Category: Giridih

  • पारसनाथ के जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता की खबर सामने आई है। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। दरअसल, गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ की 154वीं बटालियन ने पारसनाथ पहाड़ी की तराई में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

    क्या मिला छापेमारी में?
    टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और जमीन में दबाकर रखे गए 300 मीटर कोडेक्स वायर और 13 लीटर विस्फोटक केमिकल लिक्विड को बरामद किया। अधिकारियों के मुताबिक यह सामग्री नक्सलियों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जमा की गई थी।

    अभियान कैसे चला?
    गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार ने मीडिया को बताया  कि इस अभियान का नेतृत्व सीआरपीएफ 154वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील दत्त त्रिपाठी ने किया। वहीं, टीम में सीआरपीएफ के सेकंड कमांडेंट ओम प्रकाश सिंह, एएसपी अभियान सुरजीत कुमार और सहायक कमांडेंट तांबा शामिल थे। स्थानीय पुलिस, खुखरा थाना की टीम और डॉग स्क्वॉड की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    कहां से बरामद हुआ विस्फोटक?
    अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने बड़ी सतर्कता के साथ पारसनाथ की तराई स्थित जोकाईनाला इलाके की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के भीतर छुपाए गए विस्फोटक उपकरण और रसायन बरामद किए गए।

    नक्सलियों की साजिश पर रोक.
    पुलिस के मुताबिक, बरामद विस्फोटक का इस्तेमाल नक्सली आईईडी और अन्य बम तैयार करने में करते। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इन सामग्रियों को किसी बड़ी हिंसक कार्रवाई के लिए एकत्रित किया गया था। गिरिडीह पुलिस ने इसे नक्सलियों के इरादों पर बड़ा प्रहार बताया है।  इस कार्रवाई को सुरक्षाबलों की एक अहम सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पारसनाथ का इलाका नक्सलियों के लिए लंबे समय से सुरक्षित पनाहगाह रहा है।

     

  • पचम्बा-गिरिडीह फोर लेन सड़क निर्माण का निरीक्षण, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

    द न्यूज़ पोस्ट फोर यू डेस्क

    गिरिडीह : पचम्बा-गिरिडीह फोर लेन सड़क निर्माण कार्य का मंगलवार को उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

    निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने की स्थिति, पेड़ों की कटाई, बिजली के तारों की शिफ्टिंग तथा नालियों की साफ-सफाई जैसी प्रमुख समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य की गति तेज करने के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    उपायुक्त ने कहा कि फोर लेन सड़क का निर्माण जिले के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने से लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी और आवागमन भी सुगम होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए।

    उन्होंने मौके पर कार्यपालक अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ काम पूरा किया जाए। अधूरे कार्यों को लेकर जो भी अड़चनें सामने आ रही हैं, उन्हें आपसी समन्वय से तत्काल दूर किया जाए ताकि प्रोजेक्ट समय पर खत्म हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए ताकि धूल से लोगों को कोई असुविधा न हो।

    निरीक्षण के दौरान पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

  • इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने मनाया जन्माष्टमी उत्सव

    नन्हें कान्हाओं ने मोह लिया सबका मन

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन ने एक भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया। यह विशेष आयोजन क्लब की अध्यक्षा श्रीमती कविता राजगाड़िया के आवास पर हुआ, जहाँ क्लब की सभी सदस्याएँ और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और भक्ति गीतों के साथ हुई। पूरे वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा के स्वरूप गूंज उठे, जिससे माहौल श्रद्धा और आनंद से भर गया।

    इस अवसर पर दो रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया – मटकी सजावट प्रतियोगिता और रूप सज्जा प्रतियोगिता।

    • मटकी सजावट प्रतियोगिता में क्लब की प्रतिभावान सदस्याओं ने रंग-बिरंगे रंगों, फूलों और पारंपरिक आभूषणों से मटकियों को सजाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसमें प्रथम स्थान पर संगीता सिंह, द्वितीय स्थान पर शशि जैन और तृतीय स्थान पर संगीता सिन्हा एवं रिया अग्रवाल रहीं।
    • रूप सज्जा प्रतियोगिता में क्लब की सदस्याओं के घरों के नन्हें बच्चों ने श्रीकृष्ण का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया। छोटे-छोटे कान्हाओं के रूप में ऑली, वीरांश राज, आर्यन, मन्नी, साहिती और कियारा मंच पर आए तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा वातावरण गूंज उठा।

    प्रतियोगिता के विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए पीडीसी पूनम सहाय ने पुरस्कार एवं उपहार भेंट किए।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि क्लब की सभी सदस्याएँ माता यशोदा के रूप में सजी थीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक एवं सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

    अंत में, सभी सदस्याओं ने मिलकर भक्ति-भाव से भजन गाए और प्रसाद स्वरूप क्लब की सदस्याओं द्वारा बनाए गए पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।

    जन्माष्टमी उत्सव के इस आयोजन ने न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवंत किया, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और आनंद के भाव को भी मजबूत किया।

  • छह सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम कर्मियों का एक दिवसीय भूख हड़ताल, सरकार के खिलाफ गूंजे नारे

    गिरिडीह :- झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन के आह्वान पर सोमवार को गिरिडीह नगर निगम के कर्मियों ने निगम कार्यालय परिसर में एक दिवसीय भूख हड़ताल की। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।

    फेडरेशन नेताओं का कहना है कि सरकार ने कई बार लिखित आश्वासन दिया, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया। कर्मियों की छह सूत्री मांगों में सबसे अहम मांग दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा को नियमित करने से जुड़ी है। फेडरेशन नेता अशोक सिंह ने कहा कि दो मंत्रियों के साथ लिखित समझौता होने के बावजूद सरकार ने वादाखिलाफी की है।

    भूख हड़ताल के कारण नगर निगम का पूरा कामकाज दिनभर बाधित रहा। बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय परिसर में डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे।

    नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तेज होगा। 21 अगस्त को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 29 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना-प्रदर्शन होगा। यदि तब भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 12 सितंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

    कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक लिखित समझौते को लागू कर उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल में नगर निगम के अधिकांश कर्मचारी शामिल हुए और उन्होंने एकजुटता का परिचय दिया।

  • गिरिडीह में सजीं भजनों व झांकियों की शाम, यादव महासभा द्वारा धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी महोत्सव

    गिरिडीह :- शहर के हुट्टी बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर में रविवार की रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया। यादव महासभा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े और देर रात तक पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आरती और पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद भक्ति जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजन प्रस्तुत किए। भजनों पर श्रद्धालु भी भावविभोर होकर झूम उठे। मंदिर प्रांगण देर रात तक “जय श्रीकृष्ण” और “हरे कृष्णा” के जयकारों से गूंजता रहा।

    इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करते हैं और युवाओं में भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

    भक्ति गीतों के साथ-साथ कृष्ण रासलीला का मंचन और हनुमान जी व महाकाल की आकर्षक झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। सभी झांकियों को देखने के लिए मंदिर परिसर और आसपास भारी भीड़ जुटी रही। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर जन्माष्टमी के उल्लास का आनंद लेते रहे।

  • मंत्री रामदास सोरेन को विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    घाटशिला में होगा अंतिम संस्कार.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    रांची/घाटशिला: झारखंड के शिक्षा एवं निबंधन मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन को शनिवार सुबह झारखंड विधानसभा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई।
    राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कई सांसद, विधायक और मंत्रियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर सुबह करीब 10 बजे दिल्ली से रांची एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से सीधे विधानसभा लाया गया। इसके बाद दोपहर में उनका अंतिम संस्कार पूर्वी सिंहभूम जिले के पैतृक गांव में पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ किया जाएगा\

    राजनीतिक हस्तियों की श्रद्धांजलि.

    • राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा – “रामदास सोरेन ने गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनकी कमी झामुमो और राज्य दोनों के लिए गहरी है।”
    • नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शोक जताते हुए कहा – “उनका निधन प्रदेश की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।”
    • पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा – “बाबा बैद्यनाथ उनकी आत्मा को शांति दें और परिवार को शक्ति प्रदान करें।”
    • कांग्रेस नेत्री और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सोरेन का योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
    • पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा – “शिबू सोरेन के निधन से राज्य अभी उबरा भी नहीं था कि एक और जननेता का जाना बेहद दुखद है।”
    • भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय ने उन्हें “जमीन से जुड़े नेता और ईमानदार मंत्री” बताया।
    • मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा – “उनकी रिक्तता को भरना बेहद कठिन होगा।”

    राजनीतिक सफर: ग्राम प्रधान से मंत्री तक.

    रामदास सोरेन ने राजनीति की शुरुआत ग्राम प्रधान से की थी। उनके पिता घोड़ाबांधा गांव के ग्राम प्रधान रहे, और उनके निधन के बाद परंपरा अनुसार रामदास को यह दायित्व मिला।

    • वे झामुमो के जमशेदपुर ब्लॉक कमेटी से सक्रिय राजनीति में जुड़े।
    • 1990 में जिलाध्यक्ष बने और लंबे समय तक संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे।
    • 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने घाटशिला सीट से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को हराया था।
      • परिणाम: रामदास सोरेन को 98,356 वोट, जबकि बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट मिले।
      • जीत का अंतर: 22,446 वोट।

    वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन के करीबी माने जाते थे। जब चंपई सोरेन भाजपा में चले गए, तब हेमंत सोरेन ने राजनीतिक संतुलन साधने के लिए रामदास को कैबिनेट में शामिल किया।

    • रामदास सोरेन का निधन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में शिबू सोरेन का श्राद्धकर्म संपन्न हो रहा है ।
    • उनकी असमय मृत्यु से झामुमो को बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है।
    • अब सवाल है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी।

    संभावना जताई जा रही है कि सुदिव्य कुमार सोनू  (जो फिलहाल उच्च शिक्षा मंत्री हैं) को       इसका प्रभार मिल सकता है।

    मुख्यमंत्री की भावुक श्रद्धांजलि.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा –
    “रामदास दा का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतिम जोहार दादा।”

    जगरनाथ महतो के बाद रामदास सोरेन दूसरे ऐसे शिक्षा मंत्री रहे जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके. रामदास सोरेन लगभग 8 महीने ही मंत्री रह पाए.

    रामदास सोरेन बड़े झारखंड आंदोलनकारी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता थे. स्वर्गीय शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी थे. कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जब झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में गए तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन के बदले रामदास सोरेन को मंत्रिमंडल में शामिल कर कोल्हान में राजनीतिक क्षतिपूर्ति की भरपाई करने की कोशिश की.

    चंपई के बदले रामदास सोरेन को आगे किया गया. लेकिन दुर्भाग्य से रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे. उनके जाने से झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी भारी नुकसान हुआ है. रामदास सोरेन ऐसे समय पर दुनिया छोड़ गए जब गुरु जी का श्रद्धा कर्म भी संपन्न हो रहा है. अलग राज्य बनने के बाद से अभी तक संभवत किसी भी विधानसभा का कार्यकाल ऐसा नहीं रहा जिसमें उपचुनाव नहीं हुआ हो. हर विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पूर्व किसी न किसी कारण से उपचुनाव होता रहा है. अब रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव चुनाव होना तय है. 6 महीना के अंदर यहां चुनाव होगा. संभव है अक्टूबर में जब बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो तो घाटशिला में भी चुनाव की घोषणा हो जाए.

  • अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा बेहद मजबूत होगी –पीएम मोदी

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ उत्सव. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

     परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह / रांची / नई दिल्ली – 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में देशभक्ति का माहौल गूंज उठा। दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए न केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया, बल्कि देश के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया—घुसपैठ और इसके कारण बदलती डेमोग्राफी। इस मौके पर उन्होंने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन‘ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने करीब 103 मिनट के लंबे भाषण में कई ऐलान किए. उन्होंने इस संबोधन में सुदर्शन चक्र को लॉन्च करने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का महत्वाकांक्षी सुदर्शन चक्र मिशन है, जिसका उद्देश्य अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. उन्होंने आत्मनिर्भरता पर भी काफी जोर दिया.

    घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलाव पर पीएम मोदी का संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा—

    “मैं आज देशवासियों को एक गंभीर साजिश से आगाह करना चाहता हूं। सुनियोजित तरीके से देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है। ये घुसपैठिए हमारे नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, हमारी बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, और भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह का डेमोग्राफिक बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और सामाजिक तनाव को जन्म देता है।
    प्रधानमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत के लिए किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

    “हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से यह आजादी हासिल की है। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने देश को घुसपैठियों के हवाले न होने दें।”

    इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ तय समय सीमा में इस संकट से निपटने के लिए रणनीतिक और सख्त कदम उठाएगा।

    नक्सलवाद पर प्रहार: 125 से घटकर 20 जिले.

    प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा—

    “एक समय था जब 125 जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़ें जमा चुका था, खासकर हमारे आदिवासी क्षेत्रों में। आज वह संख्या घटकर केवल 20 जिलों तक रह गई है। हमने उन जनजातीय समाजों को माओवाद के चंगुल से निकालकर विकास की राह पर अग्रसर किया है।”

    उन्होंने बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि जो इलाका कभी बारूद और गोलियों की आवाज से गूंजता था, आज वहां के युवा खेलों में हिस्सा लेकर ओलंपिक के सपने देख रहे हैं।
    रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर बनने तक की इस यात्रा को उन्होंने विकास, संविधान और कानून की जीत बताया।

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। इस बार यह सम्मान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मिला।
    आमतौर पर यहां ध्वजारोहण मुख्यमंत्री करते आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में व्यस्त होने के कारण शामिल नहीं हो सके।

    ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन से पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में शहीदों को नमन किया और शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ तिरंगे का उत्सव.

    गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया।
    इस मौके पर डीसी रमनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

    अपने संबोधन में मंत्री ने कहा—“यह दिन केवल गर्व का क्षण नहीं, बल्कि उन ज्ञात और अज्ञात शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से हमें यह स्वतंत्रता दिलाई। उनका बलिदान हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

    उन्होंने जिले और राज्य में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी को देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही शिबू सोरेन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

     

  • गिरिडीह: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की

    The News Post4u.

    गिरिडीह: आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगलवार को भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने गिरिडीह के शास्त्री नगर स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराकर अभियान का शुभारंभ किया।

    इस मौके पर श्री साव ने कहा कि तिरंगा हमारी शान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों पर तिरंगा अवश्य लगाएं। यह पहल न केवल राष्ट्र की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि एक सशक्त भारत की पहचान भी है।

    उन्होंने कहा, “हमारा राष्ट्रीय ध्वज केवल स्वतंत्रता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी एकता, अखंडता और सांस्कृतिक धरोहर की अमर पहचान है। इस गौरवपूर्ण अभियान में शामिल होकर अपने घर, कार्यालय और दुकानों पर तिरंगा फहराएं, और राष्ट्र के प्रति सम्मान को दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त करें।”

    श्री साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को भारत की विविधताओं में निहित सुंदरता, अनेकता में एकता और 140 करोड़ देशवासियों की अटूट देशभक्ति का अद्भुत प्रतीक बताया।

  • झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा ने दिवंगत शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

     

    गिरिडीह: झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा, गिरिडीह ने पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष उमाचरण प्रसाद साहू ने की, जबकि संचालन धर्म प्रकाश ने संभाला। सभा में गिरिडीह जिला तैलिक साहू सभा के अध्यक्ष बालगोविंद साहू, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज गिरिडीह के अध्यक्ष राहुल बर्मन, रेडक्रॉस के चेयरमैन अरविंद कुमार , समाज के उपाध्यक्ष संजय कुमार साहू और हरगौरी साहू, झारखंड स्टेट बार एसोसिएशन के सदस्य परमेश्वर मंडल, महेंद्र मंडल, दशरथ प्रसाद और अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित थे।

    वक्ताओं ने अपने संबोधन में गुरुजी के सामाजिक, राजनीतिक और आंदोलनकारी योगदान को विस्तार से याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन हमेशा आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे और झारखंड के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

    सभा के दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

    इस अवसर पर सत्य प्रकाश साहा, प्रदीप कुमार साव, राहुल कुमार, सुबोध गुप्ता, सीताराम साहू, चंद्रकांत मंडल, चनो मंडल, प्रमोद अग्रवाल, रवि साव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।

  • गिरिडीह में डीटीओ का सघन वाहन जांच अभियान, नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी

    गिरिडीह/पचंबा: जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संतोष कुमार ने सोमवार को पचंबा थाना के पास दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मौके पर खड़े होकर वाहनों के परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

    अंडरएज और नियम तोड़ने वाले चालक पकड़े गए
    जांच के क्रम में कई वाहन चालक नियम तोड़ते हुए पकड़े गए—

    • अंडरएज वाहन चालक
    • बिना हेलमेट चलने वाले चालक
    • ट्रिपल राइडिंग करने वाले
    • बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले

    डीटीओ ने सभी को मौके पर कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन साफ शब्दों में कहा कि अगली बार नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा पर सख्त हिदायत.
    संतोष कुमार ने सभी चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा में चलना और वैध दस्तावेज रखना न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

    वाहन शोरूम का निरीक्षण भी किया.
    इससे पूर्व डीटीओ ने गिरिडीह के विभिन्न वाहन शोरूमों का निरीक्षण किया। उन्होंने बोड़ो स्थित पैगजियो शिव कमर्शियल और बिशनपुर स्थित महिंद्रा शोरूम का दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रेड लाइसेंस और अन्य आवश्यक कागजातों की जांच की।

    डीटीओ ने कहा कि विभाग का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन सुनिश्चित करना है।