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  • झारखंड विधानसभा: छठी विधानसभा का पहला सत्र कल , कई नए चेहरे देंगे दस्तक

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…….
    झारखंड विधानसभा का पहला सत्र 9 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 12 दिसंबर तक चलेगा। यह सत्र न केवल नई ऊर्जा बल्कि नए बदलावों का संकेत भी देगा। सत्र के पहले दो दिन नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा, जिसे प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी संपन्न कराएंगे।

    नए विधायकों की शपथ और अध्यक्ष का चुनाव।
    9 दिसंबर को सत्र के पहले दिन से विधायकों का शपथ ग्रहण शुरू होगा, जो 10 दिसंबर तक चलेगा। इसी दिन शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह प्रक्रिया सत्र की गंभीरता और विधायी गतिविधियों की दिशा तय करेगी।

    राज्यपाल का अभिभाषण और अनुपूरक बजट।
    11 दिसंबर को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण होगा। इसके तुरंत बाद, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर चालू वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेंगे। यह दिन सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं का खाका पेश करने का होगा।

    पहली बार पहुंचे 20 नए विधायक। 
    इस बार की विधानसभा में एक नया इतिहास लिखा जाएगा। सदन में 20 ऐसे विधायक होंगे, जो पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। इनमें से कई युवा और अनुभवहीन चेहरों के साथ सत्र का माहौल उत्साह और बदलाव से भरा होगा। यह पहली बार है जब सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या सदन की कुल संख्या का दो-तिहाई होगी।

    छोटे दलों की मौजूदगी। 
    इस विधानसभा में चार दलों का एकल प्रतिनिधित्व भी देखने को मिलेगा। जदयू, लोजपा (आर), आजसू पार्टी, और जेएलकेम के एक-एक विधायक ने इस बार सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

    सत्र के अंतिम कार्यदिवस 12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद की प्रक्रिया भी पूरी होगी।

    झारखंड विधानसभा का यह सत्र नई उम्मीदों और दिशा-निर्देशों का संकेत देगा। 20 नए विधायकों की भागीदारी और सत्ता पक्ष की मजबूत उपस्थिति इसे और भी खास बनाती है।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री सुदिव्य सोनू का किया भव्य स्वागत

    परवेज़ आलम की कलम से …..
    गिरिडीह: रविवार को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री का फूलों के बुके और शॉल देकर भव्य स्वागत किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री को सम्मानित करते हुए कहा कि उनका पार्टी कार्यालय में आना कार्यकर्ताओं के प्रति उनके सम्मान और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इस मौके पर कहा, “कांग्रेस मेरा परिवार है, और मैं हमेशा आपके लिए उपलब्ध रहूंगा। कांग्रेस कार्यालय आकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कार्यकर्ताओं की मेहनत और सम्मान को बनाए रखना मेरी प्राथमिकता है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और महागठबंधन के मंत्री हैं। “मेरी जिम्मेदारी है कि मैं हर कार्यकर्ता की भावनाओं का सम्मान करूं और किसी को निराश न होने दूं। गिरिडीह और झारखंड के विकास के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं,” उन्होंने कहा।

    जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, “मंत्री बनने के तुरंत बाद कांग्रेस कार्यालय आना यह दर्शाता है कि सोनू जी कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनशील हैं। उनकी मेहनत और सहयोग से ही गठबंधन सरकार बनी है, और हमें विश्वास है कि वे इसे ध्यान में रखेंगे।”

    प्रदेश सचिव अजय सिन्हा मंटू ने मंत्री सोनू की मिलनसार प्रवृत्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया है। उनके मंत्री बनने से गिरिडीह की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।

    इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया, मदन लाल विश्वकर्मा, जेएमएम नेता मो. हसनैन अली, शाहनवाज़ अंसारी, प्रो. कमाल नयन, और प्रो. मंजूर अंसारी जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।

    कार्यक्रम का माहौल उत्साह और एकजुटता से भरा हुआ था, जो दर्शाता है कि झारखंड कांग्रेस का यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

  • विधान सभा परिसर के पास कल से निषेधाज्ञा लागू

    रांची: झारखंड में विधानसभा का पहला सत्र सोमवार (9 दिसंबर) से शुरू होगा. 4 दिनों तक चलने वाले इस सत्र की तैयारी पूरी हो चुकी है. विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गई है. विस परिसर के पास कल सुबह 8 बजे से निषेधाज्ञा लगाई गई है । एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है. इस दौरान विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में जुलूस, रैली, प्रदर्शन और घेराव आदि पर रोक रहेगी.

    विधानसभा में कब क्या होगा !

    9 दिसंबर को सबसे पहले विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.

    10 दिसंबर को शेष विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.

    10 दिसंबर को ही नये विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा.

    11 दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण होगा.

    11 दिसंबर को सरकार द्वितीय अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखेगी.

    12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी.

    12 दिसंबर को ही अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी.

  • कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए 3 नाम,किसकी खुलेगी किस्मत

    रांची:झारखंड में 9 दिसबंर से 12 दिसंबर तक विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। इससे पहले सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गया है। सीएम आवास में आज सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई है। वहीं विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस को भी विधायक दल का नेता मिल सकता है।झारखंड में कांग्रेस की राजनीति का केंद्र इन दिनों विधायक दल के नेता का चयन बन गया है। झारखंड विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले प्रदेश कांग्रेस इस अहम पद के लिए अपने नेता की घोषणा कर सकती है। पार्टी ने पहले ही विधायक दल की बैठक कर केंद्रीय नेतृत्व को यह अधिकार सौंप दिया है कि वह नेता का चयन करे।

    तीन नाम रेस में:

    कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है:

    1. प्रदीप यादव: उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
    2. डॉ. रामेश्वर उरांव: पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता उरांव भी दावेदारी में हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट से उनकी छुट्टी के बाद उन्हें इस पद के जरिए संतुष्ट किया जा सकता है।
    3. नमन विक्सल कोंगाड़ी: युवा और उभरते नेता के रूप में कोंगाड़ी का नाम चर्चा में है। अगर प्रदीप यादव को नेता चुना जाता है, तो कोंगाड़ी को उपनेता बनाया जा सकता है।

    निर्णय की घड़ी:

    सूत्रों के अनुसार, रविवार रात या सोमवार सुबह तक कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा हो सकती है। इस निर्णय के साथ विधानसभा सत्र की रणनीति पर भी फोकस होगा।

    सत्ताधारी गठबंधन की बैठक:

    विधानसभा सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इंडिया गठबंधन के सभी विधायक इस बैठक में शामिल होंगे, जो दोपहर 3 बजे रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित होगी।

    बीजेपी भी मैदान में:

    जहां कांग्रेस और सत्ताधारी गठबंधन अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपनी योजना पर काम शुरू कर दिया है। विधानसभा सत्र को लेकर पार्टी अपने विधायकों के साथ लगातार बैठकों में जुटी हुई है।

    कांग्रेस का दांव:

    यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है। प्रदीप यादव की वरिष्ठता, उरांव की सुलहकारी छवि, या कोंगाड़ी की युवा जोश—इनमें से किसे मौका मिलेगा, इसका जवाब सोमवार तक मिलने की उम्मीद है।

  • बीजेपी की रणनीति बैठक आज

    RANCHI: रांची में रविवार  का दिन बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शाम 7 बजे नवनिर्वाचित विधायकों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में 9 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही विधायक दल के नेता के चयन पर भी विचार-विमर्श संभव है।

    शाम की बैठक पर नजरें:
    शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक पर सभी की निगाहें हैं, क्योंकि इसमें विधानसभा सत्र से पहले पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, विधायक दल के नेता का चयन भी चर्चा का एक अहम विषय हो सकता है।

     

  • झारखंड पुलिस में सुधार की बयार, FIR दर्ज करने के निर्देश जारी

    रांची: झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने राज्यभर में पुलिस प्रशासन को नई दिशा देने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को साफ कहा है कि उनके अधीनस्थ थानों में FIR दर्ज करने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार बेहतर बनाने पर खास जोर दिया गया है।

    पुलिस महानिदेशक ने विशेष रूप से साइबर अपराध, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से जुड़े मामलों, मानव तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में पीड़ित की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज की जाए और कार्रवाई में कोई देरी न हो।

    इसके साथ ही, जनता की शिकायतों पर लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी थाने में शिकायतकर्ता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो लोग सीधे वरीय अधिकारियों, जैसे पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप-महानिरीक्षक, और पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षकों और क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों को अपने दौरे के दौरान थानों में पुलिसकर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। इसके अलावा, अपराध अनुसंधान विभाग और विशेष शाखा के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर पैनी नजर रखें। अगर किसी पुलिस अधिकारी द्वारा जनता के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आता है, तो इसकी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को दी जाएगी, ताकि सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

     

  • गिरिडीह में सुदिव्य कुमार सोनू का भव्य स्वागत, मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुंचे गृह ज़िले

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…….

    गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  शनिवार को मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृह जिले का दौरा किया। उनके आगमन पर गिरिडीह में एक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। झामुमो और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया। फूल-मालाओं से सजे सोनू का काफिला जैसे ही गिरिडीह-डुमरी पथ पर पहुंचा, समर्थकों ने जोरदार आतिशबाजी और नारेबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की।

    सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
    महिला, पुरुष और बच्चे सुबह से ही मंत्री के स्वागत के लिए सड़कों के किनारे खड़े थे। चमरखो मोड़ से लेकर उत्सव उपवन तक हर जगह उनके स्वागत की तैयारियां जोरों पर थीं। जैसे ही उनका काफिला पहुंचा, कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। सोनू ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित लोगों से मुलाकात की।

    परिवार ने किया पारंपरिक स्वागत
    अपने आवास पहुंचने पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का परिवारिक सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उनकी पत्नी श्वेता शर्मा ने तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। सोनू सबसे पहले अपने आवासीय मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए, जहां से वह उत्सव उपवन में आयोजित सभा की ओर रवाना हुए।

    आवास पर मिले पार्टी के वरिष्ठ नेता

    आवास पहुंचने पर झामुमो के राज्य सभा सदस्य डॉ सरफराज अहमद, पूर्व विधायक केदार हाजरा, निजामुद्दीन अंसारी आदि ने मंत्री से मुलाकात कर उन्हें गुलदस्ता देकर अपनी खुशी का इजहार किया.

    डुमरी में भी हुआ भव्य स्वागत
    रांची से गिरिडीह के सफर के दौरान मंत्री का डुमरी चौक पर भी जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जो दायित्व दिया है, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। जगरनाथ बाबू की धरती के लोगों की समस्याओं का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है।”

    सुरक्षा और आयोजन रहा भव्य
    पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। कोलडीहा, तिनकोनिया मोड़, बड़ा चौक, तिरंगा चौक समेत विभिन्न जगहों पर कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। मंत्री ने हर जगह रुककर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।

    प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
    मंत्री के स्वागत में झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, झामुमो नेता इरशाद अहमद वारिस, प्रमिला मेहरा, शहनवाज अंसारी, सुमित कुमार,कांग्रेस नेता सतीश केडिया, तेजलाल मंडल, प्रमिला मेहरा, शिवम आजाद, अशोक विश्वकर्मा, गोपाल विश्वकर्मा, नूर अहमद अंसारी, अनिल राम, मदनलाल विश्वकर्मा, कृष्णमुरारी शर्मा, जगत पासवान, टुन्ना सिंह, रामजी यादव, मुमताज अंसारी, मो. युसूफ, मो.सदाब, समीर राज चौधरी, विकास सिन्हा, मुन्ना सिंह, राकेश कुमार, रॉकी सिंह, सईद अख्तर, पप्पू रजक, मोंगिया टीएमटी के चेयरमैन गुणवंत सिंह सलुजा, डीपीएस के निदेशक ऋषि सलुजा, चरणजीत सिंह, समेत कई प्रमुख नेताओं और शिक्षाविदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

    गिरिडीह के नागरिकों ने जिस आत्मीयता से अपने नेता का स्वागत किया, उससे स्पष्ट है कि मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू न केवल सरकार में, बल्कि जनता के दिलों में भी खास जगह बना चुके हैं।

  • झारखंड विधानसभा सत्र: नए चेहरों, विश्वास मत और नई रणनीतियों का संगम

    रांची: झारखंड विधानसभा का सत्र 9 से 12 दिसंबर तक चलेगा और इस बार का सत्र कई मायनों में खास होने वाला है। पहली बार कई नए विधायक सदन में कदम रखेंगे, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को विश्वास मत साबित करना होगा। इसके साथ ही सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के लिए अनुपूरक बजट पेश करेगी। इस सत्र में नया विधानसभा अध्यक्ष भी चुना जाएगा। इस अहम सत्र से पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंडिया गठबंधन की बैठक अपने आवास पर बुलाई है। बैठक में विधानसभा सत्र की तैयारी को लेकर चर्चा की जाएगी।

    बैठक में क्या होगी चर्चा?
    इंडिया गठबंधन की बैठक में सत्र के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंत्रियों और विधायकों को सत्र में पूरी तैयारी के साथ आने का निर्देश देंगे। दूसरी ओर, विपक्ष इस सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा।

    विधानसभा सत्र की खास बातें
    नए चेहरों का आगमन: इस सत्र में कई नए विधायकों की एंट्री होगी, जो विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा बनेंगे।
    नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खाली: पहले सत्र में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहेगा क्योंकि भाजपा अभी इस पद के लिए कोई नाम तय नहीं कर पाई है।
    नई शुरुआत: नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी इस सत्र का हिस्सा होगा।
    बीजेपी कर रही हार पर मंथन
    नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर भाजपा में कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में हार की समीक्षा कर रही है। हारे हुए प्रत्याशियों से वन-टू-वन चर्चा कर हार के कारणों का पता लगाने की कोशिश की गई है।

    सत्र का कार्यक्रम
    9 दिसंबर: विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी।
    10 दिसंबर: विधायकों की शपथ के साथ नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
    11 दिसंबर: राज्यपाल का अभिभाषण और द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
    12 दिसंबर: राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी और अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।

    यह सत्र हेमंत सोरेन सरकार के लिए बेहद अहम है। एक तरफ सरकार को विश्वास मत साबित करना है, तो दूसरी तरफ अनुपूरक बजट और नए अध्यक्ष की घोषणा जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष की पैनी नजर होगी।

  • मंईयां सम्मान योजना: आवेदन के बाद भी पैसे क्यों नहीं आ रहे?

    रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मंईयां सम्मान योजना’ का सपना, जो महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का भरोसा देता है, कई लाभार्थियों के लिए अभी भी अधूरा है। वजह? तकनीकी गड़बड़ियां, बैंकिंग प्रक्रियाओं की खामियां, और आवेदन में छोटी-छोटी गलतियां।
    सरकार ने योजना की राशि 1,000 से बढ़ाकर 2,500 रुपये तो कर दी, लेकिन सवाल यह है कि जिनके खाते में पैसे नहीं पहुंच रहे, उनके लिए यह बढ़ोतरी भी क्या मायने रखती है

    क्या हो सकते हैं पैसे न मिलने के कारण?
    इस योजना के तहत आर्थिक मदद पाने के लिए आवेदन तो लाखों महिलाओं ने किया, लेकिन पैसे नहीं मिलने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मानें तो इसके कई कारण हो सकते हैं:
    1. गलत खाता नंबर: अगर आवेदन में बैंक खाता नंबर गलत डाला गया है, तो पैसे अटक जाएंगे।
    2. आईएफएससी कोड की गलती: कई लाभार्थियों ने अपने बैंक के आईएफएससी कोड में गड़बड़ी की है, जिससे ट्रांजेक्शन फेल हो जाता है।
    3. बैंक खाता और आधार की लिंकिंग: डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) तभी काम करेगा, जब बैंक खाता आधार से लिंक

    कैसे करें समाधान?
    अगर आप भी उन लाभार्थियों में से हैं, जिनके खाते में पैसे नहीं आ रहे, तो पहले यह जांच करें कि आपका डीबीटी चालू है या नहीं।
    डीबीटी स्टेटस कैसे चेक करें?
    1. NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
    2. होम पेज पर कंज्यूमर ऑप्शन पर क्लिक करें।
    3. नए पेज पर भारत आधार सीडिंग इनेबलर (BASE) विकल्प पर क्लिक करें।
    4. यहां आपको मैप्ड स्टेटस पर क्लिक करके आधार नंबर भरना होगा।
    5. डीबीटी स्टेटस चेक करें।
    ध्यान रहे: अगर स्टेटस में ‘इनेबल’ की जगह कुछ और लिखा है, तो आपको बैंक जाकर इसे ठीक करवाना

     

  • IAS पूजा सिंघल को बड़ी राहत: मनी लॉन्ड्रिंग केस में 28 महीने बाद मिली जमानत

    रिपोर्टिंग: परवेज़ आलम………

    रांची: निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को 28 महीने बाद बड़ी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। झारखंड की पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें जमानत  दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मई 2022 में गिरफ्तार किया था।  दो-दो लाख के निजी मुचलके और पासपोर्ट अदालत में जमा करने जैसी शर्तों के साथ उन्हें जमानता दी गयी है ।

    मनरेगा घोटाले का साया और सिंघल की गिरफ्तारी

    पूजा सिंघल का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब ईडी ने 6 मई 2022 को मनरेगा घोटाले की जांच के दौरान उनके ठिकानों पर छापेमारी की। क्या पाया गया? करोड़ों की नकदी। 11 मई को गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया कि मामला सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि क्या सत्ता के गलियारों में इतनी ताकत थी, जो सिंघल को अब तक बचाए हुए थी?

    एक अधिकारी का पतन

    झारखंड की राजनीति और प्रशासन में पूजा सिंघल का कद बड़ा था। उन्होंने उद्योग सचिव, खनन सचिव, और कृषि सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) की चेयरमैन रहीं और खूंटी जिले में डीसी रहते हुए मनरेगा योजना का संचालन किया। लेकिन, मनरेगा घोटाले ने उनके पूरे करियर पर सवाल खड़े कर दिए ।

    जमानत का कानून

    पूजा सिंघल ने जमानत के लिए BNS की धारा 479 का सहारा लिया। इस धारा के तहत, यदि यह किसी आरोपी का पहला अपराध है और उसने अधिकतम सजा का एक तिहाई हिस्सा जेल में बिताया हो, तो वह जमानत का हकदार होता है।  28 महीने जेल में बिताने के बाद पूजा सिंघल के लिए यह राहत निश्चित रूप से बड़ी है।