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  • झारखंड में बड़ी कार्रवाई: 143 डॉक्टर सेवा से बर्खास्त

    स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अधिसूचना.

    By The News Post4u.

    रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में अनुशासन बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। वर्षों से ड्यूटी से गायब चल रहे 143 डॉक्टरों को राज्य सरकार ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

    इन सभी चिकित्सकों पर आरोप था कि वे बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के लंबे समय से अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित चल रहे थे। लगातार चेतावनियों और विभागीय नोटिसों के बावजूद इन डॉक्टरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, जिसके चलते विभाग को यह सख्त निर्णय लेना पड़ा।

    बर्खास्त डॉक्टरों की नियुक्ति जेपीएससी से हुई थी.

    जिन डॉक्टरों को सेवा से हटाया गया है, उनकी नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से की गई थी। वे राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत थे, जिनमें प्रमुख जिले शामिल हैं:

    • रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम
    • धनबाद, जामताड़ा, दुमका, देवघर, चतरा
    • पाकुड़, गुमला, खूंटी, गढ़वा, गिरिडीह और गोड्डा

    कई वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टर भी सूची में शामिल.

    बर्खास्त किए गए डॉक्टरों की सूची में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम भी शामिल हैं, जो राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में तैनात थे:

    • डॉ. अभिषेक जायसवाल – रेडियोलॉजिस्ट, जमशेदपुर सदर अस्पताल
    • डॉ. चंदेवर मंगेश महादेव – ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ
    • डॉ. विक्रम – पश्चिमी सिंहभूम सदर अस्पताल
    • डॉ. रूपा – रिनपास (रांची मानसिक आरोग्यशाला)
    • डॉ. अभिषेक – डर्मेटोलॉजिस्ट, जामताड़ा सदर अस्पताल
    • डॉ. अनीश कुमार गांधी और डॉ. मनीष कुमार – सर्जन, धनबाद सदर अस्पताल

    खाली पदों पर होगी नई नियुक्ति.

    स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन डॉक्टरों की नियुक्ति अधिसूचना को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद अब इन पदों पर नई भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का उद्देश्य है कि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और स्वास्थ्य ढांचा और अधिक प्रभावी तरीके से काम करे।

    सरकार का संदेश स्पष्ट: लापरवाही बर्दाश्त नहीं.

    इस कार्रवाई के माध्यम से राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग अब इन खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है ताकि राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सशक्त किया जा सके।

  • हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस तारलोक सिंह चौहान होंगे झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

    –देशभर के कई हाईकोर्टों में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल.

    For The News Post4u.

    रांची: भारत के न्यायिक ढांचे में एक अहम बदलाव करते हुए राष्ट्रपति ने देश के कई उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के तबादले और नई नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। इस क्रम में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस तारलोक सिंह चौहान को झारखंड हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    अब तक झारखंड हाईकोर्ट की कमान संभाल रहे मुख्य न्यायाधीश एम.एस. रामचंद्र राव को स्थानांतरित कर त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    इस बदलाव के साथ-साथ पटना हाईकोर्ट में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं।

    • जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली, जो अब तक पटना हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अब मुख्य न्यायाधीश के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • वहीं, अब तक पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस आशुतोष कुमार को गुवाहाटी हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई नियुक्तियां.
    इन सभी नियुक्तियों को भारत के सर्वोच्च न्यायालय की कॉलेजियम द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित किया गया है। यह फेरबदल देश में न्यायिक प्रक्रिया की सुचारूता, न्यायपालिका में संतुलन बनाए रखने और अनुभवों के विविध आदान-प्रदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

    न्यायिक सेवाओं के अनुभवी चेहरे.

    • जस्टिस तारलोक सिंह चौहान, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अपने न्यायिक निर्णयों से विशेष पहचान बनाई है, अब झारखंड में अपनी भूमिका निभाएंगे।
    • जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव को एक सुलझे हुए और अनुशासित न्यायिक अधिकारी के तौर पर जाना जाता है, और अब वे त्रिपुरा हाईकोर्ट का नेतृत्व करेंगे।
    • जस्टिस विपुल पंचोली और जस्टिस आशुतोष कुमार दोनों ने पटना हाईकोर्ट में उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं, और अब वे नए राज्यों में न्याय व्यवस्था को दिशा देने का कार्य करेंगे।

    यह न्यायिक पुनर्संरचना न केवल विभिन्न राज्यों के न्यायिक तंत्र को नई ऊर्जा देने का कार्य करेगी, बल्कि नीतिगत स्थिरता और दक्ष न्यायिक कार्यप्रणाली को भी बढ़ावा देगी।

  • झारखंड में बारिश का कहर: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदला मौसम

    – कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट.

    For The News Post4u.

    रांची: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवातीय सिस्टम के कारण झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 14 जुलाई से 16 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और कुछ के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और जलजमाव की आशंका भी जताई गई है।

    किन जिलों में कब और कितनी बारिश का अनुमान?
    मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई को उत्तरी और पश्चिमी झारखंड, खासकर पलामू, गढ़वा, चतरा जिलों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है।

    • कुछ क्षेत्रों में 120 से 200 मिमी तक बारिश हो सकती है।
    • अन्य जिलों में 70 से 110 मिमी तक वर्षा की संभावना है।

    कम दबाव का क्षेत्र बना कारण.
    मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका प्रभाव झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरी कारण के घरों से बाहर न निकलें और खुले स्थानों पर बिजली गिरने से बचें।

    अभी तक सामान्य से 61% अधिक वर्षा.
    राज्य में इस मानसून सीज़न में अब तक 61% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में अब तक औसतन 510 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक सिर्फ 316 मिमी बारिश होती है। राजधानी रांची में हालात और भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं—जहां सामान्य रूप से 327 मिमी बारिश होती है, वहां इस बार अब तक 779 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

    जनता से अपील: अलर्ट का पालन करें, सतर्क रहें.
    प्रशासन और मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र बनाए रखें, मोबाइल अलर्ट्स और रेडियो/टीवी की सूचनाओं पर ध्यान दें। निचले इलाकों में जलजमाव से बचने और बिजली की स्थिति पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    यह लगातार हो रही बारिश जहां किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है, वहीं आम जनजीवन को इससे भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यदि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

     

  • सावन की पहली सोमवारी: भोलेनाथ की भक्ति में डूबा गिरिडीह

    – शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

    बिनोद कुमार

    Edited by: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    गिरिडीह : सावन के पावन महीने की पहली सोमवारी को गिरिडीह जिले में शिवभक्ति की एक अद्भुत छवि देखने को मिली। शहर की फिजा “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठी। जिले के विभिन्न शिवालयों में सुबह होते ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जो भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए घंटों से इंतज़ार कर रहे थे।

    शिवभक्ति में लीन दिखे श्रद्धालु.
    सुबह से ही श्रद्धालु अपने परिवार व मित्रों के साथ शिव मंदिरों का रुख करने लगे। पूरे जिले में शिवालयों की घंटियां बज रही थीं और भक्तों की भीड़ भक्तिभाव के साथ शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, गंगाजल और फूल चढ़ा रही थी। विशेष रूप से सदर प्रखंड के उदनाबाद स्थित प्रसिद्ध दुःखहरणनाथ मंदिर में अपार भीड़ उमड़ी। यहां की मान्यता है कि सावन में जो भी सच्चे मन से भोलेनाथ का पूजन करता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    पुजारी ने बताया सावन सोमवारी का महत्व.
    दुःखहरणनाथ मंदिर के पुजारी सर्वेश पांडेय ने बताया कि सावन मास शिव उपासना के लिए अत्यंत शुभ और प्रभावकारी माना जाता है। खासकर सोमवारी के दिन बेलपत्र, गंगाजल और दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने से समस्त दोष समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस पावन दिन पर यदि श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें, तो जीवन के समस्त कष्टों का नाश होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

    सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद.
    सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त रखी गई थी। मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात किए गए थे ताकि भीड़ में कोई अव्यवस्था न हो। नगर निगम की ओर से साफ-सफाई और जल की व्यवस्था भी की गई थी।

    भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम.
    सावन की पहली सोमवारी ने गिरिडीह में भक्ति, आस्था और अनुशासन का ऐसा अद्भुत संगम दिखाया, जो वर्षों तक लोगों की स्मृतियों में रहेगा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर शिवभक्ति की चमक और मन में विश्वास का उजाला साफ नजर आ रहा था।

    यह दिन शिवभक्तों के लिए केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और प्रभु से जुड़ाव का भी पर्व बन गया।

  • JMM का आधिकारिक ‘X’ हैंडल हुआ हैक, सीएम ने पुलिस और X कॉर्प को किया अलर्ट

     — अपडेटेड साइबर अलर्ट.

    परवेज़ आलम.

    The News Post4U के लिए रिपोर्ट.

    रांची/नई दिल्ली:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @JmmJharkhand हैक कर लिया गया है। उन्होंने इस साइबर हमले के लिए “असामाजिक तत्वों” को जिम्मेदार ठहराया है और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड पुलिस और सोशल मीडिया कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    दिल्ली में रहकर दी जानकारी.

    गौरतलब है कि इस वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता और पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत ‘X’ अकाउंट से एक पोस्ट साझा कर यह गंभीर सूचना सार्वजनिक की।

    उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा —

    “झामुमो का आधिकारिक X हैंडल @JmmJharkhand असामाजिक तत्वों द्वारा हैक कर लिया गया है। झारखंड पुलिस इस पर संज्ञान ले और शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे। @XCorpIndia कृपया आप भी इस पर ध्यान दें।”

    मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद झारखंड पुलिस को मामले में तकनीकी जांच शुरू करने का निर्देश भी दे दिया गया है।

    क्या पोस्ट किया है हैकरों ने?

    हैक होने के कुछ ही समय बाद JMM के आधिकारिक X हैंडल से जो पहली पोस्ट साझा की गई, उसमें एक गिलहरी जैसी फोटो के साथ एक क्रिप्टोकरेंसी भुगतान पता (crypto wallet address) और संदेश लिखा था — “LIVE ON BONK”।
    इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह एक क्रिप्टो स्कैम ग्रुप का काम हो सकता है, जिसका मकसद अकाउंट हैक कर पब्लिसिटी और आर्थिक लाभ उठाना होता है।

    एलन मस्क के X पर बड़ा साइबर हमला.

    यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह हैंडल सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय रहता है और इसके 2 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
    ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अब टेस्ला और स्पेसX के मालिक एलन मस्क के अधीन है। हेमंत सोरेन ने खुद X कॉर्पोरेशन को टैग करते हुए तकनीकी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि हैकर्स को रोका जा सके और पार्टी की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    झारखंड की राजनीति के लिए चेतावनी.

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह का साइबर हमला केवल एक डिजिटल उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की साइबर सुरक्षा में भारी खामी को उजागर करता है।
    झामुमो के आधिकारिक हैंडल को हैक किया जाना न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि इससे राजनीतिक सूचनाओं के दुरुपयोग की भी आशंका बढ़ जाती है।

    झारखंड पुलिस की साइबर शाखा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं X कॉर्प की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हैंडल को सुरक्षित कर लिया जाएगा और दोषियों को चिन्हित कर कड़ी सजा दी जाएगी।

     

     

  • सहारा इंडिया ज़मीन घोटाला: झारखंड CID की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

    -दर्जनों शहरों में फंड ट्रांसफर और ज़मीनों की हेराफेरी का खुलासा.

    Edited By: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    रांची: झारखंड CID ने सहारा समूह से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है, जिसमें करोड़ों रुपये की जमीनें फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के माध्यम से बेच दी गईं। यह घोटाला सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कोलकाता, गुवाहाटी, पटना, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से भी जुड़ते दिख रहे हैं।

    जांच एजेंसी ने सहारा इंडिया के अधिकारी शैलेंद्र शुक्ला से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने कबूल किया कि रांची और बोकारो जोन से नियमित रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि कंपनी के मुख्यालय के निर्देश पर विभिन्न शहरों में ट्रांसफर की जाती थी। फंड ट्रांसफर के आदेश कंपनी के मंडल प्रमुख नीरज कुमार पाल और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एस.बी. सिंह द्वारा दिए जाते थे।

    जमीन की हेराफेरी का तरीका और खुलासे:

    CID की रिपोर्ट के अनुसार, सहारा समूह ने फर्जी कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर जमीनों की बिक्री की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये जमीनें SEBI द्वारा तय मूल्यों से कई गुना कम कीमत पर बेची गईं, और इससे अर्जित राशि ना तो निवेशकों को वापस लौटाई गई और ना ही SEBI में जमा की गई। इसके बजाय यह पैसा निजी खर्चों में उपयोग किया गया।

    उदाहरण स्वरूप कुछ बड़े सौदे:

    • बेगूसराय में 28.39 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत 2013 में 41.17 करोड़ रुपये आंकी गई थी, महज 2.15 करोड़ रुपये में बेच दी गई।
    • 3.77 एकड़ दूसरी जमीन को भी 3.36 करोड़ रुपये में बेचा गया, जबकि उस वक्त बाजार दर इससे कई गुना अधिक थी।
    • पटना में 65.28 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत SEBI ने 44.80 करोड़ रुपये तय की थी, रणकौशल प्रताप सिंह नामक व्यक्ति को केवल 2.52 करोड़ रुपये में बेच दी गई। यहां तक कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार भी इस जमीन की कीमत 5.05 करोड़ रुपये थी।
    • बोकारो में 68.14 एकड़ जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत 2013 में 61.33 करोड़ रुपये थी, आज भी सहारा इंडिया के नाम पर ही दर्ज है। इससे यह संकेत मिलता है कि कई सौदों के दस्तावेजों में भी अनियमितता हो सकती है।

    धनबाद में अस्पताल निर्माण पर सवाल:

    धनबाद के गोविंदपुर स्थित रेगुनी मौजा में सहारा की ज़मीन पर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। CID इस प्रकरण की भी जांच कर रही है कि यह ज़मीन कैसे उपयोग में लाई गई, जबकि यह ज़मीन अब भी कंपनी के नाम पर दर्ज है।

    CID की कार्रवाई और सिफारिश:

    इस घोटाले को लेकर CID ने FIR दर्ज करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही संबंधित विभागों से सभी आवश्यक दस्तावेज और सौदों की जानकारी तलब की गई है। पोस्टिंग अधिकारी, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारियों से विशेष सहयोग की अपील की गई है ताकि जांच तेजी से पूरी हो सके।

    CID की टीम अब इस घोटाले से जुड़े हर छोटे-बड़े सौदे की जांच कर रही है। कई फर्जी कंपनियों के नाम और उनसे जुड़े व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इस मामले से जुड़े और बड़े नामों का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

    कहानी सिर्फ जमीन की नहीं है… कहानी है एक सुनियोजित लूट की।

    जांच में खुलासा हुआ है कि सहारा समूह ने झारखंड सहित कई राज्यों में जमीनों की बिक्री फर्जी नामों, फर्जी कंपनियों के ज़रिए की। और ये कोई मामूली गलती नहीं थी – ये एक ठोस योजना थी, जिसमें निवेशकों की कमाई को कौड़ियों के दाम बेचकर, उसकी रकम से अपनी जेबें भरी गईं।

    न निवेशकों को पैसा, न SEBI को हिसाब… तो गया कहाँ पैसा?

    CID की रिपोर्ट में साफ कहा गया है – इन जमीनों की बिक्री से जो पैसा आया, न वो सेबी में जमा हुआ, न निवेशकों को वापस मिला। वो पैसा गया कहाँ? निजी खर्चों में – मतलब किसी के बंगले बने, किसी के चुनाव खर्च निकले, किसी की गाड़ी चली।

    यह जांच सिर्फ कागज़ों में रह जाएगी या सचमुच कोई बड़ी कार्रवाई होगी?
    क्या जिन लोगों ने भरोसे के नाम पर हजारों लोगों की कमाई लूटी, वो जेल में होंगे या फिर अगला चुनाव लड़ेंगे?

     

  • झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी, 13 से 15 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी

    – मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

    Edited By: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    रांची:  झारखंड में 13 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को अगले कुछ दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

    छह जिलों में येलो अलर्ट.

    IMD के अनुसार, 13 जुलाई को गुमला, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की आशंका है। इन जिलों के निवासियों को निचले इलाकों में जलभराव और वज्रपात से सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

    झारखंड के मध्य और पूर्वी जिलों पर असर.

    14 जुलाई को गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

    उत्तर-पूर्वी जिलों में भारी बारिश की संभावना

    मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 15 जुलाई को देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज में भारी बारिश हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने और राहत इंतजाम दुरुस्त रखने को कहा गया है।

    औसत से 69% अधिक वर्षा

    रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक, “1 जून से 12 जुलाई के बीच राज्य में 499.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 296.4 मिमी होती है। यह सामान्य से लगभग 69 प्रतिशत अधिक है।”

    इन जिलों में रिकॉर्डतोड़ बारिश

    • पूर्वी सिंहभूम: सामान्य से 157% अधिक वर्षा
    • रांची: सामान्य से 150% अधिक बारिश
    • सरायकेला-खरसावां: 130% ज्यादा वर्षा

    इन पांच जिलों में बारिश में कमी.

    हालांकि झारखंड के देवघर, गढ़वा, गोड्डा, साहेबगंज और पाकुड़ जिलों में अब तक 21% से 29% तक कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे वहां खेती और जलस्तर को लेकर चिंता जताई जा रही है।

    IMD की लोगों को सलाह.

    • बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।
    • बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
    • यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट चेक करें।

    मौसम विभाग की मानें तो झारखंड में अगले तीन दिन मूसलधार बारिश और तेज हवाओं के साथ चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे मजबूत उपाय है।

  • पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक मे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति मे हेमंत सोरेन ने गिनाई राज्य की पीड़ा

    Edited By: परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    रांची की वह दोपहर इतिहास के दस्तावेज़ों में दर्ज होगी। जब पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27 वीं बैठक के मंच पर झारखंड की जमीन से उठी आवाज़ ने राष्ट्रीय सियासत के गलियारों में एक नई दस्तक दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न केवल अपने प्रदेश की पीड़ा को शब्दों में पिरोया, बल्कि दिल्ली को यह भी बताया कि देश के संसाधनों पर सिर्फ़ दिल्ली और मुंबई का हक नहीं है। जंगलों, पहाड़ों और आदिवासियों की भी साझेदारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक मे झारखंड राज्य की समस्याओं, विकास की जरूरतों और लंबित मामलों को विस्तार से रखा गया । मुख्यमंत्री ने झारखंड की ओर से 31 अहम मुद्दों को उठाते हुए राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई। बैठक में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

    कोयले की राख में दबे करोड़ों के सवाल.

    सबसे बड़ा प्रश्न था कोयला कंपनियों के ऊपर झारखंड सरकार का 1.40 लाख करोड़ रुपये का बकाया। न कोई ब्याज, न कोई माफी – सिर्फ़ मांग। हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने सवाल रखा कि जब कोयले की खुदाई झारखंड की धरती से होती है, तो मुनाफा दिल्ली और कोलकाता के बहीखातों में क्यों दर्ज होता है?

    212 अस्पताल और आयुष्मान भारत की ठहरी साँसे.

    झारखंड के 212 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन भुगतान अटका हुआ है। वजह ? ईडी की जांच। हेमंत सोरेन ने दो टूक कहा – “भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए, लेकिन मरीजों की जान बचाने वालों को सज़ा क्यों ?” इस पर अमित शाह ने जांच तेज़ करने और भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

    मसानजोर डैम: पानी वहीं, प्यासा झारखंड.

    मयूराक्षी नदी पर बना मसानजोर डैम। पूरा सबमर्ज एरिया झारखंड में, लेकिन सिंचाई का लाभ बंगाल को। यह 1949 के समझौते की असंतुलित विरासत है। झारखंड को जहां मात्र 53 एमसीएम पानी मिलता है, जरूरत है 457 एमसीएम की। सोरेन ने मांग की – डैम का नियंत्रण साझा हो और जलस्तर 378 फीट से नीचे न जाने दिया जाए।

    “सहकारी संघवाद” का असली मतलब.

    मुख्यमंत्री ने मंच से एक स्पष्ट संदेश दिया – “यह परिषद केवल चर्चा का मंच नहीं, समाधान का प्रयोगशाला होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि झारखंड, बिहार, बंगाल और ओडिशा का साझा अतीत, साझा समस्याएं हैं, और इसलिए समाधान भी मिलकर ही होंगे।

    प्रमुख मांगें – हर क्षेत्र, हर वर्ग की आवाज़.

    हेमंत सोरेन की 360 डिग्री अपील में हर तबके की झलक थी:

    • खनिज संसाधनों का न्यायपूर्ण उपयोग: DMFT नीति में संशोधन, कोल कंपनियों द्वारा बकाया भुगतान और बंद खदानों का माइन क्लोजर।
    • महिलाओं के लिए “मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना” के तहत 2500 रुपये मासिक सहायता।
    • शिक्षा में सामाजिक न्याय: वंचित वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, जनजातीय विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षा में नवाचार और पेटेंट सुविधा।
    • स्वास्थ्य व्यवस्था: RIMS-2 और छह नए मेडिकल कॉलेजों हेतु केंद्र की आर्थिक सहायता।
    • यातायात और संपर्क: रांची मेट्रो परियोजना, साहेबगंज एयर कार्गो हब, पूर्वोत्तर को जोड़ने वाले पुलों व एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव।
    • मनरेगा में मजदूरी दर बढ़ाकर 405 रुपये करने की मांग।
    • कुपोषण और आंगनबाड़ी की समस्याओं पर केंद्र का ध्यान।
    • COMFED और होटल अशोक जैसे बिहार-झारखंड के साझा आस्तियों का विभाजन।

    एक मुख्यमंत्री की भूमिका से आगे.

    हेमंत सोरेन ने अपनी बात न किसी तंज में रखी, न किसी घमंड में। नारेबाज़ी नहीं, तथ्य, तर्क और अनुभव के साथ झारखंड की मांगों को मंच पर उतारा। उन्होंने यह जता दिया कि एक राज्य का मुख्यमंत्री सिर्फ़ मुख्यमंत्री नहीं होता – वह उस भूभाग की आत्मा, चेतना और आवाज़ होता है।  झारखंड ने सिर्फ़ अपना पक्ष नहीं रखा, बल्कि केंद्र और पड़ोसी राज्यों के सामने एक आइना रखा है। सवाल यह नहीं कि झारखंड क्या मांग रहा है, सवाल यह है कि देश की नीति में झारखंड की कितनी हिस्सेदारी है। और जब तक इस हिस्सेदारी का हिसाब नहीं चुकता, तब तक सहकारी संघवाद अधूरा रहेगा।

  • गिरिडीह : कांग्रेस के नए कार्यालय “राजीव भवन” का भव्य उद्घाटन

    *भारी बारिश भी नहीं रोक सकी नेताओं का जोश.

    Edited by: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    गिरिडीह, झारखंड: जिला कांग्रेस कमिटी के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब भारी बारिश के बावजूद गिरिडीह में नए जिला कार्यालय “राजीव भवन” का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता एकजुट नजर आए और पूरे आयोजन में जनसंपर्क, संगठन मजबूती और भाजपा पर तीखे प्रहार की झलक दिखी।

    गिरिडीह के केंद्र में स्थित इस नए कार्यालय भवन का उद्घाटन कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, कांके विधायक सुरेश बैठा, बोकारो विधायक श्वेता सिंह, पूर्व विधायक जयप्रकाश भाई पटेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से किया।

    के. राजू ने कहा: यह सिर्फ कार्यालय नहीं, जनता की आवाज़ है

    प्रदेश प्रभारी के. राजू ने उद्घाटन के दौरान कहा, “राजीव भवन केवल एक राजनीतिक दफ्तर नहीं है, यह जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के मिशन पर हैं, और इस कार्यालय के माध्यम से गिरिडीह में लोगों का पार्टी पर विश्वास और गहरा होगा।

    गुरु पूर्णिमा पर शुभारंभ को बताया ‘सांकेतिक पुनर्जागरण’

    प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस अवसर को गुरु पूर्णिमा के साथ जोड़ते हुए कहा, “आज का दिन कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है। गिरिडीह में कांग्रेस की पुरानी विरासत रही है, अब हमें इसे फिर से मजबूत करना है।” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस हर पंचायत और गांव तक फिर से अपनी पहचान बनाएगी।

    डॉ. इरफान अंसारी का भाजपा पर हमला.

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने भाषण में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेसजन चंदा जमा कर कार्यालय बनाते हैं, जबकि भाजपा सत्ता में रहकर आदिवासियों को जमीन से बेदखल करती है।” उन्होंने नए कार्यालय को जनता से जुड़ा बताते हुए इसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को समर्पित करने पर गर्व जताया।

    नेताओं का जमावड़ा, कार्यकर्ताओं में जोश.

    इस कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, वरिष्ठ नेता उपेंद्र सिंह, अशोक चौधरी, रियाजुल अंसारी, धनंजय सिंह, सतीश केडिया, अनिल सिंहा, संतोष राय समेत कई नेता मौजूद रहे। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम जनता इस मौके पर उपस्थित रही, जिससे कांग्रेस के प्रति जनसमर्थन का साफ संदेश मिला।

    राजनीतिक संदेश साफ – कांग्रेस वापस मैदान में.

    गिरिडीह के इस आयोजन ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस राज्य में एक बार फिर से सक्रिय भूमिका में लौट रही है। “राजीव भवन” केवल एक इमारत नहीं, बल्कि संगठनात्मक पुनर्निर्माण का प्रतीक बनकर सामने आया है।

  • देवघर में राजकीय श्रावणी मेले का भव्य उद्घाटन

    EDITED BY: परवेज़ आलम

    FOR THE NEWS POST4U

    देवघर: गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवघर जिले के दुम्मा स्थित झारखंड के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक श्रद्धा और आधुनिक तकनीक के समावेश के साथ राजकीय श्रावणी मेले का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, और श्रम नियोजन मंत्री संजय प्रसाद यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। तीनों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना कर फीता काटा और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच मेले की शुरुआत की।

    श्रद्धालुओं की सुविधा में तकनीक का सहारा.

    उद्घाटन के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन ने इस बार श्रावणी मेले को पहले से बेहतर और सुरक्षित बनाने की हरसंभव कोशिश की है। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और यात्रा अनुभव को यादगार बनाने के लिए एआई (AI) आधारित सिस्टम लागू किया गया है। इसमें:

    • AI चैटबॉट: यात्रियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए।
    • QR कोड सिस्टम: जरूरी जानकारी स्कैन कर तुरंत उपलब्ध कराने के लिए।
    • RFID ट्रैकिंग सिस्टम: छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें ट्रेस और ट्रैक करने की सुविधा।

    इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना.

    पर्यटन मंत्री ने बताया कि कांवरिया पथ को और सुगम बनाने के लिए सरकार की ओर से विस्तृत योजना बनाई गई है।

    • खिजुरिया से मानसरोवर तट स्थित क्यू कॉम्प्लेक्स तक फूट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण प्रस्तावित है। यह सर्कुलर रोड पार करने में कांवरियों को हो रही असुविधा को दूर करेगा।
    • दुम्मा से खिजुरिया तक के मार्ग को पहले ही सुविधाजनक बना दिया गया है, और अब इसके आगे मंदिर तक की सड़क को भी समर्पित कांवर पथ के रूप में विकसित किया जाएगा।
      इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को आसानी होगी, बल्कि देवघर शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित हो जाएगी।

    मंत्रियों ने जताया विश्वास और आभार.

    ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से मेले के दौरान वर्षा भी हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ किसानों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा, “हम सभी मिलकर मेले को सफल बनाएंगे।”
    वहीं, श्रम नियोजन मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि नगर विकास विभाग और जिला प्रशासन ने समर्पित भाव से मेले की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया है।

    प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम.

    देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने जानकारी दी कि इस बार सुरक्षित और सुगम जलार्पण की दिशा में हर संभव उपाय किए गए हैं। प्रशासन ने AI चैटबॉट, रियल टाइम सहायता, पानी और चिकित्सा की सुविधा, तथा यातायात नियंत्रण के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।

    उद्घाटन में उमड़ा जनसैलाब.

    पूजन और उद्घाटन समारोह के दौरान दुम्मा प्रवेश द्वार “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और अधिकारियों की उपस्थिति में माहौल भक्तिमय हो गया। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि झारखंड सरकार पारंपरिक भावनाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के सहारे एक समर्पित और सशक्त व्यवस्था देने के लिए तत्पर है।