कहा कि गिरिडीह नगर निगम को टोल टैक्स वसूलने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बावजूद निगम ने टैक्स वसूली शुरू की, जिसके चलते मोंगिया स्टील को अदालत का रुख करना पड़ा।

  • राज्य की महिलाओं के लिए अच्छी खबर, इस तारीख को मिल सकती है मंईयां सम्मान योजना की धनराशि।

    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को दूसरे अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी। इसके बाद विधि विभाग ने अधिसूचना जारी की, और वित्त विभाग ने भी आदेश पारित कर दिया। महिला, बाल एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इस योजना के स्वीकृति आदेश के लिए मुख्यमंत्री को फाइल भेजी है। चूंकि मुख्यमंत्री स्वयं इस विभाग के मंत्री हैं, संभावना है कि जल्द ही महिलाओं के खातों में मंइयां सम्मान योजना की धनराशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री के आदेश के बाद राज्य की लगभग 55 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। नोडल विभाग (महिला एवं बाल विकास) ने मुख्यमंत्री से तारीख तय करने का अनुरोध किया है। सूत्रों का कहना है कि क्रिसमस से पहले लाभार्थियों के खातों में पैसे जमा कर दिए जाएंगे।

    महिला एवं बाल विकास विभाग को बजट में सबसे अधिक राशि
    हाल ही में आयोजित विधानसभा सत्र में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 11,697 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए सबसे अधिक 6,390 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य विभागों को भी राशि आवंटित की गई है।