Category: Jharkhand

  • Giridih: बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी ने किया गिरफ्तार

    गिरिडीह: जिले के राजधनवार क्षेत्र में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर दुर्गेश नंदन सहाय को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए इंजीनियर को एसीबी की टीम धनबाद लेकर गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दुर्गेश नंदन सहाय ने एक उपभोक्ता से बिजली बिल माफ करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। बुधवार को उन्होंने उपभोक्ता से 8 हजार रुपये की रिश्वत ली। इसी दौरान, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।

    गिरफ्तारी के बाद, एसीबी ने धनवार थाने में सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी इंजीनियर को धनबाद ले जाया गया।

  • BPSC अभ्यर्थियों का ‘शिक्षा सत्याग्रह’: परीक्षा पारदर्शिता पर उठे सवाल

    70वीं बीपीएससी परीक्षा के अभ्यर्थियों ने बुधवार शाम भागलपुर  सैंडिस कंपाउंड में कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस मार्च को ‘शिक्षा सत्याग्रह’ का नाम दिया गया, जिसमें अभ्यर्थियों ने “प्रोटेस्ट नहीं – रिक्वेस्ट, विवाद नहीं – संवाद, व्यवधान नहीं – समाधान” के नारों के साथ अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी रही।

    परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप। 
    अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि BPSC ने कदाचार मुक्त और धांधली मुक्त परीक्षा का दावा किया था, लेकिन इसके विपरीत कई जिलों से गड़बड़ियों की खबरें सामने आईं। बापू सभागार में आयोजित परीक्षा के दौरान अनियमितताओं की पुष्टि हुई, जिससे 12,000 परीक्षार्थियों की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा स्थगन से पूरे रिजल्ट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    फिर से परीक्षा कराने की मांग। 
    अभ्यर्थियों ने BPSC से परीक्षा दोबारा कराने की मांग की। उनका कहना है कि सभी छात्रों को समान अवसर और पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई छात्रों को 200-300 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए, जिससे उनकी तैयारी और प्रदर्शन प्रभावित हुआ। इस दूरी का औचित्य समझ से परे है।

    आंदोलन की अगली रणनीति।
    कैंडल मार्च के बाद अभ्यर्थियों ने बैठकर अपनी आगे की रणनीति बनाई। उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे पटना जाकर अपनी बात रखेंगे।

    अभ्यर्थियों की अपील।
    BPSC अभ्यर्थियों ने इस प्रदर्शन को प्रोटेस्ट नहीं, बल्कि एक शांतिपूर्ण अपील के रूप में रखा है। उनका कहना है कि यह आंदोलन विवाद से ज्यादा समाधान की ओर ध्यान केंद्रित करता है। उनकी एकमात्र मांग है कि सभी छात्रों के साथ समान और पारदर्शी व्यवहार हो।

    इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत को रेखांकित किया है।

  • गिरिडीह में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम: गुड गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

    गिरिडीह। बुधवार को गिरिडीह पुलिस ने नगर भवन में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में आयोजित हो रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तरी छोटानागपुर हजारीबाग क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील भास्कर, एसपी डॉ. विमल, एसडीपीओ जितवाहन उरांव और डीएसपी  नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    समस्याओं के समाधान का प्रयास. 
    डीआईजी सुनील भास्कर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “गुड गवर्नेंस की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक की शिकायत का त्वरित और ऑन-द-स्पॉट समाधान हो।” उन्होंने बताया कि गिरिडीह के सभी अनुमंडल क्षेत्रों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

    एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शिकायतों की संख्या में कमी आई है। अब तक 108 मामलों का समाधान किया गया है, जिनमें से अधिकतर घरेलू और जमीन विवाद से जुड़े हैं। एसपी ने यह भी बताया कि साइबर अपराध जिले में तेजी से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर अधिक सतर्क और जागरूक होने की अपील की।

    विशेष निर्देश और समाधान.
    कार्यक्रम के दौरान नगर और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़े कई मामलों का समाधान किया गया। डीआईजी ने पारिवारिक विवादों को महिला थाना में निपटाने के निर्देश दिए। जमीन विवाद के मामलों में अंचल अधिकारी के साथ बैठक कर समाधान की बात कही। एक वृद्ध महिला ने पेंशन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, जिसे प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।

    पुलिस और प्रशासन की समन्वय
    कार्यक्रम में डीएसपी कौसर अली, सदर और बेंगाबाद अंचल अधिकारी, नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतोसहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

    यह कार्यक्रम पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण पेश करता है और नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

  • हेमंत सोरेन: “हम अपना हक लेकर रहेंगे

    परवेज़ आलम की विशेष रिपोर्ट……..

    हेमंत सोरेन का अंदाज़ वही, जो झारखंड की मिट्टी को रास आता है – साफ, सीधा और बिंदास। झारखंड के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और भाजपा के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल दागा है, “कब मिलेगा 1.36 लाख करोड़?” यह केवल एक सवाल नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा का आक्रोश है।

    “यह हमारी मेहनत का पैसा है”
    सोरेन ने कहा, “हम झारखंडी हवा में बात नहीं करते। ये हमारी मेहनत का पैसा है। हर झारखंडी का हक है और इसे लेकर रहेंगे। भाजपा नेताओं को चाहिए था कि वो हमारी आवाज़ में आवाज़ मिलाते, लेकिन वो तो विरोध में खड़े हो गए। दुखद है, पर लड़ाई हम जीतेंगे।”

    झारखंड का चुनावी सुपरहिट मुद्दा. 
    कोयला रॉयल्टी का 1.36 लाख करोड़ बकाया हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए बड़ा सिरदर्द बना। सोरेन ने इसे झारखंड के हर घर तक पहुंचा दिया। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी इस मोर्चे पर आक्रामक रहीं।

    चुनावी माहौल में इस मुद्दे ने सियासी तापमान बढ़ा दिया। अब जब केंद्र सरकार कह रही है कि “झारखंड का कोई बकाया नहीं”, तो राजनीति और गरमा गई है। झामुमो ने साफ कह दिया है कि बकाया नहीं मिला तो “झारखंड से एक ढेला कोयला भी बाहर नहीं जाएगा।”

    कानूनी लड़ाई का बिगुल बजा.
    सोरेन सरकार ने केंद्र के इंकार के बाद कानूनी रास्ता अख्तियार करने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने वरीय अधिवक्ताओं का पैनल तैयार कर लिया है। मामला अब अदालत तक जाएगा।

    क्या होगा कोयले का भविष्य?
    झारखंड सरकार ने खनन कंपनियों को अल्टीमेटम दे दिया है। भूमि सुधार विभाग ने सभी कंपनियों से जवाब मांगा है। स्थिति साफ नहीं हुई तो खनन और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

    हेमंत का संदेश: “झारखंड चुप नहीं बैठेगा”
    सोरेन के शब्द झारखंडियों की धड़कन बन गए हैं। “हम लड़ेंगे, क्योंकि ये लड़ाई झारखंड के भविष्य की है। ये लड़ाई हमारी मिट्टी के सम्मान की है। ये 1.36 लाख करोड़ का सवाल नहीं, ये झारखंड की आत्मा का सवाल है।”

    देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड की यह गूंज दिल्ली के गलियारों में कितनी दूर तक सुनाई देती है।

  • वन नेशन-वन इलेक्शन बिल पर सियासी ड्रामा: अनुपस्थित सांसदों पर भाजपा की सख्ती

    परवेज़ आलम की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट……

    आज चर्चा में है ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ बिल। सवाल वही पुराना—ये बिल क्या है, क्यों है, और आखिर इसे पास कराने की इतनी हड़बड़ी क्यों?”

    लोकसभा में मंगलवार को जब इस बहुचर्चित बिल पर वोटिंग होनी थी, तब भाजपा के कई सांसद नदारद थे। पार्टी ने तीन लाइन का ‘व्हिप’ जारी किया था, लेकिन फिर भी 20 से ज्यादा सांसद सदन में नहीं पहुंचे। अब इनकी गैरमौजूदगी पर भाजपा ने ‘नोटिस’ जारी करने का फैसला लिया है। पर ये सवाल क्यों नहीं उठता कि जिस पार्टी ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया, उसके अपने सिपाही इस ‘युद्ध’ से क्यों गायब हो गए?”

    “बिल के पक्ष में पड़े 269 वोट, विपक्ष में 198 वोट। यानी गणित बता रहा है कि सियासत में ‘पक्ष और विपक्ष’ दोनों की गिनती से लोकतंत्र की असली नब्ज टटोली जा रही है। लेकिन जब सत्ताधारी दल की ताकत ‘व्हिप’ के बावजूद पूरी नहीं दिखी, तो क्या ये संकेत है ‘अंदरूनी असहमति’ का?”

    “दो तिहाई बहुमत की बात करें तो 362 सांसद चाहिए। लोकसभा में NDA के पास 292 सीटें हैं और राज्यसभा में सिर्फ 112। संविधान बदलने के लिए जरूरी ‘मैजिक नंबर’ अभी दूर है। इसलिए जेपीसी का रास्ता अख्तियार किया गया। सरकार कहती है ‘विचार-विमर्श’ होगा, लेकिन सवाल ये भी है कि क्या ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ से लोकतंत्र मजबूत होगा या कमजोर?”

    “क्योंकि देखिए, चुनाव सिर्फ मतदान नहीं, जनता का त्योहार है। सवाल ये है कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ से ‘चुनाव की आत्मा’ खत्म तो नहीं हो जाएगी? क्या जनता का ‘शोर’ कम करने की कवायद चल रही है? और भाजपा के सांसदों की गैरमौजूदगी क्या सिर्फ इत्तेफाक है या इशारा? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब सरकार के पास भले ही न हो, लेकिन वक्त जरूर मांगेगा।”

     

  • हेमंत सरकार का बड़ा फैसला: झारखंड आंदोलनकारियों को अब मिलेगी समान पेंशन

    RANCHI: झारखंड सरकार ने झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य सरकार ने पेंशन योजना में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत अब आंदोलनकारियों को तीन अलग-अलग कैटेगरी में पेंशन देने के बजाय समान राशि प्रदान की जाएगी।

    प्रस्ताव के अनुसार, आंदोलन के दौरान जेल जाने वाले सभी आंदोलनकारियों को 10 हजार रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाएगी। इससे पहले पेंशन की राशि तीन श्रेणियों में बंटी हुई थी:

    सरकार के इस नए फैसले से सभी जेल जाने वाले आंदोलनकारियों को समान पेंशन का लाभ मिलेगा।

    इसके अलावा, झारखंड आंदोलन में भाग लेने वाले लेकिन जेल न जाने वाले आंदोलनकारियों को अब केवल प्रशस्ति पत्र तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। सरकार ने उन्हें सम्मान स्वरूप 1000 से 1500 रुपये तक की राशि देने का भी प्रस्ताव किया है।

    विभागीय मंत्री के पास इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए भेजा गया है। सरकार के इस कदम को आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके योगदान को उचित मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुख्य बिंदु:

    समान पेंशन: सभी जेल गए आंदोलनकारियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह।
    पहले की व्यवस्था: तीन श्रेणियों में पेंशन (3500, 5000, 7000 रुपये)।
    नई योजना: जेल न जाने वाले आंदोलनकारियों को 1000-1500 रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र।
    प्रस्ताव: फाइल को विभागीय मंत्री के पास भेजा गया है।

  • सरिया में बाइक हादसे में दो युवकों की मौत

    आशिफ की रिपोर्ट …….
    सरिया [गिरिडीह] मंगलवार को सरिया-कोयरीडीह पथ पर सोनासोत नदी के पास एक बाइक दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई। सरिया थाना क्षेत्र के कंचनपुर निवासी द्वारिका पासवान का 25 वर्षीय पुत्र रोहित पासवान अपने फुफेरे भाई मोहन पासवान (35 वर्ष), जो राजधनवार थाना क्षेत्र के राजोडीह निवासी नाथो पासवान के पुत्र थे, के साथ सरिया की ओर जा रहे थे।

    सुबह करीब 9 बजे दोनों युवक बाइक पर सवार होकर निकले थे, लेकिन सोनासोत नदी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। झाड़ियों के बीच गिरने की वजह से दोनों युवकों पर किसी की नजर नहीं पड़ी, जिससे वे काफी देर तक गड्ढे में ही पड़े रहे।

    दोपहर करीब 2 बजे स्थानीय लोगों को गड्ढे में बाइक समेत गिरे हुए दोनों युवक दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सरिया पुलिस मौके पर पहुंचकर शवों और वाहन को कब्जे में लेकर थाना ले आई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे की हालत में होने की वजह से बाइक अनियंत्रित हुई और हादसा हो गया। साथ ही यह भी सामने आया है कि दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था।

    सरिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बगोदर भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

    मुख्य बिंदु:

    दुर्घटना स्थल: सरिया-कोयरीडीह पथ, सोनासोत नदी के समीप
    मृतक: रोहित पासवान (25) और मोहन पासवान (35)
    हेलमेट नहीं पहने होने की आशंका
    दुर्घटना की वजह: बाइक का अनियंत्रित होना
    पुलिस कार्रवाई: शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचना दी गई।

  • जागरूकता का संदेश लेकर निकली विधिक सेवा प्राधिकार की रैली

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……….

    गिरिडीह : गिरिडीह में 90 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सह आउटरीच कैंपेन की शुरुआत हो चुकी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आज  17 दिसंबर सोमवार को एक जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली व्यवहार न्यायालय परिसर से निकलकर लोगों को बाल श्रम, बाल विवाह और स्पॉन्सरशिप योजनाओं जैसी अहम मुद्दों पर जागरूक करने के लिए आयोजित की गई।

    सचिव सीमा कुमारी मिंज के नेतृत्व में निकली इस रैली में लोगों को बताया गया कि यह जागरूकता अभियान 17 दिसंबर 2024 से 16 मार्च 2025 तक जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में चलेगा। इस अभियान को पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर्स), बाल श्रम अधिकारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

    न्यायिक पदाधिकारियों की रही अहम उपस्थिति
    इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय , कुटुंब न्यायालय धनंजय कुमार, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी  सौरभ कुमार गौतम और कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सचिव महोदया ने बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

    मीडिया से अपील: जन-जन तक पहुंचाएं जागरूकता का संदेश। 
    सचिव सीमा कुमारी मिंज ने सभी मीडिया साथियों से विशेष अपील की कि इस अभियान का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम लोगों तक योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए है।

    कानूनी योद्धाओं की भागीदारी। 
    इस जागरूकता कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, विद्वान मध्यस्थ, पीएलवी दिलीप कुमार, अशोक कुमार वर्मा, कामेश्वर कुमार, शालिनी प्रिया, सुनील कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। न्यायालय कर्मियों में राजेश कुमार, नवनीत कुमार दराद और ताबिश जहूर ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई।

    “जागरूकता की यह रैली गिरिडीह जिले में सामाजिक बदलाव की नींव रखेगी। बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का यह अभियान समाज को मजबूत और जागरूक बनाने का संकल्प है।”

  • रांची की सूरत बदलेगी: ई-बसें दौड़ेंगी,बनेगा फोरलेन; मंत्री ने दिए कड़े निर्देश

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..

    RANCHI: रांची शहर का प्रदूषण घटेगा, सड़कें सुधरेंगी और जाम से राहत मिलेगी। झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने राजधानी रांची को संवारने और प्रदूषण मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ई-बसों का संचालन हर हाल में शुरू किया जाए ताकि लोग निजी वाहनों की जगह इन बसों का उपयोग करें। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि सड़कों पर जाम की स्थिति में भी सुधार आएगा। मंत्री ने कहा, “पहले राजधानी को संवारें, फिर राज्य के अन्य शहरों पर ध्यान दिया जाएगा।”

    ई-बसों की योजना का नया अध्याय. 
    बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 2013 में लो फ्लोर एसी बसों की योजना बनी थी, लेकिन टेंडर रद्द होने के कारण मामला अटक गया। हालांकि, दो साल पहले 244 नई सिटी बसों की खरीद को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इनमें से 200 डीजल बसें और 24 एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं। अब मंत्री ने ई-बसों के संचालन को प्राथमिकता देने की बात कही है।

    फोरलेन सड़क का प्रस्ताव: धुर्वा से रिंग रोड तक सफर आसान. 
    बैठक में प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि ग्रेटर रांची डेवलपमेंट एरिया से सटे नया सराय रेलवे क्रॉसिंग के समानांतर फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह फोरलेन नई विधानसभा भवन के पास से निकलेगा, जिससे धुर्वा इलाके से रिंग रोड तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।

    स्ट्रीट लाइट की मॉनिटरिंग: बनेगा डिजिटल डैशबोर्ड. 
    शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार ने डैशबोर्ड तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी की हर स्ट्रीट लाइट की स्थिति का ब्यौरा बनाया जाए— कौन-सी जल रही है और कौन-सी नहीं। साथ ही, मॉनिटरिंग के लिए GPS सिस्टम और रिमोट कंट्रोल की व्यवस्था लागू करने की बात कही।

    बैठक में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे. 
    बैठक में मौजूद अधिकारियों, जिनमें प्रधान सचिव सुनील कुमार, सूडा निदेशक अमित कुमार, डीएमए निदेशक सत्येंद्र कुमार और जुडको के पीडीटी गोपालजी शामिल थे, ने रांची के विकास को लेकर कई योजनाओं पर चर्चा की।

    नए रांची का वादा. 
    मंत्री सुदिव्य कुमार के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि ई-बसें जल्द सड़कों पर दौड़ेंगी, फोरलेन सड़कें शहर के यातायात को सुगम बनाएंगी और स्ट्रीट लाइट की निगरानी से शहर और चमकदार और सुरक्षित बनेगा। रांची के विकास की ये नई कवायद राजधानी को एक आधुनिक और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

  • SBI में 13,735 पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

    GIRIDIH: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जूनियर एसोसिएट (JA) के 13,735 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर 7 जनवरी 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।

    महत्वपूर्ण तिथियां
    प्रीलिम्स परीक्षा: फरवरी 2025
    मेन परीक्षा: मार्च या अप्रैल 2025
    शैक्षणिक योग्यता
    आवेदक के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए।
    इंटेग्रेटेड डुअल डिग्री (IDD) रखने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी डिग्री की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले की हो।
    जो उम्मीदवार अपने ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर या सेमेस्टर में हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, चयन होने पर उन्हें 31 दिसंबर 2024 तक ग्रेजुएशन पास करने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
    कैसे करें आवेदन?
    आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं।
    भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
    आवश्यक जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करें।
    फॉर्म का प्रिंटआउट निकालना न भूलें।
    अगला कदम
    SBI द्वारा जारी इस भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रीलिम्स परीक्षा फरवरी 2025 में आयोजित की जाएगी। सफल उम्मीदवारों को मेन एग्जाम के लिए बुलाया जाएगा, जो मार्च या अप्रैल 2025 में संभावित है।

    सरकारी बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है। आवेदन प्रक्रिया में देर न करें और अपनी तैयारी अभी से शुरू कर दें। SBI के इस बड़े भर्ती अभियान के जरिए हजारों युवाओं को करियर संवारने का मौका मिलेगा।