Category: Politics

  • झारखंड के मंत्रियों के लिए बंगले तैयार, जानिए कौन कहां रहेगा

    झारखंड के 11 मंत्रियों को मिले नए बंगले, स्मार्ट सिटी में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवास आवंटित

    झारखंड सरकार ने धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी में 11 मंत्रियों के लिए निर्मित बंगलों का आवंटन कर दिया है। इन बंगलों के निर्माण में लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत आई है। एक ही परिसर में बनाए गए इन अत्याधुनिक बंगलों में मंत्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    बंगलों की विशेषताएं

    • प्रत्येक बंगले का क्षेत्रफल 16,321 वर्ग फीट है, जबकि बिल्ट-अप एरिया 8,000 वर्ग फीट का है।
    • बंगले दो हिस्सों में विभाजित हैं – रेजिडेंशियल ब्लॉक (निवास स्थान) और एनेक्स ब्लॉक (कार्यालयीय कार्यों के लिए)।
    • एनेक्स ब्लॉक को मंत्रियों की आधिकारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

    इन मंत्रियों को आवंटित हुए बंगले

    1. बंगला नंबर 1 – सुदिव्य कुमार सोनू (नगर विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री)
    2. बंगला नंबर 2 – शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री)
    3. बंगला नंबर 3 – राधाकृष्ण किशोर (वित्त मंत्री)
    4. बंगला नंबर 4 – इरफान अंसारी (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, खाद्य सार्वजनिक एवं उपभोक्ता मंत्री)
    5. बंगला नंबर 5 – योगेंद्र प्रसाद (पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री)
    6. बंगला नंबर 6 – हफ़ीजुल हसन (जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक विभाग मंत्री)
    7. बंगला नंबर 7 – चमरा लिंडा (कल्याण मंत्री)
    8. बंगला नंबर 8 – दीपक बिरुआ (राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार, परिवहन मंत्री)
    9. बंगला नंबर 9 – दीपिका पांडे सिंह (ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री)
    10. बंगला नंबर 10 – रामदास सोरेन (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री)
    11. बंगला नंबर 11 – संजय प्रसाद यादव (श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं उद्योग मंत्री)

    ये नए बंगले मंत्रियों को सरकारी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ-साथ आरामदायक आवासीय सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।

  • उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में आजसू की बैठक, संगठन विस्तार समेत विभिन्न मुद्दों पर मंथन

    झारखंड की राजनीति में नई दिशा: आजसू पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

    झारखंड की राजनीति में नया मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से आजसू पार्टी ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की एक अहम बैठक गिरिडीह के मधुबन में आयोजित की। इस बैठक में धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा जिलों के केंद्रीय समिति पदाधिकारी, केंद्रीय सदस्य, जिला और नगर स्तर के प्रतिनिधि शामिल हुए।

    बैठक में राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठन के विस्तार, आगामी चुनावी रणनीतियों और जनसंपर्क अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से झारखंड की जनता के प्रहरी के रूप में खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने के लिए सरकार की नीतियों और घोषणाओं का आकलन करना होगा, ताकि यह पता चल सके कि वे जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं।

    बैठक में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, मांडू विधायक तिवारी महतो, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो और केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने भी अपने विचार साझा किए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि झारखंड को सामूहिक नेतृत्व से आगे बढ़ाया जाएगा और संगठन के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र के गांवों, विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    इसके अलावा, नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में संगठन के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की रणनीति बनाई गई। युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए “युवा संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें सुदेश महतो जिले और प्रखंड स्तर पर युवाओं से संवाद करेंगे। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की गई।

    साथ ही, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई, ताकि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने झारखंड के सबसे बड़े विपक्षी दल के रूप में पार्टी को मजबूती से स्थापित करने और जनता के हक-अधिकारों के लिए संघर्ष को और धार देने के संकल्प को दोहराया।

    हेमंत सरकार पर आजसू का प्रहार

    झारखंड में एक बार फिर हेमंत सरकार के सत्ता में आते ही विकास और विनाश की परिभाषा स्पष्ट हो गई है। सरकार न तो विस्थापन नीति बना पाई, न नियोजन नीति, न स्थानीय नीति, और न ही महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा पूरा हुआ। JPSC और JSSC ने अब तक परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया, जिससे युवा असमंजस में हैं। महिलाओं और आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    अब झारखंड में पहली बार मैट्रिक परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार कार्रवाई करने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।

    आजसू पार्टी का आरोप है कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, अपराध बढ़ रहे हैं, पेपर लीक हो रहे हैं, और माफियाओं को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार की नीतियां पूरी तरह जनविरोधी हैं, जिससे प्रदेश में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

    आजसू पार्टी का कहना है कि उनका संघर्ष हमेशा जनता के हक-अधिकारों के लिए रहेगा। पार्टी ने अन्य राज्यों में विस्थापितों के लिए “ट्रिब्यूनल एक्ट” लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन झारखंड में अब तक इसे लागू नहीं किया गया।

    पार्टी ने झारखंड आंदोलन के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वे आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य बदलने के संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। इस कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो, मांडू विधायक तिवारी महतो, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

  • स्पीकर रवींद्रनाथ महतो आज बुलाएंगे सर्वदलीय बैठक, बजट सत्र के अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र की तैयारियाँ शुरू, आज होगी अहम बैठक

    झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियाँ जोरों पर हैं। विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने आज सभी राजनीतिक दलों के विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र के सुचारू संचालन और अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, पांच नेताओं को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

    गौरतलब है कि बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 20 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। 25 से 27 फरवरी तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 28 फरवरी को सरकार तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि 3 मार्च को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तुत करेंगे।

  • कैबिनेट बैठक मे लिए गए कुछ अहम फाइसले, जानिए कौन-कौन से फैसले लिए गए

    महिलाओं को फैक्ट्रियों में रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति

    राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फैक्ट्रियों में महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब महिलाएं अपनी सहमति से शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य कर सकेंगी। मंगलवार को कैबिनेट द्वारा इस फैसले को मंजूरी दी गई, जिससे औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन में सुगमता आएगी। इस पहल से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगीकरण की गति तेज होगी।

    महंगाई भत्ते में वृद्धि

    राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। छठे वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों का डीए 239% से बढ़ाकर 246% कर दिया गया है, जबकि पांचवें वेतनमान के अंतर्गत डीए 443% से बढ़ाकर 455% कर दिया गया है।

    कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

    • आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
    • पेयजल विभाग के सात कर्मचारियों की सेवा नियमित की गई।
    • बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम और बीएसइडीईएल को 1.27 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की स्वीकृति मिली।
    • हजारीबाग के भूसंरक्षण उपनिदेशक सुनील कुमार के दंड पुनर्विचार आवेदन को अस्वीकार किया गया।
    • एसटीएफ अधिकारी राजेश कुमार के परिवार को सेवा लाभ प्रदान करने की स्वीकृति मिली।

    ये सभी निर्णय राज्य में औद्योगीकरण को गति देने और कर्मचारियों की सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

  • झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: MSME उद्योगों को तीन साल तक ट्रेड लाइसेंस से मिलेगी छूट

    रांची: झारखंड सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश में इन उद्योगों को पहले तीन साल तक ट्रेड लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल उद्योग विभाग की सहमति मिलने से ही कारोबार शुरू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    इसके साथ ही सरकार ने पांचवे और छठे वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया है। अब छठे वेतनमान पर काम करने वाले कर्मियों, पेंशनधारियों और पारिवारिक पेंशनधारियों का डीए 239 प्रतिशत से बढ़ाकर 246 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पांचवे वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह 443 प्रतिशत से बढ़ाकर 455 प्रतिशत किया गया है।

    कैबिनेट बैठक में महिलाओं को कारखानों में रात में काम करने की अनुमति देने के लिए कारखाना अधिनियम-1948 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। अब महिलाएं अपनी सहमति से शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी।

    कौन होगा लाभार्थी?

    कैबिनेट के इस फैसले से एमएसएमई उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उद्यमियों को पहले तीन वर्षों तक ट्रेड लाइसेंस लेने की बाध्यता नहीं होगी। इसके बाद वे लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इससे उद्योगों की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

    सरकार के इन फैसलों से झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

  • झारखंड: नई बहाली से खिले चेहरे, जेएसएससी के 289 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    झारखंड में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से चयनित 289 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। हालांकि, गले में खराश होने के कारण वे भाषण नहीं दे सके, लेकिन उनकी मौजूदगी ही अभ्यर्थियों के लिए सपनों के सच होने जैसा अहसास थी।

    राज्य को मिले नए राजस्व निरीक्षक, विधि सहायक और अन्य पदाधिकारी.

    नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही राज्य को 174 राजस्व निरीक्षक, 44 विधि सहायक, 12 सेनेटरी एंड फूड इंस्पेक्टर, 8 पशु चिकित्सा पदाधिकारी और 9 नए गार्डेन अधीक्षक मिल गए हैं। यह नियुक्ति राज्य के शहरी निकायों की ताकत को बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों को भी सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगी।

    मंत्रियों ने दिलाई जिम्मेदारी की याद.

    इस मौके पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देने के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाई।

    नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड की 31% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, लेकिन मानव संसाधन की कमी के कारण सरकारी योजनाओं को लागू करने में दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब इन नियुक्तियों से कामकाज में तेजी आएगी।

    वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पिछली सरकार संविदा पर कर्मियों को नियुक्त करती थी, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दृढ़ संकल्प के चलते अब नियमित बहाली हो रही है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले पांच सालों में और भी भर्तियां होंगी।

    श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है, बस समर्पित भाव से काम करें और राज्य के विकास में योगदान दें।

    संगठन और संघर्ष के बाद मिली जीत.

    चार साल तक नियुक्ति पत्र के इंतजार में संघर्ष करने वाले अभ्यर्थियों के चेहरे आज खुशी से खिल उठे। कई अभ्यर्थियों ने JSSC कार्यालय से लेकर राजभवन तक धरना प्रदर्शन किया, सरकार से बार-बार रिजल्ट जारी करने की मांग उठाई, और आज वह संघर्ष सफलता में बदल गया।

    अब झारखंड में नए सपनों की उड़ान

    सरकार की इस बहाली से जहां शहरी निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी, वहीं युवाओं को अपने करियर को संवारने का मौका भी मिलेगा। सवाल यह भी है कि क्या यह बहाली अन्य लंबित भर्तियों का रास्ता साफ करेगी? अब देखना होगा कि सरकार अपने इस संकल्प को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाती है।

    The News Post4U के लिए परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट.

  • झारखंड में तंबाकू और गुटखे पर पूर्ण प्रतिबंध,अधिसूचना जारी

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा—अब बर्दाश्त नहीं होगी ज़हरीली लत!

    राज्य सरकार ने तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा एवं पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब न तो राज्य में इसका निर्माण होगा, न भंडारण, न वितरण और न ही बिक्री। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह प्रतिबंध फिलहाल एक वर्ष के लिए लागू रहेगा, जिसे बाद में आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले को जनस्वास्थ्य के हित में ऐतिहासिक कदम बताते हुए साफ किया कि राज्य के लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा—
    “गुटखा और पान मसाले के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी तेजी से फैल रही है, खासकर हमारे युवा सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। एक डॉक्टर होने के नाते मैं जानता हूं कि यह ज़हर किस हद तक शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए, जो भी इसे बेचेगा, भंडारण करेगा या सेवन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

    गुटखा माफियाओं पर प्रशासन की सख्त नजर!

    सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अवैध कारोबारियों और गुटखा माफियाओं पर विशेष नजर रखी जाएगी। किसी भी दुकान, गोदाम या व्यक्ति के पास गुटखा मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी और गोदाम सील कर दिए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश का कठोरता से पालन कराया जाए।

    माताओं और बहनों की गुहार पर लिया गया बड़ा फैसला

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि महिलाओं की ओर से लगातार गुहार लगाई जा रही थी कि उनके बच्चे और भाई नशे की चपेट में आकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा—
    “मैंने उनकी पीड़ा को समझा और यह ठोस निर्णय लिया। अब झारखंड को गुटखा मुक्त बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

    अब देखना होगा कि सरकार के इस सख्त फैसले के बाद राज्य में गुटखा का अवैध कारोबार कैसे खत्म किया जाता है, और क्या यह फैसला झारखंड को वास्तव में तंबाकू मुक्त बना पाएगा?

    The News Post4U के लिए परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट 

  • झारखंड : 37 कैदियों की जेलों से रिहाई का फैसला, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए पुनर्वास के निर्देश

    रिपोर्ट – परवेज़ आलम

    झारखंड की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 37 कैदियों को रिहा करने का बड़ा फैसला लिया गया है। यह निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में लिया गया। बैठक में आजीवन सजा काट रहे 103 कैदियों की रिहाई से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। हर एक कैदी की फाइल पर गहन विचार-विमर्श के बाद 37 कैदियों को रिहा किए जाने की मंजूरी दी गई।

    रिहाई का फैसला कैसे लिया गया?
    कैदियों की रिहाई का निर्णय लेते हुए न्यायालयों के आदेशों के साथ-साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक और प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर गौर किया गया। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सुधार की राह पर चल पड़े कैदियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

    कैदियों को मिलेगी आजीविका, जोड़े जाएंगे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से. 
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा किए जाने वाले कैदियों के पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि की गहन जांच की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके लिए आय के साधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

    इसके लिए सभी कैदियों को स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से जोड़े जाने की योजना है। उन्हें डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, “रिहा हो रहे कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।”

    रिहा कैदियों की गतिविधियों पर होगी सख्त नजर.
    सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि रिहा किए गए कैदियों का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड रखा जाए। कारा महानिरीक्षक को विशेष रूप से आदेश दिया गया कि सभी कैदियों की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग हो। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि समाज में लौटने के बाद ये कैदी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
    इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नलिन कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, रांची के न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय, झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता, कारा महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    सरकार का यह फैसला न केवल सुधारात्मक न्याय को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में अपराधियों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी है।

  • उर्दू किसी एक धर्म की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है – अंजुमन उर्दू सम्मेलन में बोले मंत्री इरफान अंसारी

    झारखंड में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द का पहला राज्य सम्मेलन संपन्न

    रांची के पुरानी विधानसभा भवन में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द, झारखंड का पहला राज्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के पहले सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव अतहर फारूकी ने की, जिसमें सम्मेलन के संयोजक एम. जेड. खान ने संयोजक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में अंजुमन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया।

    उर्दू के सम्मान और विकास पर जोर

    सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू किसी विशेष धर्म से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह एक भारतीय भाषा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने उर्दू को उसका उचित सम्मान न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इस भाषा से प्रेम करने वालों की संख्या कम नहीं है। उन्होंने उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस सत्र में जालिब वतनी की पुस्तक “उड़ान” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सुशील साहिल (गोड्डा), मुफ्ती सईद आलम (गिरिडीह), हसन निज़ामी (धनबाद), जफरुल्लाह सादिक (हजारीबाग), जमशेद कमर (रांची) आदि ने अपने विचार साझा किए। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को उर्दू भाषा में डॉ. मोहम्मद रेहाना अली ने प्रस्तुत किया।

    सम्मेलन में उर्दू के प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श

    सभा को संबोधित करते हुए सुभाषिनी अली ने कहा कि उर्दू को उसकी सही पहचान तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उर्दू को केवल मुसलमानों की भाषा समझना एक बड़ी गलतफहमी है। इस भाषा की उन्नति के लिए इसे आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने और अधिक जनप्रिय बनाने के प्रयास करने होंगे। साथ ही, उन्होंने उर्दू साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद की जरूरत पर भी जोर दिया।

    दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. यासीन अंसारी ने की, जबकि संचालन एम. जेड. खान ने किया। इस सत्र में सांसद महुआ माजी ने कहा कि हिंदी और उर्दू का संबंध “मां और मौसी” की तरह है। इस सम्मेलन में झारखंड के 22 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उर्दू के विकास को लेकर पारित प्रस्ताव

    इस सत्र में उर्दू भाषा के संवर्धन से जुड़े 13 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

    • साहित्य एवं उर्दू अकादमी का गठन
    • उर्दू सेल और उर्दू निदेशालय की स्थापना
    • उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति

    साहित्यकारों की भागीदारी

    सम्मेलन में उर्दू और हिंदी के कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम थे – वीना श्रीवास्तव, अपराजिता, एम. एल. सिंह, के. के. सिंह, सुशील साहिल, रेहाना, नजमा नाहिद, आलम आरा, फरहत जहां, शाजिया शबनम, डॉ. अंजार, मो. शकील, शोएब, कनक चौधरी आदि।

    यह सम्मेलन झारखंड में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वक्ताओं ने उर्दू को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, इसे शिक्षा प्रणाली में मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान उर्दू भाषा को अधिक मान्यता दिलाने के लिए विभिन्न सुझाव और संकल्प पारित किए गए।

    उल्लेखनीय है कि अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द की स्थापना 1882 में हुई थी, और इससे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, शिबली नोमानी जैसी महान विभूतियों का संबंध रहा है।

  • झारखंड कांग्रेस को मिला नया प्रभारी, के. राजू को सौंपी गई कमान

    झारखंड कांग्रेस को नया प्रभारी, के. राजू को मिली जिम्मेदारी

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झारखंड समेत कई राज्यों में पार्टी प्रभारियों में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत के. राजू को झारखंड कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस निर्णय की जानकारी प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने दी।

    राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं के. राजू

    के. राजू वर्तमान में कांग्रेस के SC-ST-OBC-माइनोरिटी विभाग के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं। वे तेलंगाना के हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं और पूर्व आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं। उन्हें राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सतीश पॉल मुंजनी के अनुसार, के. राजू एक अनुभवी और कुशल संगठनकर्ता हैं, जिनके नेतृत्व में झारखंड कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी।

    एक साल में दूसरी बार बदला गया प्रभारी

    गौरतलब है कि झारखंड कांग्रेस में एक साल के भीतर दूसरी बार प्रभारी बदला गया है। दिसंबर 2023 में गुलाम अहमद मीर को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया था, जो इससे पहले अविनाश पांडेय के पास थी। गुलाम अहमद मीर को पश्चिम बंगाल का भी प्रभार दिया गया था। उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर ली, जबकि विधानसभा चुनाव में 2019 जैसा प्रदर्शन दोहराते हुए 16 सीटें जीतीं।