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  • हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला: ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर अब होगा ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’

    21 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, राज्य विश्वविद्यालय कानून को मिली मंजूरी, पुलिस भर्ती नियमों में भी बदलाव.

    परवेज़ आलम 

    For The News Post4u.

    रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ योजना का नाम बदलने का फैसला किया है। अब ये स्वास्थ्य केंद्र ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’ के नाम से जाने जाएंगे। यह निर्णय गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

    क्लीनिक नाम परिवर्तन का उद्देश्य.
    कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी दी कि मंत्रिमंडल ने इस नाम परिवर्तन को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत अगस्त 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शहरी मलिन बस्तियों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। वर्तमान में राज्य में ऐसे 140 मोहल्ला क्लीनिक कार्यरत हैं, जहां मुफ्त जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

    राज्य विश्वविद्यालय कानून में बड़ा बदलाव.
    कैबिनेट की बैठक में ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ को भी मंजूरी दी गई। वंदना दादेल के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय अलग-अलग अधिनियमों के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं। अब एक समान और समेकित अधिनियम लाकर इन विश्वविद्यालयों को एक ही कानूनी ढांचे में लाया जाएगा। मेडिकल और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को इस दायरे से बाहर रखा गया है। साथ ही, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन का भी प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

    श्रावणी मेला की तैयारियों को भी मिली स्वीकृति.
    देवघर में एक महीने तक चलने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर 10 जुलाई से 10 अगस्त तक कुल 28 अस्थायी मेला पुलिस चौकियों और 19 ट्रैफिक नियंत्रण चौकियों की स्थापना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

    पुलिस भर्ती विज्ञापन रद्द, नए नियम लागू.
    संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के क्रियान्वयन के बाद पूर्व में प्रकाशित पुलिस भर्ती विज्ञापनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नई भर्तियों में आवेदन शुल्क से छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में भी रियायत देने का फैसला किया गया है।

    उर्दू शिक्षकों की बहाली को मिली हरी झंडी.
    राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में उर्दू विषय के लिए सहायक अध्यापक की नियुक्ति को लेकर 4,339 पदों के सृजन का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह निर्णय राज्य में अल्पसंख्यक भाषा शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    मंत्रिमंडल की इस बैठक में कुल 21 निर्णय लिए गए, जो प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। इन फैसलों से राज्य में सुशासन और सार्वजनिक सेवा प्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

     

  • गिरिडीह: पूर्वी रेलवे के प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक ने किया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण

    – सुविधाएं सुधारने और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का दिया संकेत.

    By : बिनोद कुमार

    For The News Post4u.

    गिरिडीह: पूर्वी रेलवे के प्रमुख वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) उदय शंकर झा गुरुवार को गिरिडीह रेलवे स्टेशन के निरीक्षण पर पहुंचे। उनके साथ वाणिज्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय रेलवे प्रशासन के पदाधिकारी भी मौजूद थे। इस निरीक्षण का उद्देश्य स्टेशन की वर्तमान स्थिति, यात्री सुविधाओं की गुणवत्ता और संभावित सुधार की संभावनाओं का मूल्यांकन करना था।

    निरीक्षण के दौरान श्री झा ने प्लेटफॉर्म की सफाई व्यवस्था, प्रतीक्षालय की दशा, शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से यात्रियों को दी जा रही सेवाओं के बारे में विस्तृत फीडबैक भी लिया।

    मीडिया से बातचीत में श्री झा ने स्वीकार किया कि गिरिडीह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, लेकिन वर्तमान में यहां ट्रेनों की सीमित संख्या के कारण यात्री भार अपेक्षा से काफी कम है। इस कारण से कई बार स्टेशन पर दी जाने वाली सुविधाओं के रखरखाव में भी अनियमितता देखने को मिलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति को गंभीरता से लिया गया है और जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    श्री झा ने कहा कि स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही रेलवे डिवीजन को सौंपा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गिरिडीह के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा।

    उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध रेल सेवा उपलब्ध हो। गिरिडीह स्टेशन को अधिक सक्रिय और आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे न केवल यात्रियों की संख्या बढ़े, बल्कि स्टेशन की उपयोगिता भी बढ़े।”

    निरीक्षण के दौरान कुछ यात्रियों ने अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें स्टेशन पर शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की कमी जैसी बातें प्रमुख थीं। इन शिकायतों पर पीसीसीएम ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    रेलवे विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में गिरिडीह स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही के साथ-साथ यात्री सुविधाओं का भी व्यापक उन्नयन किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिल सके।

  • झारखंड शराब घोटाला: छत्तीसगढ़ की ‘सुमित फैसिलिटीज’ के निदेशक अमित सलौंकी गिरफ्तार

    अब तक 11 गिरफ्तारियां.

    State Bureau, The News Post4u.

    रांची:  झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। बुधवार को ACB ने छत्तीसगढ़ की प्लेसमेंट एजेंसी ‘सुमित फैसिलिटीज’ के निदेशक अमित प्रभाकर सलौंकी को हिरासत में लिया। यह इस मामले में ग्यारहवीं गिरफ्तारी है। सलौंकी पर खुदरा शराब दुकानों के लिए मैनपावर आपूर्ति के नाम पर ठेका हासिल कर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है।

    छत्तीसगढ़ कनेक्शन और ‘सिंडिकेट‘.

    गिरफ्तार सलौंकी, छत्तीसगढ़ के विवादित शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया का करीबी बताया जा रहा है, जिसे ACB पहले ही जेल भेज चुकी है। ACB के सूत्रों के अनुसार, सलौंकी की गिरफ्तारी सिंघानिया से हुई पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। सलौंकी का नाम शराब घोटाले में ऐसे समय आया जब जांच एजेंसी राज्य में शराब नीति लागू किए जाने के बाद हुए घोटालों की परत-दर-परत जांच कर रही है।

    नीति लागू होते ही सक्रिय हुआ नेटवर्क.

    जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में झारखंड में नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद सुमित फैसिलिटीज समेत चार मैनपावर एजेंसियों ने खुदरा शराब दुकानों में स्टाफ उपलब्ध कराने का ठेका लिया। इस पूरी योजना को सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी अरुण पति त्रिपाठी और उत्पाद विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव विनय कुमार चौबे के संरक्षण में संचालित किया गया।

    ₹450 करोड़ के गबन का आरोप.

    इन चार एजेंसियों—सुमित फैसिलिटीज, एटूजेड इंफ्रा सर्विसेज, इगल हंटर सॉल्यूशंस और प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड—ने करीब आठ महीनों तक झारखंड में काम किया। इसके बाद इन्हें भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में हटा दिया गया और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उत्पाद विभाग ने इन कंपनियों पर करीब ₹450 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।अभी तक गिरफ्तार हुए 10 अन्य आरोपी

    इस घोटाले में अब तक जिन प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें शामिल हैं—

    विनय कुमार चौबे – निलंबित IAS, पूर्व प्रधान सचिव, उत्पाद विभाग,गजेंद्र सिंह – तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद (वर्तमान में जमानत पर),सुधीर कुमार दास – पूर्व महाप्रबंधक (वित्त),सुधीर कुमार – पूर्व अभियान प्रमुख,अमित प्रकाश – पूर्व आयुक्त, उत्पाद,नीरज कुमार सिंह – प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के प्रतिनिधि,सिद्धार्थ सिंघानिया – छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी,विधु गुप्ता – नकली होलोग्राम मामले में फंसे प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी से,अतुल कुमार सिंह – श्री ओम साईं बेवरेजेज  व मुकेश मनचंदा – कारोबारी, इनमें से 9 आरोपी फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी गजेंद्र सिंह जमानत पर बाहर हैं।

    ADVT.

    जांच जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव.

    ACB की जांच में यह सामने आ रहा है कि कैसे छत्तीसगढ़ से झारखंड में एक संगठित नेटवर्क के जरिए शराब कारोबार को नियंत्रित किया गया। इस नेटवर्क में नौकरशाहों से लेकर निजी कंपनियों और राजनीतिक संपर्कों तक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। अब सलौंकी की गिरफ्तारी के बाद यह तय माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।