परवेज़ आलम.
द न्यूज़ पोस्ट4यू
झारखंड की सियासत में मेयर चुनाव के बाद अब एक नया राजनीतिक “मैच” शुरू हो चुका है—और यह मुकाबला है डिप्टी मेयर की कुर्सी का। नौ नगर निगमों में पार्षदों की गिनती, बैठकों का दौर, सम्मान समारोह और डिनर डिप्लोमेसी… सब कुछ तेज हो गया है। आइए समझते हैं कि इस वक्त झारखंड के नगर निगमों में किसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है और कहां किस तरह की राजनीतिक हलचल है।
मेयर के बाद अब डिप्टी मेयर की जंग
मेयर चुनाव खत्म होते ही अब राजनीतिक दलों की नजर डिप्टी मेयर के पद पर टिक गई है। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो—तीनों दल अपने-अपने समर्थित पार्षदों को एकजुट करने में जुट गए हैं। नगर निगमों में इस पद के लिए लॉबिंग और लामबंदी तेज हो गई है। पार्षदों के सम्मान समारोह हो रहे हैं, बैठकों का दौर चल रहा है और कई जगहों पर “डिनर डिप्लोमेसी” भी देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कहीं हॉर्स ट्रेडिंग न हो जाए। ऐसे में दल अपने पार्षदों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आखिरी वक्त में क्रॉस वोटिंग की स्थिति न बने।
रांची में डिनर डिप्लोमेसी और शक्ति प्रदर्शन.
राजधानी रांची में डिप्टी मेयर की रेस काफी दिलचस्प हो गई है।
- भाजपा ने पार्षदों का सम्मान समारोह आयोजित कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
- इस बैठक में 53 में से 42 पार्षदों की मौजूदगी बताई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नहीं है।
- कांग्रेस नेताओं ने एक बड़े होटल में पार्षदों के साथ डिनर मीटिंग की।
- इस बैठक में 37 पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्षदों ने डिप्टी मेयर के नाम तय करने का अधिकार पार्टी को दे दिया है।
गिरिडीह में झामुमो की मजबूत स्थिति
गिरिडीह नगर निगम में समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। यहां मेयर पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार की जीत के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि डिप्टी मेयर भी झामुमो समर्थित पार्षद ही बनेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा के पास यहां 10 से भी कम पार्षदों का समर्थन है, जबकि झामुमो समर्थित पार्षदों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। लालों राइन व सुमित कुमार दोनों jmm से हैं के बीच ही रश काशी चल रही है ।
हजारीबाग और मेदिनीनगर में ये नाम आगे।
राज्य के अन्य नगर निगमों में भी डिप्टी मेयर को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है।
- मेदिनीनगर: कांग्रेस समर्थित मनोज सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
- हजारीबाग: यहां मिताली रश्मि का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है
धनबाद, देवघर और आदित्यपुर में कांटे की टक्कर।
कुछ नगर निगमों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
- धनबाद: यहां अरुण चौहान और सुमन सिंह के बीच सीधी टक्कर बताई जा रही है। अरुण चौहान को झामुमो का समर्थन मिलने की चर्चा है।
- देवघर: पहली बार की पार्षद टीप चटर्जी डिप्टी मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
- चास: यहां पांच से छह पार्षदों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
- आदित्यपुर और मानगो: इन दोनों नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बीच सीधी टक्कर के संकेत मिल रहे हैं।
कब होगा शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर का चुनाव.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिप्टी मेयर का चुनाव कब होगा। अलग-अलग नगर निगमों में शपथ ग्रहण और चयन की तारीखें तय कर दी गई हैं।
- देवघर नगर निगम – 13 मार्च
- हजारीबाग नगर निगम – 13 मार्च
- मेदिनीनगर नगर निगम – 14 मार्च
- गिरिडीह नगर निगम – 16 मार्च
- आदित्यपुर नगर निगम – 16 मार्च
- मानगो नगर निगम – 17 मार्च
- चास नगर निगम – 17 मार्च
- धनबाद नगर निगम – 18 मार्च
- रांची नगर निगम – 19 मार्च
अंतिम तस्वीर अभी बाकी.
कुल मिलाकर झारखंड के नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर की कुर्सी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। पार्षदों की संख्या, दलों की रणनीति और आखिरी वक्त की राजनीतिक चालें—इन सबके बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर किसके सिर सजता है डिप्टी मेयर का ताज। आने वाले कुछ दिन झारखंड की नगर राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होने वाले हैं।













