Category: Jharkhand

  • झारखंड में महिला मतदाताओं ने पुरुषों को फिर किया चित

    RANCHI: झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के आंकड़े सामने आए तो कहानी साफ हो गई—महिलाओं ने एक बार फिर वोटिंग में बाज़ी मार ली।

    दोस्तों, तस्वीर यह है कि दूसरे चरण की 38 में से 31 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से ज़्यादा थी, फिर भी महिलाएं मैदान में आगे रहीं।

    आंकड़ों पर डालते हैं एक नज़र:
    मतदाता सूची में:

    पुरुष: 62.89 लाख
    महिला: 61.00 लाख
    मतदान करने वाले:

    पुरुष: 41.46 लाख
    महिला: 43.96 लाख
    अब जरा ध्यान दीजिए, महिलाओं ने लगभग 2.5 लाख अधिक वोट डाले।

    जिन सीटों पर महिलाओं ने बाज़ी मारी:
    खिजरी, सिल्ली, टुंडी, चंदनकियारी, बेरमो, गोमिया, डुमरी, गिरिडीह, गांडेय, जमुआ, बगोदर, धनवार, मांडू, रामगढ़, महगामा, गोड्डा, पोड़ैयाहाट, सारठ, मधुपुर, जरमुंडी, जामा, दुमका, जामताड़ा, नाला, शिकारीपाड़ा, महेशपुर, पांकुड़, लिट्टीपाड़ा, बरहेट, बोरियो, और राजमहल।

    पहले चरण में भी महिलाओं का दबदबा:
    पहले चरण की 43 सीटों पर भी महिलाओं ने ही बाज़ी मारी थी।

    मतदान प्रतिशत:
    महिला: 69.04%
    पुरुष: 64.27%
    तो, कहानी यही कहती है कि झारखंड में महिलाएं न केवल जागरूक हैं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में भी आगे हैं। यह है झारखंड की ‘नारी शक्ति’ का असली रूप।

    झारखंड की महिलाएं यह बता रही हैं—’हम न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि देश की सियासी तस्वीर भी बदल सकती हैं।’

  • 17,000 से ज्यादा व्हाट्सऐप अकाउंट्स ब्लॉक

    NEW DELHI : भारत सरकार ने 17,000 से ज्यादा व्हाट्सऐप अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया है। सुनने में बड़ा कदम लगता है, लेकिन कहानी इससे कहीं बड़ी और गहरी है। ये अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के हैकर्स से जुड़े थे, जो भारतीयों को ठगने का पूरा नेटवर्क चला रहे थे। फर्जी निवेश, ऑनलाइन गेमिंग, डेटिंग ऐप्स और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म – ये ठग हर वो जाल बिछाते थे, जिसमें भारत का आम आदमी आसानी से फंस जाए।

    गृह मंत्रालय का इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14C) और दूरसंचार विभाग (DOT) ने मिलकर ये कार्रवाई की है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये ठगी यहीं खत्म हो जाएगी, या ये बस बर्फ की चोटी का एक सिरा है?

    साइबर दोस्त की चेतावनी
    “साइबर दोस्त” नामक सरकारी पहल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कंबोडिया, म्यांमार, फिलीपींस और लाओस जैसे देशों में बैठे ये ठग भारतीयों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ठगते थे। उनकी रणनीति – निवेश के सपने, खेलों में पैसे कमाने की संभावनाएं, या फिर रिश्तों की तलाश में दिल लगने वाले विज्ञापन। लेकिन क्या सरकार ने इन ठगों की कमर तोड़ दी है, या ये कार्रवाई महज दिखावा है?

    कंबोडिया की डरावनी कहानी
    एक और पहलू है, जो हमें सोचने पर मजबूर करता है। हाल ही में भारतीय युवाओं को नौकरी के बहाने कंबोडिया भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने पर, वे ठगी के जाल में फंस गए। विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने इन युवाओं को वापस लाने का वादा किया है। लेकिन क्या ये वादा, बाकी वादों की तरह, बस हवा में उड़ा दिया जाएगा?

    45% साइबर अपराधों का सच
    गृह मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि भारत में 45% साइबर अपराध दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से आते हैं। ये आंकड़ा खतरनाक है। मई 2024 में गठित एक समिति इन मामलों की जांच कर रही है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सरकार के पास ऐसे ठगों से निपटने की ठोस योजना है, या ये भी उन कदमों में से एक है, जो सिर्फ सुर्खियों के लिए उठाए जाते हैं?

  • सियासी संदेश या सुकून की तलाश?

    परवेज़ आलम

    हेमंत सोरेन की “चंपी राजनीति“: सियासत से परे का एक घरेलू दृश्य

    आखिर क्या चल रहा है हेमंत सोरेन के घर के आंगन में? यह सवाल सिर्फ तस्वीरों का नहीं, बल्कि झारखंड की सियासत की नब्ज पकड़ने की कोशिश है। तस्वीरें आई हैं, और साथ ही चर्चाएं भी।
    तेल की मालिश, सियासत की खिचखिच
    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शॉर्ट्स और टी-शर्ट में अपने घर के आंगन में बैठे हैं। चेहरे पर एक सुकून है, लेकिन सियासत के जानकारों की नजर में यह सुकून “तूफान से पहले की शांति” है। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उनके पीछे खड़ी हैं, सिर पर चंपी कर रही हैं। पास में उनके दो पालतू कुत्ते भी आराम फरमा रहे हैं। हेमंत कुत्तों को सहला रहे हैं, और मोहम्मद रफी के गाने “सर जो तेरा चकराए” की याद दिला रहे हैं।

    अब सवाल उठता है—क्या यह सिर्फ एक घरेलू लम्हा है, या इसके पीछे कोई सियासी संकेत छुपा है?

    दबी जुबान में चर्चा: क्या हेमंत सोरेन चुनावी नतीजों से पहले बेचैन हैं?
    या फिर: क्या यह जनता को दिखाने की कोशिश है कि “हम तो आराम कर रहे हैं, हमें कोई फिक्र नहीं”?
    तस्वीरों को देखने वाले सियासी गलियारों में अपनी-अपनी राय बना रहे हैं। कुछ इसे “सुकून के पल” कह रहे हैं, तो कुछ इसे “तनाव छुपाने का तरीका।”

    चंपी और राजनीति का रिश्ता
    हमारे देश में चंपी सिर्फ तेल की मालिश नहीं है। यह हमारे जीवन का हिस्सा है, तनाव को दूर भगाने का ज़रिया। लेकिन यहां बात एक मुख्यमंत्री की है, जिसकी राजनीति चंपी से हल्की नहीं हो सकती।

    हेमंत सोरेन का यह घरेलू अंदाज उनकी छवि का एक और पहलू है। सियासत में जहां हर नेता अपने कंधों पर सत्ता का बोझ उठाए घूमता है, वहीं यह तस्वीरें सवाल पूछती हैं—क्या यह वाकई आराम का पल है, या “चुपके से सोचा गया एक संदेश?”

    चर्चाओं का बाजार गर्म
    “चंपी” सियासी लहजे में एक नया शब्द बन गया है। झारखंड की राजनीति के जानकार कह रहे हैं—”23 नवंबर के बाद अगर चुनावी नतीजे अनुकूल नहीं आए, तो यह तस्वीरें हेमंत सोरेन की राजनीतिक यात्रा का एक ‘आरामदायक विराम’ बन जाएंगी।”

    तो क्या हेमंत सोरेन का यह सुकून दिखावा है, या एक आत्मविश्वास भरा संदेश? यह सवाल जवाब मांगता है। लेकिन जवाब सिर्फ 23 नवंबर को मिलेगा।
    तब तक, चंपी जारी है।

  • झामुमो ख्वाबों में जी रहा है, 23 नवंबर को होगी सच्चाई का सामना-भाजपा

    RANCHI: झारखंड में चुनावी घमासान के बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “23 नवंबर की शाम तक झामुमो ख्वाबों की दुनिया में रह सकता है, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद वह ईवीएम को दोष देने की तैयारी में है।”

    झामुमो की रणनीति पर सवाल
    प्रतुल ने झामुमो की ओर से जारी किए गए जीत के दस्तावेज़ को “हास्यास्पद” बताया। उन्होंने कहा, “यह पहली बार हुआ है कि कोई दल अपनी संभावित जीत और प्रतिद्वंद्वियों की हार का आंकड़ा खुद जारी कर रहा है।”

    जहां झामुमो ने कड़ा मुकाबला बताया है, वहां अधिकतर सीटें कांग्रेस के हिस्से की हैं।
    इससे यह साफ हो जाता है कि झामुमो को अपने गठबंधन पर ही भरोसा नहीं है।
    हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप
    प्रतुल ने मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार को “झारखंड के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार” करार दिया।

    उन्होंने कहा, “इस सरकार ने पिछले पांच साल में सिर्फ लूट-खसोट और भ्रष्टाचार किया। भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया और इसे शिष्टाचार बना दिया।”
    जनता इस सरकार से पूरी तरह से ऊब चुकी है और 23 नवंबर को इसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।

    प्रतुल ने दावा किया कि भाजपा और एनडीए गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।
    झामुमो के गढ़ माने जाने वाले कोल्हान और संतालपरगना में भी उन्हें करारी हार मिलेगी।
    उन्होंने कहा, “झामुमो अपने इतिहास की सबसे कम सीटों पर सिमट जाएगा।”
    भाजपा के पक्ष में माहौल
    प्रतुल ने दावा किया कि भाजपा झारखंड में उन सीटों पर भी जीत दर्ज करेगी, जहां आजादी के बाद कभी जीत हासिल नहीं हुई।
    उन्होंने कहा, “जनता ने बदलाव का संकल्प लिया है और 23 नवंबर को इसका परिणाम सबके सामने होगा।”
    प्रतुल ने झामुमो के दावों को हवा में उड़ाते हुए कहा कि जनता ने इस बार झूठे वादों और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार दिया है। अब बदलाव की बारी है, और भाजपा झारखंड में एक नई शुरुआत करेगी।

  • ईवीएम को स्ट्रांग रूम में पूरी सुरक्षा के साथ सील कर दिया गया है-रवि कुमार

    RANCHI; मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन, धुर्वा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईवीएम को स्ट्रांग रूम में स्क्रूटनी के बाद पूरी सुरक्षा के साथ सील कर दिया गया है। दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।

    पहला स्तर: केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जिम्मे।
    दूसरा स्तर: राज्य सशस्त्र बल के जवान तैनात हैं।
    मतगणना के दिन सुरक्षा को और सख्त बनाते हुए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इसमें तीसरे स्तर की जिम्मेदारी राज्य पुलिस संभालेगी।

    मतदान का आंकड़ा
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण में कुल 68.95 प्रतिशत मतदान हुआ। पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद यह आंकड़ा और बढ़ेगा। अब तक दोनों चरणों में मतदान का औसत 67.74 प्रतिशत रहा है।

    महिला मतदाता: पुरुषों से ज्यादा सक्रिय रहीं।
    ग्रामीण क्षेत्र: शहरी इलाकों के मुकाबले अधिक उत्साही दिखे।
    हासिये पर खड़े लोगों को जोड़ा गया
    इस बार का चुनाव विशेष था क्योंकि भारत निर्वाचन आयोग ने सुदूर इलाकों और समाज के हाशिये पर खड़े लोगों को मतदान में शामिल करने पर जोर दिया।

    राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।
    23 नवंबर, सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होगी।
    8.30 बजे से ईवीएम के मतों की गिनती शुरू होगी।
    पहले राउंड का परिणाम सुबह 9.30 बजे तक संभावित है।
    आचार संहिता उल्लंघन पर सख्ती
    आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 207 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री और नकदी जब्त की गई।मामले दर्ज किए गए हैं।
    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं। मतगणना और परिणाम प्रक्रिया को भी पारदर्शी और सुव्यवस्थित रखने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

  • गिरिडीह जिला निर्वाचन पदाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने मतगणना स्थल और स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया।

    Giridih
    विधानसभा चुनाव 2024 के तहत मतदान समाप्त होने के बाद,  जिला निर्वाचन पदाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने मतगणना स्थल और स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक विधानसभा के स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण किया, ईवीएम मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह भी जांचा कि संबंधित विधानसभा के लिए बनाए गए काउंटर पर सामग्री सही तरीके से रिसीव की गई है। मौके पर मौजूद दंडाधिकारियों और अधिकारियों को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि मतगणना के दिन पूरी टीम पूरी सक्रियता से काम करेगी।

  • हजारीबाग में भीषण सड़क हादसा, बस पलटने से 6 लोगों की मौत

    झारखंड के हजारीबाग के बरकठ्ठा में भीषण सड़क हादसा हो गया है. यहां एक बस पलटने से कुल 6 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक यह बस कोलकाता से बिहार जा रही थी. इस दुर्घटना के बाद राहत बचाव का काम जारी है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    मौके पर ही तीन लोगों की मौत हुई

    बरकट्ठा के गोरहर थाना के पास जीटी रोड पर हुई सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. जबकि दर्जनों लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है. मरने वालों की संख्या अधिक भी हो सकती है. गुरुवार की सुबह 7:30 बजे के करीब कोलकाता से बिहार जा रही अद्यांत नामक यात्री बस नंबर डब्ल्यू बी 76 ए 1548 अनियंत्रित होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई. हादसे में बस पर सवार तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक ढंग से दबकर और कटकर मौत हो गई. जबकि बस पर सवार एक दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गये. जिसमें तीन-चार लोग की स्थिति नाजुक बनी हुई है.

    ग्रामीणों ने बस की खिड़की तोड़कर लोगों की निकाला बाहर

    मामले की सूचना मिलते ही गोरहर थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ और ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गये. सभी लोगों ने सड़क पर पलटी बस की खिड़की और दरवाजे को तोड़कर एक-एक कर मृतकों और घायलों को बाहर निकाला. घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरकट्ठा में चल रहा है.

  • महिला मतदाताओं ने भी इंडिया गठबंधन पर भरोसा जताया है-एक्सिस माय इंडिया

    परवेज़ आलम

    झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर जनता ने अपना फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। अब 23 नवंबर को नतीजे आएंगे। लेकिन इससे पहले एग्जिट पोल का दौर शुरू हो चुका है। ‘और अन्य एजेंसियां बता रही हैं कि झारखंड में किसकी सरकार बन सकती है।
    एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महिला वोटरों को लुभाने में सफल रहे हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन को 45% वोट मिलने का अनुमान है, जिसमें से 47% महिलाएं और 43% पुरुष हैं। वहीं एनडीए के पक्ष में 37% वोट जाने का अनुमान है, जिसमें महिला वोटर केवल 35% हैं। क्या महिला वोटरों ने इस बार झारखंड की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाई है?
    झारखंड के युवा मतदाताओं ने भी ‘इंडिया’ गठबंधन पर भरोसा जताया है। 18-25 साल के 46% और 26-35 साल के 48% वोटर इंडिया गठबंधन को समर्थन देते नजर आ रहे हैं। वहीं, इस वर्ग में एनडीए को क्रमश: 33% और 34% वोट मिलने की संभावना है।
    एक्सिस माय इंडिया की भविष्यवाणी के अनुसार, ‘इंडिया’ गठबंधन 53 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े (41 सीटें) को पार कर सकता है। वहीं एनडीए को 25 सीटों पर सिमटने का अंदेशा है। JLKM और अन्य के खाते में क्रमश: 2 और 1 सीट जा सकती हैं। अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो झारखंड की कुर्सी पर हेमंत सोरेन की वापसी तय मानी जा रही है।
    एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक  उत्तरी छोटा नागपुर की 25 सीटों में NDA को 11, INDIA को 12 वहीं JLKM को 2 सीटें मिलने का अनुमान है।
    संथाल परगना की 18 सीटों पर NDA को 3 तो INDIA को 15 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
    दक्षिणी छोटा नागपुर की 15 सीटों में NDA को 3 तो INDIA को 12 सीटें मिलने का अनुमान है।
    कोल्हान की 14 सीटों में NDA को 5 तो INDIA को 9 सीटें मिलने का अनुमान है।
    पलामू प्रमंडल की 9 सीटों में एनडीए-3, इंडिया-5, अन्य को 1 सीट।
     7 एग्जिट पोल्स का हाल
    • मैटराइज: एनडीए को 42-47 सीटें, इंडिया को 25-30
    • पी मार्क: इंडिया 37-47 और एनडीए 31-40 के बीच।
    • टाइम्स नाउ जेवीसी: कांटे की टक्कर; एनडीए 40-44, इंडिया 30-40
    • पीपल्स पल्स: एनडीए 50 पार; इंडिया 16-23।
    • एआई एग्जिट पोल: एनडीए 36-41, इंडिया 39-44।
    • एक्सिस माय इंडिया: इंडिया गठबंधन को 53, एनडीए को 25

    * CHANAKYA STRATEGIES के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा गठबंधन को 45 से 50 सीटें, जेएमएम गठबंधन को 35 से 38 सीटें और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जाती दिख रही हैं।

    झारखंड का फाइनल फैसला
    81 सीटों पर ईवीएम में बंद फैसले का इंतजार सबको है। एग्जिट पोल्स का झुकाव कभी इंडिया तो कभी एनडीए की ओर दिखता है। लेकिन असली तस्वीर 23 नवंबर को खुलेगी। तो तब तक इंतजार कीजिए, सोचिए, और देखिए। ये चुनाव सिर्फ झारखंड का नहीं, भारत की राजनीति का आईना भी है।

  • झारखंड में 5 बजे तक 67.59 प्रतिशत वोटिंग

    झारखंड में चुनाव संपन्न, 5 बजे तक 67.59 प्रतिशत वोटिंग
    झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए सभी 81 सीटों पर वोटिंग संपन्न हो गई है। अब 23 नवंबर को जनता का फैसला ईवीएम से बाहर आएगा। फिलहाल एग्जिट पोल्स के जरिए यह भांपने की कोशिश की जा रही है कि झारखंड की जनता ने ‘इंडिया’ गठबंधन को चुना या फिर एनडीए गठबंधन पर भरोसा जताया है।
    शाम 5:00 बजे तक गिरिडीह ज़िले मै मतदान का प्रतिशत:-
    28 धनवार विधानसभा 60.87%
    29 बगोदर विधानसभा 64.99%
    30 जमुआ विधानसभा 60.06%
    31 गांडेय विधानसभा 72.83%
    32 गिरिडीह विधानसभा 67.12%
    33 डुमरी विधानसभा 70.7%
    कुल मतदान प्रतिशत 65.89%
    वोटो के प्रतिशत कुछ और भी बढ़ सकता है

  • गिरिडीह में लोकतंत्र का उत्सव: शांतिपूर्ण मतदान के बीच उमड़ा जनसैलाब

    परवेज आलम

    GIRIDIH: झारखंड के गिरिडीह में लोकतंत्र का जश्न देखने को मिला, जहां मामूली झड़पों के बावजूद चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। लालगढ़ की ऐतिहासिक धरती पर लोकतंत्र का गुलाल इस बार भी खूब बिखरा। सुबह छह बजे से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की जबरदस्त भागीदारी ने खास ध्यान खींचा।

    ग्रामीणों ने रचा लोकतंत्र का इतिहास
    गांवों में लोगों के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र का असली जज्बा आज भी वहां की गलियों में धड़कता है। महिलाओं, युवाओं, और बुजुर्गों ने मतदान प्रक्रिया को जीवंत बना दिया। हर केंद्र पर व्यवस्थित कतारें, वोट डालने के बाद मुस्कुराते चेहरे और व्यवस्था में निहित अनुशासन ने लोकतंत्र की ताकत को उजागर किया।

    चिंता देवी का प्रेरणादायक योगदान
    गांडेय विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 351 परने मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। उनका यह योगदान युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गया।

    गिरिडीह में 60.57 मतदान
    गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का उत्साह शाम तक बंपर मतदान का संकेत दे रहा था। हर बूथ पर भीड़ और लंबी कतारें लोकतंत्र की सफलता की कहानी कह रही थीं।

    एक मतदान अधिकारी पर कार्रवाई
    गांडेय विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 338 पर एक विवाद ने प्रशासन का ध्यान खींचा। पीठासीन अधिकारी प्रमोद कुमार को मतदान केंद्र पर गोपनीयता भंग करने के आरोप में हटा दिया गया। बीजेपी ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज जारी किया, जिसमें पोलिंग एजेंट द्वारा वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश दिखाई गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि प्रमोद कुमार को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कांड दर्ज किया गया है। उनकी जगह ओंकार नाथ राम को तैनात किया गया।

    इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद, गिरिडीह में लोकतंत्र का उत्सव शांतिपूर्ण और सफल रहा, जहां जनता ने अपने अधिकार का प्रयोग कर मजबूत लोकतंत्र की नींव को और सुदृढ़ किया।