Category: Sports

  • महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो में गिरिडीह की बेटियों का परचम, 7 पदकों से बढ़ाया झारखंड का मान

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: “जब हौसले बुलंद हों, तो मंच चाहे राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय—जीत कदम चूमती है।”
    कुछ ऐसा ही कर दिखाया है गिरिडीह की बेटियों ने, जिन्होंने प्रथम महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित कर दिया।

    बोकारो स्थित गुरुगोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल में 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गिरिडीह की आठ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से सात खिलाड़ियों ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इन बेटियों ने कुल 7 पदक अपने नाम किए—3 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य

    कोच आकाश कुमार स्वर्णकार के कुशल मार्गदर्शन में झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर रहीं खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में जुझारूपन, तकनीक और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
    द बैलेंस पाथ एकेडमी” की ज्योति राज, तथा के टाइगर ताइक्वांडो एकेडमी” की सोनाक्षी कुमारी और आयशा विंत अफजल ने दमदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर गिरिडीह को गौरव से भर दिया।

    वहीं साक्षी कुमारी, अंजुम आरा और शिवानी कुमारी ने रजत पदक, जबकि तनीषा आर्य ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    इस शानदार उपलब्धि पर गिरिडीह जिला ताइक्वांडो संघ के महासचिव अमित स्वर्णकार ने खिलाड़ियों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि

    “इन बेटियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। यह सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।”

    खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक जीत पर विधायक मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहबादी सहित ताइक्वांडो संघ के पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    निस्संदेह, गिरिडीह की ये बेटियाँ आज प्रदेश की शान बन चुकी हैं और आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखती हैं।

     

  • पचम्बा थाना टीम की दमदार जीत, जगमनरायडीह को 3-1 से हराया,डॉ. आई. अहमद मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का आज दूसरा दिन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह जिले के तेलोडीह स्थित गांधी मैदान में सोमवार कोका दूसरा दिन बेहद रोमांचक मुकाबले का गवाह बना। पचम्बा थाना की टीम और जगमनरायडीह की टीम के बीच खेले गए मैच ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

    पहले हाफ में बढ़त.

    मैच की शुरुआत से ही पचम्बा थाना की टीम ने आक्रामक खेल दिखाया। सटीक पासिंग और तेज़ आक्रमणों के बीच टीम ने पहला गोल दागकर 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरी ओर, जगमनरायडीह की टीम ने बराबरी करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पचम्बा की मजबूत डिफेंस लाइन और गोलकीपर की सतर्कता के कारण वे पहले हाफ में गोल नहीं कर पाए।

    दूसरे हाफ का निर्णायक खेल.

    दूसरे हाफ में भी पचम्बा थाना की टीम ने दबदबा बनाए रखा। शानदार तालमेल और तेज़ रफ्तार आक्रमण के चलते टीम ने लगातार दो और गोल दागकर बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। हालांकि, पीछे चल रही जगमनरायडीह की टीम ने हार नहीं मानी और लगातार दबाव बनाते हुए एक गोल करने में सफल रही। लेकिन अंत तक वे कोई और गोल नहीं कर सके और मुकाबला 3-1 से पचम्बा थाना के नाम रहा।

    नेतृत्व और उत्साह.

    पचम्बा थाना की टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी सह कप्तान राजीव कुमार कर रहे थे, जिन्होंने अपनी टीम को बेहतरीन रणनीति और हौसला दिया। दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे जोश के साथ खेल का प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना दर्शकों ने जोरदार तालियों से की।

    दर्शकों की भीड़ और गणमान्य लोगों की मौजूदगी।

    गांधी मैदान में इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि आसपास के गांवों और दूर-दराज़ के इलाकों से भी बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। मैदान फुटबॉल प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।
    मौके पर तेलोडीह मुखिया सब्बीर आलम,पाटकर इमरान आलम , समाज सेवी इरफान आलम  समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति और वॉलेंटियरों की भूमिका की सराहना की।

    खेल भावना का उदाहरण.

    टूर्नामेंट का यह दूसरा दिन सिर्फ एक जीत-हार का मुकाबला नहीं रहा, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और सामूहिक उत्साह का भी प्रतीक बना। दर्शकों ने इस टूर्नामेंट को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

     

  • सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू

    झारखंड-बिहार से 50 से अधिक टीमें पहुंचीं.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: खेल भावना, सांस्कृतिक एकता और युवाओं के उत्साह से भरे माहौल में सोमवार से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में कबड्डी का महाकुंभ शुरू हो गया। झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों से आई 50 से अधिक विद्यालयी टीमें अपने-अपने स्कूल के झंडों के साथ जब मैदान में उतरीं तो दृश्य बेहद मनमोहक हो गया। रंग-बिरंगी ड्रेस में सजे छात्र-छात्राओं ने मैदान पर ‘विविधता में एकता’ की भावना को जीवंत कर दिया।

    भव्य उद्घाटन.
    प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार सुबह 10 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में शामिल प्रमुख अतिथियों में स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्राचार्या शालिनी कवला, लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राज कुमार राज ,डी.एल.एड स्कॉलर बी.एड कॉलेज की प्रमुख हरदीप कौर, बीएनएस डीएवी के प्राचार्य सचिन गर्ग, सीसीएल डीएवी के प्राचार्य ओ.पी. गोयल, ऑब्जर्वर गोविंद झा, योगेश पांडेय, तकनीकी सदस्य प्रसाद महतो, विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा, निदेशक रमनप्रीत कौर सलूजा, प्राचार्या ममता शर्मा, उप प्राचार्य सूरज कुमार लाला, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर रूपा मुद्रा, स्पोर्ट्स पर्सन धनंजय राय, घनश्याम रजक और अजय सिंह शामिल रहे।

    उद्देश्य और महत्व।
    उद्घाटन के बाद विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सिंह सलूजा ने कहा—

    “यह कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक समागम और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। सीबीएसई बोर्ड द्वारा लगातार कई वर्षों से सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल को इस प्रतियोगिता के आयोजन का अवसर मिलना हमारे प्रबंधन और तैयारियों की गुणवत्ता का प्रमाण है।”

    उन्होंने बताया कि सभी आने वाली टीमों के लिए आवास, भोजन और खेल संबंधी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, और विद्यालय की पूरी टीम इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    प्रतियोगिता का आगाज रोमांचक मुकाबलों से
    प्रतियोगिता का पहला मुकाबला अंडर-17 बालक वर्ग में दून ग्लोबल और साउथ पॉइंट बुंडू के बीच खेला गया। इसके बाद प्रतिभा पलवान स्कूल और लेडी के.सी. रॉय स्कूल के बीच दूसरा मैच हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने जोरदार खेल दिखाकर दर्शकों का मन मोह लिया।

  • जन्मदिन पर दिखे ‘कैप्टन कूल’: फैंस को दिया माही ने खास तोहफा, फार्म हाउस से निकलकर लहराया हाथ

    Edited by – परवेज़ आलम.
    For – The News Post4u.

    भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते सितारे और देश को तीन आईसीसी ट्रॉफियां दिलाने वाले महेंद्र सिंह धोनी  ने 7 जुलाई को अपने जन्मदिन के मौके पर एक ऐसा पल रच दिया जिसे रांची कभी नहीं भूलेगा। सोमवार की सुबह, जब रांची हल्की बारिश और बादलों की चादर में लिपटी थी, धोनी अपने सिमलिया स्थित फार्म हाउस से बाहर निकले और अपने चाहने वालों को अपनी झलक देकर जन्मदिन को यादगार बना दिया।

    धोनी इस मौके पर अपनी नई चमचमाती कार में सवार थे। जैसे ही उन्होंने फार्म हाउस का गेट पार किया, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। धोनी-धोनी!”  के नारों से इलाका गूंज उठा। माही ने भी अपने खास शांत और सादगीपूर्ण अंदाज़ में कार की स्पीड धीमी की और हाथ हिलाकर सबका अभिवादन किया।

    भीड़ में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई अपनी आंखों से ‘कैप्टन कूल’ की एक झलक पाने को आतुर था। कुछ लोगों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था – हैप्पी बर्थडे माही, झारखंड की शान, भारत की जान”। वहीं कुछ युवा अपने मोबाइल कैमरों से उस ऐतिहासिक क्षण को कैद करने में लगे थे।

    सुबह से जुटने लगी थी भीड़, बारिश भी नहीं रोक सकी जोश.

    धोनी के फैंस सुबह से ही उनके फार्म हाउस के बाहर जमा होने लगे थे। किसी ने केक साथ लाया था, तो कोई धोनी के पोस्टर लेकर खड़ा था। फैन क्लब्स ने वहीं सड़क किनारे छोटा-सा मंच बना रखा था जहां संगीत, उत्सव और जोश का माहौल था। बारिश रुक-रुक कर हो रही थी लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं थी।

    सोशल मीडिया से लेकर गली-मोहल्लों तक मना जश्न.

    रांची ही नहीं, पूरे देश में माही का जन्मदिन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर #HappyBirthdayDhoni ट्रेंड करता रहा। फैंस ने जगह-जगह केक काटकर जश्न मनाया और अपने-अपने अंदाज में धोनी के प्रति अपना प्यार जताया।

    एक नजर धोनी की उपलब्धियों पर.
    महेंद्र सिंह धोनी न सिर्फ भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत कप्तानों में से हैं, बल्कि उनकी कप्तानी में भारत ने जो इतिहास रचा, वो कभी नहीं मिटाया जा सकता।

    • 2007 में टी20 वर्ल्ड कप.
    • 2011 में वनडे वर्ल्ड कप.
    • 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी.

    इसके अलावा उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम को भी नंबर-1 रैंकिंग तक पहुंचाया। आईपीएल में भी धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स ने उनके नेतृत्व में 5 बार खिताब जीता है, और आज CSK को सबसे सफल फ्रेंचाइज़ी में गिना जाता है.

    जन्मदिन पर धोनी ने कुछ कहा तो नहीं, लेकिन उनका एक इशारा – भीड़ को देखकर मुस्कुराना, हाथ हिलाना और कार की स्पीड धीमी करना – यही संदेश दे गया कि वह आज भी अपने फैंस को सबसे पहले रखते हैं। उनके लिए यह छोटा-सा लम्हा शायद एक दिन का किस्सा हो, लेकिन उनके फैंस के लिए यह यादगार बन गया।

  • RCB का पहला IPL खिताब और विराट-अनुष्का की कैमरे में कैद हुई इमोशनल जर्नी

    जानिए विराट-अनुष्का के प्यार, शादी और परिवार की पूरी कहानी.

    By The News Post4u.

    आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इतिहास रच दिया। वर्षों की मेहनत और असफलताओं के बाद आखिरकार RCB ने पंजाब किंग्स को हराकर अपना पहला आईपीएल खिताब जीत लिया। इस ऐतिहासिक मैच के गवाह न सिर्फ लाखों दर्शक बने, बल्कि स्टेडियम में कई चर्चित सितारों की मौजूदगी ने इस जीत को और भी खास बना दिया।

    इस खास मौके पर पूर्व कप्तान विराट कोहली की पत्नी और मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी स्टेडियम में मौजूद थीं। जैसे ही RCB ने जीत दर्ज की, विराट कोहली ने अनुष्का को गले लगाकर खुशी में आंसू बहाए। ये भावुक क्षण कैमरे में कैद हो गए और सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस जीत ने न केवल एक टीम का सपना पूरा किया, बल्कि विराट और अनुष्का के लंबे सफर को भी भावनात्मक मुकाम पर ला खड़ा किया।

    आइए जानते हैं उनकी लव स्टोरी, शादी और पारिवारिक जीवन की पूरी दास्तान—

    पहली मुलाकात: एक ऐड शूट से शुरू हुई कहानी.

    विराट और अनुष्का की पहली मुलाकात साल 2013 में एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी। कोहली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पहली बार अनुष्का से मिलते वक्त काफी नर्वस थे। बातचीत शुरू करने के लिए उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, आपको नहीं लगता कि आपने बहुत ऊंची हील्स पहन ली हैं?” अनुष्का का तुरंत जवाब था, “Excuse me?” जिससे माहौल थोड़ा असहज हो गया। लेकिन यही मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई।

    प्यार पर मुहर: 2014 में पहली झलक, 2017 में शादी.

    2014 के मेलबर्न टेस्ट में जब विराट ने शतक लगाया, तो उन्होंने स्टैंड्स में बैठीं अनुष्का को फ्लाइंग किस दिया था। यहीं से दोनों के रिश्ते की सार्वजनिक चर्चा शुरू हुई।

    कई साल डेटिंग के बाद 11 दिसंबर 2017 को दोनों ने इटली के टसकनी में एक बेहद प्राइवेट और रॉयल वेडिंग की। इस शादी के लिए दोनों ने भव्य इंतजाम किए थे। जहां शादी हुई, वो लक्ज़री रिजॉर्ट केवल इनके लिए दिसंबर में खोला गया था, जबकि आमतौर पर वह जगह अप्रैल से खुलती है। शादी में सिर्फ 50 खास मेहमान शामिल हुए थे और रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ ठहरने पर ही 45-50 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।

    विराट की वो खास बात जो अनुष्का को भा गई.

    अनुष्का ने एक बार कहा था कि उन्हें विराट की याददाश्त बहुत पसंद आई थी। 2023 के ‘इंडियन स्पोर्ट्स ऑनर्स’ इवेंट में उन्होंने कहा था, विराट की मेमोरी बहुत तेज है, और मुझे लगता है कि किसी रिश्ते में ये बहुत मददगार होता है।” यही छोटी मगर अहम बातें थीं, जिन्होंने दोनों को करीब लाया।

    परिवार और पैरेंटहुड: दो बच्चों के माता-पिता.

    11 जनवरी 2021 को अनुष्का ने बेटी वामिका को जन्म दिया और 15 फरवरी 2024 को उनके बेटे अकाय का जन्म हुआ। अनुष्का अब फिल्मों से दूरी बनाकर बच्चों की परवरिश में लगी हुई हैं। विराट भी अधिकतर समय परिवार के साथ बिताना पसंद करते हैं।

    2025 आईपीएल सीज़न में अनुष्का अक्सर स्टेडियम में दिखीं और सोशल मीडिया पर उन्हें “लकी चार्म” भी कहा जाने लगा, क्योंकि इसी सीज़न में RCB ने अपनी पहली ट्रॉफी जीती।

    अनुष्का के कारण विराट की जिंदगी में आए बड़े बदलाव.

    विराट कोहली ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कहा है कि अनुष्का ने उनकी जिंदगी को नया नजरिया दिया। साल 2020 के एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, मुश्किल हालात में खुद को संभालना, ईगो छोड़ना और लगातार कोशिश करते रहना मैंने अनुष्का से सीखा है।”

    2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद भी कोहली ने अपनी जीत का श्रेय अनुष्का को दिया था। उन्होंने कहा था, जब सब कुछ ठीक नहीं चल रहा होता है, तब भी जो आपके साथ खड़ा रहे, वही असली साथी होता है। अनुष्का ने मेरे हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया है। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।”

    एक प्रेम कहानी जो प्रेरणा बन गई.

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की कहानी महज एक क्रिकेटर और एक अभिनेत्री की लव स्टोरी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, समर्पण, और आपसी समझ का एक आदर्श उदाहरण बन गई है। आईपीएल 2025 की जीत ने जहां RCB के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा, वहीं विराट और अनुष्का की कैमरे में कैद वो भावुक झलक, लाखों दिलों को छू गई।

    विरुष्का—एक नाम, जो अब सिर्फ एक कपल नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन चुका है।

    *अमर उजाला और इंटरनेट से साभार

  • सिद्धू कान्हु क्रिकेट प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, KGN टीम ने लहराया परचम

    गिरिडीह के मोहनपुर यज्ञ मैदान में सिद्धू कान्हु क्रिकेट प्रतियोगिता का शानदार समापन हुआ, जिसमें कुल 13 टीमों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। फ़ाइनल में KGN टीम ने ज़ोरदार प्रदर्शन करते हुए श्री राम हार्डवेयर टीम को हराकर खिताब अपने नाम किया।

    प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मान और पुरस्कार से नवाज़ा गया। विजेता टीम को ₹25,000 का चेक, जबकि उपविजेता टीम को ₹15,000 का चेक प्रदान किया गया। इस मौके पर कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, मोहनपुर मुखिया मालती देवी और गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के पुत्र पीयूष चौधरी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।

    दिनेश यादव ने कहा, “खेल युवाओं में ऊर्जा और उत्साह भरने का काम करता है। इस तरह की प्रतियोगिताएं उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।”

    प्रतियोगिता को सफल बनाने वाले सभी आयोजकों को बधाई दी गई, जिनकी मेहनत से यह शानदार आयोजन संभव हो पाया।

  • कुणाल की थार पर धोनी के ऑटोग्राफ ने खींचा आनंद महिंद्रा का ध्यान, दी खास प्रतिक्रिया

    महेंद्र सिंह धोनी ने दोस्त की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर बनाया खास पल

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अपने खास अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में धोनी अपने दोस्त और झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर एक यादगार पल का हिस्सा बने। कुणाल, जो झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, अपनी नई गाड़ी की खुशी साझा करने के लिए धोनी के फार्महाउस पहुंचे थे। धोनी ने गाड़ी की सीट पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।

    कुणाल ने इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं। इस पर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक कार वह ‘कैनवास’ होती है, जिस पर हम अपनी जिंदगी और सपनों को चित्रित करते हैं। यह थार उस शख्स के हस्ताक्षर से सज गई, जो जिंदगी जीने की कला में माहिर है।”

    धोनी का अपने दोस्तों और फैंस के साथ जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपने प्रशंसकों और करीबियों की गाड़ियों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास महसूस कराया है। कुणाल ने कहा, “धोनी न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि एक सच्चे दोस्त भी हैं। उनकी सादगी और गर्मजोशी अद्वितीय है।”

    यह घटना धोनी की विनम्रता और अपने करीबियों के प्रति उनके खास लगाव को दर्शाती है। धोनी के इस अंदाज ने उनके फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया है।

  • झारखंड की बेटी सलीमा टेटे को ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे को हॉकी में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित ‘अर्जुन पुरस्कार 2024’ से सम्मानित किया। इस पुरस्कार से कुल 32 खिलाड़ियों को नवाजा गया, जिनमें झारखंड के सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे का नाम भी शामिल है। सभी खिलाड़ियों को यह सम्मान 17 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया।

    सलीमा टेटे, जो सिमडेगा जिले के बड़की छापर गांव की रहने वाली हैं, वर्तमान में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी हैं। अर्जुन पुरस्कार के लिए उनके चयन के बाद झारखंड के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि, सलीमा का सफर इतना आसान नहीं था। उन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और कठिन परिस्थितियों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया है।

    सलीमा टेटे झारखंड की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले झारखंड के ओलंपियन दिवंगत माइकल किंडो को यह पुरस्कार मिला था। पिछले 10 वर्षों में झारखंड के तीन हॉकी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है—सिलबानुस डुंगडुंग और माइकल किंडो को मेजर ध्यानचंद अवार्ड से सम्मानित किया गया, और अब सलीमा टेटे को अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

    कल्पना सोरेन ने भी दिया बधाई।

  • झारखंड में होगा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव- सुदिव्य कुमार सोनू

    RANCHI: झारखंड के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद व युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने घोषणा की है कि राज्य सरकार झारखंड में भी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन करेगी। इसमें पूरे राज्य से युवा प्रतिभागी शामिल होंगे और अपनी प्रतिभा और विचारों से राज्य के विकास में योगदान देंगे।   मंत्री सोनू ने नई दिल्ली में 10 से 12 जनवरी 2025 तक आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेकर लौटे झारखंड के प्रतिभागियों का बुधवार को सम्मान समारोह आयोजित कर प्रतिभागियों को अंग वस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

    राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने वाले युवाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “आपने न केवल झारखंड का नाम रोशन किया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बने हैं। आपकी मेहनत और समर्पण ने यह साबित किया है कि झारखंड के युवा किसी से कम नहीं।”

    मंत्री ने कहा, “झारखंड के युवाओं में असीमित प्रतिभा है। उनके पास हर क्षेत्र में परचम लहराने की क्षमता है। जरूरत है केवल सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की। राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि युवाओं को उनके लक्ष्य तक पहुँचने में मदद मिले।”

    युवाओं को दी किताबों से दोस्ती करने की सलाह।

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने युवाओं को किताबों से दोस्ती करने की सलाह देते हुए कहा, “ज्ञान प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका किताबें हैं। ये न केवल हमारी सोच को व्यापक बनाती हैं, बल्कि हमें सही निर्णय लेने की क्षमता भी देती हैं। आज का युवा बहुत तेज है। उसे तर्क और सवाल करने की आदत विकसित करनी चाहिए। युवाओं का उत्साह और ऊर्जा राज्य और देश के विकास की नींव है।” उन्होंने यह भी कहा, “जब तक हमारे गांव, शहर और राज्य मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश को मजबूती नहीं मिल सकती। राज्य के विकास के बिना देश के विकास की कल्पना अधूरी है।”

    प्रतिभागियों ने बढ़ाया झारखंड का मान।

    इस महोत्सव में दुमका की स्वाति राज ने भाषण प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, गुमला की शुभांगी क्षितिजा सौरभ और जमशेदपुर के ऋषित ने प्रधानमंत्री के समक्ष “विकास भी, विरासत भी” विषय पर प्रस्तुति दी। मंत्री ने इन प्रतिभागियों और उनकी टीम के लीडर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया।

    मंत्री ने इन सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां झारखंड के हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। “आपकी मेहनत और सफलता झारखंड की ताकत है। हम चाहते हैं कि आने वाले समय में और भी युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन करें।”

  • तीन युवाओं का राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हुआ चयन, जानिए कहाँ का है मामला

    गिरिडीह: गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड के रौनक कुमार मिश्रा, मोहम्मद जुबेर अहमद और गिरिडीह प्रखंड के प्रिंस कुमार पांडे ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। ये तीनों युवा 12 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय युवा महोत्सव में हिस्सा लेंगे।

    इनकी इस सफलता पर जिला युवा अधिकारी रवि कुमार मिश्रा और जिला खेल पदाधिकारी अर्जुन बारला ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    रौनक कुमार मिश्रा ने जिला खेल कार्यालय और नेहरू युवा केंद्र, गिरिडीह के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव के भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने प्रमंडलीय और राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः उपविजेता और दूसरा स्थान प्राप्त किया। अब वे झारखंड के 60 सदस्यीय दल के साथ राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2025 में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

    मोहम्मद जुबेर अहमद और प्रिंस कुमार पांडे ने “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग” ऑनलाइन प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी सफलता ने उन्हें झारखंड टीम के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भाग लेने का अवसर दिलाया।

    इन तीनों युवाओं की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी ने न केवल गिरिडीह जिले को गर्व महसूस कराया है, बल्कि जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है।